Category: अहमदाबाद

  • समंदर के नीचे दौड़ेगी Bullet Train! मुंबई में 20 मंजिला गहराई पर बन रही ‘सुपर टनल’

    समंदर के नीचे दौड़ेगी Bullet Train! मुंबई में 20 मंजिला गहराई पर बन रही ‘सुपर टनल’

    Mumbai Ahmedabad Bullet Train Project: 21 km लंबी underground tunnel, 7 km undersea tunnel, Vikhroli में TBM मशीनों से काम तेज, 2027 तक पहला फेज शुरू होने का लक्ष्य।

    मुंबई: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शहर में जमीन के नीचे और समुद्र के अंदर बनने वाली देश की पहली हाई-टेक सुरंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। National High Speed Rail Corporation Limited (NHSRCL) इस मेगा प्रोजेक्ट को लीड कर रही है, जिसमें अब मुंबई के विक्रोली में विशाल टनल बोरिंग मशीनों (TBM) की तैनाती शुरू हो चुकी है।

    🚄 21 KM लंबी टनल: भारत की पहली Underwater Tunnel

    मुंबई के Bandra Kurla Complex (BKC) से ठाणे के शीलफाटा तक लगभग 21 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है।

    इसमें सबसे खास बात यह है कि:

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    • 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे (Undersea Tunnel) होगा
    • यह सुरंग Thane Creek के नीचे से गुजरेगी

    यह भारत की पहली underwater bullet train tunnel होगी, जो इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

    🏗️ NATM और TBM Technology का कॉम्बिनेशन

    सुरंग निर्माण के लिए दो अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है:

    • 5 किलोमीटर सुरंग NATM (New Austrian Tunnelling Method) से पूरी
    • बाकी 16 किलोमीटर TBM मशीनों से बनाई जाएगी

    यह hybrid approach प्रोजेक्ट को तेजी और सुरक्षा दोनों देता है।

    ⚙️ Vikhroli में TBM मशीनों की एंट्री

    Vikhroli में TBM मशीनों की assembling शुरू हो चुकी है।

    • सुरंग का व्यास: 13.1 मीटर
    • सिंगल ट्यूब टनल (दो ट्रैक के साथ)
    • गहराई: 25 से 57 मीटर
    • सबसे गहरा पॉइंट: 114 मीटर (Parsik hill के नीचे)

    इसमें एक बड़ा हिस्सा 170 टन वजन का है, जिसे 56 मीटर गहराई तक उतारा गया — जो करीब 20 मंजिला इमारत जितनी गहराई है।

    🏢 Single Tube Tunnel: अंदर दो ट्रैक

    इस टनल को single tube design में बनाया जा रहा है, जिसमें:

    • एक ही सुरंग में दो रेलवे ट्रैक होंगे
    • हाई स्पीड ट्रेन के लिए optimized structure

    यह डिजाइन space और safety दोनों के लिहाज से advanced माना जाता है।

    🔩 दो हाई-टेक TBM मशीनें

    इस प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे आधुनिक TBM मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है:

    • वजन: 3080 टन और 3184 टन
    • लंबाई: 95.32 मीटर
    • टेक्नोलॉजी: Mix Shield / Slurry TBM

    इन मशीनों में शामिल हैं:

    • cutter wheel
    • main bearing
    • jaw crusher
    • erector
    • shield system

    यह मशीनें 49 mm प्रति मिनट की स्पीड से खुदाई कर सकती हैं।

    ⏳ Timeline: कब तक पूरा होगा काम?

    • जुलाई से TBM tunneling शुरू होने की संभावना
    • अक्टूबर 2026 तक सुरंग का बड़ा हिस्सा तैयार

    पहला फेज 2027 तक गुजरात में चालू करने का लक्ष्य है।

    🕳️ 3 बड़े Shaft से होगी खुदाई

    टनल बनाने के लिए 3 बड़े shafts बनाए गए हैं:

    • Shaft 1: BKC (retrieval shaft)
    • Shaft 2: Vikhroli
    • Shaft 3: Savli (Ghansoli के पास)

    दोनों TBM अलग-अलग दिशाओं से खुदाई करते हुए आपस में मिलेंगी।

    🏭 Casting Yard: Mahape में तैयार हो रही रिंग

    Mahape में 11.17 हेक्टेयर का casting yard बनाया गया है।

    • 7,700 rings तैयार होंगी
    • 77,000 concrete segments बनाए जाएंगे
    • हर रिंग में 9 segments + 1 key segment

    यह पूरी प्रक्रिया fully automated है।

    🌍 Earthquake Proof Technology और Seismograph

    इस सुरंग को earthquake resistant बनाया जा रहा है।

    Monitoring के लिए:

    • Seismograph (भूकंपीय गतिविधि ट्रैक)
    • Strain gauge
    • Optical sensors
    • Surface settlement points

    इनसे tunneling के दौरान हर छोटी movement पर नजर रखी जा रही है।

    🚉 BKC में बनेगा देश का सबसे बड़ा Underground Station

    BKC में भारत का सबसे बड़ा underground bullet train station बनाया जा रहा है।

    • fully green station
    • high-tech सुविधाएं
    • multi-level connectivity

    यह स्टेशन मुंबई का future transport hub बनने वाला है।

    📍 Bullet Train Route Details

    पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई: 508.17 किमी

    • गुजरात: 384.04 किमी
    • महाराष्ट्र: 155.76 किमी
    • Dadra and Nagar Haveli: 4.3 किमी

    कुल 12 स्टेशन:

    • 8 गुजरात में
    • 4 महाराष्ट्र में

    🔗 Important Links


    ❓ FAQ Section

    Q1. Bullet Train tunnel कितनी लंबी है?
    करीब 21 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है।

    Q2. Underwater tunnel कितनी लंबी है?
    लगभग 7 किलोमीटर समुद्र के नीचे टनल होगी।

    Q3. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    पहला फेज 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है।

    Q4. TBM क्या है?
    Tunnel Boring Machine, जो जमीन के अंदर सुरंग बनाने के लिए इस्तेमाल होती है।

    Q5. क्या यह tunnel earthquake proof है?
    हाँ, इसमें advanced seismic monitoring और earthquake resistant technology का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • IPL 2026: आज से शुरू, RCB vs SRH ओपनर, पूरा शेड्यूल और डिटेल्स एक क्लिक में

    IPL 2026: आज से शुरू, RCB vs SRH ओपनर, पूरा शेड्यूल और डिटेल्स एक क्लिक में

    IPL 2026 Full Guide in Hindi – Schedule, Teams, Squads, Venues, Match Timings, Tickets, Live Streaming, TV Channels, Format, Groups & More. Complete IPL 2026 details.

    मुंबई: अरे भाई, क्रिकेट का सबसे बड़ा त्योहार फिर से आ गया! IPL 2026 आज 28 मार्च से बेंगलुरु के M Chinnaswamy Stadium में शुरू हो रहा है। पहला मुकाबला defending champion RCB vs SRH के बीच रात 7:30 बजे खेला जाएगा। इस बार पूरा सीजन 31 मई तक चलेगा और कुल 74 मैच खेले जाएंगे।

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    📅 IPL 2026 Dates & Schedule Overview

    • Start Date: 28 March 2026
    • Final: 31 May 2026 (Bengaluru)
    • Total Matches: 74
    • League Matches: 70 (28 मार्च – 24 मई)
    • Playoffs: Qualifier 1, Eliminator, Qualifier 2, Final (dates pending)

    Match Timing (India Time)

    • Afternoon Match: 3:30 PM IST
    • Evening Match: 7:30 PM IST

    🎟️ IPL 2026 Tickets कैसे खरीदें?

    टिकट लेने के लिए ये प्लेटफॉर्म यूज कर सकते हो:

    • BookMyShow
    • District by Zomato
    • Team Official Websites & Apps

    👉 Tip: मुंबई में Wankhede मैच के टिकट जल्दी sold out हो जाते हैं, जल्दी बुक करो!

    🏆 IPL 2026 Format – कैसे चलेगा टूर्नामेंट

    • 10 टीम्स, हर टीम 14 मैच खेलेगी
    • Top 4 टीम्स playoffs में जाएंगी
    • Top 2 → Qualifier 1
    • 3rd vs 4th → Eliminator
    • Winner Eliminator vs Loser Q1 → Qualifier 2
    • Winner Q2 → Final

    🔀 IPL 2026 Groups (नया ट्विस्ट)

    Group A:
    CSK, KKR, RR, RCB, Punjab Kings

    Group B:
    MI, SRH, GT, DC, LSG

    👉 इस बार same group एक बार और दूसरे group दो बार भिड़ेंगे – नया format!

    🏟️ IPL 2026 Venues (13 Stadiums)

    • Mumbai – Wankhede Stadium
    • Delhi – Arun Jaitley Stadium
    • Ahmedabad – Narendra Modi Stadium
    • Chennai – Chepauk
    • Bengaluru – Chinnaswamy
    • Kolkata – Eden Gardens
    • Hyderabad – Uppal Stadium
    • Jaipur, Lucknow, Guwahati, Dharamsala, Raipur, Chandigarh

    📺 Live TV & Streaming Details

    • TV Broadcast: Star Sports Network (12 languages)
    • Live Streaming: JioHotstar

    👉 Hindi, English, Marathi, Tamil, Telugu सहित 12 भाषाओं में commentary उपलब्ध।

    📊 Top Teams & Squads Highlights

    👉 हर टीम में इस बार बड़े बदलाव और स्टार प्लेयर्स शामिल:

    • Mumbai Indians: Hardik Pandya, Rohit Sharma, Bumrah
    • CSK: Dhoni, Ruturaj Gaikwad, Jadeja
    • RCB: Virat Kohli, Rajat Patidar
    • KKR: Ajinkya Rahane, Narine
    • SRH: Pat Cummins, Ishan Kishan
    • LSG: Rishabh Pant, KL Rahul
    • GT: Shubman Gill, Rashid Khan

    👉 पूरी squads ऊपर दी गई हैं – कोई भी खिलाड़ी miss नहीं!

