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  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।

  • भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    मुंबई के भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद ने हिंसक रूप लिया। 65 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, बिल्डर और उसके साथियों पर BNS 2023 की धाराओं में FIR दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: भांडुप इलाके में चल रहे एक पुनर्विकास विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। सनबीम सोसाइटी के 65 वर्षीय निवासी रमेश प्रकाश मोहन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि एक बिल्डर और उसके सहयोगियों ने कोर्ट के आदेशों के खिलाफ चल रहे काम का विरोध करने पर बुजुर्ग पर हमला किया। इस मामले में भांडुप पुलिस ने बिल्डर विनोद शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏘️ कहां का है मामला?

    यह पूरा मामला भांडुप स्थित सनबीम सोसाइटी और उससे जुड़े बादल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पुनर्विकास प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी के कुछ सदस्य और बिल्डर के बीच लंबे समय से काम को लेकर विवाद चल रहा था।

    ⚠️ घटना का पूरा विवरण

    पीड़ित रमेश प्रकाश मोहन के अनुसार,
    29 जनवरी 2026, दोपहर के समय वह बादल बिल्डिंग के पास चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। उसी दौरान एक सफेद कार मौके पर रुकी। कार से बिल्डर विनोद शर्मा अपने दो साथियों अब्दुल, नरेंद्र कटारिया के साथ बाहर आया

    आरोप है कि:

    • विनोद शर्मा ने लकड़ी की छड़ी से रमेश मोहन के सिर पर वार किया
    • उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई
    • अचानक हुए हमले से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए

    ⚖️ रिडेवलपमेंट विवाद ही बना हमले की वजह

    पीड़ित का कहना है कि:

    • सोसाइटी के पुनर्विकास में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था
    • उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया
    • मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से
      👉 Status Quo (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश दिया गया

    इसके बावजूद काम जारी रहने से नाराज़ होकर, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए यह हमला किया।

    👮 पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?

    भांडुप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:

    • धारा 118(2) – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट
    • धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
    • धारा 351(3) – आपराधिक धमकी
    • धारा 352 – शांति भंग करने के इरादे से अपमान
    • धारा 3(5) – साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन)

    🏥 पीड़ित का इलाज जारी

    हमले में घायल रमेश प्रकाश मोहन को:

    • मुलुंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है
    • सिर में गंभीर चोटें आई हैं
    • फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है

    🔍 जांच की जिम्मेदारी किसके पास?

    इस पूरे मामले की जांच:

    • पुलिस सब-इंस्पेक्टर केतकी जगताप कर रही हैं
    • आरोपियों से पूछताछ और
    • घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के भांडुप इलाके में, बादल बिल्डिंग के पास।

    Q2. पीड़ित कौन हैं?
    ➡️ 65 वर्षीय रमेश प्रकाश मोहन, सनबीम सोसाइटी के निवासी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    ➡️ रिडेवलपमेंट के नियमों के उल्लंघन का विरोध करने के कारण।

    Q4. पुलिस ने किन पर केस दर्ज किया है?
    ➡️ बिल्डर विनोद शर्मा और उनके दो सहयोगियों पर।

    Q5. पीड़ित की हालत कैसी है?
    ➡️ अस्पताल में इलाज चल रहा है, हालत स्थिर बताई जा रही है।

  • मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई के गोरेगांव में BIS ने बिना ISI मार्क और लाइसेंस के बिक रहे बच्चों के खिलौनों पर छापा मारकर 1,057 खिलौने जब्त किए। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।

    मुंबई: बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्ती दिखाते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में बड़ी कार्रवाई की है।
    28 जनवरी 2026 को BIS की मुंबई शाखा ने छापा मारकर बिना ISI मार्क और बिना वैध BIS लाइसेंस के बेचे जा रहे 1,057 खिलौनों को जब्त किया है। ये खिलौने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाए गए थे, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ पाए गए।

    मुंबई के गोरेगांव में खिलौना विक्रेता पर छापा

    BIS अधिकारियों ने गोरेगांव (वेस्ट) स्थित M/s Daddy Drones नाम की फर्म के परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल खिलौने मिले, जिन पर अनिवार्य ISI मार्क मौजूद नहीं था

