Tag: महाराष्ट्र सरकार

  • महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं। ऐसा कहते हुए नाना पटोले ने राज्य की सरकार गठबंधन पर आरोप लगाया। साथ ही संजय राउत के आरोपों के बीच चुनाव में धांधली को लेकर एमवीए नेता ने कोर्ट का रुख अपनाया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंबई– कांग्रेस की महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख नाना पटोले ने मंगलवार को राज्य में देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट है बल्कि इसमें शामिल लोग अपराधी हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने यह भी जानना चाहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मंत्री ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनको लेकर उठे विवाद ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदरूनी कलह को सामने ला दिया है। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री पर उठे सवाल

    पटोले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल भ्रष्ट है, बल्कि जो लोग इसमें शामिल हैं, वे सभी अपराधी हैं। सिर्फ़ मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासन भ्रष्ट है। धनंजय मुंडे के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन आरोपों के पीछे भाजपा ही है। भाजपा के एक विधायक मुंडे के भ्रष्टाचार को खुलेआम उजागर कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह भाजपा, अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है? कांग्रेस को उनके अंदरूनी झगड़ों में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की पिछली महायुति सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे के मंत्री रहते कृषि विभाग में 88 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंडे पहले से ही बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में अपने सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने कहा कि असली मुद्दे लोगों के सामने हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका बकाया नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, चावल और प्याज के किसान संकट का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बांग्लादेशी महिलाओं को सरकार से लाड़की बहिन योजना का पैसा मिल रहा है, जबकि महाराष्ट्र के नागरिक परेशान हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है, कल ही शिरडी में दो हत्याएं हुईं। महिलाएं असुरक्षित हैं।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    फर्जी मुठभेड़

    उन्होंने कहा कि परभणी में पुलिस ने युवा आंबेडकरवादी कार्यकर्ता सोमनाथ सूर्यवंशी को कथित तौर पर मार डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न मामले का आरोपी अक्षय शिंदे फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री का अंधविश्वास

    उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गंभीर मुद्दों को छिपा रही है, लेकिन विपक्ष चुप नहीं रहेगा। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।’’
    इससे पहले दिन में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस अंधविश्वास के कारण दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में रहने नहीं गए हैं। राउत ने कहा था कि अफवाह यह है कि एकनाथ शिंदे की कामाख्या मंदिर यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कथित तौर पर बलि दिये गए भैंसों के सींग को ‘वर्षा’ के परिसर में गाड़ा गया था, ताकि मुख्यमंत्री का पद शिंदे के अलावा किसी और के पास न रहे। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री आवास में रहने से इनकार

    राउत के आरोप पर एक सवाल का जवाब देते हुए पटोले ने कहा, ‘‘जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, देश में काला जादू और अंधविश्वास फैल गया है। क्या महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है? क्या वे अपना राजनीतिक भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं? क्या इसीलिए देवेंद्र फडणवीस ‘वर्षा’ में रहने से इनकार कर रहे हैं?’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने अंधविश्वास रोधी कानून बनाया, फिर भी ऐसी प्रथाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    चुनाव में धांधली का आरोप

    वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त करने पर पटोले ने कहा कि कांग्रेस और महा विकास आघाडी (MVA) ने इसी तरह के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, जिसने खुद लोकतंत्र का अपमान किया है। प्रकाश आंबेडकर ने अदालत का रुख किया है, वहीं राहुल गांधी ने भी कल संसद में इस मुद्दे को उठाया। अब जब मामला अदालत में है, तो हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

  • Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    महाराष्‍ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने नए साल के मौके पर राज्य के लोगों को महंगाई वाला तोहफा देने की घोषणा की है, जिसकी वजह से आम लोगों की जेब ढीली होनी तय हो चुकी है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव जीतते ही आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने का फैसला कर लिया है। सरकारी बसों के किराये में 15 प्रतिशत तो टैक्सी ऑटो रिक्शा के किराये में अतिरिक्त 3 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। शुक्रवार आधी रात के बाद से नई दरें लागू हो जाएगी। हालांकि MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    महाराष्‍ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी की अगुआई वाले महायुति गठबंधन ने लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन सरकार के बनते ही फडणवीस सरकार ने अलग ही रुख अपना लिया है। देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने सरकारी बसों का किरया 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में ऑटो और टैक्‍सी का किराया भी बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले का असर सबसे ज्‍यादा निम्‍न मध्‍य और मध्‍य वर्ग के लोगों पर पड़ेगा। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    आम लोगों पर पडेगा असर

    मान लीजिए यदि आपको सरकारी बस से कहीं जाने के लिए 100 रुपये का खर्च आता है, तो अब उसके लिए 115 रुपये चुकाने होंगे। बता दें कि सरकारी बसों से अमातौर पर कामकाजी लोगों के साथ ही मध्‍य और निम्‍न मध्‍य वर्ग के लोगों के अलावा स्कूली बच्चे ज्‍यादा सफर करते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार के इस फैसले से इन लोगों की जेब पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ने वाली है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    शुक्रवार देर रात के बाद से नई दरें लागू

    बताया जा रहा है कि महाराष्‍ट्र सरकार की ओर से सरकारी बसों का किराया बढ़ाने का फैसला शुक्रवार आधी रात के बाद से लागू हो जाएगा। प्रदेश के दूर-दराज के लोगों के लिए सरकारी बसें कहीं भी आने-जाने का सबसे मुफीद और सस्‍ता जरिया है, लेकिन अब उन्‍हें इसके लिए अब से ज्‍यादा कीमत चुकानी होगी। आमलोगों के साथ ही छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    Maharashtra and Mumbai auto rickshaw and taxi news image

    अक्टूबर 2022 में हुई थी किराये में बृद्धि

    इसके अलावा सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्‍सी के किराये को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। टैक्सी और ऑटो का किराया 3 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई है। नई दरें 1 फरवरी 2025 से लागू हो जाएगा। ऑटो का किराया 23 रुपए से 26 रुपए और टैक्सी का 28 से 31 रुपये होगा। नए किराए मीटर कैलिब्रेशन के बाद लागू होंगे। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMTRTA) ने 1 फरवरी से मुंबई में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के बेसिक किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। आखिरी बार किराया वृद्धि अक्टूबर 2022 में हुई थी। ठीक इसी तरह ब्लू-सिल्वर एसी कूल कैब का किराया 40 रुपये की बजाय 48 रुपये होगा। यह पहले 1.5 किलोमीटर के लिए होगा। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं। बता दें कि मुंबई में लाखों लोग रोजाना ऑटो और टैक्‍सी से सफर करते हैं, ऐसे में सरकार के इस फैसले का असर उनपर सीधे तौर पड़ पड़ेगा। इस तरह प्रदेश सरकार ने आमलोगों पर अतिरिक्‍त वित्‍तीय बोझ डाल दिया है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

  • ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    राज्य में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके तहत लोगों को गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग की जानकारी देनी होगी। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार गाड़ियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत, कार खरीदारों को वाहन लेने से पहले पार्किंग स्पेस की जानकारी देना जरूरी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंबई में ट्रैफिक को कम करने की सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

    उन्होंने कहा, ‘हमने शहर में कई सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिन तक अब ऑनलाइन ऐप के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।’ (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

    अंधाधुंध पार्किंग बना सबसे बड़ा कारण

    इस नीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कार मालिकों के पास पार्किंग एरिया होना जरूरी है। चाहे वे नगर निगम से इसे खरीद रहे हों या फिर किराए पर ले रहे हों क्योंकि अंधाधुंध पार्किंग यातायात समस्याओं का बड़ा कारण है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

    ट्रैफिक कंट्रोल की नई पॉलिसी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि इस नीति को जल्द लागू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने पब्लिक पार्किंग या निजी भवनों में पार्किंग उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी। राज्य सरकार का लक्ष्य सड़कों पर पार्किंग में कमी लाना है और उन्हें पार्किंग की सुविधा देकर इस समस्या को खत्म करना है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

  • महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत के बाद अब लातूर में बर्ड फ्लू के कारण बड़ी संख्या में कौवों की मौत हो रही है… (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र-
    राज्य में तेजी के साथ बर्ड फ्लू अपना पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत हो गई थी। इसके बाद अब लातूर में भी बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबर आ रही है। इससे जिले में हड़कप मच गया है और जिला प्रशासन ने आम लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू से 51 कौवों की मौत हो गई है। इसके बाद अधिकारियों ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय करना शुरू कर दिया है। पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार को भोपाल पशु चिकित्सा प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट से पता चला, कि लातूर जिले के उदगीर शहर में कौवों की मौत एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1 वायरस) के कारण हुई है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    जांच मे जुटी टीम

    पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार तक उदगीर शहर के विभिन्न हिस्सों में 51 कौवे मृत पाए गए। अधिकारियों को 13 जनवरी से शहर के बगीचों व अन्य क्षेत्रों में मृत पक्षियों के बारे में शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौत के कारण का पता लगाने के लिए 14 जनवरी को 6 शवों को प्रयोगशाला में भेज दिया। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    अलर्ट जोन घोषित