    🗓️ IPL 2026 Full Schedule Highlights (Top Matches)

    • 28 March – RCB vs SRH
    • 29 March – MI vs KKR
    • 30 March – RR vs CSK
    • 5 April – RCB vs CSK 🔥
    • 23 April – MI vs CSK (El Clasico)
    • 10 May – RCB vs MI
    • 24 May – Last League Matches

    👉 Total 70 league matches – पूरा schedule ऊपर दिया गया है।

    🏆 IPL History – Champions List

    • 2025 – RCB 🏆
    • 2024 – KKR
    • 2023 – CSK
    • 2022 – GT

    👉 Most Titles:

    • CSK – 5
    • MI – 5
    • KKR – 3

    🔗 Useful Links


    FAQ – IPL 2026

    Q1. IPL 2026 कब शुरू हो रहा है?
    👉 28 मार्च 2026 से

    Q2. IPL 2026 Final कब है?
    👉 31 मई 2026

    Q3. IPL 2026 कहाँ देखें लाइव?
    👉 Star Sports (TV) और JioHotstar (Online)

    Q4. कुल कितने मैच होंगे?
    👉 74 मैच

    Q5. मुंबई में मैच कहाँ होंगे?
    👉 Wankhede Stadium

  • Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai में स्कूल, Stock Exchange और Metro Stations को Bomb Threat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। Dindoshi Police अब MaladGoregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।

    मुंबई: Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।

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    Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।

    इन शहरों में शामिल हैं:

    • Mumbai
    • Delhi
    • Punjab
    • Ahmedabad

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

    Mumbai के Malad-Goregaon इलाके में भेजे थे ईमेल

    मुंबई में यह मामला Dindoshi Police Station के अधिकार क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

    पुलिस के अनुसार आरोपी ने 26 फरवरी को ईमेल भेजकर धमकी दी थी कि स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations पर बम धमाके होंगे।

    ये सभी संस्थान मुख्य रूप से Malad-Goregaon belt में आने वाले इलाकों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    सभी जगहों की हुई जांच, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

    ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।

    पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।

    Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।

    पुलिस कर रही है Motive की जांच

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
    • या फिर किसी को डराने की कोशिश
    • या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है

    जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?

    इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?

    उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।

    3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?

    मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।

    4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?

    स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।

    5. क्या धमकी सच थी?

    नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।

  • UP Train Rape Case: अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में TTE पर रेप का आरोप, NCC कैडेट बनी शिकार

    UP Train Rape Case: अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में TTE पर रेप का आरोप, NCC कैडेट बनी शिकार

    यूपी के गोरखपुर में अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन के AC कोच में TTE द्वारा NCC कैडेट युवती से रेप का मामला सामने आया है। बिना टिकट यात्रा के दौरान सीट दिलाने के बहाने वारदात। आरोपी फरार, GRP ने दर्ज किया केस।

    उत्तर प्रदेश: यूपी से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में एक टीटीई पर एनसीसी कैडेट युवती से रेप करने का आरोप लगा है। युवती परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह टिकट नहीं ले सकी थी। इसी दौरान सीट दिलाने के बहाने आरोपी टीटीई उसे एसी फर्स्ट क्लास कोच के केबिन में ले गया और कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया।

    🚆Train Rape Case क्या है पूरा मामला?

    घटना रविवार की बताई जा रही है। पीड़िता मऊ से परीक्षा देकर Gorakhpur लौट रही थी। ट्रेन में भारी भीड़ होने के कारण वह टिकट नहीं ले पाई और सीधे एसी कोच में चढ़ गई।

    ट्रेन में मौजूद टीटीई राहुल कुमार ने उससे पूछताछ की। आरोप है कि उसने सीट दिलाने और टिकट बनाने के नाम पर युवती को एसी प्रथम श्रेणी के केबिन में बुलाया।

    ⚠️ सीट दिलाने के बहाने केबिन में ले गया

    पीड़िता का आरोप है कि केबिन में बैठाने के बाद आरोपी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पहले सामान्य बातचीत की, फिर जबरदस्ती की कोशिश की। विरोध करने पर बिना टिकट यात्रा का केस बनाने और कार्रवाई की धमकी दी।

    युवती के मुताबिक, घटना इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच हुई।

    📞 112 पर कॉल के बाद आरोपी फरार

    पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। जैसे ही मामला खुला, आरोपी टीटीई देवरिया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।

    मामले की जांच अब जीआरपी द्वारा की जा रही है।

    👮 GRP एसपी ने क्या कहा?

    Lakshmi Nivas Mishra (एसपी जीआरपी) ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मामले को आगे की जांच के लिए देवरिया ट्रांसफर किया गया है।

    🎓 कौन है पीड़िता?

    पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली बताई जा रही है। वह गोरखपुर में किराए पर रहकर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह एनसीसी का ‘C’ सर्टिफिकेट एग्जाम देने मऊ गई थी।

    भीड़ और जल्दबाजी के कारण टिकट न ले पाना उसके लिए भारी पड़ गया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: घटना किस ट्रेन में हुई?

    अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में यह घटना हुई।

    Q2: आरोपी कौन है?

    पीड़िता के अनुसार आरोपी टीटीई राहुल कुमार है, जो घटना के बाद फरार हो गया।

    Q3: पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

    जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया है, मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश जारी है।

    Q4: घटना कहां हुई?

    इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच एसी फर्स्ट क्लास कोच में वारदात हुई।

    Q5: पीड़िता कौन है?

    पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली एनसीसी कैडेट है, जो परीक्षा देकर लौट रही थी।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर अब चालान की प्रक्रिया बदली जाएगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है, जो AI कैमरों से चालान जनरेट करेगा। जानिए नया नियम क्या कहता है और किन शहरों में लागू हुआ है।

    नई दिल्ली: भारत में बाइक और स्कूटर चलाने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बिना हेलमेट चालान से जुड़े नियमों में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब से चालान सीधे मौके पर नहीं, बल्कि ई-चालान सिस्टम के जरिए काटा जाएगा।

    इस बदलाव का मकसद ट्रैफिक सिस्टम को ज़्यादा पारदर्शी, स्मार्ट और रिश्वत-मुक्त बनाना है। हालांकि हेलमेट पहनना अब भी अनिवार्य रहेगा।

    ⚙️ नया नियम क्या कहता है?

    अब ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काटने की बजाय AI-सक्षम कैमरा सिस्टम पर निर्भर होगी। अगर किसी सड़क या चौराहे पर CCTV या ट्रैफिक कैमरा लगा है और किसी बाइक सवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाया, तो सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर चालान अपने आप जनरेट कर देगा

    ➡️ यानी कि अगर कैमरा कवरेज है, तो चालान ऑटोमेटिक होगा।
    ➡️ अगर कैमरा नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काट सकती है।

    🪖 हेलमेट की अनिवार्यता अब भी बरकरार

    नए नियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बिना हेलमेट चलाना अब छूट गया है।
    मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत, बाइक चालक और पीछे बैठने वाला दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप बिना हेलमेट पकड़े गए, तो चालान तो कटेगा ही — बस तरीका अब डिजिटल होगा।

    🎥 अब चालान तय करेंगे AI कैमरे

    देशभर के कई शहरों में हाईटेक AI ट्रैफिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न सिर्फ बिना हेलमेट बल्कि सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, मोबाइल यूज़ जैसे उल्लंघनों को भी पहचान सकते हैं।

    इन कैमरों से

    • वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होती है
    • सिस्टम डेटा को ट्रैफिक सर्वर भेजता है
    • और ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी होता है

    इससे भ्रष्टाचार, झगड़े और गलत चालान की संभावना खत्म हो जाती है।

    🏙️ किन राज्यों में लागू हुआ नया ई-चालान सिस्टम?

    फिलहाल यह सिस्टम देश के कई बड़े शहरों में शुरू किया जा चुका है—
    📍 दिल्ली
    📍 लखनऊ
    📍 भोपाल
    📍 पुणे
    📍 जयपुर
    📍 अहमदाबाद

    अब धीरे-धीरे इसे छोटे शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी लागू किया जा रहा है।

    ⚠️ सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

    सरकार का लक्ष्य सिर्फ चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
    सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं।
    AI आधारित सिस्टम से अब यह पता लगाना आसान होगा कि किसने नियम तोड़े, और यह सब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगा।


    ❓FAQs

    Q1. क्या अब बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा?
    चालान अभी भी कटेगा, लेकिन अब यह ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम से कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए होगा।

    Q2. क्या हेलमेट पहनना अब वैकल्पिक हो गया है?
    नहीं, हेलमेट अब भी जरूरी है। बिना हेलमेट बाइक चलाना अभी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है।

