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  • पुलिस ने किया 12 लाख 24 हज़ार का माल जप्त 2 गिरफ्तार एक फरार

    पुलिस ने किया 12 लाख 24 हज़ार का माल जप्त 2 गिरफ्तार एक फरार

    • लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू का कारोबार शहर में कैसे हो रहा है?

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली (पश्चिम) की एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखा तस्करी मामले में, एक महिंद्रा बुलैरो जीप के साथ कुल 12 लाख 24 हज़ार रुपये का माल जप्त कर भिवंडी के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुजरात से मुंबई गुटखा सप्लाई मामले में एक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है।

    कैसे पहुंचा मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू ?

    गुजरात से मुंबई आने में कितने ही चेक पोस्ट हैं। जहां तैनात सुरक्षाकर्मी, पुलिस विभाग और ट्रैफिक पुलिस क्या सोते रहते है ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। यह तो साफ है कि बिना लेनदेन किए इतना बड़ा कारोबार कानून की आंखों में धूल झोंक कर नहीं किया जा सकता। मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा बिकता भी है और लोग खरीदते भी हैं। फिलहाल लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कुछ और सोचने की जरूरत है।

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    गुटखा, तंबाकू,
    गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

    बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने बड़ी ही ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक, मुखबिरों के जरिए इसकी जानकारी मिली की भिवंडी के रास्ते मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा लाया जा रहा है। क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत पवार ने गोराई डंपिंग ग्राउंड के पीछे पुलिसिया जाल बिछाकर महिंद्रा बोलेरो जीप क्रमांक MH 04 LQ 3716 को रोका और तलाशी ली तो, टेंपो में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू बरामद किया गया। जिसमें विमल पान मसाला की 8 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 3 लाख 47 हज़ार रुपये और व्ही-1 तंबाकू की 2 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 39 हजार रुपये बताया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने टेंपो को भी जप्त कर लिया है जिसकी बाजार मूल्यांकन 8 लाख 50 हज़ार रुपये बताई जा रही है।

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    बता जा रहा है कि किसी को बेचने के लिए यहां माल सप्लाई किया गया था। मामले में झा नामक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है। एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक. 613/1023 में 29 वर्षीय टेंपो चालक राघवेंद्र शिवदुलारे और 19 वर्षीय सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जो दोनों ही भिवंडी के रहने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात के गोदाम से माल उठाकर पहले भिवंडी लाया गया वहां कुछ लोगों को बेचने के बाद यह टेंपो मुंबई के बोरीवली इलाके में सप्लाई करने के लिए रवाना हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है।

  • पिता ने स्मार्टफोन छिना नाराज़ 16 साल के लड़के ने आत्महत्या कर ली। मोबाइल फोन की लत को कैसे दूर करें..

    पिता ने स्मार्टफोन छिना नाराज़ 16 साल के लड़के ने आत्महत्या कर ली। मोबाइल फोन की लत को कैसे दूर करें..

    मुंबई के मालाड़ पश्चिम मालवनी इलाके में एक दुखद घटना की खबर है। यहां एक 16 वर्षीय लड़के ने अपने पिता द्वारा उसका स्मार्टफोन जब्त करने से नाराज होकर अपनी जान दे दी। मोबाइल फोन की लत से कैसे निपटा जाए?

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – एक दुखद घटना में, मुंबई के एक 16 वर्षीय लड़के ने अपने पिता द्वारा उसका स्मार्टफोन जब्त करने से नाराज होकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने युवाओं में मोबाइल फोन की लत की बढ़ती समस्या और इस व्यापक समस्या से निपटने के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं। यहां वह सब कुछ है जो आपको जानना आवश्यक है।

    खबर के मुताबिक, ज्यादा गेम खेलने के कारण उसके पिता ने उसका फोन जब्त कर लिया था, जिसके बाद मालवानी में लड़के ने दुखद रूप से अपनी जान दे दी। लड़का, जिसकी पहचान नाबालिग होने के कारण गोपनीय रखी गई है। बताया जाता है कि वह अपने फोन से अलग होने पर परेशानी व्यक्त कर रहा था। मालवणी में अपने माता-पिता के साथ रहने वाले किशोर की 16 नवंबर की रात को अपने पिता के साथ तीखी बहस भी हुई।

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    नाबालिक के जान देने का कारण ..

