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  • झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में पिछले 19 सालों से जिन 12 मुसलमानों को दोषी ठहरा कर जेल में कैद कर लिया गया था। हाईकोर्ट ने सभी को एक साथ बरी कर दिया। लेकिन इन सब के पीछे कौन हो सकता है यह अभ भी सवाल का विषय बना हुआ है। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    मुंबई: 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की जान गई, 800 से ज़्यादा घायल हुए। इस भयानक घटना के 19 साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 लोगों को बरी कर दिया, जिन्हें इन धमाकों का दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है, लेकिन यह भी साफ कर दिया है कि बरी किए गए लोगों को वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। अब सवाल है, कि इन 12 मुसलमानों को फंसाने का काम किसने किया था। जिसकी वजह से एक विशेष समुदाय को टार्गेट किया गया। ये सवाल हैं उन 12 लोगों में से एक मोहम्मद अली का, जिन्हें इसी मामले में बरी कर दिया गया है।

    हाईकोर्ट के फैसले पर लगा रोक

    सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने साफ कर दिया, कि सभी आरोपी जेल से रिहा हो चुके हैं, इसलिए उन्हें दोबारा जेल भेजने का सवाल ही नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की दलीलों पर विचार करते हुए कहा, कि हाई कोर्ट के फैसले को कानूनी मिसाल के तौर पर नहीं माना जाएगा और उस फैसले पर रोक लगाई जाती है। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    वो 13 लोग कौन थे?

    2006 के धमाकों के बाद मुंबई पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कमाल अहमद, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मोहम्मद माजिद, नवीद हुसैन खान, मोहम्मद फ़ैसल अतउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख, आसिफ खान, एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, शेख मोहम्मद अली, जमीर अहमद, मुजम्मिल अतउर रहमान शेख, तनवीर अहमद और अब्दुल वहीद शेख शामिल थे। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    एक की हो गयी मौत

    गिरफ्तार 12 लोगों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी बेगुनाही की अपील की थी। हाईकोर्ट में 10 साल केस चला फिर फैसला आया कि ये सब बेकसूर हैं। इस पूरे मामले में एक ऐसा शख्स भी था जिसने अपनी बेगुनाही की खबर सुनने से पहले ही दुनिया छोड़ दिया। बिहार के मधुबनी जिले के बसोपट्टी के रहने वाले कमाल अहमद मोहम्मद वकील अंसारी की 2021 में कोविड के दौरान जेल में ही मौत हो गई थी। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    मजदूर को किया था गिरफ्तार

    जब कमाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया तब उनके बेटे अब्दुल्ला अंसारी सिर्फ छह साल के थे। अब्दुल्ला कहा, ATS ने कमाल अंसारी पर पाकिस्तान में हथियारों का ट्रेनिंग लेने, भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते आतंकवादियों को लाने और मुंबई के माटुंगा स्टेशन पर विस्फोटक रखने का इल्जाम लगाया था। लेकिन अब्दुल्ला बताते हैं कि उनके पिता एक मजदूर थे, उन्होंने ऐसा नहीं किया। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    क्या अब सरकारें, पुलिस, मीडिया कमाल के परिवार से माफी मांगेगे? उसकी बदनामी के दाग को कौन धोएगा?

    झूठे गवाह और मनगढ़ंत कबूलनामे का खुलासा

    इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को फंसाने के लिए कई हथकंडे अपनाए, जिनकी पोल RTI ने खोल दी।

    • गवाह नंबर 74 की झूठी गवाही: अभियोजन पक्ष के गवाह नंबर 74 ने विशेष मकोका अदालत में बताया था कि उसने एहतेशाम सिद्दीकी को चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर एक काले बैग के साथ देखा था। इसी गवाही के आधार पर एहतेशाम को बम लगाने वाला बताया गया। लेकिन RTI से मिली जानकारी ने इस गवाह की पोल खोल दी। गवाह ने जिस अस्पताल में किसी से मिलने की बात कही थी, वहां उस नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं और जिस बैंक में मिलने का दावा किया था, वह व्यक्ति भी वहां नहीं था। अदालत ने इस गवाह को पुलिस का ‘स्टॉक गवाह’ करार दिया, यानी एक ऐसा गवाह जिसे पुलिस हर केस में इस्तेमाल करती है। RTI से यह भी सामने आया कि यही गवाह पुलिस के लिए चार और मामलों में भी पेश हुआ था।
    • पहचान में देरी पर सवाल: पुलिस ने कुछ ऐसे गवाह भी पेश किए जिन्होंने ब्लास्ट के 100 दिनों बाद आरोपियों को पहचानने की बात कही। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि कोई इतने लंबे समय बाद किसी व्यक्ति का चेहरा कैसे याद रख सकता है? यह दर्शाता है कि पुलिस असली गुनहगारों को ढूंढने के बजाय आम लोगों को बलि का बकरा बना रही थी।
    • स्केच गवाह का अनुपस्थित होना: आरोपी के स्केच बनाने में मदद करने वाले गवाह को ट्रायल के लिए नहीं बुलाया गया और न ही उसे अदालत में आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया। मामले का यह एक सबसे बड़ा लूप-होल था।
    • कॉपी-पेस्ट के कबूलनामे: पुलिस का केस ज़्यादातर कबूलनामों पर आधारित था, जो पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिए थे। MCOCA की धारा 18 के तहत पुलिस के सामने दिए गए कबूलनामों को कोर्ट में मान्यता देता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन कबूलनामों के आधार पर सजा देने से इंकार कर दिया, क्योंकि कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि कई आरोपियों ने दो अलग-अलग अधिकारियों के सामने जुर्म कबूल किया था, लेकिन दोनों कबूलनामों में घटना का विवरण, यहां तक कि फुल स्टॉप और कॉमा भी हूबहू कॉपी-पेस्ट थे। कोर्ट ने इसे अविश्वसनीय माना।

    2015 में इसी केस में बरी हुएम अब्दुल वाहिद शेख बताते हैं कि उन्होंने “हर दिन 20-25 आरटीआई एप्लीकेशन” दायर किए, जिनमें पुलिस स्टेशनों की लॉगबुक से लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड और हर जरूरी जानकारी मांगी गई।

    19 सालों बाद सामने आया पीड़ितों का दर्द

    मोहम्मद साजिद अंसारी, जो इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से थे, बताते हैं, “मेरा इलेक्ट्रॉनिक्स का बैकग्राउंड था, इसलिए इन लोगों के लिए आसान था कहना कि ये टाइमर बम बनाने के लायक है। इसी वजह से मुझे टारगेट किया गया, इन्होंने रिकवरी के तौर पर मेरे मोबाइल रिपेयरिंग इंस्टीट्यूट के जो सामान थे और जो रिपेयरिंग की इलेक्ट्रॉनिक्स की चीजें थी उसे रिकवरी में दिखाया गया। हालांकि एफएसएल रिपोर्ट के अंदर क्लियर हुआ कि कुछ भी एक्सप्लोसिव मेरे पास नहीं मिला।”

    187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

    19 सालों तक इन लोगों के परिवार के साथ पुलिस, समाज, मीडिया, सरकारें, अदालत नाइंसाफी करती रहीं।

    ऐसे में सवाल उठता है कि इन 12 लोगों और इनके परिवार के 19 साल के दर्द का जिम्मेदार कौन है? क्या उन लोगों को सजा मिलेगी जिन्होंने इन 12 लोगों को फंसाया था?

    एक सवाल और है, 2006 के ब्लास्ट में 187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? उन परिवारों से क्या कहा जाएगा जिन्होंने अपनों को खोया था? वो लोग लौटकर नहीं आएंगे लेकिन उनके कातिल को हमारा प्रशासन आज तक नहीं ढूंढ पाया और ना ही कटघरे में खड़ा कर पाया, सजा तो दूर की बात हो गई। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

  • 23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की पहाड़ी इलाके में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना सामने आई है। रविवार को पुलिस ने इसकी जानकारी दी। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    न्यूज़ डेस्क
    पुणे:
    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की एक पहाड़ी कस्बे में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना प्रकाश में आ रही है। बलात्कार करने के बाद पीड़ित महिला को सड़क किनारे फेंक दिया गया। रातभर चलती रही इस बलात्कार की घटना में पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया, कि घटना शुक्रवार और शनिवार के दरमियानी रात की है। जब महिला अपने घर जाने के लिए सड़क पर चल रही थी।

    लोकप्रिय पर्यटक स्थल

    मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित लोनावला के मावला इलाके में तुंगरली एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां एक राह चलती महिला का अपहर कर बलात्कार की घटना से इलाके में घबराहट और सनसनी फैल गई है। पुलिस ने बताया, कि घटना के सिलसिले में तुंगरली के निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। महिला की शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महिला उसी इलाके में रहती है और शुक्रवार रात को वह अपने घर जा रही थी।

    घटना की जानकारी क्या है?

    अधिकारी ने बताया, कि एक कार उसके पास रुकी और एक आदमी ने उसे जबरन अंदर खींच लिया। इसके बाद आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां चलती कार में उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे तुंगरली में विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और बार-बार यौन हमला करने के बाद उसे शनिवार तड़के सड़क किनारे फेंक दिया गया।

    उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला ने लोनावाला सिटी पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) (बलात्कार) और 138 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया गया है। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    क्या है हकीकत?

    पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि पीड़िता के दावों की पुष्टि की जा रही है। महिला ने शुरू में दावा किया था कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे जबरन कार में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि कार में केवल एक ही व्यक्ति था। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी और महिला एक दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

  • बिहार में वोटर लिस्ट के सत्यापन का खेल। वोट मत दें जनता लेकिन जीतेगी तो BJP ही..

    बिहार में वोटर लिस्ट के सत्यापन का खेल। वोट मत दें जनता लेकिन जीतेगी तो BJP ही..

    बिना किसी आई डी और बिना किसी मतदाता से मिले ही blo द्वारा कार्यालय में बैठकर खुद ही वोटर फॉर्म भरने का कार्य कराया जाना कत्तई उचित नहीं। वेरिफिकेशन के लिए blo को हर घर जाकर वोटरों से मिलने और उनसे भारत में रहने, उनके पिता की जन्मतिथि मांगने की बात चुनाव आयोग ने की थी। जब blo किसी मतदाता से मिलेगा ही नहीं तो सत्यापन किस बात का करेगा? बहुत ही सीनियर पत्रकार अजीत अंजुम को पता था, कि किसी भी कार्यालय में बिना अनुमति लिए कैमरामैन और माइक लेकर जाने पर उन पर सरकारी कार्यवाही में अड़ंगा डालने का आरोप लगाया जा सकता है। इसीलिए वे बिना कैमरामैन और बिना माइक लिए उस कमरे में गए, जहां तमाम blo बैठे हुए मतदाताओं के सिंगल फॉर्म भर रहे थे।
    मजेदार बात यह हुई, कि blo फॉर्म पर सिर्फ नाम लिख रहे थे। मतदाता के पिता या पति का नाम नहीं लिख रहे थे। फिर कैसे पहचान होगी कि वोट देने वाला सही है या नही? इससे भी बड़ी मजेदार बात यह, कि जेडीएस के बड़े नेता और नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके लालू यादव के बेटे की पत्नी का नाम काट दिया गया है। एक महिला के नाम पर बने वोटर आईडी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो लगा दी है। पत्नी शादी होने के बाद जब ससुराल आती है तो ससुराल की सदस्य बन जाती है। नाम इसलिए काटा गया कि उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। दिल्ली भारत की राजधानी और लालू यादव का पूरा परिवार बिहार के पटना में रहता है।
    बात वोटर लिस्ट बनाने की तो blo बिना किसी आई डी के सिंगल फॉर्म भरे और उसमें केवल मतदाता का नाम हो पिता या पति का नाम नहीं हो तो वह व्यक्ति वोट कैसे देगा? अब यही सच पुराने ख्यात पत्रकार अजीत अंजुम ने अपनी मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दी। जिस पर देश भर से प्रतिक्रिया आनी स्वाभाविक है। चुनाव आयोग की तरह बिहार पुलिस भी सरकारी दबाव में है जिसने बेवजह पत्रकार अजीत अंजुम द्वारा मतदाता सूची को ऑफिस में भरे जाने का सच दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज कर दी। यानी सरकार कुछ भी कराए उसे अधिकार है। लेकिन अगर पत्रकार गलतियों को देश की जनता के सामने लाए तो गुनहगार हो गया।
    चुनाव आयुक्त बदल देने से कुछ नहीं होगा। क्योंकि सरकार यदि जिसे आयुक्त बनाएगी तो इसी शर्त के साथ कि वह सरकार के कहे अनुसार कार्य करे। पिछले दस साल से चुनाव आयोग के द्वारा पक्षपाती रवैया अपनाए जाने का विरोध देश भर में हो रहा है। क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद प्रसाइडिंग ऑफिसर फॉर्म 17 भरता है जिसमें कुल मतदाता स्त्री पुरुष और कुल पड़े हुए मत की गिनती स्त्री पुरुष अलग अलग बताना पड़ता है।
    बैलेट बॉक्स था या अब ई वी एम दोनों में यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। उसी शाम या रात जिला मुख्यालय पर बॉक्स और फॉर्म के साथ तीनों वोटर लिस्ट लिफाफे में भरकर जमा करना होता है। दूसरे दिन ही केंद्रीय चुनाव आयोग पड़े हुए मतों का प्रतिशत बता सकता है। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में प्रथम चरण के मतदान प्रतिशत तीन अन्य चरण के मतदान होने के बाद बताने में तेरह दिन लगाए। फिर दस दिनों में क्या क्या करता रहा चुनाव आयोग? आयोग की गड़बड़ी छुपाने के लिए जल्द ही सारे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज डिलीट करने का नियम मनमाने ढंग से बना दिया गया ताकि कोर्ट में सबूत पेश करना नहीं पड़े ।
    बीजेपी को चुनाव जीताने के लिए चुनाव आयोग बेशक बेइमानी करता है। एक ही वोटर आईडी का यूनिक नंबर कई कई राज्यों में वोटर कैसे बनाया जाता है यह तो चुनाव आयोग ही बता सकता है। चुनाव के दिन शाम पांच बजे मेन गेट बंद कर पीछे से शुरू करके कूपन नंबर एक से दिए जाने का नियम है मगर महाराष्ट्र चुनावों में इस नियम का पालन नहीं किया गया और ‘अंतिम घंटे में बीस प्रतिशत वोट पड़े’ ऐसा बता दिया गया।
    लाखों वोट अंतिम घंटे में पढ़ने के टोकन नंबर ही सुरक्षित नहीं किए गए। जहां तक ई वी एम हैक होने की बात है वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के सीएम थे बार बार हैकिंग और बेइमानी की बातें कहते थे। यह भी कहा कि विदेशों में जहां पढ़े लिखे लोग होते है बैलेट पेपर पर नाम पढ़कर वोट देते हैं। ईवीएम हैक करने का सच चिप बनाने वाला जापान और ईवीएम बनाने वाला अमेरिका ई वीं एम से चुनाव नहीं करता। सुप्रसिद्ध अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भी कहा है ईवीएम सरलता से हैक किया जा सकता है। चिप लगे होने से मोबाइल फीचर्स खत्म होते ही नेट प्रोवाइडर कंपनिया ऑफिस में बैठे बैठे सिम बैन कर देते हैं जिससे नेट तो क्या आउट गोइंग और इन कमिंग कॉल बंद कर दी जाती है। चिप लगे होने से ही इसरो अपने चंद्रयान को धरती पर बैठे कंट्रोल करता है। चिप के कारण हीं अभी हाल में अंतरिक्ष में यान भेजा और सकुशल धरती पर उतारा गया।
    अहम प्रश्न है कि विपक्षी सवाल चुनाव आयोग से पूछते हैं तो जवाब केंद्र सरकार क्यों देने लगती है जैसे चैनल पर ज्यों हि विपक्षी नेता किसी विषय पर सरकार को कटघरे में खड़ा करता है तो एंकर तमतमा जाते हैं और सरकार की तरफ से वकालत करने लगते हैं। अरे भाई लोकतंत्र में हर किसी सरकारी विभाग की जवाबदेही होती है तो दूसरा विभाग उत्तर कैसे दे सकता है।
    बिहार की जनता भले नीतीश कुमार और बीजेपी को वोट नहीं दे लेकिन इतनी गारंटी ली ही जा सकती है जब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सरकार करती रहेगी चुनाव में पक्षपात कर आयोग सत्ता के पक्ष में करता रहेगा।गुलामी बजाता रहेगा। ऐसे में सरकार द्वारा चुने गए चुनाव आयुक्तों और ईवीएम के रहते बीजेपी को हरा पाना जनता के लिए असंभव है। वोट मत दे जनता भले ही जीतेगी तो बीजेपी ही।

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  • नाटो चीफ़ की भारत को खुली धमकी। कहा, लगा देंगे बैन …

    नाटो चीफ़ की भारत को खुली धमकी। कहा, लगा देंगे बैन …

    भारतीय प्रधानमंत्री की चुप्पी आज धमकियों का सामना कर रही है। जनता के अरबों डॉलर टैक्स का पैसा खर्च कर दो सौ विदेशी दौरों और 79 राष्ट्रों के दौरों का परिणाम क्या निकला जब पाकिस्तान के साथ युद्ध में एक भी राष्ट्र भारत के साथ खुलकर नहीं आया। NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

    नेशनल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप बार बार धमकी देते रहते हैं कि भारत पर हम बहुत अधिक टैरिफ लगाएंगे। भारत चुप रहता है। ट्रंप ने बारह बार कहा था उसने भारत और पाकिस्तान को ट्रेड की धमकी देकर सीज फायर कराया। 22 अरब रूपये जनता के टैक्स का खर्च कर दो सौ विदेशी दौरों और 79 राष्ट्रों के दौरों का परिणाम क्या निकला जब पाकिस्तान के साथ युद्ध में एक भी राष्ट्र भारत के साथ खुलकर नहीं आया। जबकि अमेरिका चीन तुर्की और अज़रबैजान खुलकर पाकिस्तान के साथ खड़े रहे। अमेरिका के चक्कर में भारत रूस का साथ भी छोड़ता दिख रहा है।

    भारत को खुली चुनौती

    ट्रंप भारत चीन ब्राजील को रूस के साथ संबंध रखने के कारण हमेशा धमकी देता है। रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों पर रूस के विदेशमंत्री ने स्पष्ट जवाब दिया हम तैयार हैं। चीन ने तो अमेरिकी ट्रंप को खुली धमकी दे डाली चाहे ट्रेड वॉर हो या सचमुच का युद्ध हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब अमेरिकी पिट्ठू नाटो के अध्यक्ष ने रूस यूक्रेन युद्ध के कारण भारत को रूस का साथ छोड़ने अन्यथा बैन झेलने की खुली चुनौती दे डाली है। लेकिन भारत है कि जवाब ही नहीं देता। अमेरिका हड़काया करता है तो मोदी हंसते हैं। बार बार भारत का अपमान करता है फिर भी मोदी की हिम्मत नहीं पड़ती कि पलट कर जवाब दें।

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    कौन है नाटो अध्यक्ष?

    नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनायझेशन (NATO) यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका के 32 सदस्य देशों का एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन है। इसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को उत्तरी अटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। इन 32 सदस्य देशों में से 30 यूरोप में और दो उत्तरी अमेरिका में स्थित हैं। नाटो के अध्यक्ष (महासचिव) मार्क रूट ने हालही में भारत को रुस का साथ छोडने अन्यथा बैन झेलने की चुनौती दी है। NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

    क्या रुस को है भारत पर भरोसा?

    छोटे से राष्ट्र ब्राजील ने ट्रंप को टका सा जवाब दिया तुम्हे टैरिफ लगाना हो लगाओ हम नहीं झुकेंगे। रूस प्रतिद्वंद्वी है। चाइना के सामने अमेरिका की दाल गलती नहीं वह हमेशा अमेरिका को मुंह तोड़ जवाब देता रहता है। रूस यूक्रेन युद्ध में नाटो भी शामिल है यूक्रेन को हथियारों की मदद करता हुआ अमेरिका तो है ही। रूस को शायद भारत पर भरोसा ही नहीं रहा इसीलिए पाकिस्तान के साथ ट्रेड कर रहा है। NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

    भारत और मोदी कहीं है ही नही ..

    बंद पड़ी स्टील कंपनी चालू करने और रेल संपर्क बढ़ाने में इन्वेस्ट कर रहा है और भारत ऊहापोह की स्थिति में है। पुरानी विदेशनीति भारत छोड़ चुका है। मोदी भले खुद को विश्वगुरू कहलाने की चेष्टा करते रहते हैं। गोदी मीडिया और अंधभक्त विश्वगुरू ही मानते हैं। लेकिन सच तो यह है कि भारत और मोदी कहीं है ही नहीं। ईरान ब्रिक्स में नया नया शामिल होकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करा लेता है जबकि भारत को कोई पूछता तक नहीं। NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

