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  • गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

    सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
    हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

    परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

    विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
    “वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

    डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

    इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

    भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
    अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    परिजन अब

    • ट्रस्ट
    • एनजीओ
    • राजनीतिक प्रतिनिधियों
      से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

    FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

    योगेश महात्रे का आरोप है कि

    • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
    • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

    उन्होंने कहा,
    “अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

    परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

    रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

    इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

    उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
    “हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

    डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

    लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

    • लिफ्ट मेंटेनेंस
    • नियमित जांच
    • जवाबदेही
      जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
    👉 दो युवक घायल हुए थे।

    Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
    👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

    Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
    👉 ₹13 लाख से अधिक।

    Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
    👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

    Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
    👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।

  • जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में स्थित 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग ‘JNS बिज़नेस सेंटर’ में गुरुवार सुबह आग लग गई। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    मुंबई: जोगेश्वरी (पश्चिम) में गुरुवार सुबह एक 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की लपटें 9वें से 12वें माले तक फैल गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियां पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
    सौभाग्य से इस हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

    🏢 JNS बिज़नेस सेंटर में लगी आग

    यह घटना जोगेश्वरी पश्चिम के एस.वी. रोड, बेहरामपाड़ा स्थित JNS बिज़नेस सेंटर की है, जो गांधी स्कूल के पास स्थित है।
    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के अनुसार आग की सूचना सुबह 10:51 बजे मिली थी।
    लपटें बिल्डिंग के 9वें से 12वें माले तक पहुंच चुकी थीं और कांच की दीवारों से आग साफ़ दिखाई दे रही थी।

    🚨 फायर ब्रिगेड ने बढ़ाया अलर्ट लेवल

    दमकल विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 10:46 बजे लेवल-1 अलर्ट से शुरू किया और कुछ ही मिनटों में इसे लेवल-3 तक बढ़ा दिया।
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में कई फायर स्टेशन अधिकारी, डिप्टी सीएफओ, असिस्टेंट डीएफओ और दर्जनों दमकलकर्मी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।

    घटना स्थल पर पहुंचे फायर इंजन, टैंकर, क्विक रेस्क्यू व्हीकल, जेट टेंडर, एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और 108 एम्बुलेंस सेवाएं तैनात की गईं।
    सभी फायर कर्मियों ने ब्रिदिंग अपरेटस (BA सेट) के साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    🧯 कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू

    कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
    फायर डिपार्टमेंट के अनुसार किसी के घायल या झुलसने की जानकारी नहीं मिली है।
    हालांकि, इमारत के ऊपरी हिस्से में कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है।
    आग लगने के कारणों की जांच बीएमसी और फायर ब्रिगेड की टीम कर रही है।

    🔥 मालाड और बोरिवली में भी लगी आग

    बुधवार सुबह मालाड पश्चिम के लिंक रोड स्थित ‘भूमि क्लासिक’ नामक सात मंजिला रिहायशी इमारत में भी आग लगी थी।
    यह घटना सुबह 5:06 बजे हुई, जिसमें छठे और सातवें माले के फ्लैट्स जलकर खाक हो गए।
    इस हादसे में 24 वर्षीय निवासी शुभम अघोटारिया और एक दमकलकर्मी को मामूली चोटें आईं।
    दोनों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    उसी दिन बोरिवली (गोराई इलाके) में भी दोपहर को आग लगने की घटना सामने आई, लेकिन इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

    🧩 शहर में बढ़ती आग की घटनाएं

    पिछले कुछ महीनों में मुंबई में इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं।
    विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वायरिंग सिस्टम, एयर कंडीशन यूनिट्स में शॉर्ट सर्किट और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी इसका मुख्य कारण है।
    बीएमसी ने अब सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

    🧱 नागरिकों से अपील

    फायर ब्रिगेड ने अपील की है कि सभी बिल्डिंग्स में नियमित रूप से फायर सिस्टम की जांच की जाए और आपात स्थिति में सही एग्जिट रूट्स की जानकारी सभी को होनी चाहिए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. जोगेश्वरी की इमारत में कब और कहां आग लगी?
    👉 गुरुवार सुबह 10:51 बजे जोगेश्वरी पश्चिम के JNS बिज़नेस सेंटर में आग लगी।
    Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है?
    👉 नहीं, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
    Q3. फायर ब्रिगेड ने कितनी देर में आग पर काबू पाया?
    👉 कई घंटों की मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया।
    Q4. क्या अन्य जगहों पर भी आग लगी थी?
    👉 हां, मालाड पश्चिम और बोरिवली के गोराई इलाके में भी बुधवार को आग लगी थी।
    Q5. आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
    👉 प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट की आशंका है, जांच जारी है।

  • Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    मुंबई शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव के दौरान कई जगहों पर गोविदा पथक हादसों के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक की मौत और 30 घायलों की जानकारी मिल रही है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    मुंबई: शनिवार 16 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई में एक की मौत 30 घायल और 15 गोविदा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय एक 32 वर्षीय व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दही हंडी फोड़ने के चक्कर में 30 गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से से 15 लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    Mumbai बीएमसी के अधिकारियों क्या कहा?

