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  • DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    मुंबई एयरपोर्ट से जुड़े 11 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी केस में DRI ने अंबरनाथ के पुजारी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह गोल्ड खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और पैसे हवाला के जरिए भेजता था।

    मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़े गए ₹11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग केस में DRI ने अब एक बड़े खिलाड़ी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह विदेश से आने वाले तस्करों से सोना लेकर उसे ब्लैक मार्केट में बेचता था। इस केस में इससे पहले 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल थे।

    📍 Background: मामला कब और कैसे शुरू हुआ?

    यह पूरा केस पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ जब कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट से 12.5 किलो सोना बरामद किया था। यह सोना कैप्सूल के रूप में काले वेलवेट बैग्स में छिपाया गया था।

    जिन 6 आरोपियों को पहले पकड़ा गया था, उनके नाम:

    • अनिल चव्हाण (29)
    • रोहन चव्हाण (20)
    • विवेक रेवले (36)
    • अरशद शेख (26)
    • अनस पटेल (26)
    • अरबाज तांबोली (21)

    इनमें से तीन आरोपी विदेश से गोल्ड लेकर आते थे और तीन एयरपोर्ट के अंदर काम करके उसे बाहर निकालते थे।

    🧾 अन्ना कैसे फंसा?

    📱 मोबाइल रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल्स ने खोला राज़

    DRI को आरोपी अरशद शेख के फोन से कुछ ऑडियो क्लिप्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स मिलीं। इनमें एक व्यक्ति, जिसे “अन्ना” कहा जा रहा था, को सोना डिलीवर करने की बात हो रही थी।

    कॉल डिटेल्स में देखा गया कि:

    • अन्ना बार-बार तस्करों से संपर्क में था
    • वह कई बार एयरपोर्ट के पास मौजूद पाया गया
    • उसने अपने कॉल और विज़िट का कोई सही कारण नहीं बताया

    💰 ब्लैक मार्केट में बिकता था सोना

    जांच में पता चला कि अन्ना सोना खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और वहां से मिलने वाली रकम को हवाला चैनल्स के जरिए विदेश भेजा जाता था।

    इसी वजह से DRI ने उसे “सिंडिकेट का की-प्लेयर” बताया है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नजवाब
    अन्ना कौन है?अन्ना यानी वीरन मुनुस्वामी, अंबरनाथ का निवासी और इस गोल्ड तस्करी गिरोह का मुख्य खरीदार बताया जा रहा है।
    कितना सोना बरामद हुआ?अब तक लगभग 13 किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹11 करोड़ बताई जा रही है।
    कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?अब तक 7 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं।
    सोना विदेश से कैसे लाया जा रहा था?सोना पाउडर के रूप में कैप्सूल में भरकर यात्रियों द्वारा एयरपोर्ट पर लाया जा रहा था।
  • बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर पैदल मार्ग पर लगाए गए बैरिकेड्स के खिलाफ 2,000 दुकानों ने तीन घंटे का शटर डाउन प्रोटेस्ट किया। व्यापारी कहते हैं कि कारोबार ठप हो रहा है, जबकि ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि भीड़ 60-70% कम हुई है।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर लगाए गए नए बैरिकेड्स को लेकर माहौल गर्म हो गया है। करीब 2,000 दुकानों ने बुधवार सुबह तीन घंटे तक शटर डाउन रखकर बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
    व्यापारियों का आरोप है कि 12 पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहकों तक पहुंच बेहद मुश्किल हो गई है, जबकि पुलिस और बीएमसी का कहना है कि इस फैसले से सड़क पर 60–70% ट्रैफिक कम हुआ है और पब्लिक को सिर्फ कुछ समय एडजस्ट करना होगा।

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    🔹 बैरिकेड्स क्यों लगाए गए?

    पिछले कुछ महीनों से बोरीवली स्टेशन के आसपास ट्रैफिक जाम की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
    ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी ने:

    • जाम्बली गली से लेकर चंदावरकर रोड तक 12 पैदल क्रॉसिंग बंद की
    • स्टेशन के सामने रेलिंग लगाई
    • कई जगह पुलिसकर्मी तैनात किए

    DCP संदीप जाधव के मुताबिक:

    “लोगों को बदलाव की आदत होने में दो-तीन महीने लगेंगे, लेकिन ट्रैफिक में अब 60–70% सुधार हुआ है।”

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    🔹 दुकानदार क्यों नाराज़ हैं?

    इंद्रप्रस्थ और ठक्कर शॉपिंग सेंटर के व्यापारियों का कहना है कि स्टेशन से प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 की एंट्री इन्हीं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से होती है।

    अब ग्राहकों को:

    • 300 मीटर दूर यू-टर्न लेना पड़ता है
    • पार्किंग ढूंढने में ज्यादा समय लग रहा है
    • सीनियर सिटिज़न और महिलाएं परेशान हैं

    Borivali Businessmen Association (BBA) के चेयरमैन ललित जैन ने कहा:

    “40 साल में पहली बार हमें दुकानें बंद करनी पड़ीं। बैरिकेड्स हटने चाहिए, वरना कारोबार डूब जाएगा।”

    🔹 दुकानदारों की मांग

    मांगस्थिति
    सभी क्रॉसिंग फिर से खुलें⛔ प्रशासन ने मना किया
    क्रॉसिंग कम से कम 2 फीट चौड़ी होविचाराधीन
    LT रोड- SV रोड पर दो-तरफा ट्रैफिकनिर्णय बाकी
    अवैध ठेलों पर कार्रवाईजारी
    स्टेशन परिसर हॉकर्स-फ्री ज़ोनआंशिक रूप से लागू
    ऑटो रिक्षा लाइन में अनुशासनपुलिस तैनाती जारी

    🔹 स्थानीय लोगों की राय

    📍 राय इस मामले में दो हिस्सों में बंटी हुई है।

    🚦 ट्रैफिक कम होने से खुश लोग

    • कहते हैं पहले 15–20 मिनट जाम में फंसते थे, अब 5 मिनट में रास्ता साफ।

    🚶‍♂️ पैदल यात्रियों और ग्राहकों की दिक्कत

    • कहते हैं स्टेशन जाना मुश्किल हो गया है, शॉपिंग सेंटर में एंट्री भूल जाएं।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. दुकानदारों ने दुकानें क्यों बंद कीं?

    क्योंकि स्टेशन के बाहर पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।


    Q2. क्या बैरिकेड्स हटाए जाएंगे?

    फिलहाल पुलिस ने साफ किया है कि बैरिकेड्स नहीं हटेंगे, क्योंकि ट्रैफिक में सुधार दिख रहा है।


    Q3. क्या आगे बातचीत होगी?

    व्यापारी संगठन प्रशासन से फिर बैठक की मांग कर रहे हैं।


    Q4. क्या ट्रैफिक सच में कम हुआ?

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार ट्रैफिक 60–70% तक कम हुआ है, लेकिन इसका नुकसान दुकानों को हो रहा है।

  • भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    मुंबई के भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की मौत हो गई। चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि मौत का कारण निमोनिया से हुई सांस की तकलीफ थी, हड्डी फंसने की खबर गलत है।

    मुंबई: भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले बोटेनिकल गार्डन एंड ज़ू में रहने वाले ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की 17 नवंबर 2025 को मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि बाघ (टाइगर) की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, शक्ति की मौत निमोनिया की वजह से हुई सांस की समस्या (Respiratory Failure) के कारण हुई।

    🔹 ‘शक्ति’ की आखिरी स्थिति: डॉक्टर्स ने क्या बताया?

    प्रशासन ने बताया कि:

    • 15 नवंबर को शक्ति ने खाना नहीं खाया था।
    • उसके बाद उसे डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया।
    • 16 नवंबर को उसने थोड़ी मात्रा में चिकन और पानी लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसे उलटी जैसा एहसास (Retching) हुआ।
    • 17 नवंबर को हेल्थ चेकअप के दौरान उसे अचानक दौरे (Convulsions) पड़े और दोपहर 12:15 बजे उसकी मौत हो गई।

    ज़ू अधिकारियों का कहना है कि शक्ति पहले पूरी तरह स्वस्थ था और उसे पहले कभी कोई बड़ा हेल्थ इश्यू नहीं था।

    🔹 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला?

    मुंबई वेटरिनरी कॉलेज की टीम ने उसी दिन पोस्टमॉर्टम किया। शुरुआती रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि शक्ति की मौत:

    👉 Payogranulomatous Pneumonia Resulting in Respiratory Failure
    (यानी गंभीर निमोनिया जिसके कारण सांस की नली बंद हो गई)

    पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट अभी बाकी है।

    🔹 अब चिड़ियाघर में कितने बाघ बचे?

    शक्ति और करिश्मा (मादा बाघ) की जोड़ी फरवरी 2020 में संभाजीनगर ज़ू से मुंबई लाई गई थी।

    शक्ति की मौत के बाद अब चिड़ियाघर में दो बाघ प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं:

    🐅 जय (3 साल)
    🐅 करिश्मा (11.5 साल)

    🔹 गलत खबरों पर ज़ू प्रशासन का बयान

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शक्ति की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन विभाग ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा:

    “बिना जानकारी लिए गलत खबर पब्लिश की गई।”


    ❓ FAQ सेक्शन:

    Q1. क्या शक्ति की मौत हड्डी फंसने के कारण हुई थी?

    नहीं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी खबरें गलत हैं। मौत न्यूमोनिया की वजह से हुई।


    Q2. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया है?

    पहली रिपोर्ट में बताया गया है कि शक्ति की मौत Respiratory Failure due to Pneumonia से हुई।


    Q3. क्या अभी भी चिड़ियाघर में वाघ हैं?

    हाँ, अभी दो वाघ — जय और करिश्मा — प्रदर्शनी के लिए मौजूद हैं।


    Q4. क्या मामले की रिपोर्ट किसी बड़े प्राधिकरण को भेजी गई?

    हाँ, रिपोर्ट Central Zoo Authority और Maharashtra Zoo Authority को भेज दी गई है।

  • जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    मुंबई में एक युवक के जन्मदिन पर उसके ही दोस्तों ने पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। आग मे गंभीर झुलस चुके युवक का इलाज जारी, पांच आरोपी नामजद।

    अहमद शेख
    मुंबई: सांताक्रूज़ पूर्व में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जन्मदिन मनाने के बहाने दोस्तों ने 21 वर्षीय युवक को बुलाकर उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसे युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    केक काटते ही हमला शुरू

    पीड़ित अबुल रहमान मकसूद आलम खान, बीएएफ के दूसरे वर्ष का छात्र है। 24 नवंबर की रात उसके दोस्त अयाज़ मलिक ने आधी रात को केक कटिंग का प्लान बताया। खुशी-खुशी अबुल कोहिनूर फेज-3 सोसायटी के विंग 26 पर पहुंच गया।

    अचानक जैसे ही उसने जन्मदिन का केक काटने के लिए चाकू उठाया, उसके ही पांच दोस्तों —
    अयाज़ मलिक, अशरफ मलिक, कासिम चौधरी, हुसैफा खान और शरीफ शेख — ने उस पर हमला शुरू कर दिया।

    वे उसे पत्थर मारने लगे। इसी दौरान अयाज़ और अशरफ बोतल में लाया गया पेट्रोल उस पर उड़ेलने लगे।

    लाइटर से लगाई आग, दौड़कर बचाई जान

    अबुल गंध सूंघते ही चिल्लाते हुए भागने लगा, पर तभी अयाज़ ने लाइटर जलाकर आग लगा दी।

    कुछ ही सेकंड में उसके कपड़े धधकने लगे।
    वह जान बचाने के लिए पास की बिल्डिंग की ओर दौड़ा।

    गेट पर मौजूद गार्ड से पानी लेकर खुद पर डाला, फिर पास के नल पर जाकर आग बुझाई।

    अस्पताल में भर्ती, शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर जलन

    अबुल के चेहरे, कानों, बालों, छाती, दोनों हाथों और दाएँ हाथ पर गहरी जलन है।
    आरोपियों में से हुसैफा उसे खुद अस्पताल भी लेकर गया।

    पुलिस ने दर्ज किया Attempt to Murder का केस

    वाकोला पुलिस के मुताबिक—

    “आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। हम घटना के असली कारण की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ घटना कहां हुई?
    कोहिनूर फेज-3 सोसायटी, वाकोला, मुंबई में।

    2️⃣ पीड़ित कौन है?
    अबुल रहमान मकसूद आलम खान, 21 वर्ष, BAF छात्र।

    3️⃣ कितने आरोपी हैं?
    पांच नामजद आरोपी: अयाज़, अशरफ, कासिम, हुसैफ़ा और शरीफ।

    4️⃣ क्या मामला दर्ज हो गया है?
    हाँ, हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है।

    5️⃣ क्या पीड़ित की हालत खतरे से बाहर है?
    उसे गंभीर जलन है, इलाज जारी है।

  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।

  • मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में नए कॉन्स्टेबलों की तैनाती शुरू होने के बाद दो साल से तैनात MSSC के 3,000 गार्ड्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। MSSC को 2023 में पुलिस बल की कमी के चलते शामिल किया गया था।

    मुंबई: नए कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति मुंबई पुलिस में शुरू होते ही राज्य गृह विभाग ने महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉरपोरेशन (MSSC) के 3,000 गार्ड्स को चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जुलाई 2023 में मुंबई पुलिस में 7,000 से ज्यादा कॉन्स्टेबलों की कमी को पूरा करने के लिए MSSC गार्ड्स को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। अब ट्रेनिंग पूरी कर चुके नए पुलिस जवान ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं, जिसके बाद MSSC की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

    🔹 2023 में 7,000 से अधिक कॉन्स्टेबलों के पद खाली थे

    कोविड-19 महामारी और बजट संकट के कारण 2019 के बाद से कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही थी। ऐसे में 2023 तक मुंबई पुलिस में 7,076 पद खाली हो गए थे, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 10% था। सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए MSSC के 3,000 गार्ड्स को अस्थायी आधार पर शामिल किया गया

    🔹 नए कॉन्स्टेबल फोर्स में शामिल होना शुरू — MSSC को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

    पहला बैच 700 कॉन्स्टेबलों का हाल ही में ड्यूटी पर शामिल किया जा चुका है।
    अगले तीन बैच हर छह महीने में शामिल होंगे।
    इसी अनुरूप MSSC गार्ड्स को भी चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा।

    🔹 MSSC नियमित सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित, लेकिन सड़कों पर भी तैनाती हुई

    MSSC गार्ड्स मूल रूप से सरकारी कार्यालयों, मेट्रो लाइनों जैसी संरक्षित इमारतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, चौक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात किया गया था।

    🔹 “आउटसोर्सिंग पुलिस” विवाद भी हुआ था

    MSSC गार्ड्स की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर
    पुलिस सेवाओं को आउटसोर्स करने” का आरोप लगाया था,
    जिससे यह मामला राजनीतिक बहस में भी बदल गया था।

    🔹 आर्थिक प्रस्ताव, अंतिम मंज़ूरी अभी बाकी

    गृह विभाग ने वित्त विभाग की उप-समिति को प्रस्ताव भेजा है —

    • 700 MSSC गार्ड्स की सेवा तुरंत समाप्त
    • बाकी 2,300 गार्ड्स को 11 महीने का विस्तार देने का प्रस्ताव

    अंतिम निर्णय गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति लेगी।


    FAQs

    प्रश्नउत्तर
    MSSC गार्ड्स कब से तैनात थे?जुलाई 2023 से, पुलिस बल की कमी पूरी करने के लिए।
    क्या सभी MSSC गार्ड्स को तुरंत हटाया जाएगा?नहीं, बैच-वाइज हटाया जाएगा, जैसे-जैसे नए कॉन्स्टेबल ज्वाइन करेंगे।
    कितने नए कॉन्स्टेबल शामिल हो रहे हैं?पहला बैच 700 शामिल हो चुका है, और कुछ महीनों में तीन बैच और आएंगे।
    MSSC गार्ड्स को वापस क्यों भेजा जा रहा है?क्योंकि अब कॉन्स्टेबल भर्ती पूरी होकर जवान ड्यूटी में आ रहे हैं।
  • BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस की अकेले लड़ने की घोषणा से महाविकास आघाड़ी (MVA) में असहजता बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) की मनसे से नज़दीकी को लेकर कांग्रेस की असहमति सामने आई, जबकि एनसीपी (SP) गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले ने महाविकास आघाड़ी की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना (UBT) की मनसे के साथ बढ़ती राजनीतिक नज़दीकियां उनके उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि शिवसेना (UBT) कांग्रेस से पुनर्विचार की अपील कर रही है, जबकि एनसीपी (शरद पवार) मनसे को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की पक्षधर है। इस राजनीतिक खींचतान ने आगामी मनपा चुनावों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

    कांग्रेस के फैसले से MVA में हलचल

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने साफ कहा है कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इससे MVA में असहजता बढ़ी है, क्योंकि गठबंधन का मकसद भाजपा को रोकना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने से वोटों का बंटवारा होगा, जिससे भाजपा को सीधी बढ़त मिल सकती है।

    मनसे को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता

    कांग्रेस की असहमति की सबसे बड़ी वजह है—
    🔹 शिवसेना (UBT) और मनसे की बढ़ती समीपता
    🔹 उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक का संभावित नुकसान

    कांग्रेस का मानना है कि मनसे के साथ जुड़ाव उसकी विचारधारा के विपरीत है, क्योंकि मनसे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जानी जाती रही है।

    कांग्रेस में भी दो धड़े, राय में मतभेद

    कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आई है।
    एक धड़ा — स्थानीय समीकरण के आधार पर मनसे के साथ गठबंधन का समर्थक
    दूसरा धड़ा — मनसे के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन के खिलाफ

    मुंबई के राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को जल्द स्पष्ट रुख लेना होगा, वरना गैर-मराठी और गैर-हिंदू वोटों का विभाजन भाजपा के लिए रास्ता आसान बना देगा।

    एनसीपी (SP) एकता के पक्ष में

    एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन की मजबूती के लिए MNS को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की वकालत कर रही है। इसी संदर्भ में वर्षा गायकवाड़ की टीम ने शरद पवार से मुलाकात भी की है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर कायम है।

    शिवसेना (UBT) ने किया पुनर्विचार का आग्रह

    उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना कांग्रेस को साथ रखने की कोशिश जारी रखे हुए है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा—
    🔹 “मनसे के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की नाराज़गी व्यक्तिगत मामला हो सकता है।”
    🔹 “जनता चाहती है कि शिवसेना और मनसे साथ आएं।”

    दूसरी ओर, मनसे ने MVA में शामिल होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को “अमीबा” कहा, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए “गिरगिट” जैसी टिप्पणी की।

    बीएमसी चुनाव — बड़ा राजनीतिक समीकरण

    • राज्य की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को
    • बीएमसी के चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना
    • वर्तमान हालात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है
    • कांग्रेस के अकेले उतरने से विपक्ष का वोट बैंक टूट सकता है

    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या कांग्रेस MVA से अलग हो रही है?नहीं, गठबंधन बरकरार है, लेकिन बीएमसी चुनाव कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहती है।
    कांग्रेस मनसे के साथ क्यों नहीं है?कांग्रेस का कहना है कि मनसे के पुराने रुख से उसके परंपरागत वोटरों को नुकसान हो सकता है।
    क्या विपक्षी वोट बंटेंगे?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसले से भाजपा को सीधा लाभ मिल सकता है।
    क्या अंतिम निर्णय बदल सकता है?शिवसेना (UBT) लगातार आग्रह कर रही है, लेकिन इस समय कांग्रेस अपने फैसले पर अडिग है।
  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज पर प्रस्तावित डबल डेकर ब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ा। BMC ने IIT बॉम्बे को नई डिज़ाइन भेजकर तकनीकी मंजूरी मांगी है ताकि मौजूदा फ्लाईओवर तोड़े बिना नया ब्रिज बनाया जा सके। स्थानीय लोगों और नेताओं के विरोध के बाद यह कदम उठाया गया।

    मुंबई: गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज जंक्शन पर बनने वाले डबल डेकर ब्रिज को लेकर BMC ने नया विकल्प पेश करते हुए IIT बॉम्बे से टेक्निकल अप्रूवल मांगा है। यह डिज़ाइन ऐसी है जिसमें मौजूदा फ्लाईओवर को तोड़े बिना माइंडस्पेस–मालाड कनेक्टर को GMLR (गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड) से जोड़ा जा सके। फ्लाईओवर को गिराने के प्रस्ताव का स्थानीय नागरिकों और पक्ष विपक्ष दोनों विधायकों ने कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद BMC ने यह संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

    🔹 BMC ने बदल दिया पूरा प्लान — अब मंजूरी IIT-B के हाथ में

    BMC अधिकारियों के अनुसार पहले योजना थी कि मौजूदा वीर सावरकर फ्लाईओवर को तोड़कर उसके स्थान पर एक ही पियर पर आधारित दो-लेवल वाले डबल डेकर ब्रिज का निर्माण किया जाए।
    लेकिन कड़े विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते अब BMC ने नई डिज़ाइन तैयार करवाई है, जिसमें पुराना फ्लाईओवर बने रहने देगा और उसके साथ अलग पियर पर नया डबल डेकर ब्रिज खड़ा किया जाएगा

    अब यह संशोधित डिजाइन IIT बॉम्बे के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है।

    🔹 BMC की दुविधा — इंजीनियरिंग आसान या जनता की सहूलियत?

    BMC की इंटरनल रिपोर्ट में साफ लिखा है —
    ✔ अगर पुराना फ्लाईओवर हटाया जाए तो निर्माण सीधा और संरचनात्मक रूप से बेहतर होगा।
    ✔ दोनों लेवल एक ही पियर पर टिकेंगे, जिससे जगह बचेगी।

    लेकिन,
    ✘ फ्लाईओवर बचाने पर दो पियर बनेंगे
    ✘ रोड स्पेस कम होगा — सड़क संकरी हो सकती है
    ✘ मोटरिस्ट को भविष्य में ट्रैफिक प्रेशर झेलना पड़ सकता है

    🔹 स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
    ▪ फ्लाईओवर केवल 7 साल पहले ₹27 करोड़ खर्च करके बनाया गया था
    ▪ इसे हटाना जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी होगी
    ▪ गोरेगांव और मालाड में ट्रैफिक का बोझ पहले से भारी है — फ्लाईओवर हटाने से भारी जाम लगेगा

    विरोध की अगुआई कर रहे हैं:
    🟢 बीजेपी MLA विद्या ठाकुर
    🔵 कांग्रेस MLA असलम शेख

    दोनों आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को देखते हुए किसी भी ऐसे कदम के समर्थन में नहीं आना चाहते जिससे जनता नाराज़ हो।

    🔹 काम जारी है — दिंडोशी साइड पर कंस्ट्रक्शन नहीं रुकेगा

    BMC के अनुसार,
    ✔ दिंडोशी साइड पर जहां से नया कनेक्टर GMLR से जुड़ेगा — काम पहले ही शुरू किया जा चुका है
    ✔ वहां पाइलिंग का कार्य चल रहा है
    ✔ यह हिस्सा सावरकर ब्रिज से लगभग 1 किलोमीटर दूर है
    इसलिए फ्लाईओवर रहे या हटे, दिंडोशी वाला काम नहीं रुकेगा।


    FAQ — गोरगांव डबल डेकर ब्रिज विवाद

    प्रश्नउत्तर
    नया प्रोजेक्ट किस कारण विवाद में है?पुराने फ्लाईओवर को तोड़कर नया ब्रिज बनाने की योजना के कारण।
    BMC ने क्या कदम उठाया?संशोधित डिज़ाइन IIT बॉम्बे को तकनीकी जांच के लिए भेजी।
    स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?फ्लाईओवर हटाने से ट्रैफिक बढ़ेगा और करोड़ों का खर्च बर्बाद होगा।
    क्या निर्माण कार्य बंद हो गया है?नहीं, डिंडोशी साइड पर काम जारी है।
    अंतिम निर्णय कौन करेगा?IIT बॉम्बे की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर BMC निर्णय लेगी।