    Q3. किन शहरों में यह नया सिस्टम लागू हुआ है?
    दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद में यह सिस्टम सक्रिय है।

    Q4. क्या पुलिस अब चालान नहीं काटेगी?
    जहां कैमरा कवरेज नहीं है, वहां पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काट सकती है।

    Q5. क्या इससे गलत चालान की संभावना कम होगी?
    हां, क्योंकि यह सिस्टम AI आधारित है और मानवीय त्रुटियों या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

  • भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत सरकार क्या आम लोगों की तरक्की के लिए काम कर रही हैं या सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को गिनाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रही है। हालही में भारत सरकार ने देशव्यापी बंद का ऐलान कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की घोषणा कर दी है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सोमवार 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद घोषित करने के भारत के फैसले ने पूरे देश में व्यापक रुचि और जिज्ञासा पैदा कर दी है। जबकि यह जानना जरूरी है कि एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था पर इसका कितना असर पडेगा? सरकार फिलहाल इतिहास में अपना नाम दर्ज करने में सबसे ज्यादा रुची दिखा रही है। उसे फर्क नही पड़ता की इससे देश की जनता पर कैसा असर पड सकता है। जबकि कानून व्यवस्था में इस तरह की कोई भी निति मौजूद नही है। बंद सिर्फ सार्वजनिक हितों के मुद्दों को प्रबलता के साथ सरकार को समझने और अपनी बात मनवाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन यहां तो सरकार खुद की महिमा बखान करने के लिए सार्वजनिक नुकसान करने पर उतारु हो गई है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    बंद से हागा नुकसान

    सीआईआई (Confederation of Indian Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था को तुरंत के तुरंत 25 से 90 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है। सेवाओं के दोबारा शुरू होने के बाद भी नुकसान चलता रहता है और इसकी भरपाई कभी नहीं हो पाती है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    सरकारी फरमान

    सरकारी घोषणा के मुताबिक, सार्वजनिक अवकाश मनाने का यह अभूतपूर्व कदम देश के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाने के साधन के रूप में पेश किया गया है। सरकार ने देश की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं को पहचानने और उन पर विचार करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ठहराव की योजना बनाई है। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक दिन प्रदान करना है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय की भावना बढ़े। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    बंद का कानूनी प्रावधान

    आपको जानकारी देते हुए बता दें कि बंद का प्रावधान क्यों अपनाया जाता है? ये दक्षिण एशियाई देशों जैसे भारत और नेपाल में सरकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर असंतोष जताने का तरीका है। भारत में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए बंद का अधिकार है। संविधान की धारा 19 के तहत राइट टू प्रोटेस्ट मिला हुआ है, जिसे इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 का सहारा मिलता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    इसके तहत सेवाएं ठप पड़ जाती हैं, फिर चाहे वो बैंकिंग हो या फिर ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य। इससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है और कई बार मारपीट और खूनखराबे की नौबत भी आ जाती है। कई बार राजनैतिक पार्टियां अपने नीतिगत विरोधों के चलते बंद बुलाती हैं। उनसे असहमत लोग बंद के दौरान अपनी सेवाएं जारी रखने की कोशिश करते हैं तब मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाएं होती हैं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    एक दिन के बंद से कितना नुकसान होता है?

    फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एकदिवसीय देशबंद से लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का सीधा नुकसान होता है। अलग-अलग सेक्टरों में बंद से होने वाला नुकसान अलग-अलग है। जैसे देशभर के बैंक कर्मचारी एक दिन के बंद पर चले जाएं तो तकरीबन 25 हजार करोड़ का नुकसान होता है। रेलवे का नुकसान एक दिन में 24 सौ करोड़ है, वहीं देशभर के मजदूर (असंगठित सेवा) एक दिवसीय हड़ताल करें तो 26 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    महामारी के बाद के प्रयास

    महामारी के दौरान, मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया और गैरजरूरी खर्चों को सीमित रखा. इससे जीडीपी तो बढ़ी लेकिन वेतन और खपत में सुधार नहीं हुआ। सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस के वरिष्ठ फेलो संजय कथूरिया कहते हैं, “भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह 6.5 से 7.5 फीसदी की विकास दर बनाए रख पाएगी या 5-6 फीसदी तक गिर जाएगी।” India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    माधवी अरोड़ा कहती हैं कि भारत फिलहाल एक ऊहापोह की स्थिति में है, जहां लोग खर्च नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक रोजगार में सुधार नहीं होता और वेतन वृद्धि धीमी रहती है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश को समझना

    • गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
    • छुट्टियों का असर सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों पर पड़ेगा।
    • दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
    • परिवहन सेवाएँ केवल आवश्यक आवश्यकताओं तक ही सीमित रहेंगी।

    राष्ट्रव्यापी बंद का सरकारी ऐलान क्या है?

    7 जुलाई 2025 को होने वाले पूर्ण बंद से अर्थव्यवस्था, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं सहित कई क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रुकावट आ सकती है। शटडाउन का उद्देश्य व्यवधानों को कम करना और नागरिकों को नियोजित सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देना है। व्यवसायों को किसी भी संभावित आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए पहले से तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और स्कूल इस अवसर का उपयोग छात्रों को देश के इतिहास और उपलब्धियों के बारे में शिक्षित करने के लिए करेंगे। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    शहरकार्यक्रम स्थल
    दिल्लराष्ट्रीय परेड राजपथ
    मुंबईसांस्कृतिक शो गेटवे ऑफ इंडिया
    बेंगलुरुटेक एक्सपो पैलेस ग्राउंड्स
    कोलकातालिटरेरी फेस्ट विक्टोरिया मेमोरियल
    चेन्नईसंगीत समारोह मरीना बीच
    हैदराबादफूड फेस्टिवल चारमीनार
    जयपुरकला प्रदर्शनी अल्बर्ट हॉल संग्रहालय
    अहमदाबादनृत्य प्रदर्शन साबरमती आश्रम

    बंद की तैयारी का आदेश

    चूंकि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन होने वाला है, इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है, कि वे एक सहज और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए तदनुसार तैयारी करें। व्यक्तियों और परिवारों को सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अपनी गतिविधियों की योजना पहले से बनाने के लिए कहा गया है। व्यवसायों को सलाह दी गई है कि वे छुट्टी के दौरान परिचालन परिवर्तनों के बारे में कर्मचारियों और ग्राहकों को सूचित करें। स्कूल और शैक्षणिक संस्थान को ऐसी गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए कमर कसने के लिए कहा गया हैं, जो छात्रों को इस दिन के महत्व के बारे में शिक्षित कर सके। योजनाओं में किसी भी अपडेट या बदलाव के लिए आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सूचित रहना के लिए सभी को महत्वपूर्ण बताया गया है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • अपने दिन और गतिविधियों की योजना पहले से बना लें।
    • सार्वजनिक परिवहन के शेड्यूल के बारे में जानकारी रखें।
    • स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लें।
    • दिन का उपयोग पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए करें।
    • सरकार की किसी भी घोषणा से अवगत रहें।

    शटडाउन में सरकार की भूमिका

    7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन की योजना बनाने में सरकार की भूमिका इसकी सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताया गया है। संस्कृति मंत्रालय, अन्य विभागों के साथ मिलकर, राष्ट्रीय एकता और गौरव के विषय से जुड़े कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके, केंद्र सरकार का लक्ष्य इस छुट्टी को निर्बाध रूप से मनाना बताया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय सूचना और अपडेट प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि नागरिक इस दिन के लिए अच्छी तरह से सूचित और तैयार हों जाएं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    विभागजिम्मेदारी
    संस्कृति मंत्रालयसांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना
    गृह मंत्रालयसार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना
    शिक्षा मंत्रालयशैक्षिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना
    परिवहन मंत्रालयपरिवहन सेवाओं का समन्वय करना
    स्वास्थ्य मंत्रालयस्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन करना
    सूचना मंत्रालयअपडेट और जानकारी प्रसारित करना

    जन भागीदारी और सहभागिता

    भारत सरकार की घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी बंद सिर्फ़ आराम का दिन नहीं है, बल्कि जन भागीदारी और सहभागिता का आह्वान है। इसमें कहा गया, कि नागरिकों को सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने से लेकर सामुदायिक सेवाओं में स्वयंसेवा करने तक, व्यक्तियों के लिए दिन की भावना में योगदान देने के कई तरीके हैं। स्थानीय संगठनों और सामुदायिक समूहों को ऐसे कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए आमंत्रित किया जाता है जो राष्ट्रीय एकता की थीम के साथ संरेखित हों, लोगों को एक साथ आने और अपनी साझा पहचान का जश्न मनाने के लिए मंच प्रदान करें। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • आयोजित कार्यक्रमों और समारोहों में भाग लें।
    • स्वयंसेवी कार्यक्रमों और सामुदायिक सेवा में भाग लें।
    • स्थानीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों में भाग लें।
    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुभव और कहानियाँ साझा करें।

    लोगों के लिए अवसर बता कर मूर्ख बनाया जा रहा है।

    सरकारी घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद होने से चिंतन और उत्सव मनाने का एक अनूठा अवसर मिलता है, जिससे राष्ट्र गौरव और एकता के साझा क्षण में एक साथ आ सकता है। इस दिन को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार के प्रयास समाज के ताने-बाने को मजबूत करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    7 जुलाई 2025 को बंद का उद्देश्य क्या है?

    बंद का उद्देश्य भारत के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाना है, जो राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है।

    क्या बंद के दौरान आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी?
    हाँ, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी।

    बंद के दौरान नागरिक किन गतिविधियों में भाग ले सकते हैं?
    नागरिक देश भर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामुदायिक सेवा और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

    बंद का व्यवसायों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    व्यवसायों में अस्थायी परिचालन परिवर्तन हो सकते हैं, और उन्हें न्यूनतम व्यवधान के लिए तदनुसार योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

    शटडाउन के बारे में अपडेट कहां से मिलेगी?
    अपडेट और जानकारी आधिकारिक सरकारी चैनलों और मीडिया आउटलेट के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।

  • मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    • जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
    • मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
    • धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
    • बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
    • आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
    • तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
    • अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा

    मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?

    जनता का अधिकार

    चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।

    ट्रेंडिंग फोटो

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।

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    दुखद घड़ी

    दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।

    हेलीकॉप्टर दुर्घटना

    धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।

    विमान हादसे को लेकर सवाल?

    एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?

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    क्या है पर्सनल डेटा?

    जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।

    महामानव की राजनैतिक चाल

    जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।

    साजिश या टेक्निकल ?

    मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।

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    गैर जिम्मेदार

    अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।

    दुर्घटना का सही कारण?

    कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
    मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।

  • समुद्र के अंदर से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, मुंबई में रेल मंत्री का निरीक्षण, जानें कितना काम पूरा?

    समुद्र के अंदर से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, मुंबई में रेल मंत्री का निरीक्षण, जानें कितना काम पूरा?

    आज माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री. अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा में मुंबई बुलेट ट्रेन भूमिगत स्टेशन के बीच निर्माणाधीन सुरंग का निरीक्षण किया। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन का काम गुजरात के बाद महराष्ट्र में स्पीड पकड़ रहा है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई में बुलेट ट्रेन के काम का निरीक्षण किया। इस मौके पर वैष्णव ने समुद्र के अंदर बनाई जाने वाली सुरंग (टनल) के काम का निरीक्षण किया। इस मौके पर वैष्णव ने कहा कि काम की प्रगति काफी अच्छी है। वैष्णव ने कहा कि इस टनल में बुलेट ट्रेन 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    रेल मंत्री ने बताई खासियत

    11-मीटर X 6.4 मीटर आयाम का एडीआईटी निर्माण और संचालन के दौरान मुख्य सुरंग तक सीधे वाहनों की पहुंच प्रदान करेगा और इसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में निकासी प्रक्रिया के उद्देश्य से भी किया जा सकता है। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    आज माननीय रेल मंत्री श्री. अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा में मुंबई बुलेट ट्रेन भूमिगत स्टेशन के बीच निर्माणाधीन सुरंग का निरीक्षण किया। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए महाराष्ट्र राज्य में भारत की पहली 7 किमी लंबी समुद्र के नीचे सुरंग सहित 21 किमी लंबी सुरंग का निर्माण। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    महाराष्ट्र राज्य में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा में मुंबई बुलेट ट्रेन भूमिगत स्टेशन के बीच 21 किमी लंबी भारत की पहली भूमिगत/समुद्र के नीचे सुरंग निर्माणाधीन है। 21 किलोमीटर के सुरंग निर्माण कार्य में से 16 किलोमीटर टनल बोरिंग मशीनों के माध्यम से और शेष 5 किलोमीटर एनएटीएम के माध्यम से है। इसमें ठाणे क्रीक पर 7 किमी लंबी समुद्री सुरंग भी शामिल है। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    Mumbai bullet train project latest news

    निम्नलिखित स्थानों पर निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।

    ADIT (अतिरिक्त रूप से संचालित मध्यवर्ती सुरंग) पोर्टल: 394 मीटर लंबी ADIT सुरंग मई 2024 (रिकॉर्ड समय 6 महीने) में पहले ही पूरी हो चुकी है। इससे शिलफाटा के अलावा उत्खनन कार्य के लिए दो अतिरिक्त NATM फेस की सुविधा मिल गई है। इस अतिरिक्त पहुंच के कारण, 1,111 मीटर (1562 मीटर में से बीकेसी/एन1टीएम की ओर 622 मीटर और 1628 मीटर में से अहमदाबाद/एन2टीए की ओर 489 मीटर) सुरंग बनाने का काम हासिल किया गया है।

    11 X 6.4 मीटर आयाम का एडीआईटी निर्माण और संचालन के दौरान मुख्य सुरंग तक सीधे वाहनों की पहुंच प्रदान करेगा और इसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में निकासी प्रक्रिया के उद्देश्य से भी किया जाने वाला है।