    मुंबई के उपनगर मानखुर्द में शनिवार दोपहर एक 32 वर्षीय ‘गोविंदा’ की दही हांडी बांधते समय गिरने से मौत हो गई। जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मानव पिरामिड बनाते समय 30 अन्य गोविंदा घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इसकी जानकारी दी। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    पहली मंजिल से गिर कर मौत

    मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर मे मृत व्यक्ति की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि जगमोहन अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल से एक रस्सी पर दही हांडी यानी दही से भरी हुई मिट्टी की मटकी बांध रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। चौधरी को तुरंत नगरपालिका द्वारा संचालित शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    कहां-कहां हुई घटना?

    मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के बीच मनाए गए इस वर्ष के दही हांडी उत्सव में 30 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 30 घायलों में 18 दक्षिण मुंबई से हैं, जबकि 6-6 लोग शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    आस्था और भक्ति भाव

    दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसमें ‘गोविंदाओं’ की टीमें इंसानी पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने और उसे फोड़ने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान कई हादसे होते रहते हैं लेकिन आस्था और भक्ति भाव में गोविंदा पथक इस प्रथा को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

  • मुंबई में भारी बारिश के कारण आधी रात को हुई लैंडस्लाइड, 2 की मौत और 4 घायल

    मुंबई में भारी बारिश के कारण आधी रात को हुई लैंडस्लाइड, 2 की मौत और 4 घायल

    मुंबई के विक्रोली में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 4 घायल हो गए हैं। बीएमसी के अनुसार पहाड़ी का मलबा एक झोपड़ी पर गिरने से यह हादसा हुआ। बाकी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हाहाकार मचा हुआ है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। वहीं, अब मुंबई में भी भूस्खलन के कारण 2 लोगों की मौत हो गई और चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured

    BMC के अधिकारियों ने क्या कहा?

    मुंबई के विक्रोली में शनिवार को भीषण भूस्खलन हुआ। भारी बारिश के कारण हुए हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोग बुरी तरह से घायल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक हादसा शनिवार की रात लगभग 2:39 बजे हुआ। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बरसात के कारण एक पहाड़ी पर से अचानक भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का मलबा आकर एक झोपड़ी पर गिरा, जिसके कारण 2 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए।

    एक ही परिवार पर टूटा पहाड़

    BMC अधिकारी के मुताबिक, सभी पीड़ित एक ही परिवार से हैं। हादसे के फौरन बाद उन्हें राजावडी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 2 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय शालू मिश्रा और 50 वर्षीय सुरेश मिश्रा के रूप में हुई है। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य 45 वर्षीय आरती मिश्रा और 20 वर्षीय ऋतुराज मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, अब उनकी हालत में सुधार देखने को मिला है। इस हादसे के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इलाके के लोग उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured

    भारी बारिश के कारण जल भराव

    भूस्खलन के बाद BMC बचाव दल के लोगों ने इलाके के बाकी लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया है, अधिकारियों के मुताबिक दोबारा खतरा हो सकता है। जबकि, मुंबई में भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर जल भराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। खासकर दादर, कुर्ला, सायन, तिलक नगर समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई है। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured

  • Mumbai: गूगल मैप के चक्कर में ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिरी सुरक्षा कर्मियों ने बचाया

    Mumbai: गूगल मैप के चक्कर में ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिरी सुरक्षा कर्मियों ने बचाया

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    बेलापुर में गूगल मैप के चलते गलत रास्ते पर ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिर गई। घटना शुक्रवार और शनिवार रात करीब 1 बजे की है। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद महिला को बचाया। Mumbai: A woman driving an Audi car while using Google Maps fell into the bay and was rescued by security personnel

