Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।
मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।
WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान
पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।
APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा
जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।
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सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन
मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।
RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।
- WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
- फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
- बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते
इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—
- अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
- RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
- किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें
FAQ Section
❓ यह ठगी कैसे की गई?
➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।
❓ कितनी रकम की ठगी हुई?
➡️ करीब 21 लाख रुपये।
❓ आरोपी कौन है?
➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।
❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?
➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
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