    • मुंबई एचएसआर स्टेशन निर्माण स्थल पर शाफ्ट 1: शाफ्ट की गहराई 36 मीटर, खुदाई का काम अभी चल रहा है।
    • विक्रोली में शाफ्ट 2: 56 मीटर की गहराई तक शाफ्ट का काम पूरा हो गया है। इस शाफ्ट का उपयोग दो अलग-अलग दिशाओं में दो सुरंग खोदने वाली मशीनों को नीचे करने के लिए किया जाएगा, एक बीकेसी की ओर और दूसरी अहमदाबाद की ओर।
    • सावली में शाफ्ट 3 (घांसोली के पास): 39 मीटर की गहराई तक शाफ्ट का काम पूरा हो चुका है।
    • शिलफाटा में सुरंग पोर्टल: यह सुरंग का NATM अंत है। पोर्टल का काम पहले ही पूरा हो चुका है और 1628 मीटर (एन3टीएम) में से 602 मीटर सुरंग का काम अब तक पूरा हो चुका है।

    सुरंग की खुदाई के दौरान सावधानियां

    •         सुरंग के अंदर पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे सुरंग स्थलों के अंदर सुरक्षित और हवादार कार्यबल सुनिश्चित हो सके
    •         सभी उत्खनन सामग्री का निपटान राज्य सरकार के निर्देशानुसार किया जा रहा है
    •         सुरंग स्थलों के आसपास की संरचना/इमारतों की लगातार निगरानी की जाती है
    •         झुकाव, निपटान, कंपन, दरारें और विरूपण की निगरानी के लिए निर्माण स्थलों पर और उसके आसपास विभिन्न प्रकार के भू-तकनीकी उपकरण जैसे इनक्लिनोमीटर, कंपन मॉनिटर, ग्राउंड सेटलमेंट मार्कर, टिल्ट मीटर आदि स्थापित किए गए हैं। ये उपकरण यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि न तो खुदाई और सुरंग बनाने जैसे चल रहे भूमिगत कार्यों और न ही साइट के आसपास की संरचनाओं को कोई खतरा हो।

    सुरंग अस्तर के लिए कास्टिंग यार्ड:
    16 किमी टीबीएम हिस्से के लिए सुरंग लाइनिंग की ढलाई के लिए एक समर्पित कास्टिंग यार्ड महापे में पहले से ही चालू है। 7,700 रिंग बनाने के लिए 77,000 खंड बनाए जाएंगे। सुरंग की परत के लिए विशेष रिंग खंड डाले जा रहे हैं, प्रत्येक रिंग में नौ घुमावदार खंड और एक मुख्य खंड शामिल है, प्रत्येक खंड 2 मीटर चौड़ा और 0.5 मीटर (500 मिमी) मोटा है।

    बेहतर संरचनात्मक अखंडता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए उच्च शक्ति एम70 ग्रेड कंक्रीट का उपयोग किया जा रहा है। कास्टिंग और स्टैकिंग यार्ड, महापे, ठाणे जिले, महाराष्ट्र में 11.17 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। यार्ड में सांचों के नौ सेट होंगे, जिनमें से प्रत्येक में दस टुकड़े होंगे। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)

    बाकी विवरण क्या है?

    •         खंडों की ढलाई के बाद भाप उपचार की व्यवस्था। उपचार यौगिक के साथ अंतिम उपचार।
    •         प्रत्येक रिंग में स्टील सुदृढीकरण की मात्रा: 4.368 मीट्रिक टन
    •         प्रत्येक रिंग में कंक्रीट की मात्रा: 39.6 घनमीटर
    •         किनारे पर दरार को नियंत्रित करने के लिए जीएफआरपी (ग्लास फाइबर रीइन्फोर्समेंट पॉलिमर) बार का उपयोग
    •         यार्ड में बैचिंग प्लांट: 3 की संख्या में। प्रत्येक की क्षमता: 69 घन मीटर/घंटा।
    •         यार्ड में अत्याधुनिक क्यूए-क्यूसी प्रयोगशाला में स्थायित्व पैरामीटर की जांच करने की सुविधाएं हैं।

    यार्ड कास्टिंग संचालन को स्वचालित और मशीनीकृत करने के लिए विभिन्न क्रेन, गैन्ट्री और मशीनों से सुसज्जित है, जो खंडों की कास्टिंग और स्टैकिंग के दौरान उच्च गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त, सुविधा में कास्टिंग शेड, एक स्टैकिंग क्षेत्र, एक बैचिंग प्लांट और एक स्टीम क्योरिंग क्षेत्र शामिल होगा। (Bullet train will run from under the sea, Railway Minister inspects in Mumbai, know how much work has been completed)