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  • मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया। उन्होंने इस मौके पर रेलवे स्टेशनों से लेकर सरकारी अस्पतालों और कोली समाज के लोगों के लिए वर्क शॉप और उसके साथ एलआईसी प्रशिक्षण पर जोर दिया। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बीएमसी हेड क्वाटर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए उत्तर मुंबई के सार्वजनिक निर्माण कार्यों जानकारी दी। मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबईकरों की सेवा के लिए डबल इंजन सरकार तो पहले से ही काम कर रही है, लेकिन अब नए साल से नई ट्रिपल इंजन की सरकार काम करे, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    उत्तर मुंबई से सांसद पीयूष गोयल ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि काम तीन गुना ज्यादा तेजी और मेहनत से हो, जिससे तीन गुना ज्यादा परिणाम आ सके और तीन गुना लोगों के जीवन पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    नवी मुंबई से बोरीवली तक का सफर

    पीयूष गोयल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर सहित सभी चार रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत काम शुरू हो जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक दृष्टि से स्टेशन का निरंतर विकास करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले साल बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार की घोषणा की थी। इससे नवी मुंबई से उत्तरी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    60 हजार करोड़ का खर्च

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने संकल्प लिया था कि उत्तर मुंबई को उत्तम मुंबई बनाकर रहेंगे, जो पीएम मोदी के सपने का एक हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसी दिशा में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस चर्चा की यह तीसरी बैठक है। 60 हजार करोड़ का खर्चा मुंबई को बेहतर बनाने के लिए होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जल्दी ही पूरा होने जा रहा है इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    झुग्गी बस्तियों का होगा काया कल्प

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के शहरी परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदलने के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। गोयल ने पिछले साल उत्तर मुंबई से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कहा, इस साल हमारे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई बड़ी योजनाएं हैं। हम देख रहे हैं कि हम कितनी जल्दी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्के मकान उपलब्ध करा सकते हैं। यह एक ऐसी परियोजना है जिस पर काम जारी है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    पर्यटन को बढ़ावा, स्किल यूनिवर्सिटी का निर्माण

    गोयल ने कहा कि वह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि एक तरफ यहां संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है और दूसरी तरफ खूबसूरत समुंदर फैला हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि मगाठाणे का रोड तैयार है, बस थोड़ा काम बाकी है। साथ ही भगवती, भंसाली, और शताब्दी इन तीनों सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाने का काम होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैंने मालाड के लोगों से चुनाव के समय वादा किया था, कि एक बड़ा स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाएंगे। इसके लिए वहां अब हम एक स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम

    उन्होंने कहा कि मालाड रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बीमा सखी योजना को अब एक सेंटर तक सीमित नही रखकर, 40 स्थानों पर एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा, दहिसर, बोरिवली, मालाड के कोली समाज के लोगों के लिए भी वर्कशॉप कराया जाएगा, ताकि उनकी भी आमदनी बढ़े। वहीं बीएमसी चुनाव पर गोयल ने कहा कि यह चुनाव हम भारी बहुमत से जीत कर आएंगे और लोगों की सेवा करेंगे।(There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

  • Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है। हर बार मनपा के सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुंबईकरो पर एक और अतिरिक्त कचरा टैक्स का बोझ डालने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा मुंबईकरों पर नया टैक्स लगाने का विरोध कर रही है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    इस्माईल शेख
    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (Mumbai BMC)  द्वारा मुंबईकरों पर कचरा शुल्क के रूप में न्यूनतम 100 रूपए से लेकर 1 हजार रुपये तक का टैक्स वसूलने का निणर्य लिया है। मनपा लोगों से घरो के क्षेत्रफल के अनुसार कचरा टैक्स (Garbage tax) लेने के निणर्य पर विचार कर रही है। मनपा के इस निणर्य पर भाजपा की ओर से मनपा नेता (BMC Leader) रहे विनोद मिश्रा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि “मनपा लोगो को अच्छी तरह से साफ़ सफाई की सुविधा नहीं दे पा रही है। हर बार मनपा का सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है।” इसी कड़ी में मनपा के निर्णय को लेकर शिवसेना नेता और पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्या है मामला?

    मिल रही जानकारी के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कचरे का निपटारा करने में बढ़ते खर्च और मुंबई के लोगों को साफ़ सफाई की अच्छी सुविधा देने के नाम पर मुंबई के लोगो पर अतिरिक्त कचरा टैक्स लगाने का निणर्य लिया है। मनपा के इस निणर्य का भाजपा के नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि मुंबईकरो पर एक नया टैक्स लगाने का निणर्य कम से कम इस समय नही लिया जाना चाहिए। जबकि इस समय मनपा में निर्वाचित प्रतिनिधि है ही नही। शहर में चुनाव होने अभी बाकी है और चुनावी नतीजों के बाद ही मनपा प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। जनप्रतिनिधि को सुनने के बाद ही मनपा को फैसला करना चाहिए। नही तो ये मुंबईकरो के खिलाफ होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्यों हो रहा है मनपा का विरोध?

    विनोद मिश्रा ने कहा, मनपा में आने वाले नए अधिकारी नया नया प्रयोग करते है। अधिकारी मनपा को अपनी पाठशाला बना लेते है। मुबंई का सफाई का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। मनपा सिर्फ ठेकेदारों में बंध कर रह गई है। उन्होंने कचरा टैक्स लगाए जाने का विरोध करते हुए मनपा को कचरा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को दूर कर अपना पैसा बचाने पर जोर देना को कहा है। उन्होंने कहा, मुबंई की जनता पर टैक्स का नया बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। मनपा के पूर्व विरोधी नेता रहे भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष रविराजा ने मनपा द्वारा कचरे पर टैक्स लगाए जाने के समय को लेकर विरोध जताया है। रविराजा ने कहा कि मनपा में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है ऐसे में इस तरह का निणर्य लेना उचित नहीं होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

  • बालासाहेब ठाकरे जैसी वेशभूषा वाला शख्स कर रहा बीजेपी का प्रचार

    बालासाहेब ठाकरे जैसी वेशभूषा वाला शख्स कर रहा बीजेपी का प्रचार

    मुंबई के अंधेरी इलाके मे बालासाहेब ठाकरे जैसी वेशभूषा वाला शख्स बीजेपी के चुनाव प्रचार रैली में भाजपा का प्रचार करता हुआ देखा गया। इसके बाद से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता आपत्ति जता रहे हैं। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए सभी राजनैतिक दल ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है। सभी राजनैतिक पार्टियां लोगों को लुभावने वादों के साथ-साथ चुनाव प्रचार के लिए अलग-अलग तरीके भी अपना रहे हैं । इसी बीच शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने भाजपा के चुनावी उम्मीदवारों द्वारा बालासाहेब ठाकरे की वेशभूषा वाले व्यक्ति को प्रचार के लिए इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है। चुनाव प्रचार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बालासाहेब ठाकरे और बाबासाहेब आंबेडकर के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की वेशभूषा में लोग नजर आ रहे हैं। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

    वीडियो में बीजेपी उम्मीदवार भी नजर आए

    वीडियो में बालासाहेब ठाकरे की वेशभूषा में दिखाई देने वाला शख्स हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन करता हुआ दिखाई दे रहा है। उनके पीछे छत्रपति शिवाजी महाराज की वेशभूषा पहने हुए शख्स मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन कर रहा है। इस मौके पर डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर भी नजर आए। सभी के ऊपर फूलों की वर्षा की जा रही थी। वीडियो में बीजेपी उम्मीदवार अमित साटम भी नजर आए, जिसके बाद उद्धव गुट ने आपत्ति जताते हुए, इस तरह के चुनाव प्रचार नहीं करने की बात कही है। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

    आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

    वरली सीट से उद्धव गुट के उम्मीदवार आदित्य ठाकरे ने भाजपा की तरफ से इस प्रचार को कथित विभाजनकारी रणनीति बताया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह भाजपा की नीति है कि वो लोगो को बांटते हैं और लूटते हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट ने ये तय किया है कि यहां जाति और धर्म को लेकर विवाद नहीं होने देंगे। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

    भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है बीजेपी

    सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले वीडियो में अंधेरी वेस्ट से भाजपा उम्मीदवार अमित साटम के नजर आने के बाद यूबीटी के नेताओं ने उनपर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि साटम ने महान नेताओं को प्रचार के लिए इस्तेमाल करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद उद्धव गुट ने चुनावी प्रचार पर नाराजगी जाहिर की है। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

    कब पूरा हो रहा महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल?

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की 288 सीटों के लिए 20 नवंबर को चुनाव होने हैं। वोटिंग के बाद 23 नवबर को वोटों की गिनती की जाएगी। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। यहां पर मुकाबला त्रिकोणीय है। यहां महाविका आधाडी में कांग्रेस और महायुति में बीजेपी की सबसे ज्यादा सीटों पर प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)

  • गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दिया है। महायुति गठबंधन में और पार्टीयों से आए नेताओं के अलावा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ही निशाना बना दिया। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    न्यूज़ डेस्क
    ठाणे-
    मुंबई से सटे ठाणे जिले का उल्हासनगर विधानसभा सीट महायुति गठबंधन के लिए राजनैतिक खलबली का विषय बन गया है। यहां भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने ही महायुति गठबंधन में शामिल दलों और पार्टी में बाहर से आए नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ ही जहर उगल दिया। इसके बाद से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण मामला बिगड़ते देख रामचंदानी ने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    चुनावी सभा में हंगामा

    उल्हासनगर में एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दिए बयान के बाद से महाराष्ट्र की सियासत गर्म हो गई है। दरअसल, उल्हासनगर से भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने कहा, कि “जिन्हें गद्दार कहा जाता है वह मुख्यमंत्री बन जाते हैं और भाजपा में आकर सब खुद्दार हो जाते हैं। बदलते समय के साथ राजनीति की परिभाषा बदल गई है।” भाजपा जिला अध्यक्ष के इस बयान से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    माहौल बिगड़ता देख लिया यू टर्न

    हालांकि, जिला अध्यक्ष के विवादित बयान के बाद से भाजपा के बड़े नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, बयान के बाद माहौल गर्म होता देख भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। बता दें कि उल्हासनगर विधानसभा सीट पर कुमार आयलानी को महायुति की ओर से चुनावी उम्मीदवार की घोषणा की गई है।मौजूदा समय में यहां से कुमार आयलानी विधायक भी है। शनिवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के मद्देनजर भाजपा की ओर से एक सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने विवादित बयान दिया। इसके बाद से यहां माहौल गर्म हो गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कब होगा चुनाव ?

    महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए राज्य में एक ही बार 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 23 नवंबर को चुनाव आयोग परिणाम घोषित करेगा। चुनाव आयोग ने इस बार एक ही टप्पे में चुनाव कार्य निपटाने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का दावा है कि इस बार उनकी सरकार बन रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे (Shivsena) अजित पवार गुट (NCP)और भाजपा (BJP) की महायुति गठबंधन का दावा है कि दूसरी बार भी उनकी ही सरकार बनेगी। हालांकि पिछ्ली बार महाविकास अघाडी गठबंधन को ही जीत मिली थी। बाद में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़ कर भाजपा ने सरकार बना ली। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कौन है गद्दार ?

    हालांकि की शिवसैनकों को तोड़कर सरकार गिराने वाले एकनाथ शिंदे को गद्दार कहा जा रहा था। लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़कर आए अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल एक बार फिर महाविकास अघाडी गठबंधन में शामिल काग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी और अन्य सहयोगी दल महाराष्ट्र में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 23 नवंबर के बाद ही इसके परिणाम सामने आएंगे। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

  • महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    Election Survey: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 पर इलेक्टोरल एज का प्री पोल सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। सर्वे में महाविकास अघाडी गठबंधन को बढ़त मिलता दिख रहा है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 के लिए महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति की गठबंधन पार्टियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से प्रचार अभियान की शुरुआत हो चुका है। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनैतिक पार्टियों ने अपने दिग्गज नेताओं का बड़े-बड़े कार्यभार सौंप दिए हैं। इस बीच एक ऐसा सर्वे सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र में महाविकास अघाडी गठबंधन (MVA) को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। इलेक्टोरल एज प्री पोल सर्वे के अनुसार राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से महाविकास अघाडी गठबंधन को 157 सीटें मिल सकती है। खासकर इसमें कांग्रेस पार्टी एक बड़ी राजनैतिक दल के रूप में उभर कर सामने आ रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    सर्वे की मानें तो महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है, जिसे 68 सीट मिलने का अनुमान है। इसके अलावा शरद पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 44, उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना (UBT) को 41, समाजवादी पार्टी को 1, सीपीआईएम को 1 और PWP को 2 सीटें मिल सकती है। इसके अलावा शिवसेना (UBT) के नेता महाविकास अघाडी गठबंधन की ओर से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बताते हैं। सर्वे में कांग्रेस अगर सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो फिर सीएम पद को लेकर खींचतान देखने को मिल सकता है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    2019 के चुनाव में क्या हुआ?

    2019 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय कांग्रेस को 44 सीटें मिली थी। सर्वे की मानें तो इस बार कांग्रेस की सीटों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। 2019 में शिवसेना एक ही थी। लेकिन अब दो हिस्सों में बंट गई है। तब एक ही पार्टी हुआ करती थी, जिसके कर्ताधर्ता उद्धव ठाकरे थे और पिछले विधानसभा चुनाव में शिवसेना को 56 सीटें मिले थे। यहीं हाल एनसीपी का भी है। 2019 में जब शरद पवार और अजित पवार साथ थे तो एनसीपी को 54 सीटें मिली थी, लेकिन अब दोनों पार्टियां दो टुकड़ों मे बंट चुकी हैं। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    बनेगी महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार

    सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र में महायुति को मात्र 117 सीटें मिल सकती है, जिसमें से सबसे अधिक बीजेपी 79 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट को 23 सीटें मिलने का अनुमान है। अजित पवार गुट के एनसीपी को 14 सीटें मिलेंगी, RYSP को एक सीट और अन्य को 14 सीटें मिल सकती है। ऐसे मे साफ है कि महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार फिर से महाराष्ट्र मे सत्ता स्थापित करने जा रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

  • राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राज को देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई उपाध्यक्ष का पद देकर सम्मानित किया। मुंबई के सायन कोलीवाडा से टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज़ चल रहे थे। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राजा अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार की मौजूदगी में पार्टी प्रवेश किया। रवि राज पिछले 44 वर्षों से कांग्रेसी नेता के रूप में काम कर रहे थे। इस बार चुनावी टिकट को लेकर मन मुटाव के बीच रवि राज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    कांग्रेस पार्टी से नाराज

    इसके पहले रवि राज राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मिलकर भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। कांग्रेस से इस्तीफे के बाद तुरंत भारतीय जनता पार्टी ने अपना मंच साझा करते हुए रवि राजा को मुंबई भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। राजा सायन कोलीवाड़ा विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज थे। वह इस बात से भी परेशान थे कि कांग्रेस ने मुंबई के विकास में उनके काम और योगदान को मान्यता नहीं दी और न ही उसकी सराहना की। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    महायुति की BMC पर नजर

    रवि राजा ने अपना इस्तीफा सीधे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा। कांग्रेस पार्टी ने सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से गणेश यादव को चुनावी मैदान में उतारा है।राजा का यह फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा नुकसान और भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह ऐसे समय में हुआ, जब महायुति मुंबई में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने और महा विकास अघाड़ी को हराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुंबई में 36 विधानसभा सीटों पर महायुति और महाविकास अघाडी गठबंधन वाले दलों के बीच घमासान युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच अपक्ष उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। महायुति बीएमसी पर नजर रखते हुए अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए काफी उत्सुक है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    भाजपा को होगा लाभ

    उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में पांच बार पार्षद (नगरसेवक) रहे राजा का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि मुंबई की राजनीति में उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी को इससे बहुत लाभ होगा। राजा एक अनुभवी पार्षद (Councilor) हैं। वह 23 वर्षों से अधिक समय से बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन निगम (BEST) के सदस्य रहे हैं। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    और भी दलों के नेता भाजपा में शामिल होंगे

    उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न दलों के और भी नेता भाजपा में शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं रवि राजा ने कहा, “मैंने 44 साल बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मैं भारतीय जनता पार्टी मे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। यह पहले से तय है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और राज्य में महायुति सरकार के काम को देखते हुए महायुति सरकार फिर से सत्ता में आएगी।” राजा ने कहा कि सायन कोलीवाड़ा से भाजपा उम्मीदवार तमिल सेल्वन की जीत निश्चित है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/28/electoral-bond-bag
    Indian Fasttrack News Network

    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • ठंडे पड़ गये हैं भारतीय जनता पार्टी के नेता

    ठंडे पड़ गये हैं भारतीय जनता पार्टी के नेता

    • भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनावी समर भूमि में ठंडे पड़ गए हैं..
    • बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पार्टी की नीतियों का हो रहा है खामियाजा..

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बड़ा शोर है भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का लेकिन मोदी को छोड़कर एक भी चुनावी समर भूमि में सक्रिय नेता नहीं है। सबसे बड़ी 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव प्रचार में दूर दूर तक नजर नहीं आते। सबसे बड़ा हिंदुत्व चेहरा हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनकी देश में बड़ी मांग है, लेकिन मोदी की तरह वे कहीं भी चुनावी मूड में नहीं दिखते।

    भारतीय जनता पार्टी का युपी में चुनाव प्रचार

    दो दो डिप्टी सीएम हैं जो अपनी खोल से अभी बाहर ही नहीं निकल सके हैं। प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी कहीं नमूदार नहीं हो रहे। बड़े जोर शोर से ढिंढोरा पिटा गया था, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी का। उन्हें गाजे बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में लाया गया। यह सोचकर कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी की सारी सीटें बिना प्रचार किए भारतीय जनता पार्टी की झोली में आ गिरेंगी। परंतु अभी भी जयंत चौधरी पशोपेश में हैं। किसान बिरादरी उनके बीजेपी में जाने पर उनसे दूरी बना ली है। अब वे किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की तरह किसानों के नेता नहीं रह गए हैं। बिना संख्या बल के वे भारतीय जनता पार्टी को कितनी सीटें दिलाएंगे खुद समझ नहीं पा रहे। चुनाव प्रचार तो बड़ी दूर की कौड़ी है उनके लिए। हालत यह हो गई है, “आधी छोड़ सारी को धावे। आधी मिले न सारी पावे।”

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    तुरूप का इक्का ..

    भारतीय जनता पार्टी के साथी अनुप्रिया पटेल और बड़बोले अस्तित्वहीन ओमप्रकाश राजभर जिनकी अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सरकार में ताजपोशी कराई है। छवि बेहद खराब होने से जनता उनसे कन्नी काटने लगी है। मेनका गांधी और संतोष गंगवार यूपी के आठ आठ बार सांसद रहे हैं। लेकिन उनके टिकट ही पक्के नहीं हुए हैं। करें भी तो क्या? टिकट मिलेगा या नहीं? कहा भी नहीं जा सकता। तुरूप का इक्का होने से रहे।

    भारतीय जनता पार्टी,

    बिहार की संसदीय गठबंधन ..

    सांसदों के लिहाज से बिहार में 40 सीटें होने से बिहार का बड़ा महत्त्व है। वहां गठबंधन तुड़ाकर नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी अपने पाले में भले ले आई है लेकिन जनता में उनकी पलटू चाचा की छवि बनने से उनकी खुद की छवि को बड़ा धक्का लगा है। जनता में उनकी पूछ नहीं रही। सुशील मोदी ज़रूर बड़ा चेहरा बने थे, लेकिन वे कहीं चुनाव प्रचार करते नहीं दिखते। राजीव प्रसाद रूडी का कहीं अता पता नहीं है। हरदम मोदी नाम की माला जपने और विपक्षी दलों को बुरा भला कहने वाले रवि शंकर प्रसाद नदारत हैं। उनके अलावा सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और चौबे सांसद रहे हैं। बड़बोले भी लेकिन चुनाव प्रचार में वे दोनो दूर दूर तक नजर नहीं आते। गिरिराज सिंह का हाल यह है, कि उनकी भारतीय जनता पार्टी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर उन्हें क्षेत्र में आने ही नहीं दिया।

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    महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार ..

    सीट के लिहाज से महाराष्ट्र 48 सीटों वाला बड़ा महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहां के सबसे बड़े नेता हैं नितिन गडकरी जो भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं। मुमकिन नहीं कि वे चुनाव प्रचार करेंगे। शिवसेना और राकांपा तोड़कर शिंदे और अजीत पवार के साथी छगन भुजबल, पटेल आदि पर खुद भारतीय जनता पार्टी ने हजारों करोड़ के घोटाले का मामला उठाकर उन्हें अपने साथ लाकर सरकार तो बना ली लेकिन महाराष्ट्र की जनता उन्हें गद्दार कहकर नफरत करती है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। उस चुनाव को याद कर ही सिहरने वाले ये नेता चुनाव प्रचार की हिम्मत भला कैसे दिखाएंगे? अपने ही बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री का कद छोटा कर डिप्टी सी एम बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी उनसे चुनाव में कोई उम्मीद कैसे कर सकती है।