मुंबई में आयकर विभाग का कमिश्नर बनकर 40 से अधिक लोगों को धोखा देने वाले छठी पास बदमाश को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सीबीआई में नौकरी दिलाने के बहाने 40 लोगों को 2 करोड़ रुपये चूना लगाने वाले बदमाश के पास से पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
न्यूज़ डेस्क
मुंबई– महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पास से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छठी क्लास पास बदमाश ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और 40 लोगों को चूना लगा दिया। आरोपी ने इन चालीस लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये ठगे हैं। शातिर बदमाश को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से आयकर विभाग की 28 फर्जी ID कार्ड बरामद की है। वहीं, पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र, लेटर हेड और अन्य डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं।
दरअसल, मुंबई से सटे नालासोपारा क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने एक फर्जी आयकर अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, कि आरोपी आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 से ज्यादा बेरोजगार लोगों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा ठग चुका है।
सिर्फ छठी क्लास पढ़ा है आरोपी
क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने इस फर्जी अधिकारी को नवी मुंबई के तलोजा इलाके से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रिंकू जीतू शर्मा बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 33 साल है। वह पेशे से ड्राइविंग का काम करते हैं और केवल छठी क्लास पास है। इसके बावजूद, बेरोजगारों से वादा करता था कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में उच्च पदों पर नौकरी दिलाएगा। इसी वादे का झांसा देकर लोगों से मुंह मांगी कीमत मांग लेता था। ऐसा करते हुए उसने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा लिया और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी दिया।
IT डिपार्टमेंट और CBI की फर्जी आईडी बरामद
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 से उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 28 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। इनमें आयकर विभाग के सहायक आयुक्त, गृह विभाग के सहायक आयुक्त और सीबीआई विभाग के पुलिस आयुक्त जैसे पदों के फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, उसके पास से फर्जी स्टांप, नियुक्ति पत्र, और लेटर हेड सहित अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
कब हुआ ठगी का खुलासा ?
12 दिसंबर 2024 को पेल्हार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने आयकर कमिश्नर होने का नाटक करते हुए शिकायतकर्ता की बेटी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने 15 लाख रुपये ऐंठने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिए। जब बेटी की नौकरी नहीं लगी, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आज यानी बुधवार, 8 जनवरी, वसई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है।