    इसके अलावा, फर्म के पास BIS Certification Marks (ISI) का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं पाया गया।

    कानून का उल्लंघन, आपराधिक कार्रवाई तय

    BIS के अनुसार, यह मामला BIS अधिनियम, 2016 की धारा 17 का सीधा उल्लंघन है।
    धारा 17 को धारा 29 के साथ पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में आपराधिक शिकायत दर्ज की जाती है

    अब BIS इस फर्म के खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा

    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी रडार पर

    BIS ने साफ किया है कि केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि ऐसे गैर-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई की जाएगी
    अगर कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना BIS प्रमाणन वाले खिलौनों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

    कड़ी सजा का प्रावधान

    BIS अधिनियम, 2016 के तहत दोषी पाए जाने पर:

    • पहली बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना या 2 साल तक की जेल, या दोनों
    • दूसरी और आगे की बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹5 लाख का जुर्माना, जो माल की कीमत के 10 गुना तक बढ़ सकता है, या जेल, या दोनों

    सजा का फैसला सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

    बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

    BIS अधिकारियों का कहना है कि खिलौनों में इलेक्ट्रिक शॉक, जहरीले पदार्थ और आग लगने का खतरा हो सकता है।
    इसलिए सरकार ने बच्चों के खिलौनों के लिए ISI मार्क अनिवार्य किया है, ताकि बच्चों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

    देशभर में लगातार कार्रवाई

    BIS नियमित रूप से देशभर में गुप्त सूचना के आधार पर सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाता है।
    इसका मकसद है:

    • घटिया और असुरक्षित सामान की बिक्री रोकना
    • उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना
    • मानकों का सख्ती से पालन कराना

    उपभोक्ताओं के लिए BIS की सलाह

    BIS ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सामान खरीदने से पहले:

    • BIS Care App पर लाइसेंस की जांच करें
    • अगर लाइसेंस सस्पेंड, एक्सपायर या रद्द दिखे, तो शिकायत दर्ज करें

    शिकायत कैसे करें?

    यदि कहीं ISI मार्क या BIS हॉलमार्क का दुरुपयोग दिखे, तो जानकारी इस तरह दी जा सकती है:

    • BIS Care App (Android और iOS)
    • ईमेल या लिखित शिकायत
    • BIS कार्यालय से सीधे संपर्क

    👉 सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में।

    Q2. कितने खिलौने जब्त किए गए?
    कुल 1,057 खिलौने।

    Q3. किस वजह से कार्रवाई हुई?
    बिना ISI मार्क और बिना BIS लाइसेंस के खिलौनों की बिक्री।

    Q4. सजा क्या हो सकती है?
    जुर्माना, जेल या दोनों।

    Q5. असली BIS लाइसेंस कैसे जांचें?
    BIS Care App के जरिए।

  • Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला

    जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा

    स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।

    बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला

    जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।

    इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज

    इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि

    • कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
    • जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
    • क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी

    Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल

    आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

    अनुशासन और सख्ती की जरूरत

    पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

    अब देखना होगा कि इस घटना के बाद

    • जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
    • सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
    • दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।

    Q2. हमलावर कौन है?
    लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।

    Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
    उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।

    Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
    हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
    हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

  • Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    मुंबई के Malad Local Train Murder केस में GRP ने 200 CCTV, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और 5 पुलिस टीमों की मदद से 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते वक्त हुए कॉलेज लेक्चरर की हत्या के मामले में GRP ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। करीब 200 CCTV कैमरे, रेलवे का Facial Recognition System (FRS) और 5 पुलिस टीमों की मदद से आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे को मालाड के ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास से दबोचा गया। आरोपी पर 32 साल के लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या का आरोप है।

    क्या है पूरा मामला? (Malad Train Murder Case Details)

    शनिवार को मालाड रेलवे स्टेशन पर एक लोकल ट्रेन से उतरते समय यात्रियों की भीड़ में कॉलेज लेक्चरर आलोक कुमार सिंह (32) और आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बहस हिंसक हो गई और आरोपी ने गुस्से में आलोक के पेट में नुकीली वस्तु (चिमटी/ट्वीजर) से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    200 CCTV और FRS से कैसे पकड़ा गया आरोपी

