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  • शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला किया गया है। ऐसे में बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 25 मौजूदा और पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी

    इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी

    उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    तीन महीने के भीतर मतभेद

    एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    नगरपालिका चुनाव

    हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

  • ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी के बाद जितेंद्र जनावाले ने भी दिया इस्तीफा, अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप.. (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    नजरअंदाज का आरोप

    जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप

    बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    20 और 25 को होगी ठाकरे गुट की बैठक

    इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

  • Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन

    बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    शेयर बाजार की स्थिति

    मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    लाभार्थियों को सौंपी फ्लैट की चाबी

    इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

  • 3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत। (Father killed 3 month old girl)

    मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। (Father killed 3 month old girl)

    कहां की है घटना?

    पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    घटना की हकीकत क्या है?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)

    डॉक्टरों ने क्या कहा?

    गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

  • Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास…  (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास

    मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा

    मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    इन कामो को किया जाएगा

    • मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
    • पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
    • फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
    • बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
    • पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।

    लेजर लाइट का इस्तेमाल

    मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

  • Mumbai Fire: 11 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 2 महिला की मौत, 2 घायल

    Mumbai Fire: 11 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 2 महिला की मौत, 2 घायल

    Mumbai Fire News: मुंबई फायर ब्रिगेड के अधिकारी के मुताबिक आग की यह घटना मस्जिद बंदर इलाके के पन्न अली मेंशन में हुई है। आग ग्राउंड फ्लोर स्थित बिजली मीटर में लगने के बाद पूरी इमारत में फैल गई। (Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

    Mumbai Fire News Today: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मस्जिद बंदर इलाके में 11 मंजिला पन्न अली मेंशन (Pann Ali Mansion) में आग लगने से 2 महिला धुएं की चपेट में आ गई और उनकी दम घुटने से मौत हो गई। जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। जेजे अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा है। (Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

    इमारत में आग की घटना सुबह 6 बजकर 11 मिनट की है। फायर विभाग के दमकल कर्मियों ने आग पर आधे घंटे में काबू पा लिया, आग लगने की वजह से कई लोग धुएं की चपेट के आ गए। सूत्रों के मुताबिक आग बिजली के तारों में लगी जो कॉमन मीटर बॉक्स से बिजली के इंस्टॉलेशन और ग्राउंड फ्लोर सहित ऊपरी 11 मंजिलों के कॉमन पैसेज में तक फैल गई।(Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

    आग से मचा हड़कंप

    आग लगने के बाद 11 मंजिला इमारत में रहने वालों के बीच हड़कंप मच गया। अफरातफरी की वजह से पहली मंजिल के कॉमन पैसेज में दो महिलाओं के हाथ और पैर में चोट लगी और धुएं के कारण उनका दम घुट गया। दोनों महिलाओं को पुलिस मोबाइल वैन में जे.जे. अस्पताल भर्ती कराया गया। (Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

    किसकी हुई मौत और कौन हुआ घायल ?

    मुंबई के पन्न अली मेंशन की छठी मंजिल और आठवीं मंजिल पर एक-एक महिला का धुएं के कारण दम घुटने के बाद निजी एम्बुलेंस से जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दम घुटने से मरने वाली दो महिलाओं में से एक का नाम 30 साल की साजिया आलम शेख और दूसरी का नाम 42 वर्षीय सबीला खातून शेख बताया जा रहा है जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। आग की इसी घटना में 20 साल के करीम शेख और 22 साल की महिला शाहीन शेख बुरी तरह से घायल हो गए है। दोनों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां दोनों के हालत स्थिर बताए जा रहे है। (Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

    मुंबई फायर विभाग के एक अधिकारी ने इस घटना को लेकर बताया कि आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित बिजली मीटर और तारों में लगी थी। आग लगने से हुए धुएं के कारण इमारत में रहने वालों का दम घुटने लगा और भगदड़ मच गई। आग लगने की मुख्य वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। (Mumbai Fire Massive fire breaks out in 11-storey building, 2 women dead, 2 injured)

  • Mumbai Bank Fraud: ईडी का 12 ठिकानों पर छापामारी, बैंक से धोखाधड़ी का पर्दाफाश

    Mumbai Bank Fraud: ईडी का 12 ठिकानों पर छापामारी, बैंक से धोखाधड़ी का पर्दाफाश

    Money Laundering Case: ED ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) धोखाधड़ी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। जहां से अहम दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के सबूत जब्त किए गए। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

    ED Raid In Mumbai: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये कार्रवाई रियाल्टो एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और बाकी के खिलाफ न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के साथ धोखाधड़ी के मामले में की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिनमें अचल संपत्ती और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां शामिल है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

    ED को जानकारी मिली थी कि ये कंपनियां और आरोपी मिलकर कई बैंकों से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कर्ज ले रहे थे और फिर धनराशि को अलग-अलग कंपनियों और खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस घोटाले में कुछ बैंक अधिकारियों की भी संलिप्तत होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

    छापेमारी मैं क्या मिला ?

    ED की टीम ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जुटाए हैं जिनमें बड़ी धनराशि, संपत्तियों के डॉक्यूमेंट्स और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

    घोटाले के मामलों में इजाफा

    देश में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे मामलों के बाद भी कई कंपनियां और कारोबारी बैंकों से लोन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करने में कामयाब हो रहे हैं। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार इन पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। तब पर भी बैंक से धोखाधड़ी के मामले कम नही हो रहे हैं। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

    आरोपियों की गिरफ्तारी

    ED के अधिकारी इस घोटाले में शामिल सभी बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके तहत आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। साथ ही संबंधित कंपनियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई से बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जा रहा है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)

  • मुम्बई की एक बैंक ने की 122 करोड़ रुपये की हेराफेरी, पुलिस में मामला दर्ज, RBI का एक्शन

    मुम्बई की एक बैंक ने की 122 करोड़ रुपये की हेराफेरी, पुलिस में मामला दर्ज, RBI का एक्शन

    मुम्बई की एक बैंक के के खिलाफ पुलिस ने 122 करोड़ रुपये की हेरा-फेरी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता ने इस घोटाले को अंजाम दिया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    मुम्बई: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) में 122 करोड़ रुपये का घोटाला लोगों को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खबर के मुताबिक, हितेश प्रवीणचंद मेहता ने 2020 से 2025 तक अपने पद पर रहते हुए पैसों की हेराफेरी की है। जबकि, मेहता के पास दादर और गोरेगांव की ब्रांच का प्रबंधन का काम था। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    किसने की शिकायत?

    न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के चीफ अकाउंट ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में मेहता के दोस्त भी शामिल हैं। इसलिए पूरे मामले की जांच मुम्बई पुलिस के ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    आरबीआई का एक्शन

    शिकायतों और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बैंक पर कड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को आरबीआई ने इस बैंक पर बिना सेंट्रल बैंक की मंजूरी के लोन देने या फिर उसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। साथ ही नई जमाराशि को जमा करना या फिर भुगतान करने पर भी आरबीआई ने बैन लगाया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    एक दिन बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटाने का फैसला किया। वहीं, बैंक के संचालन का जिम्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व महाप्रबंधक श्रीकांत को सौंपा है। इनकी मदद के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमेटी बनाई है। जिसमें एसबीआई के पूर्व एमडी रवींद्र सपरा और चार्टेड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख शामिल हैं। बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा, कि बैंक का प्रशासन मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से हस्ताक्षेप करना पड़ा है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

  • अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 25 हफ्ते बाद भी एक गर्भवती महिला को अपने पसंदीदा नीजी अस्पताल में गर्भपात की मंजूरी दे दी है। हालांकि MTP कानून इसकी इजाजत नहीं देता। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक 35 वर्षीय महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) नियमों में कुछ तकनीकीताओं के बावजूद अपनी 25-सप्ताह की गर्भावस्था को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में समाप्त करने की अनुमति दे दी, जो निजी संस्थानों को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भधारण के लिए ऐसी प्रक्रियाएं करने से रोकता है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    भ्रूण के दिल की धड़कन

    महिला मुंबई के मालाड इलाके में अपने चुने हुए निजी अस्पताल में गर्भपात कराना चाहती थी, और उसने गर्भपात के तरीकों के संबंध में केंद्र द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए प्रक्रिया करने वाले एक डॉक्टर से अनुमति मांगी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के इन दिशानिर्देशों को अपनाया है और ऐसी स्थिति में भ्रूण की दिल की धड़कन को रोकने का प्रावधान किया है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने निजी अस्पतालों से जुड़े एमटीपी नियमों के कानूनी मुद्दे पर विचार किया। हालांकि, इमर्जेंसी को देखते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ता को निजी अस्पताल से एक हलफनामा प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया हो कि उनके पास प्रक्रिया करने के लिए सभी सुविधाएं हैं। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    MTP नियम क्या कहता है?

    वर्तमान एमटीपी नियम निजी संस्थानों को केवल 24 सप्ताह तक के गर्भपात करने की अनुमति देता है। नियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निजी अस्पतालों को 24-सप्ताह की सीमा से ज्यादा वाले गर्भ को समाप्त करने के लिए मंजूरी लेने की अनुमति देता हो, इस वजह से याचिकाकर्ता अपनी पसंद के अस्पताल में गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित करने में असमर्थ हो गई थी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    गर्भवती की जान बचाना जरूरी

    याचिकाकर्ता के वकील, मीनाज़ काकालिया ने तर्क दिया कि महिला को अस्पताल चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन बिंदुओं के अनुसार अपनी पसंद की गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भपात से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन बिंदु का उल्लेख किया, जो भ्रूण को जीवित प्रसव से बचाने के लिए यदि आवश्यक हो तो भ्रूण के दिल की धड़कन को रोकने की अनुमति देता है। काकालिया ने आगे बताया, कि “यह प्रक्रिया ऑपरेशन गर्भपात प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने अनुरोध किया, कि “अदालत निजी चिकित्सा व्यवसायी को इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अनुमति दे।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    सरकारी सर जे जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के एक मेडिकल बोर्ड ने महिला के मामले की समीक्षा की थी और पाया था कि भ्रूण कुछ विसंगतियों से ग्रस्त था। अभी के लिए, अस्पताल के हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास गर्भपात के लिए आवश्यक मंजूरी है और उनके पास आक्रामक प्रक्रियाओं सहित सोनोग्राफी करने के लिए सभी सुविधाएं हैं, और उन्हें एमटीपी नियमों के अनुसार पूर्व-गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंस प्राप्त है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    कोर्ट ने क्या कहा?

    पीठ ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता की प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और पसंद के अधिकार, याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों और राय पर विचार करने के बाद, हम याचिकाकर्ता को गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति देते हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी इच्छा का संकेत दिया है कि प्रसव प्रक्रिया आदि उसकी अपनी पसंद के अस्पताल में की जाएगी। हम उसे ऐसा करने की अनुमति देते हैं।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    पीठ ने कहा कि वह एमटीपी नियमों में खामियों से संबंधित काकालिया द्वारा उठाए गए बड़े मुद्दे को बाद की तारीख में विचार के लिए खुला छोड़ देगी और सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

  • New India Co-operative Bank के बोर्ड को RBI ने किया भंग

    New India Co-operative Bank के बोर्ड को RBI ने किया भंग

    NEW INDIA COOPERATIVE BANK: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई स्थित न्यू इंडिया को-ऑप बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया है। (RBI dissolved the board of New India Co-operative Bank)

    मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RESERVE BANK OF INDIA) ने 13 फरवरी से न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक मंडल को 12 महीने के लिए भंग कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने इस अवधि के बीच बैंक के मैनेजमेंट के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को प्रशासक नियुक्त किया है। (RBI dissolved the board of New India Co-operative Bank)

    आरबीआई का एक्शन

    मुम्बई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगाने के बाद आरबीआई ने गुरुवार को खराब प्रशासनिक मानकों का हवाला देते हुए इसके बोर्ड को भंग कर दिया है। आरबीआई के प्रतिबंधों के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में बैंक ग्राहक इसकी शाखाओं में एकत्र हुए, जिसमें नए लोन जारी करने पर रोक और छह महीने के लिए जमा निकासी पर रोक शामिल थी। बैंक की 28 शाखाएं हैं, जिनमें से अधिकांश मुम्बई क्षेत्र में स्थित हैं। (RBI dissolved the board of New India Co-operative Bank)

    RBI का बयान

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बयान में कहा कि उसने भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को बैंक के मामलों में प्रबंधन के लिए ‘प्रशासक’ के तौर पर नियुक्त कर दिया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक, मुम्बई के निदेशक मंडल को 12 महीने के लिए हटा दिया है। (RBI dissolved the board of New India Co-operative Bank)

    आरबीआई ने प्रशासक को सहायता के लिए एक ‘सलाहकारों की समिति’ भी नियुक्त की है। सलाहकार समिति के सदस्य रविन्द्र सपरा (पूर्व महाप्रबंधक, एसबीआई) और अभिजीत देशमुख (चार्टर्ड एकाउंटेंट) हैं। (RBI dissolved the board of New India Co-operative Bank)