    जान,
    प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    लगातार गेम खेलने से परेशान पिता ने लड़के का सेलफोन छीन लिया और उसे बिस्तर पर आराम करने का निर्देश दिया। परेशान होकर, लड़का, जिसने पहले भी इसी तरह की स्थितियों में खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी, 17 नवंबर को रसोई में दुपट्टे का उपयोग करके टिन के हुक से लटका हुआ पाया गया था। उसे बचाने के लिए उसके पिता के प्रयासों के बावजूद, एक निजी अस्पताल में प्रवेश से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। मालवानी पुलिस ने मामले को आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज किया है, और दिल दहला देने वाली घटना की आगे की जांच के लिए शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।

    मोबाइल फोन की लत से कैसे निपटें..

    मोबाइल फोन की लत से निपटने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जिसमें माता-पिता का मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और शिक्षा शामिल है। माता-पिता से मोबाइल फोन के उपयोग पर समय पर उचित सीमा निर्धारित करने, बाहरी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग के बारे में खुली चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया जाता है।

    • माता-पिता फोन के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश स्थापित कर सकते हैं। भोजन, पारिवारिक समय और सोने के समय जैसी डिवाइस-मुक्त गतिविधियों के लिए विशिष्ट अवधि निर्धारित करें।
    • ज़िम्मेदारीपूर्ण उपयोग का अनुकरण करके फ़ोन की स्वस्थ आदतें प्रदर्शित करें। यदि किशोर माता-पिता को निरंतर स्क्रीन समय के बजाय आमने-सामने की बातचीत को प्राथमिकता देते हुए देखते हैं, तो उनके इन व्यवहारों का अनुकरण करने की अधिक संभावना है।
    • व्यक्ति को शारीरिक गतिविधियों और बाहरी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। माता-पिता खेल, शौक या सामुदायिक गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकते हैं जिनमें स्क्रीन शामिल नहीं है।
    • वयस्क किशोरों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अत्यधिक स्क्रीन समय के संभावित नकारात्मक प्रभावों के बारे में सूचित कर सकते हैं। नींद में खलल, आंखों पर तनाव और पारस्परिक संबंधों पर प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा करें।
    • माता-पिता ऐप के उपयोग और स्क्रीन समय को प्रबंधित और मॉनिटर करने के लिए स्मार्टफ़ोन पर अभिभावक नियंत्रण सुविधाओं को लागू कर सकते हैं। इससे माता-पिता को स्थापित सीमाएं लागू करने में मदद मिल सकती है।
    • किशोरों के साथ खुला और गैर-निर्णयात्मक संचार बनाए रखें। उन्हें सजा के डर के बिना फोन के उपयोग से संबंधित अपने अनुभवों, चुनौतियों और चिंताओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
    • किशोरों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता और ऑनलाइन गतिविधियों के संभावित परिणामों के बारे में शिक्षित करना हमेशा बेहतर होता है। इसमें सोशल मीडिया, साइबरबुलिंग के प्रभाव को समझना और एक स्वस्थ ऑनलाइन उपस्थिति बनाए रखने के महत्व को समझना शामिल है।
  • बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

    बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

    भारत और न्यूजीलैंड के मैच से पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने वानखेड़े स्टेडियम में हमले की धमकी दी है। मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है और स्टेडियम के अंदर और बाहर निगरानी को कड़ी कर दी है। (India vs New Zealand Cricket Match)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    भारत और न्यूजीलैंड क्रिकेट मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक आतंकवादी हमले की धमकी मिली है। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर के जरिए दी है। धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। बता दें कि बुधवार 15 नवंबर 2023 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल हो रहा है।

    इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कहा कि धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि भारत और न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ‘नापाक’ घटना को अंजाम दिया जाएगा। धमकी भेजने वाले के साथ उस अज्ञात व्यक्ति ने एक तस्वीर भी भेजी थी। इस फोटो में बंदूक, हथगोले और गोलियाँ दिखाई थीं। इसके साथ ही उसने मुंबई पुलिस को टैग भी किया था।

    मुंबई पुलिस ने वानखेड़े स्टेडियम और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंधे ने मंगलवार 14 नवंबर 2023 को कहा, कि वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल मैच कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। उन्होंने कहा, “मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच आईसीसी वर्ड कप की मेजबानी कर रहा है। जहाँ तक सुरक्षा की बात है तो हम अच्छी तरह से तैयार हैं।”

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    आतंकी हमले की धमकी ..