    हत्या के तुरंत बाद बोरिवली GRP ने मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    • कुल 5 पुलिस टीमें बनाई गईं, हर टीम में 5–6 अधिकारी थे
    • रेलवे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, मालाड, दिंडोशी, कुरार और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक के करीब 200 CCTV कैमरे खंगाले गए
    • रेलवे के Facial Recognition System (FRS) से आरोपी की पहचान की गई

    CCTV फुटेज में आरोपी वारदात के बाद घबराया हुआ फुटओवर ब्रिज से भागता दिखा।

    आरोपी की रोज़ की ट्रेन रूटीन बनी गिरफ्तारी की वजह

    GRP के डिटेक्शन ऑफिसर PSI प्रकाश सालुंखे के मुताबिक,

    • आरोपी रोज सुबह 7:18 AM की ट्रेन से मालाड से चारणी रोड जाता था
    • शाम को 4:16 PM की ट्रेन से वापस लौटता था

    इसी रूटीन के आधार पर अंधेरी, बांद्रा, मुंबई सेंट्रल समेत कई स्टेशनों पर FRS से CCTV स्कैन किए गए।

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से हुई गिरफ्तारी

    पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी कुरार गांव के त्रिवेणी नगर इलाके में देखा गया है। इसके बाद लोकल इंटेलिजेंस एक्टिव की गई और एक टीम को मालाड स्टेशन के पास ऑटो रिक्शा स्टैंड पर तैनात किया गया।

    रविवार सुबह करीब 7:40 बजे, आरोपी ऑटो से उतरते ही पुलिस ने उसे घेर लिया और मौके पर गिरफ्तार कर लिया।

    Malad-Local-Train-Murder-Murderer-arrested-within-12-hours-mystery-revealed-through-200-CCTV-and-FRS-news

    पूछताछ में आरोपी का कबूलनामा

    GRP ऑफिस, बोरिवली में पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी को CCTV फुटेज दिखाया।
    आरोपी ने खुद को पहचाना और जुर्म कबूल कर लिया।

    उसने बताया कि:

    • वह अपने पास रखी चिमटी (Tweezer) से आलोक को वार कर बैठा
    • उसे अंदाजा नहीं था कि चोट जानलेवा साबित होगी
    • भीड़ के डर से वह मौके से भाग गया

    कौन है आरोपी ओंकार शिंदे?

    • नाम: ओंकार एकनाथ शिंदे
    • उम्र: लगभग 30 वर्ष
    • रहने वाला: त्रिवेणी नगर, कुरार गांव, मालाड (पूर्व)
    • पेशा: ग्रांट रोड के तांबे गली में इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान
    • मूल निवासी: रत्नागिरी
    • परिवार: माता-पिता और बड़ा भाई (प्राइवेट नौकरी में)

    पुलिस का बयान

    बोरिवली GRP के सीनियर इंस्पेक्टर डी.एम. खुपेरकर ने कहा,

    “सभी सबूतों की पुष्टि कर ली गई है। आरोपी को मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है।”

    कोर्ट ने आरोपी को 29 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड लोकल ट्रेन मर्डर केस में आरोपी कौन है?
    👉 आरोपी का नाम ओंकार एकनाथ शिंदे है।

    Q2. GRP ने कितने समय में आरोपी को गिरफ्तार किया?
    👉 महज 12 घंटे में।

    Q3. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    👉 200 CCTV कैमरे, Facial Recognition System और लोकल इंटेलिजेंस से।

    Q4. मृतक कौन था?
    👉 आलोक कुमार सिंह, 32 वर्षीय कॉलेज लेक्चरर।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    👉 पुलिस कस्टडी में, 29 जनवरी तक।

  • मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड पश्चिम के मास्टरजी कंपाउंड और मार्वे रोड इलाके में BMC की अनुमति बिना अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ठेकेदारों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी ने भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नाक के नीचे खुलेआम अवैध निर्माण चल रहा है। मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में बिना किसी मंजूरी, नक्शा या अनुमति के G+1 निर्माण और कमर्शियल गाला बनाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, बीएमसी के कामकाज और संभावित भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    कहां-कहां हो रहा है अवैध निर्माण

    प्राप्त जानकारी के अनुसार,

    • वार्ड नंबर 32, CTS नंबर 2108
    • अनिश्का बंगले के पास, मास्टरजी कंपाउंड रोड नंबर 3
    • मालवणी चर्च के नजदीक, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम)

    इन इलाकों में खुले प्लॉट पर बिना किसी वैध अनुमति के निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।

    2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक,
    ठेकेदार मुरुगन द्वारा करीब 2000 वर्ग फीट में G+1 अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के लिए MCGM से कोई स्वीकृत प्लान या अनुमति नहीं ली गई है। इसके बावजूद काम बेरोकटोक जारी है।

    5 कमर्शियल गालों का अवैध निर्माण

    इतना ही नहीं,
    ठेकेदार अलगु तिवारी द्वारा उसी इलाके में करीब 500-500 वर्ग फीट के 5 कमर्शियल गाले बनाए जा रहे हैं। यह निर्माण सीधे तौर पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम और निर्माण नियमों का उल्लंघन है।

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    BMC अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

    सबसे गंभीर सवाल यह है कि

    • अवैध निर्माण इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है
    • मशीनें, मजदूर, मटेरियल खुलेआम मौजूद हैं
    • फिर भी P/North Ward के संबंधित अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब तक “सेटिंग” रहती है, तब तक कार्रवाई नहीं होती

    नागरिकों की मांग – तुरंत कार्रवाई हो

    इलाके के रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि

    • तत्काल साइट इंस्पेक्शन हो
    • अवैध निर्माण पर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया जाए
    • संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
    • अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए

    क्यों खतरनाक है यह अवैध निर्माण

    • भविष्य में इमारत गिरने का खतरा
    • फायर सेफ्टी और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह नजरअंदाज
    • ट्रैफिक, पानी और बिजली पर अतिरिक्त दबाव
    • कानून मानने वाले नागरिकों के साथ अन्याय

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अवैध निर्माण कहां हो रहा है?
    ➡️ मालाड (पश्चिम) के मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में।

    Q2. कौन-कौन से निर्माण अवैध हैं?
    ➡️ 2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण और 5 कमर्शियल गाले।

    Q3. क्या BMC ने कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    Q4. नागरिक क्या कर सकते हैं?
    ➡️ लिखित शिकायत, RTI, मीडिया और उच्च अधिकारियों से शिकायत।

  • मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मुंबई के मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए झगड़े में 31 वर्षीय गणित के प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आरोपी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले के एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे। उनपर एक अज्ञात व्यक्ति ने चाकू से पेट पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    ट्रेन से उतरते वक्त हुआ विवाद, बना हत्या की वजह

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है। आलोक कुमार सिंह लोकल ट्रेन से उतर रहे थे, उसी दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी अज्ञात व्यक्ति से उनका विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अचानक तेज धारदार हथियार से आलोक के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही आलोक लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    मृतक 31 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की तस्वीर

    मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

    मृतक की पहचान आलोक कुमार सिंह (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कांदिवली के रहने वाले थे और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे। आलोक की असमय मौत से परिवार, दोस्तों और कॉलेज के सहकर्मियों में शोक की लहर फैल गई है।

    GRP ने दर्ज किया हत्या का मामला

    घटना की पुष्टि करते हुए बोरीवली GRP के वरिष्ठ निरीक्षक दत्ता खुपेकर ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
    उन्होंने कहा,

    “आरोपी की पहचान के लिए स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।”

    फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

    रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदात ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड स्टेशन पर हत्या कब हुई?
    👉 शनिवार शाम करीब 6 बजे।

    Q2. मृतक कौन था?
    👉 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    👉 लोकल ट्रेन से उतरते समय विवाद के बाद आरोपी ने पेट में चाकू मारा।

    Q4. क्या आरोपी पकड़ा गया है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    👉 बोरीवली Government Railway Police (GRP)।

  • गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

    सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
    हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

    परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

    विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
    “वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

    डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

    इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

    भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
    अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    परिजन अब

    • ट्रस्ट
    • एनजीओ
    • राजनीतिक प्रतिनिधियों
      से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

    FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

    योगेश महात्रे का आरोप है कि

    • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
    • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

    उन्होंने कहा,
    “अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

    परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

    रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

    इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

    उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
    “हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

    डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

    लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

    • लिफ्ट मेंटेनेंस
    • नियमित जांच
    • जवाबदेही
      जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
    👉 दो युवक घायल हुए थे।

    Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
    👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

    Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
    👉 ₹13 लाख से अधिक।

    Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
    👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

    Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
    👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।

  • अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    मुंबई के अंधेरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 18 लाख रुपये की 9 चोरी की बाइक बरामद कर मुंबई, उपनगर और नवी मुंबई के 9 मामलों का खुलासा किया है।

    मुंबई: शहर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बीच अंधेरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 18 लाख रुपये की 9 महंगी बाइक बरामद की हैं। इस कार्रवाई से मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज कुल 9 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे सामने आया मामला

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 जनवरी 2026 की रात 10 बजे से 14 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे के बीच उनकी रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 (MH 02 CU 8883) बाइक चोरी हो गई।
    यह बाइक बीएमसी कार्यालय के पीछे, गुंदवली, अंधेरी पूर्व में पार्क की गई थी।
    शिकायत के आधार पर अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 27/26 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच और गुप्त जानकारी से मिली सफलता

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण (क्राइम डिटेक्शन) टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।
    सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त मुखबिरों की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी संघर्षनगर, साकीनाका इलाके के रहने वाले हैं और रात के समय घर नहीं आते थे।

    लगातार 2 से 3 रात तक जाल बिछाकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को बड़ी ही चतुराई से हिरासत में लिया।

    पूछताछ में खुले 9 चोरी के मामले

    पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी की कई वारदातों को कबूल किया।
    उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज 9 अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़ी बाइक बरामद की।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

    1) ओमकार सुनील फासगे (22 वर्ष)
    पेशा: रिक्शा चालक
    निवासी: रूम नं. 506, एफ विंग, बिल्डिंग नं. 19, नवकांति सोसायटी, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    2) सागर राहुल गायकवाड (19 वर्ष)
    पेशा: बेरोजगार
    निवासी: महेंद्र कंपाउंड, हरि मस्जिद के पीछे, संघर्षनगर, चांदीवली, साकीनाका, मुंबई

    3) कार्तिक विष्णु म्हस्के (18 वर्ष)
    पेशा: छात्र
    निवासी: रूम नं. 305, डी विंग, बिल्डिंग नं. 25, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    बरामद की गई 9 स्पोर्ट्स बाइक (कुल कीमत लगभग ₹18 लाख)

    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – अंधेरी (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – विले पार्ले (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – खारघर (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – एंटॉप हिल (₹2 लाख)
    • पल्सर NS 400 – भांडुप (₹3.5 लाख)
    • यामाहा MT-15 – भांडुप (₹1.5 लाख)
    • केटीएम ड्यूक – काळाचौकी (₹2 लाख)
    • यामाहा MT-15 – घाटकोपर (₹1.5 लाख)
    • यामाहा RX 100 – परळ (₹1.5 लाख)

    अंधेरी पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया।
    यह सफलता मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त आयुक्त सत्यनारायण, अपर आयुक्त परमजीत सिंह दहिया, डीसीपी दत्ता नलावडे, एसीपी गजानन पवार के मार्गदर्शन में हासिल हुई।

    अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर, क्राइम इंस्पेक्टर विनोद पाटील और उनकी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अंधेरी पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
    👉 तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q2: कुल कितनी बाइक बरामद हुई हैं?
    👉 कुल 9 स्पोर्ट्स बाइक।

    Q3: बरामद बाइकों की कीमत कितनी है?
    👉 करीब ₹18 लाख।

    Q4: ये चोरी की घटनाएं कहां-कहां हुई थीं?
    👉 मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई।

    Q5: आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगी हैं?
    👉 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत

  • कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में मोबाइल स्नैचिंग के बाद साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चोरी हुए फोन से युवक के बैंक खाते से ₹76,269 UPI ट्रांजैक्शन कर निकाल लिए गए। पुलिस जांच में जुटी है।

    मुंबई: मोबाइल स्नैचिंग के बाद डिजिटल ठगी का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आ रहा है। कांदिवली वेस्ट में एक युवक का मोबाइल फोन छीने जाने के बाद उसी फोन का UPI इस्तेमाल कर आरोपियों ने उसके बैंक खाते से ₹76,269 निकाल लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने व्हाट्सऐप पर खुद को पीड़ित बताकर रिश्तेदार से भी पैसे मंगवा लिए। कांदिवली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग और UPI द्वारा डिजिटल फ्रॉड की वारदातें

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सड़क पर मोबाइल छीनना ही अपराधियों का मकसद नहीं रह गया है। मोबाइल हाथ लगते ही वे सीधे डिजिटल बैंकिंग और UPI के जरिए खातों पर हाथ साफ कर रहे हैं। कांदिवली की यह घटना इसी बढ़ते साइबर क्राइम पैटर्न की एक बड़ी मिसाल है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित कौन है और क्या करता है?

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का नाम अंकितकुमार वैकुंठ तिवारी (24) है। वह टीवी सीरियल इंडस्ट्री में लाइट मैन के तौर पर काम करता है।
    12 जनवरी 2026 की रात कांदिवली वेस्ट के भूत बंगला, गार्डन रिट्रीट कॉम्प्लेक्स में एक सीरियल का प्रोमो शूट चल रहा था, जो 13 जनवरी तड़के करीब 3 बजे खत्म हुआ।

    सुबह-सुबह हुआ मोबाइल स्नैचिंग का शिकार

    शूट खत्म होने के बाद अंकितकुमार अपने पॉइंसुर इलाके स्थित घर की ओर पैदल जा रहा था।
    करीब सुबह 4:05 बजे, शताब्दी अस्पताल के पास अचानक बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ रफ्तार में फरार हो गए।
    अंधेरा और बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह वाहन का नंबर तक नोट नहीं कर पाया।

    ATM पहुंचा तो खुला खाते से पैसे उड़ने का राज

    घटना के अगले दिन जब अंकितकुमार ATM गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसका ATM PIN गलत है।
    इसके बाद 15 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचा, जहां अकाउंट स्टेटमेंट देखने पर उसके होश उड़ गए।
    13 से 15 जनवरी के बीच UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹69,269 उसके खाते से निकाले जा चुके थे।

    व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजकर रिश्तेदार से भी पैसे ठगे

    आरोपियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी।
    चोरी किए गए मोबाइल से उन्होंने अंकितकुमार बनकर उसके बहनोई पवन मिश्रा को व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजे और पैसों की मदद मांगी।
    मैसेज असली समझकर पवन मिश्रा ने ₹8,000 ट्रांसफर कर दिए, जिसे भी आरोपियों ने तुरंत निकाल लिया।
    इस तरह कुल रकम ₹76,269 हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

    कांदिवली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ

    • मोबाइल स्नैचिंग
    • साइबर फ्रॉड
      की धाराओं में केस दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल के IMEI नंबर के ज़रिए फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की अपील: ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुंबई में मोबाइल छीने जाने के बाद डिजिटल ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
    लोगों से अपील की गई है कि:

    • मोबाइल में मजबूत लॉक/बायोमेट्रिक जरूर रखें
    • बैंकिंग और UPI ऐप्स में अतिरिक्त सिक्योरिटी ऑन रखें
    • किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
    • मोबाइल चोरी होते ही बैंक और पुलिस को सूचना दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह घटना कहां हुई?
    👉 मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में, शताब्दी अस्पताल के पास।

    Q2: कुल कितने पैसे निकाले गए?
    👉 कुल ₹76,269।

    Q3: पैसे किस तरह निकाले गए?
    👉 UPI ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप ठगी के ज़रिए।

    Q4: पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 CCTV फुटेज की जांच और IMEI नंबर से मोबाइल ट्रेस किया जा रहा है।

    Q5: मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और बैंक/UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं।