Category: पटना

  • दरभंगा में कोहरे का कहर: सड़क पर सांड बचाने के चक्कर में कार नहर में गिरी, तीन दोस्तों की मौत

    दरभंगा में कोहरे का कहर: सड़क पर सांड बचाने के चक्कर में कार नहर में गिरी, तीन दोस्तों की मौत

    दरभंगा के नेहरा थाना क्षेत्र में घने कोहरे और सड़क पर सांड आने से बड़ा हादसा हो गया। कार 15 फीट गहरी नहर में गिरने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    बिहार: दरभंगा जिले में घने कोहरे के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेहरा थाना क्षेत्र में सड़क पर अचानक सामने आए सांड को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरी नहर में गिर गई, जिससे कार सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक आपस में घनिष्ठ मित्र थे और घर लौट रहे थे।

    🚨 नेहरा थाना क्षेत्र में कैसे हुआ हादसा?

    यह हादसा नेहरा थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब घना कोहरा छाया हुआ था और विजिबिलिटी बेहद कम थी।
    जानकारी के मुताबिक, कार सवार युवक जगदीशपुर में अपने बहनोई के घर से लौट रहे थे
    घर से करीब एक किलोमीटर पहले, सड़क पर खड़े सांड को कोहरे की वजह से वे देख नहीं पाए।

    जैसे ही सांड अचानक सामने आया—
    👉 ड्राइवर ने उसे बचाने की कोशिश की
    👉 कार का संतुलन बिगड़ गया
    👉 और गाड़ी सीधे सड़क किनारे बनी नहर में जा गिरी

    👥 मृतकों की पहचान और पारिवारिक हालात

    हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक नेहरा गांव के रहने वाले थे:

    • शंभू कुमार यादव (27)
      👉 पेशे से किसान
      👉 परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य
    • अजय कुमार साहनी (28)
      👉 मखाना और मछली के व्यापार से जुड़े
      👉 परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे
    • सुजीत कुमार साहनी (28)
      👉 पत्नी छह महीने की गर्भवती
      👉 परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा

    तीनों दोस्त एक साथ कार में सवार थे और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर आखिरी साबित होगा।

    🧑‍🌾 ग्रामीणों ने निकाले शव, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
    ग्रामीणों की मदद से:

    • नहर में गिरी कार से शव बाहर निकाले गए
    • तुरंत पुलिस को सूचना दी गई

    सूचना मिलते ही नेहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और
    👉 तीनों शवों को डीएमसीएच दरभंगा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

    😢 गांव में मातम, हर आंख नम

    इस हादसे के बाद नेहरा गांव में कोहराम मच गया
    हर घर में शोक का माहौल है।
    परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से:

    • पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने
    • सड़क पर आवारा पशुओं की रोकथाम
    • कोहरे वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपाय लगाने की मांग की है।

    ⚠️ प्रशासन और जनता के लिए चेतावनी

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि:

    • घने कोहरे में सड़क सुरक्षा के इंतजाम क्यों नाकाफी हैं?
    • ग्रामीण इलाकों में सड़क पर आवारा पशुओं पर नियंत्रण कब होगा?

    स्थानीय अधिकारियों ने भी माना है कि
    👉 कोहरे के मौसम में
    👉 वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी
    👉 और सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 दरभंगा जिले के नेहरा थाना क्षेत्र में।

    Q2. हादसे का मुख्य कारण क्या था?
    👉 घना कोहरा और सड़क पर अचानक सामने आया सांड।

    Q3. मृतकों की संख्या कितनी है?
    👉 तीन युवक।

    Q4. शवों को कहां भेजा गया?
    👉 डीएमसीएच दरभंगा पोस्टमार्टम के लिए।

  • हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। We are busy in the rally and China is making preparations

    मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations

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    क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?

    ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations

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    बार्डर की सुरक्षा 

    मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का? We are busy in the rally and China is making preparations

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    समय पर युद्धक विमान और हथियार

    विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे। We are busy in the rally and China is making preparations

    नग्नता को परिचित 

    सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया। We are busy in the rally and China is making preparations

    चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे

    हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे। We are busy in the rally and China is making preparations

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    भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन 

    पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा। We are busy in the rally and China is making preparations

    मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार? We are busy in the rally and China is making preparations

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    चीन का खतरा 

    चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है। We are busy in the rally and China is making preparations

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    पाकिस्तान के टुकड़े 

    सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations

    चुनावी रणनीति 

    अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। We are busy in the rally and China is making preparations

    हर घर सिंदूर बांटने की योजना 

    अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है। We are busy in the rally and China is making preparations

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    चीन की चाल का जवाब कब देगी सरकार?

    तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं  किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की? We are busy in the rally and China is making preparations

  • chennaiyin vs hyderabad- When You’re On That Field, You Should Have 11 Captains

    chennaiyin vs hyderabad- When You’re On That Field, You Should Have 11 Captains

    Owen Coyle urges Chennaiyin FC to be more vocal before their home match against Hyderabad FC, saying, “When you’re on that field, you should have eleven captains.” Coyle described how awful a loss tastes and admitted that every team would go through a stretch of games that would prove difficult. But he encouraged his men to break out of their rut and make its supporters happy.

    Ahead of Chennaiyin FC’s home match against Hyderabad FC, which is scheduled for Wednesday in the 2024–25 Indian Super League season at the Jawaharlal Nehru Stadium in Chennai, manager Owen Coyle expressed how heartbreaking it is to give up a loss and reiterated that he would like his players to speak more on the field.

    12 points from 11 games

    With 12 points from 11 games, CFC is currently ranked ninth in the ISL standings, but a victory over the visiting HFC might propel them into the playoffs.

    Up till this point in the season, Chennai has recorded three victories, five losses, and a number of ties; however, they have failed to win at home this year. Despite Coyle’s best efforts to get his team out of their current slump, CFC has also lost their last three games.

    current season at Gachibowli Stadium

    The two-time ISL champions CFC and Hyderabad drew in their previous meeting during the current season at Telangana’s Gachibowli Stadium.

    Coyle said his team played well before giving up the first goal against East Bengal FC in their last match, ahead of the rematch at the Marina Arena.

    He highlighted how awful a loss tasted and admitted that every team will go through a stretch of games that would be difficult. But he encouraged his men to break out of their rut and make its supporters happy.

    “We performed admirably up to the East Bengal goal. We had five excellent opportunities that we could have taken advantage of,” Coyle remarked.

    runs during times

    “You will always have runs during times when you have lost games. It’s not pleasant. It’s a terrible sensation,” the British person went on.

    We are the only ones who can go to that pitch, score our goals, take our chances, win the game, and make the people happy, he continued. “Nobody hurts more than us, but we are the ones who can change it.”

    To put it more broadly, I would suggest that the team as a whole should speak up more. Even though Ryan Edwards is the captain, there should be eleven captains on the field. Eleven leaders are required,” Coyle continued.

  • त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    महाराष्ट्र में चुनाव के बीच पर प्रांतीय वोटरों की कमी देखने को मिल सकती है। मुंबई से भर-भर कर जा रहे हैं लोग। ट्रेनों में देखी जा रही है खचाखच भीड़। (Due to festivals in Mumbai, votes of provincials will be less)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मुंबई एवं महाराष्ट्र में पर प्रांतीयो के वोट पर चिंता जताई जा रही है। देशभर में दिवाली और छठ के त्यौहार के बीच चुनाव की घोषणा उत्तर भारतीय उम्मीदवारों के लिए परेशानी का सबब साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस बार मतों की संख्या 35 से 40 प्रतिशत के बीच ही सिमट कर रह जाएगी। मतगणना के दिन ऐसा नजारा देखने को मिल सकता है।

    कब होगा चुनाव

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की मतगणना 23 नवंबर को होगी। इसी समय देश में त्यौहारी सीजन चल रहा है। दिवाली के साथ-साथ छठ पूजा के लिए राज्य के परप्रांती उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल की ओर कूच कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर चुनावी उम्मीदवार इन्ही के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे हैं। लेकिन इन लोगों को अपने गांव जाने से नहीं रोक पा रहे हैं।

    मुंबई की जनसंख्या

    दोहरी राजधानी कही जाने वाली मुंबई यानी महाराष्ट्र की राजधानी के अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ 25 लाख के आसपास है। जबकि यहां 36 विधानसभा सीटों पर लगभग सैकड़ो की संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। लेकिन मुंबई का ज्यादातर परप्रांती समूह त्यौहार के कारण यहां से प्रस्थान कर रहा है। यूपी बिहार के लिए ट्रेनों मे जगह नही होने के बावजूद चालू डिब्बे में खचाखच भीड़ देखी जा रही है। इसी को लेकर पिछले दिनों बांद्रा टर्मिनस पर लोग हादसे का शिकार हो गए। भीड़ की धक्कामुक्की में 10 लोग घायल हो गए थे जिनमें से 2 लोगों की हालत अभी भी क्रिटिकल बनी हुई है।

    महायुति और महाविकास अघाडी में टक्कर

    महाराष्ट्र में पक्ष विपक्ष के दो गठबंधन वाले समुह के बीच खास कर चुनाव देखा जा रहा है। महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस 102 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, तो वहीं उद्धव ठाकरे गुट (UBT) की शिवसेना 96 सीटों के लिए अपना प्रत्याशी उतार चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट 86 सीटों पर अपना दाव खेल रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी (SP) 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। साथ ही, शेतकरी कामगार पक्ष 2 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही है। इसके साथ ही महायुति गठबंधन में भाजपा (BJP) 148 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट 80 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट के 53 उम्मीदवारों लिस्ट जारी की गई है। महायुति मे राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) वर्ली के 1 सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं भाजपा के चुनाव चिन्ह पर महायुति गठबंधन के मित्र पक्ष 6 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।