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    नवी मुंबई के बेलापुर में गूगल मैप ने महिला को पुल के नीचे का रास्ता बता दिया। महिला ने मैप देखते हुए पुल के ऊपर जाने की बजाय नीचे का रास्ता पकड़ लिया। नतीजतन, उसकी कार सीधे ध्रुवतारा जेट्टी से खाड़ी में गिर गई। गनीमत रही, कि समुद्री सुरक्षा बल के पुलिस कर्मियों ने कार को खाड़ी में गिरते हुए देख लिया। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि महिला पानी में बह रही थी। इसके बाद रेस्क्यू बोट और गश्ती टीम की मदद से महिला को बचाया गया। Mumbai: A woman driving an Audi car while using Google Maps fell into the bay and was rescued by security

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    गूगल मैप के कारण पहले भी कई हादसे हुए-

    इसे भी पढ़ें :- ‘चौकीदार चोर है’ राहुल गांधी ने खेद जताया

    9 जून, 2025: यूपी के महाराजगंज में फ्लाईओवर से लटक गई कार
    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में गूगल मैप के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने के कारण एक कार अधूरे फ्लाईओवर से नीचे लटक गई थी। इस हादसे में कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। हादसा महाराजगंज जिले के गोरखपुर-सोनौली नेशनल हाईवे स्थित भैया फरेंदा में निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर हुआ। फ्लाईओवर का काम अधूरा था, लेकिन गूगल मैप में पूरा रास्ता दिख रहा था।

    Google maps accident

    4 मार्च, 2025: ग्रेटर नोएडा में 30 फीट गहरे नाले​​​​ में कार गिरी, स्टेशन मास्टर की मौत
    उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में गूगल मैप के गलत नेविगेशन डायरेक्शन के कारण एक 31 साल के स्टेशन मास्टर भरत सिंह कार सहित 30 फीट गहरे नाले में गिर गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। अधिकारियों को नाले से कार को बासर निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ा था। घटना के वक्त एक डिलीवरी बॉय घटनास्थल पर मौजूद था, जिसने पुलिस को जानकारी दी थी।

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    25 नवंबर 2024: गूगल मैप अधूरे पुल पर ले गया, कार नीचे गिरने से 3 की मौत
    यूपी के बरेली में गूगल मैप की वजह से एक कार आधे-अधूरे पुल से नीचे गिर गई थी। हादसे में कार में सवार 2 भाइयों समेत 3 युवकों की मौत हो गई थी। तीनों गूगल मैप के सहारे कार से बरेली आ रहे थे। लोकेशन के हिसाब से चल रहे युवक पुल पर पहुंच गए। कोहरे के कारण आगे दिखाई नहीं दिया और कार रामगंगा नदी में गिर गई।

  • Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    मुंबई लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से कसारा जा रही लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद उपाय योजना शुरू .. Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    मुंबई: कासरा जा रही एक लोकल ट्रेन पर भूस्खलन के गंभीर घटना की जानकारी सामने आ रही है। लोकल ट्रेनें मुंबईवासियों की लाईफ़ लाईन मानी जाती हैं। ये मुंबई शहर और उपनगरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लाखों यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में इस समय भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इसलिए इसका सबसे पहला असर लोकल ट्रेनों पर दिख रहा है। फिलहाल, लोकल ट्रेनों के शेड्यूल में किसी खास बदलाव की कोई खबर नहीं है। लेकिन कसारा जा रही एक ट्रेन पर भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भूस्खलन के कारण दो यात्री घायल हो गए हैं।

    बड़ा हादसा

    दिवा हादसे की कड़वी यादें अभी मिटी भी नहीं, कि मुंबई लोकल का एक और गंभीर हादसा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर गिरे भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    एक का पैर गंभीर जख्मी

    बताया जा रहा है कि मुंबई से कसारा जा रही एक लोकल ट्रेन अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री सफर कर रहे थे जिस वक्त ये हादसा हुुआ। बताया जा रहा है कि एक के पैर में गंभीर चोट लगी है। घायलों को इलाज के लिए कसारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    कब की है घटना?

    घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। जब मुंबई से कसारा जा रही ट्रेन कसारा रेलवे स्टेशन पहुँच रही थी। लेकिन कसारा रेलवे स्टेशन के पास एक पहाड़ी पर दरार के कारण लोकल ट्रेन के उपर ही मलबा गिर पड़ा। मौके पर लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री के पैर में गंभीर चोट आई है। लोकल ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी गिर गई। इनमें से कुछ पत्थर और मिट्टी लोकल ट्रेन के दरवाजे से होकर अंदर चली गई।

    मौके पर प्रशासन

    स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना से हड़कंप मच गया है। गनीमत रही कि कोई बड़ा पथराव नहीं हुआ। वरना, कोई बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो सकती थी। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

  • मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मध्यरेल के मुंबई मंडल डीआरएम रेल यात्रियों के लिए मौत का सौदागर बने हुए हैं। यहां रिश्वतखोरी की आंच इतनी तेज लगी हुई है कि हिरेश मीना अपनी होश तक खो चुके हैं। जबकि लगातार रेल दुर्घटनाओं में मारे जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का सामराज्य है। आजकल यात्रियों के ट्रेन से गिरने की घटना में काफी वृद्धि हो गयी है। सूत्रों के अनुसार मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच प्रतिदिन 5 से 7 लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस पर रेल प्रशासन पूरी तरह मौन है। क्या इस तरह लोगों की मौतों के लिए प्रशासन की कोई जवाबदेही नही बनती? Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    किसकी है जवाबदेही?

    इस विषय पर जब चर्चा करने के लिए पत्रकार, डीआरएम मुंबई मंडल हिरेश मीना से मिलना चाहा, तो मीना ने मिलने से मना करते हुए बहाना बना दिया। कहा, कि जीएम का आदेश है कि पत्रकारों को केवल पीआरओ ही जबाब देंगे। जबकि पीआराओ का काम सिर्फ विशेष एनाउंसमेंट के लिए होता है। जबकि सुरक्षा को लेकर डीआरएम की जवाबदेही होती है। उन्हें पता था कि पत्रकारों के सवालों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी लिए उन्होंने पहले से पीआराओ का हवाला देते हुए अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ा लिया। जबकि ऐसे अधिकारी को पद से बेदखल कर देना चाहिए।

    मीना के आते ही कर्मचारी हुए लापरवाह

    और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि जब से हिरेश मीना ने डीआरएम का पद भार संभाला है तब से मुंबई मंडल के रेलकर्मी लापरवाह और निष्क्रिय हो गए हैं। क्योंकि डीआरएम मीना खुद लापरवाह और निष्क्रिय है। आगे बता दे कि कल्याण स्टेशन पर कुछ दिनों से मेल एक्सप्रेस गाड़ियों के आवागमन की घोषणा ठीक से नही की जाती है और मेल गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लेने का निर्णय लिया था जो गाड़ी कसारा की ओर से आएगी और जो गाड़ी कर्जत की ओर ओर से आएगी उसको प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर लिया जाएगा। जिसका पालन नही हो रहा है।

    हादसा होने का कारण क्या है?

    बिना अनाउंसमेंट के गाड़ी प्लेटफार्म पर आ जाती है। जब गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, उसके बाद अनाउंस किया जाता है, कि फलां गाड़ी फलां प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। तो जान लो यात्रियों की कैसी भगदड़ होती होगी? कल्याण का स्टेशन मास्टर राधे कृष्ण मीना की लापरवाही से कसारा की ओर से आने वाली पंचबटी एक्सप्रेस को कभी 6 तो कभी 5 नंबर प्लेटफार्म पर लिया जाता है। जिसके कारण यात्री प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे लाइन पटरी पर से गाड़ी पकड़ते है।

    क्या है सवाल?

    ऐसे अनगिनत कारणों की वजह से बड़े हादसे की संभावना से कोई भी इनकार नही कर सकता। इस पर भी मीना का पूरा आशिर्वाद प्राप्त है। इससे गाड़ी में चलने वाले अवैध हॉकरों और स्टेशन मास्टर मीना को काफी फायदा हो रहा है। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    रेलवे का दुर्भाग्य

    इसी विषय पर चर्चा करने के लिए डीआरएम हिरेश मीना से मिलकर यात्रियों को नया जीवन देने के लिए पत्रकार ने समय मांगा था। पर हिरेश मीना के पास समय नही है वह अपने कैबिन में कौन सी मीटिंग करता है? ये किसी को मालूम ही नही। अपने कैबिन में आरपीएफ को बैठा रखा है अपनी सुरक्षा के लिए। अब अंदर की जानकारी कौन देगा? दुर्भाग्य है, कि ऐसे डीआरएम आते रहेंगे तो रेलवे का बंटाधार ही होगा।

  • मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    • जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
    • मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
    • धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
    • बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
    • आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
    • तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
    • अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा

    मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?

    जनता का अधिकार

    चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।

    ट्रेंडिंग फोटो

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।

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    दुखद घड़ी

    दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।

    हेलीकॉप्टर दुर्घटना

    धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।

    विमान हादसे को लेकर सवाल?

    एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?

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    क्या है पर्सनल डेटा?

    जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।

    महामानव की राजनैतिक चाल

    जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।

    साजिश या टेक्निकल ?

    मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।

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    गैर जिम्मेदार

    अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।

    दुर्घटना का सही कारण?

    कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
    मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।

  • Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    महाराष्ट्र के कल्याण पूर्व स्थित मंगलराघो नगर में सप्तशृंगी नामक एक जर्जर इमारत का स्लैब गिरने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    ठाणे: कल्याण इलाके में मंगलवार दोपहर एक रिहायशी इमारत के भीतर एक मंजिल की छत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है। जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के एक अधिकारी ने घटना की जानकारी दी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    बचाव कार्य जारी …

    उन्होंने बताया, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधक बल की टीमों द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। कल्याण तहसीलदार सचिन शेजाल ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर के समय कल्याण (पूर्व) के मंगलराघो नगर क्षेत्र स्थित सप्तश्रृंगी इमारत की दूसरी मंजिल की छत गिरने से हुआ है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    इमारत में रिपेयरिंग का काम

    कल्याण के उपविभागीय अधिकारी (SDO) विश्वास दिगंबर गुजर ने बताया, कि “कल्याण स्थित श्री सप्तश्रृंगी इमारत की चौथी मंजिल पर फ्लोरिंग का काम चल रहा था। मरम्मत कार्य के दौरान चौथी मंजिल की स्लैब गिर गई, जिससे नीचे की सभी मंजिलों की स्लैब भी उसके साथ ढह गई।” Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    11 में से 6 की मौत

    उन्होंने कहा, इस हादसे में 11 लोग मलबे में फंस गए थे। दमकल विभाग और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 6 लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    इमारत को किया जाएगा ध्वस्त

    एसडीओ गुजर ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस इमारत में कुल 52 परिवार रहते थे। समय के साथ इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है, इसलिए इस इमारत को जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

  • मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई मे ईडी कार्यालय पूरा जलकर खाक हो गया है। गनीमत रही की किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नही हुआ है। हालांकि कार्यालय में रखे सभी दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक हो गए। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    Mumbai ED Office Fire: रविवार सुबह दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के कार्यालय में भीषण आग लग गई है। मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि आग काफी विकराल रूप ले लिया था और कई मंजिलों को प्रभावित कर दिया। देखें इससे जुड़ी तस्वीर.. (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    Mumbai ed office fire broken news image
    मुंबई ईडी कार्यालय आगजनी की तस्वीर

    फायर ब्रिगेड का राहत कार्य

    घटना 27 अप्रैल 2025 को तड़के 2:31 बजे के आसपास होने की जानकारी प्राप्त हो रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    सब जलकर खाक

    मिली जानकारी के अनुसार, आग बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपरी चार मंजिलों और अटारी मंजिल पर फैल गई थी। मुख्य रूप से कार्यालयों में रखे लकड़ी के फर्नीचर, दस्तावेज़ और अन्य सामग्री आग की चपेट में आ गए और सब जलकर खाक हो गया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    फायर कर्मचारियों की मुश्किल

    चौथी मंजिल पर धुएं का अत्यधिक जमाव हो गया था, जिससे फायर कर्मचारियों को बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। आम रास्तों और बालकनी में रखे फर्नीचर के कारण राहत कार्य में अतिरिक्त कठिनाइयां हुई। ऐसी जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वेंटिलेशन के लिए इमारत की खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    आग ने लिया विक्राल रुप

    मुंबई फायर ब्रिगेड ने शुरुआत की देर रात म 2:46 बजे आग को लेवल-I की श्रेणी में बताया। बाद में आग की गंभीरता को देखते हुए 3:30 बजे के आसपास इसे लेवल-II और फिर 4:17 बजे लेवल-III घोषित कर दी गई थी। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक राहत कार्य में 12 फायर इंजन, 7 जंबो टैंकर, 2 एडवांस्ड वॉटर टैंकर टेंडर, 1 एरियल लैडर प्लेटफॉर्म, 1 टर्नटेबल लैडर, 2 ब्रेथिंग एपरेटस वैन, 1 कंट्रोल पोस्ट, 1 रेस्क्यू वैन और 108 एम्बुलेंस सहित कई संसाधन तैनात किए गए थे। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    जांच जारी ..

    फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि करीब 11:47 बजे तक सभी ओर से आग को नियंत्रित कर लिया गया। घटना स्थल पर सीनियर अधिकारियों सहित सीएफओ (चीफ फायर ऑफिसर) भी मौजूद थे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे। सौभाग्य से, इस हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, ईडी कार्यालय में हुए दस्तावेज़ी नुकसान का आकलन अभी जारी है। आग लगने के कारणों की जांच भी प्रारंभ कर दी गई है। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)