Gold Theft Case में मुंबई के कांदिवली से 3 चौकीदार ₹5.28 करोड़ का सोना लेकर फरार। WhatsApp मैसेज के बाद खुला बड़ा राज।
मुंबई: Kandivali इलाके से एक चौंकाने वाला गोल्ड चोरी मामला सामने आया है। कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित एक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से तीन चौकीदार कथित तौर पर ₹5.28 करोड़ के सोने के गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और Mumbai Police की चारकोप पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी से ठीक पहले एक आरोपी ने मालिक को WhatsApp पर मैसेज भेजकर नौकरी छोड़ने की बात कही थी। जब मालिक ने संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। इसके बाद पूरा मामला खुलकर सामने आया।
कैसे हुआ ₹5 करोड़ गोल्ड चोरी का खुलासा?
पुलिस के अनुसार 63 वर्षीय अशोक वाया की कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट, हिंदुस्तान नाका, चारकोप में Shreeji Manufacturers नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है।
यूनिट में करीब 30 से 32 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें तीनों आरोपी चौकीदार भी शामिल थे।
गुरुवार रात आरोपी मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद ने कथित तौर पर मालिक अशोक वाया को WhatsApp पर मैसेज भेजा कि उसे वेतन नहीं मिला, इसलिए वह नौकरी छोड़ रहा है।
इसके बाद जब मालिक ने फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
स्थिति संदिग्ध लगने पर मालिक ने अपने मैनेजर महेंद्र सत्यम को यूनिट चेक करने भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि तीनों चौकीदार गायब हैं। बाद में मालिक खुद फैक्ट्री पहुंचे तो लॉजिस्टिक्स बॉक्स में रखा सोना भी गायब मिला।
कितना सोना चोरी हुआ?
पुलिस के मुताबिक चोरी हुए गहनों में:
- लगभग 3,176 ग्राम 22 कैरेट सोने के कंगन
- कुल अनुमानित कीमत: ₹5.28 करोड़
यह सोना फैक्ट्री के लॉजिस्टिक्स बॉक्स में रखा गया था।
कौन हैं आरोपी?
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों की पहचान की है, उनमें शामिल हैं:
- मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद
- विकास
- शहबाज गुर्जर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सफीर जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। बाकी दो आरोपियों की पूरी जानकारी पुलिस सत्यापित कर रही है।
Charkop Police की जांच में क्या सामने आया?

Charkop Police Station ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा ऐसे मामलों में लगती है जहां कर्मचारी या सेवक अपने मालिक के खिलाफ चोरी करता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
- आरोपियों की तलाश में कई टीमें बनाई गई हैं
- मुंबई के बाहर भी लोकेशन ट्रेस की जा रही है
- CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच चल रही है
- फैक्ट्री स्टाफ से पूछताछ जारी है
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी घटना के बाद बेहद तेजी से गायब हुए, जिससे लगता है कि चोरी की योजना पहले से तैयार थी।
कांदिवली इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कांदिवली और चारकोप इंडस्ट्रियल बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि:
- कई यूनिट्स में अब भी पुराने सिक्योरिटी सिस्टम हैं
- गोल्ड और डायमंड यूनिट्स में हाई-वैल्यू स्टॉक रखा जाता है
- रात की सुरक्षा अक्सर कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के भरोसे रहती है
मुंबई की ज्वेलरी इंडस्ट्री में इस तरह की अंदरूनी चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इतनी बड़ी रकम का मामला हाल के महीनों में कम देखने को मिला है।
Gold Theft Case में कौन से सवाल सबसे बड़े हैं?
क्या चोरी पहले से प्लान थी?
WhatsApp मैसेज और फोन बंद होने के तरीके को देखकर पुलिस को शक है कि यह अचानक लिया गया फैसला नहीं था।
क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने मदद की?
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यूनिट के अंदर से किसी ने आरोपियों को स्टॉक मूवमेंट की जानकारी दी थी।
क्या सोना मुंबई से बाहर ले जाया गया?
जांच एजेंसियां रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और इंटर-स्टेट रूट्स पर भी नजर रख रही हैं।
मुंबई में बढ़ रहे हाई-वैल्यू Theft Cases
पिछले कुछ महीनों में मुंबई और MMR क्षेत्र में:
- गोल्ड चोरी
- ऑनलाइन फ्रॉड
- ऑफिस अंदरूनी चोरी
- लॉजिस्टिक स्कैम
जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्थिक दबाव और सिक्योरिटी लूपहोल्स इसके बड़े कारण बन रहे हैं।
FAQ Section
कांदिवली में कितना सोना चोरी हुआ?
करीब ₹5.28 करोड़ कीमत के 3,176 ग्राम 22 कैरेट सोने के कंगन चोरी हुए।
आरोपियों की पहचान क्या है?
मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद, विकास और शहबाज गुर्जर।
घटना कहां हुई?
कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट, हिंदुस्तान नाका, चारकोप स्थित ज्वेलरी यूनिट में।
पुलिस ने कौन सी धारा लगाई है?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ है।
क्या आरोपी पकड़े गए?
फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
Conclusion
मुंबई के कांदिवली में सामने आया यह Gold Theft Case सिर्फ एक बड़ी चोरी नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी सिस्टम पर बड़ा सवाल भी है। करोड़ों रुपये के गोल्ड स्टॉक के बावजूद अगर अंदरूनी कर्मचारी आसानी से फरार हो सकते हैं, तो यह ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए गंभीर चेतावनी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस आरोपियों तक जल्दी पहुंच पाएगी और चोरी हुआ सोना बरामद होगा या नहीं। मुंबई पुलिस की अगली कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।