    धमकी,
    धमकी के बाद से सुरक्षा में तैनात मुंबई पुलिस की तस्वीर

    धमकी को देखते हुए सुरक्षा में 7 पुलिस उपायुक्त, 200 अधिकारी और 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्टेडियम के सभी गेटों के सामने पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, स्टेडियम में पेन, पेंसिल, मार्कर, कागज, बैनर, पोस्टर, बैग, सिक्के, पावर बैंक और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की मनाही कर दी गई है। अंदर आने वाले हर शख्स की गहनता से जाँच की जाएगी।

    धमकी भरे मेसेज को लेकर ताज़ा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बाद में कहा कि लातूर जिले के एक 17 वर्षीय युवक को क्राईम ब्रांच ने संदेश के सिलसिले में हिरासत में लिया है और उसकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा देखभाल के लिए सहायक हमलावर बल, दंगा नियंत्रण दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें भी तैनात की गई हैं।

    इससे पहले मंगलवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के टिकटों की कालाबाजारी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपए के दो VIP टिकटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो वीआईपी टिकट बरामद किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक टिकट की कीमत 1 लाख 20 हज़ार रुपए है। इससे पहले कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने इवेंट आयोजक आकाश कोठारी को गिरफ्तार किया गया था।

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  • आरपीएफ की खुली गुंडागर्दी प्लेटफार्म बना अखाड़ा

    आरपीएफ की खुली गुंडागर्दी प्लेटफार्म बना अखाड़ा

    कल्याण रेलवे स्टेशन इन दिनों गुंडागर्दी का अखाड़ा बन गया है। यहां RPF के कर्मचारी भी सुरक्षा के मद्देनजर निष्क्रिय साबित हो रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन बन गया अखाड़ा। यहां जनरल यात्री पैंट्रीकार में घुसने के लिए कर्मचारियों से गाली-गलौज और मार पीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं और आरपीएफ जब नज़र आई तो वो भी पैंट्रीकार के कर्मचारियों पर ही अपना बल का प्रयोग करते हुए दिखाई दिए। ऐसे में पैंट्रीकार में यात्रा के लिए महंगे दाम देकर प्रतिक्षा के साथ सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    क्या है मामला?

    छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से लखनऊ जाने वाली 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गाड़ी जब कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 4 पर आई, तो लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ थी और यहां सुरक्षा के नाम पर केवल आरपीएफ दिखाई पड़ी। लेकिन पैंट्रीकार पर एक भी जवान नही दिखाई पड़ा। जिसमे जनरल टिकट के यात्री भारी संख्या में पैंट्रीकार में घुसने लगे। तभी पैंट्रीकार के कर्मचारी ने अंदर आने के लिए मना किया। इस पर यात्रीयो ने विरोध किया और पैंट्रीकार वालो को गाली गलौज देते हुए मारपीट पर उतारू हो गए तभी पैंट्रीकार वालो ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

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    RPF,
    कल्याण रेलवे स्टेशन पर मार पीट की तस्वीर
    कल्याण रेलवे स्टेशन पर मार पीट की तस्वीर

    RPF की गुंडागर्दी..

    इसके बाद भी यात्री गाली दे रहे थे। इस वजह से पैंट्रीकार के स्टाफ ने दरवाजा खोला और वो भी गली देने लगे तभी यात्रियों ने मारपीट शुरू कर दिया। इसके बाद तो प्लेटफार्म पूरी तरह अखाड़ा बन गया तब भी कोई आरपीएफ नही आया। कुछ देर के बाद आरपीएफ  और एमएसएफ के जवान आ गए और पैंट्रीकार के स्टाफ को मारने लगे। इसको देखकर यात्री और उग्र हो गए। उन लोगों ने भी आरपीएफ के साथ मिलकर मारपीट में सहयोग दिया।

    इतना अत्यचार आरपीएफ का बढ़ गया है, कि जब यात्री मारपीट कर रहे थे तो उन यात्रियों पर कार्रवाई क्यो नही किया गया? उन पर केस क्यो नही बनाया? सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि कल्याण में तैनात चेकिंग स्टाफ, टीसी क्या रहे थे? ये केवल रेलवे का रेवेन्यू बढाने में लगे रहते है और जनरल टिकट वालो से पेनाल्टी रसीद बनाकर आरक्षण बोगी में यात्रा करने की छूट दे देते है। कुछ तो वसूली में व्यस्त रहते है। पेनाल्टी रसीद के आधार पर किस नियम के तहत आरक्षण बोगी में यात्रा करने का अधिकार है? यात्रियों की सुरक्षा करने की ताकत इनके पास नही रह गयी है।

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    छठ पूजा के कारण हर वर्ष दीवाली के समय उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों में भीड़ होती है। इस पर न तो रेल प्रशासन ठीक से ध्यान देता है और न ही रेल विभाग की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई पड़ती है। केवल आरपीएफ नारे लगाती है, कि हम ये व्यवस्था कर रहे है हम वो व्यवस्था कर रहे है। आरपीएफ में संख्या बल की भी भारी कमी है। इसके कारण निरीक्षक भी लाचार होते है। पर कल्याण स्टेशन की स्थिति काफी दयनीय है। मध्यरेल के आईजी को इस पर गहन ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा भी बिना सीजन के भी आरपीएफ की व्यवस्था ठीक नही है। आजकल रेल प्रशासन खोखले दावे के अलावा और कुछ नही कर रहा है।

  • यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीएसटी में जीआरपी चौकी का उद्घाटन

    यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीएसटी में जीआरपी चौकी का उद्घाटन

    यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मध्यरेल की जीआरपी कटिबद्ध। कहा, किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नही होने देंगे। मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया होगा निर्माण।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफार्म क्रमांक 18 के ठीक बाहर लौहमार्ग पुलिस की चौकी का पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिसवे के कर कमलों द्वारा आज उद्घाटन किया गया।

    मौके पर पुलिस उपायुक्त मनोज नवले पाटील, सहायक आयुक्त सुनील गांवकर, यातायात निरीक्षक विजय खेड़कर, निरीक्षक विजय तायड़े, निरीक्षक अरशद शेख, निरीक्षक प्रदीप सालुंखे, रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक प्रताप भान सिंह अपने दल बल के साथ उपस्थित थे।

    मुंबई,

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    मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया का निर्माण ..

    साथ ही जीपी मीना वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक भी उपस्थित थे सभी पुलिस आधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के कटिबद्धता दिखाया। कहा कि किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नही होने देंगे इसीलिए इस चौकी का स्थापना किया है। मिली जानकारी के मुताबिक पूरे मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया बनाई जाएगी।

    इसके बाद लोकमान्य तिलक मार्ग रेलवे स्टेशन पर भी चौकी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसकी जानकारी उपायुक्त पाटील ने मौखिक रूप से दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निरीक्षक विजय तायड़े के अथक प्रयासों से इस चौकी का काम किया गया है। इसके साथ ही आरपीएफ ने भी पूरा सहयोग देने का निर्णय लिया है।

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  • RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई, चोर को दबोचा बड़े केस का खुलासा

    RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई, चोर को दबोचा बड़े केस का खुलासा

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    गुरूवार, मध्यरेल की CPDS ‘A’ टीम ने 272 ग्राम सोने की चोरी मामले में अंबरनाथ के 62 वर्षीय रिक्शा चालक एवं आरोपी अख्तर हुसैन मुस्तफा हुसैन शेख को गैवानशाह बाबा दरगाह के सामने, कमलानगर की झुग्गी बस्ती से हिरासत में लेकर जीआरपी के हवाले किया।

    मिली जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के साथ सहायक सुरक्षा आयुक्त मुंबई प्रथम के मार्गदर्शन में गठित सीपीडीएस (CPDS) टीम में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक एकनाथ गदाधे और प्रदीप गीते, सतीश पावरा, डी के यादव एडीएम पोस्ट पर एकत्र होकर सीएसएमटी के जीआरपी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। जिसकी एफआईआर क्र.926/2023 धारा 379 आईपीसी के अनुसार 03.11.2023 को 00:00 बजे दर्ज की गई थी। दिनांक 08.11.2023 को जीआरपी थाने के डीबी स्टॉफ के साथ समन्वय कर उक्त अपराध की जांच शुरू की CPDS टीम के साथ उपनिरीक्षक अर्जुन सांगले, नाइक/2249 अव्हाड, पोशी/576 भरुद, पोशी/1124 रणवारे, पोशी/1526 चव्हाण द्वारा संयुक्त टीम गठित कर उपरोक्त दर्ज अपराध के तथ्यों को समझाते हुए कहा कि उक्त अपराध के अनुसार, हमें गुप्त मुखबिर के माध्यम से आरोपी के बारे में सूचना मिली।

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    तुरंत टीम के साथ दिनांक 08.11.2023 को 00.41 बजे सरकारी वाहन में मुखबीर को लेकर अंबरनाथ के लिऐ रवाना हुए। बाद में जब हम लोग अंबरनाथ के कमलानगर झुग्गी में पहुंचे तो गैबनशाह दरगाह के नीचे बाई ओर मुखबीर ने एक दरवाजे की ओर इशारा किया। इसके बाद हम लोग घर के अंदर घुसे और उसे कब्जे में ले लिया।’ और जब हमने उसे अपराध के तथ्य बताकर, एक पुलिसकर्मी के रूप में पहचानकर उससे पूछताछ की, तो उसने हमें अस्पष्ट उत्तर दिए। वहीं से उसे हिरासत में ले लिया गया. 08.11.2023 को प्रातः 07.15 बजे। थाने के अमलदार कक्ष में पेश किया गया।

    आप को यह भी बता दें, कि 62 वर्षीय आरोपी ने अब तक अपना आधार कार्ड बनाया ही नहीं है। जब उससे आधार कार्ड के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसके पास आधार कार्ड नहीं है। साथ ही दो पंचों की मौजूदगी में उनसे अपराध की सामग्री के बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा कि, 02.11.2023 को मुझे अप सीएसएमटी फास्ट लोकल ट्रेन में एक बैग मिला, जिसके बारे में बताया कि मैंने इसे उठाया लिया। और अपने लाभ के लिए इसे चुरा लिया। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी से, उक्त अपराध में उसकी संलिप्तता देखी जा सकती है। तो जीआरपी सीएसटी द्वारा उसे दिनांक 08.11.2023 को 09.00 बजे गिरफ्तार कर लिया है।

    जब तलाशी ली तो पैसे या नोट जैसी कोई भी कीमती चीज़ नहीं मिली। जांच में यह पाया गया कि उक्त अपराध उसके द्वारा किया गया था, इसलिए निम्नलिखित कारणों से सीएसएमटी, जीआरपी में केस रिकॉर्ड संख्या 926/2023 आपराधिक संहिता की धारा 379 के तहत उसे गिरफ्तार किया गया और माननीय रेलवे कोर्ट में पेश करने पर 02 दिन की पुलिस कस्टडी मिली। दिनांक 9/11/2023 को उक्त आरोपी से बुद्धिकौशल्य से अधिक पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल किया और बताया कि मैंने चोरी की बैग मेरे घर पर रखी है बाद उक्त आरोपी के निवेदन पर संयुक्त टीम उसके अंबरनाथ के घर पर दो पंचों को ले गईं और दो पंचों के समक्ष उक्त बैग का पंचनामा किया गया उक्त बैग में निम्न प्रकार का सामान मिला उसका विवरण निम्न प्रकार से है।

    02 कान की बालियाँ 1.520 ग्राम, 70%,6,500/—- 03 कान के टॉप्स चेन के साथ 02 नग, 2.400 ग्राम, 72%, 10,500/—-

    04 लगड 03 नग, 104.190 ग्राम, 99.9%, 6,34,000/- एशियन गोल्ड बुलियन डीओसी नंबर डीडब्ल्यूएसजीए23004727 और विक्टोरिया गोल्ड एंड डायमंड्स 21652

    05 चेन 01 नग,13.360gm, 91.6%,74,200/-2025

    06 अंगूठी 01 नग, कान के टॉप्स 02 नग, 5.920 ग्राम, 75%, 27,000/-KLY/5381 KLY/4731 07 चूड़ियाँ 02 नग, 26.520 ग्राम, 91.6%, 1,47,000/-1833

    08 चेन 01 नग, 5.350 ग्राम, 75%, 24, 300/-केएलवाई/233/22-23

    कुल 159.760 ग्राम 9,25,800 यानी कुल 272.020 ग्राम 15,16,800 रूपये किमत के विषय वस्तु पर जीआरपी द्वारा दो पंचायतों के समक्ष उक्त पीली धातु की जांच के बाद उक्त आरोपी के साथ सही सलामत अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपूर्द किया।

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  • मिठाई, मावा, पनीर व दूध में मिलावट है या नहीं, 2 मिनट में करें पहचान, अपनाए ये तरीके

    मिठाई, मावा, पनीर व दूध में मिलावट है या नहीं, 2 मिनट में करें पहचान, अपनाए ये तरीके

    मिलावट खोर मावा की मिठाई, दही, पनीर यहां तक की किराने के आइटमों में भी मिलावट करने से नहीं चूकते है। जिसका उपयोग करने से शरीर पर प्रभाव पड़ता है। मिलावटी पदार्थ से बचने के लिए खाद्य मिश्रण की पहचान के लिए जागरूक होना अति आवश्यक है। आपकी दीपावली शुभ हो ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    त्यौहारी सीजन के नजदीक आते ही दूध से बने कई उत्पादों में मिलावट खोर मिलावट करने लगते हैं। जिनकी शिकायत खाद्य विभाग के पास पहुंचती है। मिलावट खोर मावा की मिठाई, दही, पनीर यहां तक की किराने के आइटमों में भी मिलावट करने से नहीं चूकते हैं। जिसका उपयोग करने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। मिलावटी पदार्थ से बचने के लिए खाद्य मिश्रण की पहचान के लिए जागरूक होना अति आवश्यक है। ऐसे में हम आपको कुछ तरीके बताएंगे जिन्हे अपना कर आप भी मिलावटी चीजों की स्वंय ही जांच कर सकते है।

    एफडीए (FDA) के एक अधिकारी ने बताया कि त्यौहार आते ही मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं और ज्यादा मुनाफे के चक्कर में खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट कर देते हैं। जिससे शरीर को नुकसान होता है। ऐसे में मिठाई, मावा की दूध, दही, पनीर में अगर मिलावट है या नहीं। उसे पहचानने के लिए कुछ आयोडीन या टिंचर आयोडीन की बूंदे डालने पर उसका रंग नीला या बैंगनी हो जाएगा तो आप समझ जाए कि वह मिलावटी वस्तु है, उसे  मत खरीदे। इसके साथ ही, मिठाइयों पर लगाने वाला चांदी का वर्क एल्युमिनियम का फॉयल भी हो सकता है अगर पहचान करनी है तो उसे उंगलियों से मसले फॉयल के छोटे-छोटे टुकड़े हो जाएंगे तो वह मिलावटी है।

    दीपावली,
    प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    दीपावली के शुभ अवसर पर मिठाई की जांच..

    मिठाई खरीदने जाएं तो उसका कलर देखें, मिठाई का कलर ज्यादा गहरा है तो उसे ना ले। खाद्य विभाग के अनुसार फूड सेफ्टी के अंतर्गत अगर कोई भी वस्तु खरीदें तो तीन चीज देखी जाती है जिसका खास तौर से ध्यान रखें। पहले मिठाई को अच्छे से देखकर, दूसरा सूंघकर और तीसरा उसे खाकर उसका पता लगा सकते हैं. कि इसमें मिलावट है या नहीं।

    नकली और मिलावटी मावा..

    मावे की पहचान कैसे करें कि वह असली है या नकली, तो मावे को थोड़ा सा हाथ के उंगलियों पर ले और उसे अपनी उंगलियों पर मसले अगर मावे में चिकनाहट है तो वह सही है। या फिर दूसरा आयोडीन की एक-दो बूंद मावे में डालने पर मावे का बैंगनी कलर हो जाता है तो मावे में मिलावट है तो उसे ना खरीदें।

    दूध की शुद्धता…

    दूध अगर खरीदना है तो उसे पहले हीलाकर देखें अगर उसमें झाग आ रहे हैं तो ऐसे दूध को भी ना खरीदें। पनीर है उसमें भी टिंचर आयोडीन की एक-दो बूंद डालकर देखें, अगर उसका कलर भी बैंगनी हो जाता है तो उसे भी ना खरीदें उसमें भी मिलावट हो सकती है। इस तरह से बाजार की खाद्य सामग्रियों में मिलावट होने से हम बच सकते हैं।

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  • भुसावल के डीएससी एच श्रीनिवास राव ने दिया इस्तीफा

    भुसावल के डीएससी एच श्रीनिवास राव ने दिया इस्तीफा

    रेल अधिकारी की पत्नी ने जो रौब दिखाया। शर्मसार करने के लिए काफी है। बाकी अधिकारियों को सिखाने लगी शिष्टाचार। पत्नी की हरकत पर हुई कार्रवाई की मांग।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के नाशिक ट्रेनिग सेंटर में आयोजित रेल सुरक्षा बल के खेल प्रतियोगिता में फाइनल के दौरान भुसावल मंडल की डीआरएम इति पांडेय को मंच पर पहली लाइन में बैठने के लिए स्थान न मिलने पर मिसेज पांडेय काफी नाराज हो गयीं और डीएससी एच श्रींनिवास राव को अपना रौब दिखाते हुए वहीं पर कड़ी फटकार लगाने लगी। कहा कि तुम को थोड़ा भी अक्कल नही है, कि डीआरएम को कहा बैठाया जाता है और व्यवस्था कैसे की जाती है। इसके साथ ही और भी खरी-खोटी सुनाई जिससे राव नाराज होकर अपना त्यागपत्र दे दिया। 

    रेल अधिकारी की पत्नी की धौंस..

    वैसे भी जून 24 में राव का रिटायरमेंट का समह है। इस कार्यक्रम में मध्यरेल के जीएम नरेश लालवानी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम पांडेय का रिकार्ड पहले से भी ठीक नही है। आजकल भुसावल मंडल के आरपीएफ अधिकारियों की लापरवाही काफी बढ़ गई है। अब उनकी पत्नी का उनके सरकारी कामों में दखलअंदाजी को क्या कहा जाएगा यह सोचने का विषय है।

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    रेल अधिकारी,
    इस्तीफा पत्र

    फिलहाल राव छुट्टी पर चले गए है राव ने मांग किया है, कि जब तक डीआरएम को नही हटाया जाएगा तब तक वो ड्यूटी पर नई आएंगे। अगर ऐसे ही रेल सुरक्षा बल और रेल प्रशासन में पहलवानी चलती रही तो आने वाले दिनों के भविष्य खराब दिखाई दे रहे है। कहा जाता है एक तो पहले से ही आरपीएफ, जीआरपी और रेल अधिकारियों में तालमेल नही है। ये ऐसा लगता है, कि मानो जैसे मजबूरी में नौकरी कर रहे है।

    कितनी भी खबर लग जाये ये सुधरने वाले नही है अब देखना है कि राव क्या करते हैं। बीच बचाव करने के लिए आईजी सादानी और जीएम ने समझौता करवाया तब जाकर डीएससी राव ड्यूटी करने के लिए तैयार हो गए है। पर कोई भी आरपीएफ अधिकारी अपना मुँह खोलने को तैयार नही है, घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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  • प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं की शह पर किया जा रहा गैरकानूनी बांधकाम

    प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं की शह पर किया जा रहा गैरकानूनी बांधकाम

    • करोड़ों की हेरा-फेरी न हो तो महानगर पालिका कैसी?
    • आदिवासी के रिक्त भूखंड पर भूमाफियाओं का कब्जा।
    • मीरा-भायंदर आदिवासियों की जमीन की बिना रजिस्ट्री किए ही झोपड़ा धारकों का एग्रीमेंट बनाकर बेची जा रही जमीन।

    सुरेन्द्र राय
    मिरा/भायंदर-
    यहां तो होड़ लगी रहती है, कि कौन सा प्रभाग अधिकारी अपने पाले हुए गुर्गे या स्थानीय भूमाफियाओं के माध्यम से कितनी बड़ी जमीन कब्जा कराकर, उस पर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कराकर प्रॉपर्टी बनाता है और वही उच्च अधिकारियों को खिलाता हुआ चमचागिरी करके प्रमोशन पा जाता है।

    मीरा-भायंदर महानगरपालिका का भ्रष्टाचार ..

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे मीरा-भायंदर महानगर पालिका में अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार का खेल बखूबी चलता रहता है। यहां पर अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार के कीर्तिमान बनते और टूटते रहते हैं। लेकिन मजाल क्या है, कि कोई बड़े से बड़ा पालिका अधिकारी उनकी गिरेबां पकड़कर कानून के हवाले करे और सजा दिलाए। क्योंकि बड़े अधिकारियों तक अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार की काली कमाई के कमीशन पहुंचते रहते हैं।

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    वैसे तो मीरा-भायंदर महानगर पालिका के अधिकांश प्रभाग  भ्रष्टाचार में लिप्त है। कहीं प्रभाग अधिकारी अपनी काली कमाई को स्थानीय भूमाफियाओं और ठेकेदारों के साथ मिलकर खपाता है अवैध निर्माण में, तो कहीं प्रभाग अधिकारी के साथ मिलकर प्रभाग अभियंता गैरकानूनी बांधकाम कराते हुए संरक्षण देकर मोटी कमाई करते हुए आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करते हैं। वह भी बिना रजिस्ट्री के!
    एक ऐसे ही अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार का मामला मीरा – भायंदर महानगर पालिका, प्रभाग- 6 के अंतर्गत प्रकाश में आया है।

    जहां पर स्थानीय भूमाफिया मंगल गांधी, बाबू म्हात्रे और अवेश कुरेशी द्वारा मीरा रोड(पूर्व)  काशिमीरा स्थित काशिगांव, मीनाक्षी नगर के डचकूल पाड़ा, महाराष्ट्र – ४०११०७ स्थित विगत वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड, आदिवासी की जमीन पर प्रभाग -6 के भ्रष्ट अधिकारियों से साठगांठ कर पतरे के रूम का स्ट्रक्चर निर्माण कर उसे मेहनत कश गरीब जरूरत मंद लोगो को अंधेरे में रखकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

    बता दें, कि जब संवाददाता ने खुद इस मामले की जांच पड़ताल की तो पता चला कि मीरा-भायंदर, महानगरपालिका, प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं ने उक्त भूमाफियाओं से भारी धनराशि लेकर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रभाग -6 में आदिवासी की जमीन पर अवैध ढंग से पतरे रूपी स्ट्रक्चर का निर्माण कराकर गैरकानूनी तरीके से बेचा जा रहा है। फिर उसी पतरे रूपी स्ट्रक्चर को पक्के बांधकाम कराकर लाखों रुपए में बेचकर मालामाल होने की साजिश के तहत भूमाफिया मंगल गांधी, बाबू म्हात्रे और अवेश कुरेशी से मिलीभगत कर प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं द्वारा महानतम भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

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    हालांकि संवाददाता ने उक्त मामले की जानकारी प्रभाग -6 के प्रभाग अधिकारी, प्रभाकर म्हात्रे को दी जिसे संज्ञान में लेते हुए प्रभाग अधिकारी प्रभाकर म्हात्रे ने  संवाददाता को बताया कि आदिवासी की जमीन पर किए गए अनाधिकृत निर्माण कार्य को लेकर प्रभाग – 6 द्वारा तोड़क कारवाई की जा चुकी है।उक्त जमीन पर यदि पुनः कोई भी भूमाफिया चाहे वह मंगल गांधी ,बाबू म्हात्रे या अवेश कुरेशी ही क्यों न हो उस पर एमआरटीपी के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे, इतना कहकर प्रभाग – 6 के प्रभाग अधिकारी,प्रभाकर म्हात्रे ने अपनी वाणी को विराम दिया। अब ऐसे में जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर तोडक कार्रवाई जरूरी है।

    मीरा-भायंदर महानगर पालिका, प्रभाग – 6 के प्रभाग अधिकारी प्रभाकर म्हात्रे से हमारी मांग है कि जवाबदेह अभियंताओं के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए और साथ ही तोड़क कारवाई कर आदिवासियों को अपने जमीन से वंचित होने से बचाएं अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा!

  • कब सुधरेगा पूना का चेकिंग स्टाफ

    कब सुधरेगा पूना का चेकिंग स्टाफ

    रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के इन सवालों को लेकर जीएम लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पूना और सोलापुर मंडल का चेकिंग स्टाफ वसूली पर अपनी जिंदगी बसर कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूना और सोलापुर के टिकट चेकिंग स्टाफ मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में बड़े पैमाने पर हफ्ता लेकर अवैध हॉकरों से मोटी रकम लेकर गाड़ियों में फालतू खाना, चाय, चिक्की, पानी, समोसा, वड़ापाव बिकवाते है। घटिया किस्म की सामग्री से परेशान यात्रियों के शिकायत के बावजूद इन पर कार्रवाई नही की जाती है। उल्टा यात्रियों को ही धमकाते है।

    रेलवे, भ्रष्टाचार,
    मध्य रेलवे जीएम नरेश लालवानी की फाइल तस्वीर

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    ये टीसी नही गुंडे हैं। इस पर जीएम नरेश लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है। रेलवे स्टाफ फर्जी तरीके से यात्रा करता है। न तो उसके पास यात्रा करने की टिकट या पास कुछ नही होता हैं। यात्रियों को गाड़ी खाली रहने के बाद भी सीट नही मिलता है। रेलवे को लूटने का पूरा धंधा यही टीसी करते है। इनका इंचार्ज महीने का लाखो रुपये का टेंडर लेता है। जिसका हिस्से के तौर पर हफ्ता एसीएम और डीसीएम तक जाता है।

    रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर सवाल ?

    सिर्फ पूना से सोलापूर के बीच यात्रा पर रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूना से सोलापुर के बीच अवैध रूप से 300 से 500 रुपये में ऐसी की सीटें बेचने का कारोबार करते है। प्रति ट्रिप में कितने अवैध यात्रियों से पैसे लिए जाते है? क्या करता है इनका विजिलेंस विभाग? कितनी कार्रवाई करता है ऐसे टीसीओ पर ? पूना और सोलापुर मंडल भ्रष्टाचार में अव्वल है इसका रिवार्ड जीएम कब घोषित करेंगे ?

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