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  • शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    महाराष्ट्र के पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार कर दिया है। इस घटना के बाद से विपक्ष सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    महाराष्ट्र: पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। मंगलवार की सुबह हुई इस घटना पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पुणे क्षेत्र में बढ़ते अपराध से निपटने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग को दोषी ठहराया है। घटना स्थल यानी बस के अंदर से शाराब की बोतल, साड़ियां और चादर के साथ कंडोम के पैकेट बरामद हुए है। अनुमान लगाया जा रहा है कि या एक नही कई बलात्कार हो चुके हैं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    स्वरगेट पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध 36 वर्षीय दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ चोरी और चेन स्नेचिंग के पहले से मामले दर्ज हैं। आपको बता दें कि स्वरगेट महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के सबसे बड़े बस जंक्शनों में से एक है। यहां चार एसी बस भंगार के रूप में खड़ी है। जबकि 20 सुरक्षाकर्मियों के होते हुए यहां बलात्कार की घटनाएं हो रही है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकारी बस में लड़की से दुष्कर्म

    पीड़ित लड़की के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पौने छह बजे वह सतारा जिले के फलटण के लिए एक स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उससे बातचीत करते हुए उसे ‘दीदी’ कहकर बुलाया। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि सतारा के लिए बस दूसरे स्टैंड पर आ गई है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    शिवशाही बस में बलात्कार

    आरोप है कि इसके बाद वह उसे स्टेशन परिसर में ही खड़ी एक खाली ‘शिवशाही’ एसी बस में ले गया और बस के अंदर की लाइटें चालू न होने के कारण वह पहले तो बस में चढ़ने से हिचकिचाई, लेकिन व्यक्ति ने उसे आश्वस्त किया कि यह सही बस है। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि वह बस में चढ़ने के बाद टॉर्च जलाकर देख सकती है, इसके बाद वह उसके पीछे अंदर बस में चड़ गया और फिर दुष्कर्म करके भाग गया। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

    अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई और उसे पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई हैं। पुलिस उपायुक्त स्मार्तना पाटिल ने बाद में पत्रकारों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में महिला उस आरोपी के साथ बस की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि घटना के समय बस अड्डा परिसर में कई लोग और कई बसें थीं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    Pune rape case
    बलात्कार के मिले सबूत

    डीसीपी ने कहा कि महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क नहीं किया, बल्कि फलटन जाने वाली बस में सवार हो गई और यात्रा के दौरान अपने दोस्त को फोन पर घटना के बारे में बताया। पाटिल ने कहा कि अपने दोस्त की सलाह पर वह पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि महिला की हालत स्थिर है और उसने पुलिस को स्पष्ट बयान दे दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    खोजी कुत्तों की टीम का इस्तेमाल

    डीसीपी ने कहा, कि भारतीय न्याय संहिता के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, पुणे जिले के शिकारपुर और शिरुर पुलिस थानों में आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने आठ टीम बनाई हैं। अधिकारी ने बताया कि खोजी कुत्तों की टीम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकार पर लगा आरोप

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट की नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पास में ही पुलिस चौकी है और इलाके में नियमित गश्त होती है। फिर भी असमाजिक तत्वों को कानून का खौफ नही है। सुले ने पत्रकारों से कहा, “गृह विभाग पुणे में अपराध रोकने में विफल रहा है। इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज

    कांग्रेस की महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि राज्य में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि MSRTC बसें महाराष्ट्र की जीवन रेखा हैं और अब MSRTC बस के अंदर बलात्कार की घटना हुई है। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी, तो लोगों ने सरकार बदल डाली थी। आप भाजपा सरकार महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना (वित्तीय सहायता प्रदान करना) को बढ़ावा देते हैं, लेकिन लोगों के बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता है।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    नवी मुम्बई के वाशी मे एक चलते ट्रक का अचानक टायर फटने से एक ऑटोरिक्शा के परखच्चे उड गए। ऑटोरिक्शा का सिर्फ जाली बच गया। मौके पर हर कोई हैरान रह गया। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    नवी मुम्बई: आप ने सोशल मीडिया पर कई सड़क हादसों के वीडियो देखे होंगे। लेकिन वाशी सड़क हादसे की घटना से हर कोई हैरान है। आप ने देखा होगा हर बार सड़क हादस या तो ड्राइवर की गलती से या कुछ किसी और की गलती के कारण होता है। लेकिन सड़क पर अनजान हादसा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सोशल मीडिया पर नवी मुम्बई से वाशी का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जो लोगों के सोचने समझने से बाहर का विषय है। गाड़ी चलाते समय आपको कितना सतर्क रहना चाहिए, यह वीडियो इस बात का भी उदाहरण है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    दरअसल, हम कितनी भी अच्छी गाड़ी चलाने की कोशिश करें, अगर हमारे सामने कोई गलत तरीके से गाड़ी चला रहा हो तो दुर्घटनाएं हो ही जाती हैं। ऐसे में सामने वाले की गलती की सजा दूसरों को भी भुगतनी पड़ती है। इसलिए सभी को ठीक से गाड़ी चलाने के लिए कहा जाता है। ऐसा ही एक भयानक हादसा नवी मुंबई के वाशी से सामने आया है। हादसे में अचानक चलते हुए ट्रक का टायर फट गया, जिसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हादसे के बाद आसपास की कारों की हालत देखकर आप भी चौंक जाएंगे। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    वीडियो में देखा गया, कि कुछ लोग तेज स्पीड से कार लेकर रास्ते से गुजर रहे हैं, आखिर में जो होता है यह देखकर किसी के भी होश उड़ जाऐंगे। हुआ यूं कि एक ट्रक का टायर फट गया, इस बार इतनी तेज़ी से कि उसके बगल वाले ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। यह रिक्शा पूरी तरह से उजड गया और केवल रिक्शे का जाल ही बचा रहा। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    टायर क्यों फट जाता है?

    हम सभी जानते हैं कि ट्रक का टायर कितना बड़ा होता है, अगर यह फट जाए तो आसपास की गाड़ियों पर बुरा असर होगा, इसलिए अनुरोध है कि बड़े भारी वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाकर चलें। टायर फटने की संभावना काफी हद तक टायर की क्वालिटी, स्थिति, सड़क की स्थिति और सबसे महत्वपूर्ण गति पर निर्भर करती है। जब आप के गाड़ी की स्पीड लीमिट 120 से 130 किमी प्रति घंटे से अधिक होती है तो टायर का तापमान तेजी से बढ़ता है। इससे टायर के रबर पर असर पड़ता है और रबर कमजोर हो सकता है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    इससे टायर फटने की संभावना बढ़ जाती है, अधिक हवा भरे दायरों में उच्च दबाव के कारण टायर की सतह पतली हो जाती है और उच्च गति के कारण टायर फट सकता है। यदि टायर पुराना या घिसा हुआ है, तो ऐसे पुराने और घिसे हुए टायरों में गति को संभालने की क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए तेज गति से गाड़ी चलाने से टायर फट सकता है, वायरल वीडियो में भी ऐसी कारणों से सड़क हादसे की बात बताई जा रही है। लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और सेफ ड्राइव की सलाह दी जाती है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की।

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

  • लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है।

    नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    RBI के फैसले से मिली राहत ..

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी को 5 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती की, जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इसका सीधा फायदा बैंक के ग्राहकों को हो रहा है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    ब्याज दरों में बदलाव..

    होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    प्रोसेसिंग फीस भी नही लगेगा ..

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    कैसे करें लोन अप्लाई?

    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-

    • बैंक की वेबसाइट [bankofmaharashtra.in] पर जाएं।
    • होम/कार लोन के सेक्शन में जाएं।
    • अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    • बैंक आपके आवेदन की रिव्यू कर लोन अप्रूव करेगा।
  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

  • बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    Bombay High Court On Kalyan Dombivli Bulldozer Action: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कल्याण डोंबिवली के 65 इमारतों पर एक साथ बुलडोजर चलाने का फैसला सूनाया है। इसमें रहने वाले लगभग 3500 परिवार अब बेघर होने वाले है। क्या है पूरा मामला आईये हम देखते हैं .. (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    Bombay High Court: गार्डन, मैदान और अस्पताल जैसे आरक्षित भूखंड पर अवैध इमारतों का मामला कल्याण, डोंबिवली में खूब गरमाया हुआ है। बम्बई हाईकोर्ट ने मुंबई से सटे कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका अंतर्गत आने वाली 65 इमारतों को तोड़ने का आदेश दे दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन एक साथ 65 अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं 3500 परिवार के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    ये सभी अवैध इमारतें डोंबिवली पूर्व एवं पश्चिम के अलग-अलग भूखंडों में बनाई गई हैं। इनमें 35 भूखंड तो रिज़र्वेशन प्लाट थे जो गार्डन, मैदान और अस्पताल के लिए रिजर्व थे। बिल्डर्स में इन आरक्षित जमीनों पर अवैध इमारतों का निर्माण किया और इन्हें बेच दिया। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    नकली डॉक्यूमेंट के सहारे मिला लोन

    आरोप है कि कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी परमिशन लेटर बनाए गए और फर्जी नक्शे पास करवाए गए थे। इन फेक डॉक्यूमेंट के सहारे महारेरा अथॉरिटी से रेरा नंबर लेकर बैंक से होम लोन ग्राहकों को दिलवा दिए गए थे। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कोर्ट में क्या हुआ?

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कैसे हुआ खुलासा?

    मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

  • Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road

    एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मालाड़ में भीड़ की समस्या

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही

    अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    Mumbai kandivali BMC demolition news
    कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर

    इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

  • Mumbai: 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए बोरीवली पुलिस ने एक किराना दुकानदार को गिरफ्तार किया

    Mumbai: 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए बोरीवली पुलिस ने एक किराना दुकानदार को गिरफ्तार किया

    “चावल” गांजे का कोड वर्ड है जिसे केवल दुकानदार और चुनिंदा ग्राहक ही जानते थे। पुलिस भी सुन कर हैरान हो गई कि 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल में ऐसी कौन सी खासियत होगी। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके से एक किराना स्टोर के दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह चावल की आड़ में ड्रग्स बेचने का काम करता था। हालांकि आरोपी एक थर्ड इयर स्टूडेंट हैं और अपने पिता के दुकानदारी में हाथ बटाने का काम करता था। लेकिन 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल की किमत ने पुलिस को हैरान कर दिया। जब छापामारी की गई तो मौके से 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    चावल की जगह गांजे का इस्तेमाल

    गोराई में एक जनरल स्टोर को 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए पाया गया। यहां चावल का इस्तेमाल खाना पका कर खाने के लिए नही, बल्कि ड्रग्स के व्यापार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। ग्राहकों को चावल की जगह चोरी-छिपे गांजा सप्लाई कराया जा रहा था। अवैध संचालन का खुलासा तब हुआ जब बोरीवली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय दुकानदार को गिरफ्तार कर करीब 15 हजार रुपये का गांजा जब्त किया है। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    Mumbai borivali gorai grocery store crime news image

    दुकान कहां पर है ?

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 21 वर्षीय आरोपी की पहचान महिपाल सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। मुम्बई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे और पीएसआई परमोद निंबालकर (Atc) के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके में सेक्टर 2, प्लॉट 188, त्र्यंबकेश्वर सोसायटी के एक किराने की दुकान पर की गई। जहां पुलिस की टीम ने दुकान से 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के अलग-अलग पैकेट में कुल 749 ग्राम गांजा बरामद किया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    पुलिस हिरासत में आरोपी

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान, महिपाल सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि वह पिछले एक महीने से अपनी दुकान से गांजा बेच रहा था। एक खरीदार के माध्यम से, उसने एक सप्लायर से संपर्क किया और पिछले महीने में 1 किलो गांजा खरीद कर बेच दिया। 12,000 रुपये से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम उसे मुनाफा मिलने लगा तो उत्साहित होकर, उसने एक और किलोग्राम खरीदा, जिसमें से वह पहले ही लगभग एक चौथाई किलो बेच चुका था। वह इसे 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांट देता था, जिन्हें क्रमशः 200 रुपये, 500 रुपये और 1,500 रुपये में बेचा जाता था।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    200 रुपये का चावल

    पुलिस ने यह भी बताया, कि “संदेह से बचने के लिए, लेन-देन कोड शब्दों का उपयोग करके किया जाता था। खरीदार खास कीमतों पर “चावल” की मांगे करते थे। उदाहरण के लिए, 7 ग्राम जिसे चाहिए होता वह ‘200 रुपये के चावल’ की मांग करता। इसी तरह, अन्य मात्राओं के ऑर्डर दिए जाते थे।” आरोपी इन कोड की मांग को समझते हुए, भुगतान एकत्र करता और सावधानी से ड्रग्स के पैकेट सौंप देता। ” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    पुलिस के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहा थर्ड इयर स्टूडेंट राठौड़ अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। “राशन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने के अलावा, राठौड़ सिगरेट और तंबाकू का भी स्टॉक रखता था। इसके अलावा, वह रोलिंग पेपर (रिज़ला) भी बेचता था, जिसे अक्सर गांजा पीने वाले खरीदते थे। जब भी ग्राहक रोलिंग पेपर खरीदने आते थे, तो वह मजाक में सुझाव देते थे कि गांजा भी बेचना चालू करे।” एक अन्य अधिकारी ने जानकारी में बताया, कि “हमने राठौड़ पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)