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    भारतीय बाज़ार पर कब्जा

    तमाम संगठनों में भारत शामिल होने के बावजूद कोई अहमियत हो देखा नहीं जाता।रूस भारत का हर विपदा में पक्का साथी रहा है पर लगता है अमेरिकी धमकियों के आगे घुटने टेक कर रूस दूर जा रहा हैं। अमेरिका भारत के 140 करोड़ लोगों के बड़े बाजार पर कब्जा कर अपने माल को खपाना चाहता है। ट्रेड की धमकी इसीलिए देता है। अमेरिका भारत को जीरो टैरिफ पर अपना खाद्यान्न बेचना चाहता है। साथ ही अपने देश की देशी गायों का दूध जिसमें सुअर मछली मुर्गे की चर्बी मिली हुई होती है।

    भारत की खामोशी

    कहने को तो भारत ने अमेरिका को मना कर दिया है कि तुम्हारा मांसाहार वाला दूध हम नहीं लेंगे। ऐसा इसलिए कि भारत के हिंदुओं को भरोसा हो जाए कि मोदी सनातन की रक्षा कर रहे हैं जबकि वास्तविकता यह है कि अमेरिकी गायों के मांसाहार वाले दूध आयात को स्वीकृत कर दिया गया है। अमेरिका शाकाहारी दूध बेचेगा या मांसाहारी इसकी गारंटी कहने को भारत की ओर से ले ली जाएगी। भारत चीन दोनों रूस से तेल खरीदने वाले बड़े ग्राहक हैं।रूस को अमेरिकी धमकियों का कोई भय नहीं। चीन भी खुला जवाब देता है लेकिन भारत की खामोशी कायरता बताती है।

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    चोरी छुपे सहमति

    अमेरिका से वहां के कृषि उपज खरीदने पर चोरी छुपे सहमति बन चुकी है क्योंकि मोदी के परम मित्र अडानी ने कई वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में अनाज के सीमेंटेड गोदाम बनाए हुए हैं। अडानी के फायदे के लिए ही मोदी सरकार ने किसान संविरोधी तीन कानून बना लिए थे। जिससे किसानों की जमीन छीनकर अडानी को दी जा सके और किसान अपने ही खेतों में मजदूर बनकर रह जाएं। लेकिन किसानों के व्यापक विरोध के चलते मोदी ने तीनों बिल वापस लेने की घोषणा कर दी थी। फिर भी अब जीरो टैरिफ पर अमेरिकी किसानों के खाद्य पदार्थ भारत आयत कर अडानी के भंडार भरा जाएगा।

    सस्ता होगा अनाज

    अमेरिकी अनाज बेहद सस्ता होगा क्योंकि अमेरिका अपने किसानों को सौ प्रतिशत सब्सिडी देता है। जबकि भारत में बीज खाद डीजल कीटनाशक आदि बेहद महंगे हैं। किसान कर्ज के बोझ तले दबा आत्महत्या कर रहा है। उसकी लागत भी नहीं मिलती। अमेरिकी अनाज की जीरो टैरिफ पर भारत में आयात करने में सस्ता पड़ेगा तो अडानी सस्ता अनाज खुले मार्केट में डाल देंगे तो भारत के किसानों का मंहगा खाद्यान्न कौन लेगा? NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

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    भारतीय किसानों की मुश्किल

    नतीजा होगा लाखों किसान आत्महत्या कर लेंगे तब मोदी कहेंगे मेरे लिए थोड़े मरे हैं। मरता है किसान तो मरे, मोदी को केवल अडानी का फायदा दिखता है। ट्रंप भारतीय नजरों में अपने प्रोडक्ट लाना चाहता है। मोदी सरकार में हिम्मत नहीं कि वह ट्रंप को जवाब दे दे। सच तो यह है जैसा बीजेपी के वरिष्ठ नेता स्वामी कहते हैं अडानी को बचाने के लिए मोदी देश भी बेच देगा। NATO chief openly threatens India. Said, will ban it

  • Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे 50 वर्षीय बदमाश को गिरफ्तार किया है जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट कर उनके कीमती गहने उड़ा कर रफूचक्कर हो जाया करता था। पश्चिम बंगाल भागते हुए पुलिस ने इगतपुरी से किया गिरफ्तार। कुल 42 घटनाओं का आरोपी हुआ गिरफ्तार .. Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

    मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।

    कैसे बनता था शिकार ?

    अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।

    कैसे हुई आरोपी की पहचान ?

