नेशनल डेस्क Encounter in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बताया गया, कि घटना खानकू वन क्षेत्र की है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना को गुप्त सूचना मिली थी कि दच्छन और नागसेनी क्षेत्रों के बीच आतंकवादियों की मौजूदगी है। इसके बाद इंडियन आर्मी और पुलिस सहित सुरक्षा बलों की टीम ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच आतंकियों के साथ गोलिबारी शुरू हो गई।
बताया गया, कि सेना के जवानों को करीब आता हुआ देख आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी गोली चलाकर जवाब दिया। दोनों ओर से कुछ देर तक गोलीबारी चली। रविवार शाम तक किसी के मरने की खबर नहीं है। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर रखा है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त बल भेज दिया गया है। आतंकवादियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। Terrorist Encounter: Terrorists opened fire upon seeing Indian Army
इजराईल के यहूदी जर्मनी से हिटलर की तानाशाही और लाखों यहूदियों को पकड़कर ज्वलनशील चैंबर में बंद कर जलाए जाने के डर से अपना जीवन बचाने के लिए भाग खड़े हुए। दुनिया के किसी देश ने उन्हें पनाह नहीं दी। लेकिन चूंकि फिलिस्तीन उस समय ब्रिटेन का उपनिवेश था तब अंग्रेजों ने उन्हें फिलिस्तीन में शरण दिया। लेकिन यहूदियों ने धीरे धीरे फिलिस्तीनी इलाकों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। प्रसिद्ध और संपन्न नगर गाजा पर इतनी अधिक बमबारी की जिसमें अस्पताल तक नहीं छोड़ा। दूध मुहे बच्चों का भी नरसंहार किया। गाजा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टेढ़ी नजर है। वे गाजा को हड़पना और वहां इजराईल की सहायता से व्यापारिक संकुल बनाना चाहते हैं। जिस तरह भारत में मुसलमानों को किरायेदार कहा जा रहा है उसी तरह यहूदी तो किरायेदार भी नहीं शरणार्थी हैं। जैसे कश्मीर से भगाए गए पंडित खानाबदोश हालत में ट्रांजिट कैंपों में नरकीय जीवन जीने को अभिशप्त कर दिए गए हैं। हिंदू वादी सरकार पिछले ग्यारह वर्षों में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात करती रही, लेकिन कुछ किया नहीं। अनाथ बनाकर छोड़ दिया। बीमारी, अभाव और गंदगी में घुट-घुट कर मरने के लिए। कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण करने का आरोप लगाने वाली हिंदूवादी सरकार और हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए प्रयत्नशील आरएसएस ने उन कश्मीरी पंडितों की ओर झांकने की जहमत तक नहीं उठाई। फिर उनके लिए आवाज कैसे उठाती? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप की दोगली अनीति देखिए। एक तरफ वे ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने के लिए वार्ता कर रहे हैं, तो वहीं इजराईल को ईरानी परमाणु प्रोजैक्ट पर हमला करने को भी कह रहे हैं। परमाणु वार्ता संपन्न हुई नहीं कि इजराईल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर दो सौ बम वर्षक विमान भेजकर आधा दर्जन ठिकानों पर बम गिरा कर दो वैज्ञानिकों, सेना के कमांडरों की हत्या कर दी। स्वाभाविक है ईरान बदले की भावना से इजराईल पर हमला करता रहा। जिस तरह भारत को आत्मरक्षार्थ आतंकवादी पाकिस्तान पर हमला करने का अधिकार है। उसी तरह ईरान को भी इजराईल पर हमला करने का मौलिक अधिकार मिल जाता है। ईरान ने इजराईल पर इतनी अधिक बमबारी की, कि उसके परमाणु ठिकानों और सेना का संहार कर दिया। इस वज़ह से इजराईल के पास सैनिकों की कमी हो गई है। जिस कारण वह सेना में नई भरती करने को मजबूर हो गया है। इजराईल अपने नुकसान को हमेशा छुपाता रहता है। नए सैनिक भरती करने से ही पता चल जाता है कि ईरान ने उसे कितनी क्षति पहुंचाई है? धूर्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार ईरान पर इजराईली हमले में उनका कोई हाथ नहीं है। ईरानी हमले से डर कर अमेरिका ने अरब देशों से अपने सैनिक हटा लिए हैं। दियागोगरसिया में अमेरिका ने अपना सैनिक बेस बनाया हुआ है। ईरान के पास सात सौ किलोमीटर दूर तक मार करने के लिए मिसाइल की कमी है। इसलिए दियागोगरसिया पर हमला नहीं कर पा रहा। इसका मतलब यह नहीं कि ईरान चीन और रूस से लंबी दूरी तक मारक मिसाइल नहीं ले सकता। जिस दिन ईरान ने रूस और चीन से लंबी दूरी तक मार करने की मिसाइल खरीद ली, उसी दिन अमेरिकी बेस पर हमला करके अमेरिका को भारी क्षति पहुंचा सकता है। जो डोनॉल्ड ट्रंप बारंबार भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू से तौलते हुए सीज फायर का ऐलान करते हुए बार-बार कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर व्यापार का दबाव डालकर सीजफायर करा दिया है। दर्जनों बार यही दोहराते रहने वाला धूर्त ट्रंप अब कहने लगा, कि उसने दबाव डालकर सीजफायर नहीं कराया। धूर्त ट्रंप की जुबान का क्या भरोसा? वह तो भारत को चीन के खिलाफ एक मोहरा मानता है। दूसरी तरफ भारत को विकसित होते देख उसकी छाती पर सांप लौटने लगता है। भारत को कमजोर करने के लिए ट्रंप पाकिस्तान को सैन्य हथियारों और विभिन्न स्रोतों से अरबों डॉलर्स कर्ज दिलाकर पाकिस्तान पर आजमान करते हुए चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है। भारत को बारंबार अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा। अमेरिकी सेना की 250 वी वर्षगांठ पर पाकिस्तान को आमंत्रित कर भारत को फिर से अपमानित किया है। पता नहीं मोदी की कौन सी दुखती रग वह जब चाहे दबा देता है और भारत के प्रधानमंत्री सरेंडर हो जाते हैं। बड़बोले ट्रंप की किसी बात का जवाब ही नहीं दे सकते। शायद मोरल ही नहीं है वर्ना शक्ति संपन्न राष्ट्र भारत के प्रधानमंत्री होते हुए भी क्यों ट्रंप की घुड़की सहन करते हैं? राहुल गांधी इसी बात पर नरेंद्र का सरेंडर कहकर तंज कसते हैं। ईरान और इजराईल का घमासान ट्रंप क्यों नहीं रुकवा देते? रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध को रुकवाने की हैसियत क्यों नहीं है ट्रंप में? ट्रंप के दोगलेपन और कुटनीतियों के कारण उनके खिलाफ अमेरिकी जनता उठ खड़ी हो चुकी है। सड़कों पर उतरकर अमेरिकी नागरिक ट्रंप का विरोध करने लगे हैं। उनकी चुनाव में जीत दिलाने में हजारों करोड़ डॉलर लुटा देने वाले अरबपति मस्क भी ट्रंप को गद्दी से उतारने में लगे हैं। संभव है कि जिस बिल को ट्रंप ब्यूटीफुल कहते हुए तारीफों के पुल बांधते हैं सीनेट से पास ही नहीं हो सके। क्योंकि यदि मस्क ने सीनेटरों को ट्रंप के विरोध में लाने के लिए रिपब्लिकन के दो तीन और सीनेटरों को ट्रंप के खिलाफ लाने में सफल हुए तो बिल सीनेट में पास नहीं हो सकेगा। जबकि चार सीनेटर ट्रंप की नीतियों की आलोचना प्रबल तरीके से करके ट्रंप को चेतावनी दे दी है। अगर सीनेट से ट्रंप को ब्यूटीफुल बिल पास नहीं हो सका तो अविश्वास प्रस्ताभ लाकर ट्रंप को उनके पद से हटाया जा सकता है। बहरहाल भारत के सामने चुनौती है। हमारे भारत देश के ईरान और इजराईल दोनों से रिश्ते अच्छे हैं इसलिए भारत को दोनों के साथ संबंध बनाए रखने होंगे, ताकि कोई विरोधी नहीं हो जाए। भारत को रूस के राष्ट्रपति को रूस चीन भारत संगठन पर भी पुनः विचार करना होगा, जो डोकलाम में चीनी भारतीय सैनिकों के बीच झड़प के बाद पटरी से उतर गई थी। तेहरान में बमों के धमाके सुनाई देने की बात पर ट्रंप को अंदेशा हो गया है कि अब ईरान इजराईल और अमेरिकी बेस पर परमाणु हमला कर सकता है। इसी डर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी 7 देशों की मीटिंग छोड़कर अमेरिका जाने की योजना ही नहीं बनाई बल्कि अमेरिकी सुरक्षा तंत्र को एलर्ट कर दिया है। अमेरिका जाकर ट्रंप इमरजेंसी मीटिंग करेंगे इसलिए सभी अधिकारियों को तैयार रहने का आदेश दे दिया है। इजराईली हमले का करारा जवाब देने की योजना ईरान ने बना ली है। कब और कैसे जवाबी हमला ईरान करेगा यह जल्द ही मालूम होगा। ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के लिए अपने सहयोगी स्टॉफ को एलर्ट कर दिया है। ट्रंप को भय है कि रूस चीन और नॉर्थ कोरिया के हस्तक्षेप के बाद विश्वयुद्ध छिड़ना तय है।
जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा
मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?
जनता का अधिकार
चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।
ट्रेंडिंग फोटो
अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।
दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना
धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।
विमान हादसे को लेकर सवाल?
एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?
जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।
महामानव की राजनैतिक चाल
जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।
साजिश या टेक्निकल ?
मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।
अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।
दुर्घटना का सही कारण?
कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।
शिवसेना के अनुसार पार्टी ने यह कदम आतंकवाद के खिलाफ़ एक कड़ा रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किया है। पार्टी के युवा नेता राहुल कनाल ने इस इनामी राशि की घोषणा की है। शिवसेना के युवा नेता राहुल कनाल कुछ समय पहले कुणाल कामरा कंट्रोवर्सी मामले से चर्चे में आए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाज़ी को लेकर उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उस स्टूडियो को तोड़ दिया था। जिसमें कुणाल कमारा ने शिंदे पर कटाक्ष करने वाले वीडियो शूट किया था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। राहुल एन कनाल शिवसेना के सोशल मीडिया प्रभारी होने के साथ यूथ विंग युवा सेना के महासचिव हैं। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
शिवसेना ने दी यह दलील
राहुल कनाल के अनुसार यह घोषणा जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन संदिग्धों की तस्वीरें जारी करने के जवाब में की गई है, जिसके लिए पुलिस ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एकनाथ शिंदे ने कहा, कि हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ़ मजबूती से खड़े हैं। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी कोई भी जानकारी लेकर आगे आएं, जिससे इन अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद मिल सके। शिवसेना के अनुसार इनामी राशि में इज़ाफा करके, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ितों और उनके परिवारों को जल्द न्याय मिले। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक महाराष्ट्र से थे। शिवसेना की पहल का उद्देश्य संदिग्धों को पकड़ने में जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रयासों का समर्थन करना है। पहलगाम हमले के बाद खुद डिप्टी सीएम शिंदे श्रीनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने महाराष्ट्र के घायल टूरिस्ट सुबोध पाटिल से मुलाकात की थी। इसके साथ पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया था। शिवसेना ने अब कुछ मोबाइल नंबर जारी करके कहा है कि हम जनता से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने और हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए करें। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
पाकिस्तानी हमलों के चलते जम्मू-कश्मीर में सीमा से लगे जिलों को अलर्ट पर कर दिया गया है। पुंछ और राजौरी से 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद नौ मई को प्रस्तावित हज की फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। नौ मई को दो फ्लाइट हज के लिए जानी थी। आखिरी फ्लाइट 4 मई को गई थी। पाकिस्तान ने एक कायराना हरकत में कल यानी बुधवार की रात को पुंछ में गुरुद्वारे को निशाना बनाया। इसमें सिख समुदाय के 4 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा पाकिस्तान ने 15 भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया। India VS Pakistan: Pakistani attack on India, 10 thousand people removed in Poonch Rajouri, know what is the situation here?
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को पाकिस्तान की तरफ से की जा रही गोलाबारी को देखते हुए सभी सीमावर्ती जिलों के डीसी से बात करके ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी ली। जम्मू कश्मीर बीजेपी के नेता रविंदर रैना ने कहा कहा, कि प्रभावितों की मदद के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने बताया कि 10 हजार लोगों को पुंछ और राजौरी जिलों से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पाकिस्तान की गोलाबारी के बीच जम्मू में प्रभावित लोगों की मदद के लिए मस्जिद और मदरसों को खोल दिया गया है, ताकि वे वहां रह सकें। पाकिस्तान की तरफ से सीमापार सीजफायर तोड़ते हुए गोलीबारी करने पर सेना मुंह तोड़ जवाब दे रही है। भारत पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद लद्दाख में भी यूएवी और ड्रोन पर पाबंदी लगा दी गई है। India VS Pakistan: Pakistani attack on India, 10 thousand people removed in Poonch Rajouri, know what is the situation here?
खून देने के लिए आगे आ रहे लोग
सीमा पर पाकिस्तान की फायरिंग के बीच कश्मीर के लोग यहां गजब का हौसला दिखा रहे हैं तो वहीं अस्पतालों में घायलों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर लोग अस्पतालों में खून देने के लिए पहुंच रहे हैं ताकि घायलों की खून की कमी से मौत न हो जाए। बारमुला में एक ब्लड डोनेशन कैंप में भी भीड़ देखी गई। पुंछ में पाकिस्तान की फायरिंग से 13 लोगों की मौत हुई है। बारमुला में वूमेन कॉलेज को अस्थायी तौर पर रिलीफ कैंप बना दिया गया है। यहां पर उरी के लोगों को रखा गया है। इनमें कुछ घायल भी हैं। सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद जम्मू JKSET और LASET की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 11 मई को होनी थी। तो वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में तमाम शैक्षणिक संस्थानों को 10 मई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। कई यूनिवर्सिटी ने अपनी परीक्षाए रद्द कर दी। ये परीक्षाएं 13 मई से शुरू होनी थीं। India VS Pakistan: Pakistani attack on India, 10 thousand people removed in Poonch Rajouri, know what is the situation here?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। पाकिस्तान के पंजाब मे आपातकाल की घोषणा। समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने भारत ने अनुचित हमला करते हुए जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार की देर रात “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तानी कश्मीर के हिस्सों में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और वहां बमबारी करते हुए तबाही मचा दी। इसके बाद से पाकिस्तानी हुकुमत भारत को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। खबर के मुताबिक हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से कहा जा रहा है कि भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
भारत का ऑपरेशन सिंदूर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर जवाबी हमला कर दिया। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। अब खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, “भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।” हालांकि, अभी इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
पाकिस्तान बोला- हमले का जवाब देने का अधिकार
पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने कहा, “इन अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप, पाकिस्तान को अपनी संप्रभुता के घोर उल्लंघन का बदला लेने के लिए चुने हुए समय, स्थान और तरीके से जवाब देने का अधिकार है। सशस्त्र बलों को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। पाकिस्तानी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ये ऐलान किया है। इस दौरान शेक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। सरकारी बयान के अनुसार, पंजाब पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने के आदेश जारी किए गए हैं। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
भारत ने भड़काई आग
पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा कि भारत ने ‘हमारे क्षेत्र में आग भड़का दी है।’ समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत को बिना उकसावे के अवैध कार्यों की गंभीरता को पहचानने और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने से भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और एयरलाइनों के लिए गंभीर खतरा पैदा किया। इसके परिणामों की जिम्मेदारी भारत की होगी।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
प्रधानमंत्री शरीफ ने बुलाई बैठक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इसमें कैबिनेट मंत्रियों सहित मुख्यमंत्रियों, सभी सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब 2 घंटे चली इस बैठक के फैसलों के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। शरीफ ने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। इसके बाद वे संसद को संबोधित कर सकते हैं। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)
ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता मे केंद्रीय बैठक की तस्वीर
Operation Sindoor: भारत सरकार ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर बमबारी कर दी है। एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
नई दिल्ली – पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने मंत्रियों को ऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह से तय योजना के मुताबिक चला और इसमें कोई चूक नहीं हुई। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेना ने पहले से की गई व्यापक तैयारी और रणनीति के तहत बेहद सटीक तरीके से इस मिशन को अंजाम दिया। बैठक में उन्होंने ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और कहा, “यह कार्रवाई जरूरी थी। पूरा देश हमारी ओर देख रहा था और हमें अपनी सेना पर गर्व है।” (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
सीमा पार कठोर संदेश
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और देश की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया। कैबिनेट के मंत्रियों ने एकमत होकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अपना भरोसा जताया और सैन्य बलों के सफल अभियान की सराहना की। मंत्रियों ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में पूरा देश प्रधानमंत्री और सेना के साथ मजबूती से खड़ा है। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के लिए जिन आतंकी ठिकानों और शिविरों का इस्तेमाल किया जाता था, उन पर किए गए इस हमले को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक कठोर संदेश के रूप में देखा जा रहा है। (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
रात भर चला ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित सैना के जवानों की तस्वीर
गौरतलब है कि भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने मिलकर एक अभूतपूर्व संयुक्त अभियान के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के प्रतिशोध में की गई, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान चली गई थी। रातभर ऑपरेशन सिंदूर चलता रहा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे ऑपरेशन की लगातार निगरानी की। भारत ने उन स्थानों को निशाना बनाया जहां से आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जा रही थी। (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
जैसे ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैबिनेट को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी, पूरे मंत्रिमंडल ने मेज थपथपाकर इस साहसिक कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहेगी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अलग से मुलाकात कर वर्तमान हालात की समीक्षा भी की। (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
लश्कर और जैश के ठिकाने तबाह
उल्लेखनीय है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित लगभग नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया। इनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैय्यबा का अड्डा भी शामिल था। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सशस्त्र बलों को लक्ष्य तय करने, रणनीति बनाने और समय चुनने की पूरी छूट दी थी। (Prime Minister’s action after bombing on Pakistani targets)
बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?
खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
सरकारी नौकरी
झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)
मुंबई- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan War Tension) के बीच तनाव चरम सीमा पर पहुंच गया है। हालात युद्ध जैसे बनते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि भारत सरकार जल्द ही पाकिस्तान में बसे आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर सकता है, इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी सैन्य हलचल की खबरें प्रकाशित हो रही है। (Preparations for mock drill in Maharashtra before war with Pakistan, state government on alert mode)
केंद्र की सरकार युद्ध के संभावित खतरे को देखते हुए देशभर में नागरिक सुरक्षा के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी 7 राज्यों में मॉक ड्रिल आयोजित करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान युद्ध जैसे हालात में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जाएंगे, ब्लैकआउट कैसे करना है, मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुंचना है आदि प्रशिक्षणात्मक जानकारी दी जाएगी। फिलहाल बुधवार 7 मई को महाराष्ट्र के 16 शहरों में मॉक ड्रिल होने जा रहा है। (Preparations for mock drill in Maharashtra before war with Pakistan, state government on alert mode)
महाराष्ट्र के 16 शहरों में मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल अचानक आनेवाली परिस्थितियों से निपने को लेकर तैयारी से संबंधित प्रशिक्षण होता है। केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक मॉक ड्रिल के लिए महाराष्ट्र सरकार भी अलर्ट मोड पर है। राज्य प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। साथ ही संरक्षक मंत्री सहित सभी मंत्रियों को प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया है। सरकार ने उन 16 स्थानों की सूची भी जारी कर दी है जहां 7 मई को मॉक ड्रिल किया जाएगा, जिसमें मुंबई, ठाणे, पुणे, उरण-जेएनपीटी, तारापुर, नासिक, थल-वायशेत (अलीबाग), रोहा-धाटाव-नागोथाने, मनमाड, सिन्नर, पिंपरी-चिंचवड, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), भुसावल, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग शामिल है। (Preparations for mock drill in Maharashtra before war with Pakistan, state government on alert mode)
यह पहला मौका नहीं है जब युद्ध को लेकर महाराष्ट्र में इस तरह का अभ्यास हो रहा हो। 1971 में भारत पाकिस्तान जंग से पहले भी राज्यभर में मॉक ड्रिल आयोजित किया गया था। उस समय भी शहरों में सायरन बजाए गए थे, ब्लैकआउट का अभ्यास कराया गया था और लोगों को सुरक्षित रहने के प्रशिक्षण सहित दिशा-निर्देश दिए गए थे। हालांकि सरकार का यह कदम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। (Preparations for mock drill in Maharashtra before war with Pakistan, state government on alert mode)
आईपीएस अधिकारी ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
विशेष संवाददाता नई दिल्ली– गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
क्या है सरकारी आदेश?
गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, कि “आंध्र प्रदेश कैडर से अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में शामिल होने के परिणामस्वरूप, श्री. नलिन प्रभात, आईपीएस (एपी: 1992) को तत्काल प्रभाव से 30.09.2024 तक जम्मू और कश्मीर पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजी) के रूप में जम्मू और कश्मीर में तैनात किया जाता है।” (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
आदेश में कहा गया है कि श्री प्रभात को 1 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के रूप में भी नियुक्त किया गया है। वह आरआर स्वैन (आईपीएस) का स्थान लेंगे। जो इस साल 30 सितंबर को सेवानिवृत्ति प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त होंगे। केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद, श्री स्वैन को 2020 में जम्मू-कश्मीर में पुलिस आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) का अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया था। श्री स्वैन ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक का पद भी संभाला था। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
कौन है ips Officer नलिन प्रभात?
श्री प्रभात ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। इस साल जून से अब तक जम्मू-कश्मीर में 18 से अधिक गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
श्री प्रभात को कश्मीर में विद्रोह में पुराना हाथ माना जाता है, और अतीत में जम्मू-कश्मीर में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के भीतर सद्भावना अर्जित की थी। वह पहले ही दक्षिण कश्मीर, ऑप्स रेंज और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के श्रीनगर सेक्टर में उप महानिरीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने महानिरीक्षक, कश्मीर, ऑप्स सेक्टर, सीआरपीएफ के रूप में भी कार्य किया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की थी। उनके काम ने उन्हें आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, और जम्मू-कश्मीर में पुलिस (विशेष कर्तव्य) पदक और बार अर्जित किया है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)