    खबर मिलते ही जांच के साथ लातूर जिला प्रशासन ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं। जिस जगह मृत कौवे मिले हैं उस जगह के 10 किलोमीटर के दायरे को ‘अलर्ट जोन’ घोषित किया गया है। आदेश में प्रभावित क्षेत्रों में लागों की आवाजाही और पक्षियों-जानवरों के परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    पोल्ट्री फॉर्म का होगा सर्वेक्षण

    जिला प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। वहीं अधिकारी 10 किलोमीटर के दायरे में सभी पोल्ट्री फॉर्म का सर्वेक्षण करेंगे और नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे जिले के अन्य भागों में पक्षियों या जानवरों की किसी भी असामान्य मृत्यु की सूचना निकटतम पशु चिकित्सालय या वन विभाग को दें। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

  • चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में फंस गई है। सरकार इसमें अनियमितता को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म तो मामला खत्म। साथ ही राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि इससे किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना‘ अब विवादों में फंस गया है। 2 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले महायुति गठबंधन ने इस योजना को लागू किया और चुनाव प्रचार में इसका भरपूर इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपए की कुल 5 किश्तें भी जमा कराई और दावा किया गया कि चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों को 1500 की जगह 2100 रुपए दिया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    2100 बना चुनावी जुमला

    राज्य की महिलाओं ने महायुति को चुनाव तो जिता दिया, लेकिन अब तक उनके खाते में 2100 रुपये की रकम नहीं आई। और तो और 1500 देने मे भी सरकार आना-कानी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने यहां तक ​​कह दिया कि लाडकी बहिन योजना की वजह से किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में आ गई है। विधानसभा चुनाव में वादा किया गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। लेकिन चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी गई। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    कहां हुई गडबडी ?

    आरोप है कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के तहत दो बार पंजीकरण कराया और दो बार पैसे भी ले लिए। एक ही घर की 4 से 5 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। जिनके पास 4 पहिया वाहन हैं वे भी लाभार्थी बन गईं और जो शादी करके दूसरे राज्य में चले गए है उन लोगों ने भी इस योजना का फायदा उठा लिया। इतना ही नहीं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है वो भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब सरकारी यंत्रणा ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर उन्हें इस योजना से हटा रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्रॉस वेरिफिकेशन

    अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, जबकि सूची छांटने के बाद यह संख्या करीब 25 लाख कम हो जाएगी. वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को क्रॉस वेरिफिकेशन प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीनों में हमारे पास लाडकी बहिन योजना लाभार्थियों के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। आईटी विभाग की मदद ली जा रही है। आधार कार्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इस प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि अधिकतम लाभार्थियों को योजना का लाभ मिले। लेकिन हमें जो शिकायतें मिली हैं, उनका समाधान करने की जरूरत है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना और जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    विपक्ष और पक्ष दोनों ने लगाया आरोप

    महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी फायदे के लिए बिना उचित जांच के इस योजना को शुरू कर दिया गया, जिसके कारण अपात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिला। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सरकार ने वोट पाने के लिए मानदंडों को सख्ती से लागू किए बिना लाभार्थियों को पैसे बांटे। राउत ने यह भी कहा, कि ‘वह सिर्फ चुनावी नारा था, चुनाव से पहले पैसे देकर वोट लिए गए, उसके बाद मामला खत्म हो गया।’ (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    एक ही महिला को कई योजनाओं का मिला लाभ

    वहीं, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी आरोप लगाया कि लड़की बहन योजना के कारण किसानों के हित की कई योजनाएं बंद हो गईं। उन्होंने अपनी ही सरकार के लाडकी बहिन योजना पर 45 हजार करोड़ और किसान कर्ज योजना पर 15 हजार करोड़ हर साल व्यर्थ में बांटने का आरोप लगाया। अब अगर हमारे मंत्रालय को और पैसा मिलेगा तो हम किसानों को किसान सम्मान योजना का लाभ दे पाएंगे। वैसे भी इस योजना का पैसा महिलाएं लेती हैं और सिर्फ प्रपंच पर खर्च करती हैं। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा, ‘इस बात को सभी लोग जानते हैं कि हमारे घर में भी महिलाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला पैसा अब सिर्फ प्रपंच पर खर्च होता है। लड़की बहन योजना का पैसा भी इधर-उधर किया गया। बच्चों के लिए ये लो, उनके लिए वो लो। बेकार का खर्च, और कुछ नहीं.’ उनका कहना है कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना में सरकारी पैसा ले रही हैं, उन्हें किसान सम्मान योजना में पैसा नहीं लेना चाहिए। मुझे बताइए कि एक महिला दो सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे ले सकती है? सरकार को इस पर जीआर लाना चाहिए। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्या बंद हो जाएगा मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना ?

    मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना को लेकर विवादों के बीच लोगों में इस योजना को बंद किए जाने को लेकर चर्चाऐ आम होने लगी है। लोगों को अब लगने लगा है कि शायद महायुति की सरकार ने लोगों को ‘चुनावी जुमले’ जैसे वादों मे फंसा कर धोखा दिया है और अब चुनाव मे जीत हासिल करने के बाद पैसा देना बंद कर दिया है। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा, कि सरकार ने लाडकी बहिन योजना शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की। फिलहाल ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ को बंद नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि पात्रता मानदंडों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का उद्देश्य सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

  • सरकारी कर्मचारी ने लगाया सरकार को 21 करोड़ का चुना, खरीदी BMW, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट किया बंगला

    सरकारी कर्मचारी ने लगाया सरकार को 21 करोड़ का चुना, खरीदी BMW, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट किया बंगला

    महाराष्ट्र के एक सरकारी कर्मचारी ने सरकार को 21 करोड़ रूपये से अधिक का चूना लगा दिया है। ये नंदीग्राम के सरकारी विभाग मे कॉन्ट्रैक्ट बेसस पर तैनात कर्मचारी था, जिसकी सैलेरी महज 13 हजार रुपये थी। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई-
    महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी संविदा कर्मचारी ने सरकार को 21 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है। उसने अन्य परिचितों के साथ मिलकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों आरोपियों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय खेल परिसर प्रशासन से यह रकम ठगी है। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    कैसे हुआ खुलासा?

    यह घटना तब सामने आई जब आरोपी के सहकर्मी उसकी आलीशान जीवनशैली देखकर हैरान रह गए, जबकि कॉन्ट्रैक्ट बेसस पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारी हर्ष कुमार अनिल क्षीरसागर की सैलरी सिर्फ 13,000 रुपये थी। इसमें लग्जरी कार की सवारी, अपनी गर्लफ्रेंड को 4BHK फ्लैट गिफ्ट करना और हीरे जड़े चश्मे बनवाना शामिल था। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    खबर के मुताबिक, आरोपी की पहचान हर्ष कुमार क्षीरसागर के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अन्य परिचितों के साथ मिलकर सरकार को 21 करोड़ 59 लाख और 38 लाख रुपए का चूना लगाया जबकि उसकी सैलरी 13,000 रुपये थी। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    इस रकम को चुराने के बाद, उनमें से एक ने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए एक BMW कार, एक BMW बाइक और एयरपोर्ट के सामने एक अपार्टमेंट में 4BHK फ्लैट खरीदा और बाकी बचे हुए पैसों से आरोपी हीरा से जड़े हुए चश्मा बनवाने के लिए पहुँचा था। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    मामले की जांच में पता चला कि इस योजना में शामिल एक अन्य महिला संविदाकर्मी के पति ने 35 लाख रुपये की एसयूवी खरीदी थी। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मुख्य आरोपी हर्ष एसयूवी लेकर फरार हो गया। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    कैसे हुआ घोटाला?

    हर्ष ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर खोले गए खाते का दुरुपयोग किया। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बैंक को धोखा देकर इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय करवाई। इसके बाद, उसने अपने व्यक्तिगत खातों में पैसे ट्रांसफर किए। यह घोटाला जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 के बीच हुआ और इसकी जानकारी तब मिली जब विभागीय अधिकारियों ने लेनदेन में अनियमितताओं को देखा। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल ..

    जाँच में पता चला कि आरोपितों ने खेल परिसर के लिए सरकार से मिलने वाली धनराशि को जमा करने के लिए खेल परिसर के नाम से इंडियन बैंक में खाता खोला था। इस खाते में सिर्फ डिप्टी स्पोर्ट्स डायरेक्टर द्वारा चेक पर साइन होने के बाद ही लेनदेन किया जा सकता है, लेकिन आरोपित हर्ष कुमार क्षीरसागर, ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंक को दिए और इंटरनेट बैंकिंग के लिए अपना नंबर एक्टिव करने के बाद रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। इसमें आरोपी हर्ष कुमार अनिल क्षीरसागर ने अन्य दो संविदा कर्मचारियों यशोदा शेट्टी और उनके पति बीके जीवन के साथ मिलकर बैंक को पैसे मुहैया कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    धोखाधड़ी का ये मामला 6 महीने बाद जाकर खुला। हाल में इस मामले की शिकायत नंदीग्राम कॉलोनी के खेल अधिकारी तेजस दीपक कुलकर्णी द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जाँच शुरू की और हर्ष सहित अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए अपने एक्शन लेने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नही दी है। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)