    क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।

    आरोपी के खिलाफ पहले से 36 मामले दर्ज

    क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।

    नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

  • एयर इंडिया की फ्लाइट में जन्मा बच्चा, 30 हजार फीट उंचाई पर था जहाज

    एयर इंडिया की फ्लाइट में जन्मा बच्चा, 30 हजार फीट उंचाई पर था जहाज

    मस्कट से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। कैबिन क्रू और एक यात्री नर्स की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। पायलटों ने प्रायोरिटी लैंडिंग कराई। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। A baby was born on board an Air India flight, the plane was at an altitude of 30 thousand feet

    मुंबई: एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान में उस वक्त एक भावुक और अद्भुत क्षण सामने आया, जब मस्कट से मुंबई आ रही एक फ्लाइट में एक महिला यात्री ने बच्चे को जन्म दिया। यह घटना फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए बेहद खास बन गई, क्योंकि यह बच्चा हवा में, 30,000 फीट की ऊंचाई पर जन्मा। खास बात यह रही कि पैसेंजर में एक नर्स भी मौजूद थी।

    जैसे ही थाईलैंड की एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, कैबिन क्रू ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग के अनुसार स्थिति को संभाला। फ्लाइट में मौजूद एक नर्स ने भी महिला की सहायता की। पेशेवर तरीके से काम करते हुए क्रू ने नतो केवल सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को भावनात्मक सहयोग भी दिया। फ्लाइट के अंदर जन्मे बच्चे और मां को तुरंत देखभाल मिली।

    एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने कराई लैंडिंग

    पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और मुंबई एयरपोर्ट पर प्राथमिक लैंडिंग की अनुमति मांगी। जैसे ही विमान ने लैंड किया, पहले से तैनात मेडिकल टीम और एम्बुलेंस ने मां और नवजात बच्चे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। एयरलाइंस की एक महिला कर्मचारी उनके साथ गई ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके।

    टीमवर्क ने बचाई जान

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    एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को संकट में सेवा का प्रतीक बताया। क्रू मेंबर्स की सूझबूझ, ट्रेनिंग और इंसानियत ने मिलकर एक संभावित आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। केबिन और कॉकपिट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट प्रशासन और इमरजेंसी सेवाओं के बीच समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहें।

    थाईलैंड दूतावास से संपर्क

    एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह मुंबई स्थित थाईलैंड के कॉन्सुलेट जनरल से संपर्क में है ताकि महिला को उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। फ्लाइट की कमान कैप्टन आशीष वाघानी और कैप्टन फराज अहमद के हाथों में थी, जबकि केबिन क्रू मेंबर्स स्नेहा नागा, ऐश्वर्या शिर्के, आसिया खालिद और मुस्कान चौहान ने अद्भुत संयम और सेवा भाव दिखाया। A baby was born on board an Air India flight, the plane was at an altitude of 30 thousand feet

    एयर इंडिया की सफलता

    यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित डिलीवरी भर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि जब सेवा भावना, पेशेवरता और टीमवर्क एक साथ होते हैं, तो आकाश में भी जीवन के चमत्कार संभव हो सकते हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में वह अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। आरपीएफ की यह टीम सादे कपड़ो में तैनात कर दी गई है। आईजी अजय सादानी ने दिये आदेश .. Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।

    लगातार हो रही थी शिकायत

    बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

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    विशेष चैकिंग अभियान

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    अपराधियों की धरपकड़

    उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

  • पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस प्रशासन पर कॉपी पेस्ट के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के बीच ये कॉपी पेस्ट का कल्चर खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

    मुंबई: गवाहों के बयान और आरोपियों के जवाब एक दूसरे से मेल नही खाते। तब पर भी क्यों न्याय के लिए पीड़ितों को 19 साल का इंतजार करना पड़ा। मुंबई लोकल ट्रेन बम ब्लास्ट के मामले ने सैकड़ों निरपराध लोगों की जान ले ली और प्रशासन लीपा-पोती कर निर्दोष लोगों को जेल में ठूंस दिया। यहां तक कि कईयों को उम्र कैद तो कईयों को फांसी की सजा तक सूना दी गई। लेकिन आखिरकार हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया तब जाकर फैसला सामने आया, कि पुलिस ने आरोप पत्र में गड़बड़ियां की हुई है और गिरफ्तार आरोपियों को सज़ा देने के लिए कोई भी ठोस सबूत नही है।

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    लापरवाह प्रशासन

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाका कोई छोटी मोटी घटना नहीं थी। इस घटना ने पूरे देश को झगझोड कर रख दिया था। लेकिन प्रशासन उन आरोपियों को पकड़ने में नाकाम हो गई और बेगुनाहों को बली का बकरा बना दिया गया। ये कैसी क्रूरता रही की उन निरपराध लोगों को 19 सालों का वनवास काटना पड़ा। इसकी जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि सरकारी पक्ष भी कोर्ट में गलत साबित हुआ।

    कोर्ट में क्या हुआ?

    मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों के इकबालिया बयान में समानता पर गंभीरता से गौर किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के बयान कई आधारों पर अधूरे हैं और सत्यता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार्जशीट में गवाहों के बयान में कॉपी-पेस्ट कल्चर पर चिंता जताते हुए इसे खतरनाक ट्रेंड बताया है। अदालत ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने कहा कि गवाहों और आरोपियों के बयान अधूरे और असत्य पाए गए हैं और इनके कुछ हिस्से एक-दूसरे से हूबहू मिलते हैं, जो कॉपी-पेस्ट कल्चर को दर्शाते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मई और जून के मामलों में गवाहों के बयानों में कॉपी-पेस्ट पर संज्ञान लिया और महाराष्ट्र सरकार से इससे निपटने और इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने को कहा।

    पुलिस प्रशासन का कॉपी पेस्ट

    मई में हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में पुलिस की ओर से अमल में लाए जा रहे एक और खतरनाक कल्चर पर संज्ञान लिया था, जिसमें गंभीर अपराधों में भी गवाहों के बयान कॉपी-पेस्ट किए गए थे। अदालत ने तब कहा था कि गवाहों के बयान में कॉपी पेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आए है। पिछले महीने हाईकोर्ट ने एक अन्य आपराधिक मामले में भी इसी तरह के ट्रेंड पर संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को इससे निपटने का निर्देश दिया था।

    2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चंदक की विशेष पीठ ने कहा कि कई आरोपियों के इकबालिया बयान इस तरह के थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि सवालों के जवाब कॉपी-पेस्ट किए गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

  • Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    मुंबई लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से कसारा जा रही लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद उपाय योजना शुरू .. Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    मुंबई: कासरा जा रही एक लोकल ट्रेन पर भूस्खलन के गंभीर घटना की जानकारी सामने आ रही है। लोकल ट्रेनें मुंबईवासियों की लाईफ़ लाईन मानी जाती हैं। ये मुंबई शहर और उपनगरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लाखों यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में इस समय भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इसलिए इसका सबसे पहला असर लोकल ट्रेनों पर दिख रहा है। फिलहाल, लोकल ट्रेनों के शेड्यूल में किसी खास बदलाव की कोई खबर नहीं है। लेकिन कसारा जा रही एक ट्रेन पर भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भूस्खलन के कारण दो यात्री घायल हो गए हैं।

    बड़ा हादसा

    दिवा हादसे की कड़वी यादें अभी मिटी भी नहीं, कि मुंबई लोकल का एक और गंभीर हादसा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर गिरे भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    एक का पैर गंभीर जख्मी

    बताया जा रहा है कि मुंबई से कसारा जा रही एक लोकल ट्रेन अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री सफर कर रहे थे जिस वक्त ये हादसा हुुआ। बताया जा रहा है कि एक के पैर में गंभीर चोट लगी है। घायलों को इलाज के लिए कसारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    कब की है घटना?

    घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। जब मुंबई से कसारा जा रही ट्रेन कसारा रेलवे स्टेशन पहुँच रही थी। लेकिन कसारा रेलवे स्टेशन के पास एक पहाड़ी पर दरार के कारण लोकल ट्रेन के उपर ही मलबा गिर पड़ा। मौके पर लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री के पैर में गंभीर चोट आई है। लोकल ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी गिर गई। इनमें से कुछ पत्थर और मिट्टी लोकल ट्रेन के दरवाजे से होकर अंदर चली गई।

    मौके पर प्रशासन

    स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना से हड़कंप मच गया है। गनीमत रही कि कोई बड़ा पथराव नहीं हुआ। वरना, कोई बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो सकती थी। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

  • प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    मृतक शख्स का नाम विजय चौहान है। हत्या की आरोपी महिला का नाम गुड़िया चमन चौहान और उसके प्रेमी का नाम मोनू विश्वकर्मा बताया गया है। इस दंपती का एक 8 साल का बेटा भी है। Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    क्या है पूरा मामला?

    बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।

    जमीन की खुदाई में मिला शव

    वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।

    मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़

    यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।