मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई- आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है। (Indian politics)
लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था। (Indian politics)
यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ? (Indian politics)
Live video on Indian fasttrack news channel
देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है। आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा। (Indian politics)
जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
इस्माईल शेख मुंबई – कांदिवली पुलिस से 23 जुलाई 2023 को मिली जानकारी के मुताबिक, गरुड़ा पैट्रोल पंप के सामने, मरीडियन बीयर बार, लिंक रोड, कांदिवली पश्चिम, के फुटपाथ पर पुलिस ने जाल बिछाकर छापामारी की, जहां उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पहले ही खबर मिल चुकी थी, कि यहां कोई बनावटी पिस्तौल लेकर आने वाला है। यहां कांदिवली पुलिस के क्राइम डिटेक्शन ऑफिसर सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गीते को आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
कांदीवली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि 28 वर्षीय मीरा भयंदर, नवघर विलेज, मीरा रोड पूर्व इलाके का रहने वाला फरहान हनीफ कुरैशी उर्फ सोनू एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस कीमत लगभग 2 हजार 500 रुपये, एक नीले रंग की एक्सेस मोटरसाइकिल अंदाजन कीमत लगभग 50 हजार रुपये, एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अंदाज़न कीमत लगभग 5 लाख रुपये और एक हौंडा कंपनी की सफेद कार अंदाजन कीमत लगभग 4 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।
Indian fasttrack newsकांदिवली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के पास से जप्त सामान के साथ पुलिस टीम की तस्वीर ..
Live video on Indian fasttrack news channel
जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांदीवली पुलिस के गुनाह रजिस्टर क्रमांक 485/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 3, 25 हथियार बंदी कायदा के साथ 37 (1) (अ) 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आरोपी का गुनाह दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि इसके पहले भी आरोपी के खिलाफ कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। 2 साल पहले यह वहां भी पिस्तौल के साथ एक साजिश के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)
पांच मंजिला भ्रष्टाचार…
बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।
Indian fasttrack newsचीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर
मलाड BMC का भ्रष्टाचार…
इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?
Live video on Indian fasttrack news channel
आला अधिकारियों का दुधारू गाय…
झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।
अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)
केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा। बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
Indian fasttrack newsप्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack
फेरीवाला कानून ..
सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।
Live video on Indian fasttrack news channel
मौलिक अधिकार की सुरक्षा..
कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।
मुंबई पुलिस की सतर्कता से महाराष्ट्र पुलिस ने RDX से भरा हुआ टैंकर बरामद किया है। जांच कर रही है पुलिस..
इस्माईल शेख मुंबई– देशभर में जहां सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मुंबई पुलिस की सतर्कता से महाराष्ट्र की रत्नागिरी पुलिस ने आरडीएक्स (RDX) से भरा हुआ एक ट्रक जब्त किया है। गुजरात से यह टैंकर गोवा की तरफ जा रहा था।
मुंबई पुलिस ने गोवा पुलिस को जानकारी दी कि आरडीएक्स (RDX) से भरा टैंकर गोवा की ओर आ रहा है। सतर्कता के संकेत के रूप में, गोवा पुलिस ने राज्य की सीमा पर बड़े पैमाने पर नाकाबंदी लगा दी। इस बीच, इस टैंकर को रत्नागिरी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, इस बारे में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
Indian fasttrack newsमुंबई पुलिस बंदोबस्त की फाइल तस्वीर
RDX से भरा हुआ टैंकर..
मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली कि आरडीएक्स (RDX) विस्फोटक से भरा एक टैंकर गुजरात से गोवा की ओर आ रहा है। इसकी जानकारी मुंबई पुलिस ने फोन पर गोवा पुलिस को दी। पुलिस ने चेतावनी स्वरूप सीमा पर घेराबंदी कर दी।
इस टैंकर को रत्नागिरी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। एक शख्स ने मुंबई पुलिस को सूचना दी थी, कि आरडीएक्स (RDX) गोवा की तरफ आ रहा है। इसके बाद गोवा और कोंकण में पुलिस को सतर्क रहने का अलर्ट दिया गया। वहीं इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
Live video on Indian fasttrack news channel
राजस्थान से RDX बरामद
इसके पहले 30 मार्च 2022 को रतलाम के रहने वाले अल्तमश शेरानी, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल्लाह रमजानी और जुबेर फकीर मोहम्मद को राजस्थान पुलिस ने निंबाहेड़ा में 12 किलो आरडीएक्स (RDX) के साथ गिरफ्तार किया था। आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि जब्त विस्फोटक और अन्य सामग्री आईईडी बम बनाने के काम आती है। इनसे पूछताछ के बाद टोंक (राजस्थान) से फरहान और मुजीब को गिरफ्तार किया गया था वहीं रतलाम पुलिस ने इमरान शरीफ खान, आमीन फावड़ा उर्फ आमीन अब्दुल समद को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।
लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।
Indian fasttrack newsबेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर
आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।
तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
असंभव सा लगता है जब हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि मछली के दांत इंसानों जैसे कैसे हो सकते हैं? खबर अमेरिका के एक छोटे से गांव की है। Pacu fish
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) अमेरिका के ओक्लाहोमा (Oklahoma in America) में 11 साल के एक लड़के ने ऐसी मछली पकड़ी जिसे देखकर सब हैरान रह गए। लड़के ने यह मछली तालाब से पकड़ी थी और उसके दांत देखते ही वह चिल्लाने लगा। जाना क्लिंटन ( jaana clinton ) नामक महिला ने बताया, कि उनका बेटा चार्ली (Charlie) मछली को पकड़ने के बाद जोर-जोर से चिल्ला रहा था, ‘हे भगवान, यह क्या है? मॉम…मॉम!’ जाना ने कहा, कि पहले तो उन्हें लगा कि वह नौटंकी कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने मछली को देखा तो वह भी हैरान रह गईं। चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी उसके दांत बिल्कुल इंसानों जैसे थे। (Pacu fish)
पिरान्हा के परिवार से होती है ‘पाकु’
खबरों के मुताबिक, चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी वह ‘पाकु फिश’ (Pacu fish) थी, जो मछलियों के उसी परिवार से आती है जिससे पिरान्हा (piranha fish) आती है। यह मछली हालांकि दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। ऐसे में ओक्लाहोमा (Oklahoma) के एक छोटे से तालाब में उसका होना लोगों को हैरान कर गया। चार्ली को मछली पकड़ने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। क्योंकि वह काफी तेज थी और लगातार प्रतिरोध कर रही थी। हालांकि 11 साल के चार्ली ने मछली को पानी से बाहर निकालकर ही दम लिया। बता दें कि ‘पाकु’ (Pacu fish) को ‘द बॉल कटर’ (the ball cutter) के नाम से भी जाना जाता है।
इंसानों जैसे दांत वाली ‘पाकु’ मछली को दोबारा पानी में छोड़ना पड़ा क्योंकि जिस तालाब से यह पकड़ी गई थी उसका नियम यही था। अमेरिका में कुछ तालाब ऐसे होते हैं जहां आप खेल के तौर पर मछलियां पकड़ सकते हैं और इसके बाद मछलियों को वापस तालाब में छोड़ना पड़ता है। ‘पाकु’ (Pacu fish) के बारे में खबर फैलने के बाद ओक्लाहोमा वाइल्डलाइफ (Oklahoma Wildlife) की टीम ने मछली को तालाब से निकाला और किसी दूसरी जगह छोड़ दिया। इस पर और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि पाकु मछली (Pacu fish) की लंबाई 3.5 फीट तक हो सकती है और यह 35 किलोग्राम तक वजनी हो सकती है।
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
Live video on Indian fasttrack news channel
आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
Indian fasttrack newsमहिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर
राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
Live video on Indian fasttrack news channel
अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India
Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News
बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News
कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News
आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai