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  • Andheri Murder Case: Domestic Dispute के बाद पति ने पत्नी को चाकू से गोदा, Arrest

    Andheri Murder Case: Domestic Dispute के बाद पति ने पत्नी को चाकू से गोदा, Arrest

    Mumbai के Andheri East में 46 वर्षीय Rajesh Eknath Chhatre ने पत्नी Panchbhila Chhatre की stabbing कर हत्या की। MIDC Police ने आरोपी को गिरफ्तार किया, CCTV और eyewitness के आधार पर FIR दर्ज।

    मुंबई: Mumbai Crime की एक दिल दहला देने वाली घटना में Andheri East में 46 साल के शख्स ने अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। Domestic Dispute के बाद आरोपी ने सरेआम हमला किया। MIDC Police ने आरोपी Rajesh Eknath Chhatre को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद होने की भी जानकारी सामने आई है।

    Aradhya Hospital के सामने हुआ हमला

    पुलिस के मुताबिक यह घटना 28 फरवरी को शाम करीब 4:30 बजे Sagbaug Road स्थित Aradhya Hospital के सामने हुई।

    आरोपी Rajesh Eknath Chhatre (46) ने अपनी पत्नी Panchbhila Rajesh Chhatre (38) पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    Eyewitness Auto Driver ने दी पुलिस को सूचना

    इस मामले में शिकायत Powai निवासी 27 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक Rahil Riyaz Lokhande ने दर्ज कराई। उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    उनके बयान के आधार पर MIDC Police ने मामला दर्ज किया।

    साथ रहने को लेकर था विवाद

    FIR के मुताबिक आरोपी इस बात से नाराज था कि उसकी पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं थी। बहस के दौरान उसने एक हाथ से पत्नी को पकड़ा और धमकी दी कि वह उसे छोड़ेगा नहीं।

    इसके बाद उसने तेज धारदार चाकू से बार-बार हमला किया। महिला को कई गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    Crime Weapon बरामद, सबूत जब्त

    Post-mortem के दौरान मृतका के कपड़े और घटनास्थल से अन्य सैंपल सबूत के तौर पर जब्त किए गए।

    आरोपी की गिरफ्तारी के समय पहने गए कपड़े भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

    Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत केस दर्ज

    MIDC Police ने आरोपी के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें मौत या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

    इसके अलावा Maharashtra Police Act की धारा 37(1)(a) और 135 भी लगाई गई है।

    मामला 28 फरवरी रात 11:32 बजे दर्ज किया गया। आरोपी को 1 मार्च को रात 12:09 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच जारी है।


    FAQ Section

    Q1. Andheri Murder Case कब हुआ?
    28 फरवरी को शाम 4:30 बजे के आसपास।

    Q2. आरोपी कौन है?
    Rajesh Eknath Chhatre (46), जो मृतका का पति है।

    Q3. हत्या की वजह क्या थी?
    Domestic Dispute और साथ रहने को लेकर विवाद।

    Q4. केस किस कानून के तहत दर्ज हुआ?
    Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 103(1) और Maharashtra Police Act की धाराएं।

    Q5. आरोपी कब गिरफ्तार हुआ?
    1 मार्च को रात 12:09 बजे।

  • Breaking News: कराची में भारी हिंसा — अमेरिकी काउंसलेट पर हमला, 8 की मौत, सैकड़ों घायल

    Breaking News: कराची में भारी हिंसा — अमेरिकी काउंसलेट पर हमला, 8 की मौत, सैकड़ों घायल

    कराची, पाकिस्तान — ईरान के सर्वोच्च नेता की reported हत्या के विरोध में कराची में भारी प्रदर्शन भड़के; भीड़ ने अमेरिकी काउंसलेट पर हमला किया, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, कम से कम 8 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए।

    📍 किया क्या हुआ? — US Consulate Attack in Karachi

    पाकिस्तान के कराची (Karachi) में आज (1 मार्च 2026) एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई है जहां भीड़ ने अमेरिकी काउंसलेट (US Consulate) पर हमला कर दिया। शुरुआत एक शांत प्रदर्शन के रूप में हुई थी लेकिन जल्द ही यह हिंसा में बदल गई। प्रदर्शनकारियों ने कंसुलेट के बाहर जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

    🔥 विरोध प्रदर्शन किस वजह से?

    यह हिंसा उस समय भड़क उठी जब चलते अमेरिकी और इजरायल के संयुक्त एयरस्ट्राइक के बाद ईरान के Supreme Leader अयातोल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के reported मौत की खबर आई। इस खबर ने पूरे मुस्लिम विश्व में गुस्सा फूटा दिया और कराची में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आये।

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    😡 भीड़ ने काउंसलेट पर किया हमला

    प्रदर्शनकारियों ने काउंसलेट के सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए, दरवाज़ों और खिड़कियों को तोड़ा, और कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और खामेनेई की reported मौत का बदला लेना चाहते हैं।

    📌 सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियोज़ में भीड़ को अमेरिकी झंडे के सामने तोड़फोड़ करते और नारे लगाते हुए दिखाया गया।

    🚔 सुरक्षा बलों का जवाब

    जब भीड़ ने काउंसलेट के गेट के पास पहुँचने की कोशिश की, तो पाकिस्तानी पुलिस, रेंजर्स और अमेरिकी सुरक्षा टीम ने हिंसा को रोकने का प्रयास किया

    • सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज का सहारा लिया।
    • तनाव बढ़ने पर US काउंसलेट सुरक्षा कर्मियों द्वारा भी फायरिंग की खबरें सामने आईं।
    • इस जवाबी कार्रवाई में कम से कम 8 लोग मारे गए और दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायल लोगों को Karachi Civil Hospital में भर्ती कराया गया।

    ⚠️ कई मृतक बुलेट वारंड्स (bullet wounds) के बताए गए हैं, जिससे पता चलता है कि गोलीबारी हिंसा की मुख्य वजह रही।

    🧑‍⚕️ मरने वालों और घायल लोगों का हाल

    • कुल मिलाकर कम से कम 8 लोगों के मौत की पुष्टि की गई है।
    • इसके अलावा 20 से 30 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
    • कुछ स्रोतों के अनुसार मौतें सीधे फायरिंग से हुई हैं, जबकि अन्य ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़पों के दौरान हुए संघर्ष को मौत का कारण बताया है।

    📊 शहर भर में तनाव

    कराची में सिर्फ काउंसलेट के बाहर ही नहीं, बल्कि शहर के कई हिस्सों में प्रदर्शन और तनाव फैल गया है

    • भारी पुलिस तैनाती
    • कई मुख्य मार्ग बंद
    • शांत नागरिकों में डर और अफरातफरी
      जैसी स्थितियाँ देखी जा रही हैं।

    🌐 वैश्विक प्रतिक्रियाएँ

    दुनिया भर में इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं:

    🔹 ईरान ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और प्रतिशोध की बात कही है।
    🔹 पाकिस्तानी सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिये सुरक्षा बढ़ाई है।
    🔹 अमेरिका ने अपने काउंसलेट स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दावा किया है।

    🧠 क्या यह बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है?

    विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई के reported death से उपजे तनाव ने पूरे Middle East और South Asia में प्रभाव छोड़ा है। कराची की यह हिंसा इसी व्यापक राजनीतिक और धार्मिक गुस्से की नुमाइंदगी है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हिंसा क्यों शुरू हुई?
    A: खामेनेई की reported मौत और US-Israel स्ट्राइक के खिलाफ इन्फ़ॉर्मेशन फैलने के कारण प्रदर्शन आए, जो हिंसा में बदल गया।

    Q2: कितने लोग मारे गए हैं?
    A: कम से कम 8 लोगों की मौत की रिपोर्ट है।

    Q3: क्या काउंसलेट पूरी तरह से फूंका गया?
    A: भीड़ ने आग लगाने की कोशिश की और कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ तक की, लेकिन पूरी तरह से नष्ट होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    Q4: किस वजह से गोलीबारी हुई?
    A: सुरक्षा बलों और काउंसलेट सुरक्षा द्वारा crowd control के चलते फायरिंग की गई, जिसके कारण गोलीबारी की स्थितियाँ बनीं।

    Q5: क्या काउंसलेट स्टाफ सुरक्षित हैं?
    A: अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे अपने स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • Mental Healthcare Act को Litigation Weapon नहीं बना सकते: Bombay HC

    Mental Healthcare Act को Litigation Weapon नहीं बना सकते: Bombay HC

    Bombay High Court ने साफ किया कि Mental Healthcare Act 2017 और Section 105 का इस्तेमाल property dispute या किसी भी litigation में विरोधी की mental capacity पर सवाल उठाने के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा – यह कानून protection के लिए है, harassment के लिए नहीं।

    मुंबई: शहर में चल रहे एक अहम property dispute case में Bombay High Court ने बड़ा और साफ संदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि Mental Healthcare Act, 2017 को किसी भी पक्ष द्वारा सामने वाले की mental capacity पर सवाल उठाने के लिए “litigation weapon” की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह कानून कमजोर और जरूरतमंद लोगों की हिफाज़त के लिए है, न कि कोर्ट में बढ़त लेने की चाल के लिए।

    ⚖️ Welfare Law के Misuse पर सख्त टिप्पणी

    17 फरवरी को जस्टिस Farhan Dubash ने सुनवाई के दौरान कहा कि सिर्फ एक पक्ष के आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति की जांच के लिए Mental Health Review Board (MHRB) को रेफर करना कानून के गलत इस्तेमाल का रास्ता खोल सकता है।

    कोर्ट ने साफ कहा कि अगर ऐसा होने लगा तो welfare legislation को adversarial parties अपने फायदे के लिए “weaponise” करने लगेंगी। इससे कानून का असली मकसद ही खत्म हो जाएगा।

    📜 Section 105 की सही व्याख्या

    कोर्ट ने समझाया कि Section 105 of Mental Healthcare Act 2017 अदालत को यह अधिकार देता है कि अगर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान mental illness का पुख्ता सबूत हो, तभी मामले को Mental Health Review Board के पास भेजा जा सकता है।

    लेकिन जस्टिस दुबाश ने कहा कि इस प्रावधान को पूरे कानून के उद्देश्य के साथ पढ़ना जरूरी है। इसका मकसद है rights protection, न कि किसी विरोधी पक्ष के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने का तरीका।

    कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा:

    “यह कानून मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है, न कि किसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला हथियार।”

    🏠 Property Dispute का पूरा मामला

    यह फैसला एक ongoing property dispute in Mumbai के दौरान आया। बेटे ने अपने पिता की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए एक independent medical board बनाने की मांग की थी।

    बेटे का दावा था कि उसके पिता मुकदमे को समझने और लड़ने में सक्षम नहीं हैं। उसने एक medical certificate भी पेश किया, जिसमें confusion और forgetfulness के एपिसोड का जिक्र था। डॉक्टरों ने इन लक्षणों को diabetes से जुड़ी hypoglycaemia की वजह बताया था।

    🩺 Temporary Symptoms को Mental Illness नहीं माना

    कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया और कहा कि जिन लक्षणों का जिक्र है, वे अस्थायी (temporary) और medically reversible थे। ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण ऐसी स्थिति बन सकती है।

    इसलिए इसे mental illness under Mental Healthcare Act की कानूनी परिभाषा में नहीं रखा जा सकता।

    🚫 Harassment का रास्ता नहीं खुलेगा

    कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा:

    “अगर ऐसी मांगों को मंजूरी दी गई तो बेईमान litigants कानून को harassment के हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे।”

    कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा होने से हर मुकदमे में एक पक्ष दूसरे की mental fitness पर सवाल उठाकर litigation strategy के तहत फायदा उठाने की कोशिश करेगा।

    🔄 Mental Health Law में बदलाव की याद दिलाई

    कोर्ट ने कहा कि 2017 का कानून भारत में mental health law का बड़ा बदलाव है। पहले की व्यवस्था custodial और stigma-driven थी, लेकिन अब यह rights-based framework है, जो dignity, autonomy, treatment और rehabilitation पर फोकस करता है।

    🛡️ “Shield है, Sword नहीं”

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि Section 105 एक “shield” है, जो मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों की सुरक्षा करता है, न कि एक “sword” जो किसी के खिलाफ कोर्ट में चलाया जाए।

    ❌ कोर्ट ने याचिका खारिज की

    अदालत ने पाया कि बेटे की अर्जी पिता के welfare से ज्यादा ongoing litigation में advantage लेने की कोशिश थी।

    साथ ही कोर्ट ने यह भी नोट किया कि इसी तरह की एक अर्जी पहले भी दायर की गई थी, जिसे बिना दोबारा दाखिल करने की अनुमति के वापस ले लिया गया था।

    इसी आधार पर कोर्ट ने अंतरिम आवेदन (interim application) खारिज कर दिया।


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Bombay High Court ने क्या फैसला दिया?

    कोर्ट ने कहा कि Mental Healthcare Act 2017 को property dispute या किसी भी litigation में विरोधी की mental capacity पर सवाल उठाने के हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    Q2. Section 105 क्या है?

    Section 105 अदालत को यह अधिकार देता है कि यदि मानसिक बीमारी का सबूत हो तो मामले को Mental Health Review Board को भेजा जा सकता है।

    Q3. इस केस में मेडिकल रिपोर्ट में क्या था?

    रिपोर्ट में confusion और भूलने की समस्या बताई गई थी, जो diabetes से जुड़ी hypoglycaemia के कारण अस्थायी रूप से हुई थी।

    Q4. कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?

    कोर्ट को लगा कि यह अर्जी पिता के हित के बजाय litigation advantage पाने के लिए दाखिल की गई थी।

    Q5. Mental Healthcare Act 2017 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    यह एक rights-based law है, जिसका मकसद mental illness से जूझ रहे लोगों की dignity, autonomy और protection सुनिश्चित करना है।

  • Chembur Building Accident: 7वीं मंज़िल से गिरे 6 मज़दूर, 1 की मौत

    Chembur Building Accident: 7वीं मंज़िल से गिरे 6 मज़दूर, 1 की मौत

    Chembur Subhash Nagar में under construction building से 6 मजदूर गिरने का बड़ा हादसा। 1 की मौत, 5 घायल। Mayor Ritu Tawde ने सख्त कार्रवाई और culpable homicide का केस दर्ज करने के निर्देश दिए। Rajawadi Hospital में इलाज जारी।

    मुंबई: Chembur इलाके के Subhash Nagar में शनिवार दोपहर बड़ा construction site accident सामने आया। Under construction building की 7वीं मंज़िल पर काम करते वक्त 6 मजदूर नीचे गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में 1 मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज घाटकोपर स्थित Rajawadi Hospital में चल रहा है।

    Mayor Ritu Tawde ने किया मौके का दौरा

    हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई की महापौर Ritu Tawde तुरंत घटनास्थल पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले की primary investigation की जानकारी ली। बाद में वह सीधे Rajawadi Hospital पहुंचीं और घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

    उनके साथ उपमहापौर Sanjay Ghadi और विरोधी पक्षनेता Kishori Pednekar भी मौजूद थे।

    Building Project ‘Aditya Raj’ पर उठे सवाल

    महापौर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह इमारत ‘Aditya Raj’ नामक developer के माध्यम से बनाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में safety negligence और भारी लापरवाही सामने आई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि जब हादसा हुआ, तब साइट पर supervising engineer कहां था? क्या मजदूरों को proper safety gear दिया गया था? क्या scaffolding और सुरक्षा इंतज़ाम standard guidelines के मुताबिक थे?

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    Mayor ने साफ कहा कि इस तरह की construction negligence बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    Culpable Homicide का केस दर्ज करने के निर्देश

    महापौर Ritu Tawde ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले developer और contractor के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दोषियों पर culpable homicide यानी मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए BMC और MHADA प्राधिकरण को सख्त monitoring और safety audit करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    7वीं मंज़िल पर काम के दौरान टूटी परांची

    प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, इमारत की 7वीं मंज़िल पर काम चल रहा था। इसी दौरान परांची (scaffolding) अचानक टूट गई और 6 मजदूर नीचे गिर पड़े।

    हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 5 घायल मजदूरों को तुरंत Rajawadi Hospital में भर्ती कराया गया।

    एक मजदूर ICU में भर्ती

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    राजावाड़ी अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, 5 घायलों में से एक की हालत बेहद गंभीर है और उसे ICU में रखा गया है। बाकी मजदूरों का इलाज जारी है।

    महापौर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को best medical treatment दिया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

    Mumbai Construction Safety पर बड़ा सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में construction site safety, labour safety laws, और BMC action पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार हो रहे building accidents से मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।


    FAQ

    Q1. Chembur में हादसा कब हुआ?

    यह हादसा 28 फरवरी 2026 को दोपहर में हुआ।

    Q2. कितने मजदूर गिरे और कितनों की मौत हुई?

    कुल 6 मजदूर गिरे, जिनमें 1 की मौत हुई और 5 घायल हैं।

    Q3. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?

    घायलों का इलाज घाटकोपर के Rajawadi Hospital में जारी है।

    Q4. हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?

    प्राथमिक जांच में scaffolding टूटने और safety negligence की बात सामने आई है।

    Q5. महापौर ने क्या कार्रवाई के निर्देश दिए?

    Developer और contractor पर सख्त कार्रवाई और culpable homicide का केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • Andheri Hotel Sex Racket Busted

    Andheri Hotel Sex Racket Busted

    Mumbai Police ने Andheri East के एक होटल में चल रहे International Sex Racket का भंडाफोड़ किया। दो Ugandan women को Human Trafficking के जरिए लाकर जबरन prostitution में धकेला गया। होटल स्टाफ गिरफ्तार, owner और Kenyan महिला फरार।

    मुंबई: अंधेरी ईस्ट में Human Trafficking और International Sex Racket का बड़ा खुलासा हुआ है। Mumbai Police ने एक होटल में छापा मारकर दो Ugandan महिलाओं को रेस्क्यू किया है, जिन्हें नौकरी का झांसा देकर भारत लाया गया था और फिर जबरन prostitution में धकेल दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

    Santacruz Police की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई

    पूरे मामले की शुरुआत Santacruz Police Station में तैनात एक महिला अधिकारी की शिकायत से हुई। उन्हें AK Road स्थित Hotel Villa Palace में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल पर अचानक Raid की, जहां से चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस को मौके से दो विदेशी महिलाएं मिलीं, जिनकी उम्र 30 और 36 साल बताई जा रही है।

    Andheri-Hotel-Sex-Racket-Busted-news

    Job का झांसा, फिर Forced Prostitution

    जांच में सामने आया कि दोनों Ugandan महिलाओं को India में अच्छी नौकरी दिलाने का वादा करके बुलाया गया था। लेकिन Mumbai पहुंचते ही उनका पासपोर्ट और दस्तावेज कब्जे में लेकर उन्हें होटल में ही confined रखा गया।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिलाओं की movement पूरी तरह restricted थी और उन्हें जबरन ग्राहकों से मिलने के लिए मजबूर किया जाता था। यह पूरा मामला International Human Trafficking Network से जुड़ा हो सकता है।

    Kenyan महिला Jasmine की अहम भूमिका

    पुलिस जांच में एक Kenyan नागरिक Jasmine का नाम सामने आया है, जिसने कथित तौर पर दोनों महिलाओं को Mumbai लाने, होटल में ठहराने और clients से संपर्क कराने में अहम भूमिका निभाई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि Jasmine इस Sex Racket की key link है। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

    होटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही और साजिश

    पुलिस ने पाया कि होटल प्रबंधन ने Foreign Nationals से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन किया।

    • होटल रजिस्टर में महिलाओं के नाम दर्ज नहीं थे
    • Mandatory Form C जमा नहीं किया गया
    • Foreign Guest Records में भारी गड़बड़ी पाई गई

    Form C वह दस्तावेज है, जिसे भारत में किसी भी विदेशी नागरिक के होटल में ठहरने पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन जमा करना होता है। इसकी गैरहाजिरी से साफ संकेत मिलता है कि सब कुछ जानबूझकर छिपाया जा रहा था।

    चार कर्मचारी गिरफ्तार, Owner फरार

    छापेमारी के दौरान होटल के मैनेजर विवेककुमार वैद्यनाथ यादव (26) और तीन स्टाफ – अनिलकुमार जोकू पुष्पाकर (24), धीरज मधुकर जावले (35) और महेश राजपाल राजवारिया (45) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    वहीं होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और Kenyan महिला Jasmine अभी फरार हैं। पुलिस CCTV फुटेज जब्त कर चुकी है और डिजिटल एविडेंस की जांच की जा रही है।

    International Network का शक

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ एक होटल तक सीमित नहीं हो सकता। इस मामले के तार बड़े International Sex Racket और Human Trafficking Syndicate से जुड़े हो सकते हैं।

    आने वाले दिनों में और खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। Mumbai Crime Branch और अन्य एजेंसियां भी इस एंगल से जांच कर रही हैं।


    FAQ Section

    Q1. यह सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?

    अंधेरी ईस्ट के AK Road स्थित Hotel Villa Palace में।

    Q2. कितनी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया?

    दो Ugandan महिलाओं को रेस्क्यू किया गया।

    Q3. कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    चार होटल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. कौन-कौन फरार है?

    होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और Kenyan महिला Jasmine फरार हैं।

    Q5. क्या यह मामला International Network से जुड़ा है?

    पुलिस को शक है कि यह बड़ा International Human Trafficking Network हो सकता है।

  • Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai के Andheri West में 71 वर्षीय senior citizen से Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की ठगी हुई। Oshiwara Police Cyber Cell ने 1930 helpline और HDFC Bank की मदद से पूरा पैसा recover कर लिया।

    मुंबई: Mumbai में एक बार फिर online fraud का मामला सामने आया, लेकिन इस बार राहत की खबर भी है। Andheri West के Lokhandwala इलाके में रहने वाले 71 वर्षीय Ashok Dingrani को Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की चपत लग गई थी। लेकिन Oshiwara Police Station के Cyber Cell ने फुर्ती दिखाते हुए पूरा पैसा वापस दिला दिया।

    🛑 Fake RTO e-Challan से Senior Citizen बना शिकार

    पुलिस के मुताबिक, Ashok Dingrani को WhatsApp पर एक मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि उनके वाहन पर ₹2,000 का traffic fine पेंडिंग है। मैसेज में एक लिंक दिया गया था, जो बिल्कुल असली RTO e-challan जैसा दिख रहा था।

    बुजुर्ग ने मैसेज को असली समझकर लिंक पर क्लिक किया और वहां अपनी गाड़ी की डिटेल्स के साथ HDFC Bank का credit card details भर दिया। कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके कार्ड से ₹2.5 lakh डेबिट हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत Police Station पहुंचे, दर्ज कराई शिकायत

    जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे cyber fraud का शिकार हो गए हैं, वे तुरंत Oshiwara Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    Senior Police Inspector Sanjay Chavan के मार्गदर्शन में Cyber Team ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    📞 1930 Helpline और National Cyber Crime Portal से मिली मदद

    पुलिस ने तुरंत National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज की और 1930 helpline पर अलर्ट जारी किया। बैंक से मिले transaction alert की जांच में पता चला कि रकम Croma को ट्रांसफर की गई थी।

    Cyber टीम ने तुरंत HDFC Bank के nodal officers से संपर्क किया और urgent email communication के जरिए transaction को hold करवाया। फुर्ती दिखाते हुए पूरा ₹2.5 lakh फ्रीज कर लिया गया और बाद में बुजुर्ग को refund कर दिया गया।

    ⚠️ Police Advisory: ऐसे Fake Links से रहें सावधान

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि WhatsApp या SMS पर आने वाले किसी भी Fake RTO e-Challan, traffic fine या government notice वाले लिंक पर क्लिक न करें।

    ✔️ केवल official government portal पर ही challan verify करें
    ✔️ कभी भी banking details या OTP शेयर न करें
    ✔️ Fraud होने पर तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें


    ❓ FAQ Section

    Q1: Fake RTO e-Challan scam क्या है?
    यह एक online fraud है जिसमें WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी challan लिंक भेजकर लोगों से banking details ली जाती है।

    Q2: अगर ऐसे scam का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
    तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें और National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें।

    Q3: क्या Mumbai Police पैसे वापस दिला सकती है?
    अगर तुरंत शिकायत की जाए और transaction freeze हो जाए तो recovery संभव है, जैसा इस केस में हुआ।

    Q4: Official RTO challan कैसे check करें?
    सिर्फ government के official website पर जाकर ही challan verify करें, किसी third-party link पर भरोसा न करें।

  • कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व के Lokhandwala White City में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और BMC द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर बड़ा बवाल। लोढ़ा ग्रुप के खिलाफ स्थानीय रहिवासी सड़कों पर, Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग, BJP नगरसेवक भी विरोध में।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व स्थित Lokhandwala White City में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। देखते ही देखते शांत रिहायशी इलाका विरोध और नारेबाजी का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिल्डर समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    🔥 सुबह की शांति टूटी, अचानक शुरू हुआ तोड़फोड़ का काम

    स्थानीय रहिवासियों के मुताबिक, सुबह इलाके में भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही देखी गई। कुछ ही देर में सोसायटी की बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को तोड़ा जाने लगा। लोगों का आरोप है कि यह काम बिना पूर्व सूचना और सहमति के किया गया।

    जैसे ही दीवार टूटी, वहां मौजूद कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। रहिवासियों का दावा है कि ये पेड़ बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त थे और इन्हें संरक्षित श्रेणी में रखा गया था।

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    🌳 “पेड़ों को क्यों तोड़ा?” — पर्यावरण को लेकर भड़का गुस्सा

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पेड़ों को लेकर उठा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हरियाली खत्म की जा रही है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां ग्रीन कवर लगातार कम हो रहा है, वहां बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना लोगों को नागवार गुजरा।

    स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सोसायटी सदस्यों ने मौके पर ही काम रुकवाने की कोशिश की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।

    📢 लोढ़ा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

    कुछ ही घंटों में मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

    लोगों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है। “दीवार तोड़ी क्यों?”, “पेड़ों का हिसाब दो”, “नियम सबके लिए बराबर” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।

    स्थिति इतनी गर्म हो गई कि आसपास पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ानी पड़ी।

    🚔 Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग

    विरोध कर रहे स्थानीय रहिवासी सीधे Samta Nagar Police Station पहुंचे।

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    वहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना है कि

    • बिना अनुमति बाउंड्री वॉल तोड़ना,
    • बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना,
    • स्थानीय निवासियों को पूर्व सूचना न देना —

    ये सब गंभीर उल्लंघन हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    🏛️ भाजपा नगरसेवक भी विरोध में?

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के कुछ नगरसेवक भी मौके पर पहुंचे और निवासियों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

    हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

    ⚖️ अब आगे क्या?

    पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है।

    • क्या पुलिस FIR दर्ज करेगी?
    • क्या बीएमसी इस पर कार्रवाई करेगी?
    • क्या बिल्डर पक्ष अपनी सफाई देगा?

    इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांदिवली पूर्व का यह मामला अब सिर्फ एक दीवार या कुछ पेड़ों का नहीं रहा — यह नागरिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और बिल्डर जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


    📌 FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 कांदिवली पूर्व, Lokhandwala White City परिसर का।

    Q2. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 बाउंड्री वॉल तोड़ने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में FIR दर्ज हो।

    Q3. शिकायत कहां की गई?
    👉 Samta Nagar Police Station, कांदिवली पूर्व।

    Q4. क्या राजनीतिक समर्थन मिला है?
    👉 स्थानीय स्तर पर भाजपा नगरसेवकों के समर्थन की चर्चा है।

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  • अंधेरी MIDC में खौफनाक वारदात: मोबाइल झगड़े में पति ने पत्नी पर किया जानलेवा हमला, 7 साल के बेटे के सामने हुई हिंसा

    अंधेरी MIDC में खौफनाक वारदात: मोबाइल झगड़े में पति ने पत्नी पर किया जानलेवा हमला, 7 साल के बेटे के सामने हुई हिंसा

    मुंबई के अंधेरी MIDC इलाके में घरेलू विवाद ने लिया खतरनाक मोड़। मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े में पति ने पत्नी पर धारदार हथियार से हमला किया। 7 साल का बेटा बना आंखों देखा गवाह। आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के MIDC इलाके से एक चौंकाने वाली अपराध की खबर सामने आई है। मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ घरेलू झगड़ा इतना बढ़ गया कि 48 साल के शख्स ने अपनी ही पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का गवाह उनका 7 साल का मासूम बेटा बना। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

    🔴 क्या है पूरा मामला? (Andheri MIDC Crime Case)

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान संतोष रावते (48) के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने अपनी 44 वर्षीय पत्नी नीता रावते पर धारदार हथियार से हमला किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मोबाइल फोन चेक करने और कुछ बातचीत को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर संतोष ने पत्नी पर हमला कर दिया। इस दौरान उनका बेटा भी बीच-बचाव में आया, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की, जिससे उसके बाएं हाथ में चोट आई।

    🏥 पत्नी की हालत गंभीर, जोगेश्वरी के ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल नीता रावते को तुरंत जोगेश्वरी के ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें धारदार हथियार से गहरी चोटें आई हैं और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के वक्त घर में मौजूद 7 साल का बेटा यह सब देख रहा था, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

    👮 पड़ोसियों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात

    घर से आ रही चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता तो मामला और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही MIDC पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ आरोपी पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    पुलिस ने संतोष रावते के खिलाफ हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसे स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पड़ोसियों व परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    📌 मुंबई में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामले

    मुंबई जैसे महानगर में घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दरार और फिर हिंसा की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

    मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आपसी अविश्वास कई बार ऐसे विवादों की बड़ी वजह बन रहे हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    यह घटना मुंबई के अंधेरी MIDC इलाके में हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी की पहचान 48 वर्षीय संतोष रावते के रूप में हुई है।

    Q3. झगड़े की वजह क्या थी?
    मोबाइल फोन चेक करने और कुछ बातचीत को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।

    Q4. पत्नी की हालत कैसी है?
    पत्नी को जोगेश्वरी के ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    MIDC पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।