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  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

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    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
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    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।

  • BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 की तैयारी तेज़। 15 जनवरी को मतदान से पहले 7 केंद्रों पर मतदान केंद्राध्यक्ष और अधिकारियों को नियमावली की ट्रेनिंग, EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की जानकारी दी गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस पहले चरण में मतदान केंद्राध्यक्ष और मतदान अधिकारियों को मतदान नियमावली, EVM मशीन के उपयोग और मॉक पोल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण मुंबई के 7 अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित किया गया, जिसकी अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने स्वयं निरीक्षण कर समीक्षा की।

    15 जनवरी को होगा BMC का मतदान

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    BMC सार्वत्रिक चुनाव के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मुंबई में मतदान कराया जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन पहले ही चरण में मतदान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार करने में जुट गया है, ताकि चुनाव के दिन किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो।

    7 जगहों पर शुरू हुए प्रशिक्षण सत्र

    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडल-वार 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें तीन-तीन सत्रों में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ये केंद्र हैं:

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    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व रंगमंदिर सभागृह, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    मतदान नियमावली और अधिकारियों की भूमिका पर जोर

    प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि लोकतंत्र में मतदान सबसे अहम कड़ी है और उनकी जिम्मेदारी सिर्फ मतदान के दिन तक सीमित नहीं रहती।
    मतदान से पहले की तैयारी, मतदान के दौरान सतर्कता और मतदान के बाद की रिपोर्टिंग—हर चरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अधिकारियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ ड्यूटी निभा सकें।

    EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की ट्रेनिंग

    प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का लाइव प्रात्यक्षिक। इसमें:

    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की जोड़णी
    • मतदान से पहले मॉक पोल लेने की प्रक्रिया
    • मतदान के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों से निपटने के तरीके
    • मतदान समाप्ति के बाद EVM को सील करने की प्रक्रिया

    को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।

    मतदान केंद्र की व्यवस्था और सुरक्षा पर भी चर्चा

    अधिकारियों को यह भी बताया गया कि मतदान केंद्र कैसे तैयार करना है, मतदान कक्ष की रचना कैसी होनी चाहिए, और मतदान से एक दिन पहले क्या-क्या तैयारियां जरूरी हैं।
    इसके अलावा:

    • मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
    • मतदान के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई
    • वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय

    जैसे विषयों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

    50 हजार कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

    BMC चुनाव 2025-26 के लिए करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह पूरा कार्यक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव की वोटिंग कब होगी?
    15 जनवरी 2026 को मतदान कराया जाएगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों को दिया जा रहा है?
    मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

    Q3. प्रशिक्षण में EVM की जानकारी दी जा रही है क्या?
    हां, EVM, मॉक पोल और सीलिंग प्रक्रिया का प्रैक्टिकल डेमो दिया जा रहा है।

    Q4. कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 को लेकर BMC प्रशासन ने करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की पूरी तैयारी कर ली है। 29 दिसंबर से 7 जगहों पर शुरू होंगे ट्रेनिंग सेशन, जानिए पूरी डिटेल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। चुनाव में शामिल होने वाले करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। यह प्रशिक्षण सत्र सोमवार, 29 दिसंबर 2025 से शुरू होंगे और मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए 7 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे।

    निष्पक्ष चुनाव के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम

    BMC चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए महानगरपालिका प्रशासन ने पहले से ही गहन तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षित स्टाफ ही निष्पक्ष चुनाव की सबसे बड़ी ताकत होता है। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है।

    मास्टर ट्रेनर सिस्टम से होगा प्रशिक्षण

    इस बार चुनाव प्रशिक्षण में “मास्टर ट्रेनर सिस्टम” अपनाया गया है।
    चुनाव का लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर आगे मतदान केंद्राध्यक्ष (PRO), सहायक मतदान केंद्राध्यक्ष (APRO), मतदान अधिकारी (PO) और अन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे।
    इसका मकसद है—हर स्तर पर चुनाव प्रक्रिया की पूरी और एक जैसी समझ बनाना।

    7 अलग-अलग जगहों पर होंगे ट्रेनिंग सेशन

    BMC प्रशासन ने मुंबई के अलग-अलग परिमंडलों में 7 प्रशिक्षण केंद्र तय किए हैं, ताकि कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र के पास ही ट्रेनिंग मिल सके। ये केंद्र हैं:

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व सभागृह, लिंक रोड, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    कब तक चलेगा प्रशिक्षण?

    प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा:

    • 29 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026
    • 5 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026

    इन दिनों में हजारों कर्मचारियों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    प्रशिक्षण सत्रों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर अहम बात को शामिल किया गया है, जैसे:

    • आदर्श आचार संहिता का पालन
    • मतदान केंद्र का प्रबंधन
    • मतदान की पूरी प्रक्रिया
    • मतगणना की प्रक्रिया
    • कानून और व्यवस्था बनाए रखना
    • शिकायत निवारण की प्रक्रिया

    साथ ही, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और नियमों का सख्ती से पालन कैसे करना है, इस पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    मॉक पोल और EVM की पूरी जानकारी

    सहायक आयुक्त गजानन बेल्लाळे ने बताया कि प्रशिक्षण में कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के जरिए मतदान वाले दिन की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझाया जाएगा।
    मॉक पोल कैसे लिया जाता है, उसकी एंट्री कैसे होती है और मॉक पोल के बाद मतदान मशीन (EVM) को सील करने की प्रक्रिया—इन सब बातों पर खास फोकस रहेगा।

    वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक

    28 दिसंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:

    • सह आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार
    • अतिरिक्त जिल्हाधिकारी (कोकण) फरोग मुकादम
    • उप जिल्हाधिकारी अंजली भोसले
    • 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO)
    • परिमंडल उप आयुक्त (DMC) और सहायक आयुक्त (AC)

    शामिल थे।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव के लिए कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    Q2. ट्रेनिंग कब से शुरू होगी?
    29 दिसंबर 2025 से प्रशिक्षण सत्र शुरू होंगे।

    Q3. ट्रेनिंग कहां-कहां होगी?
    मुंबई में 7 अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी।

    Q4. ट्रेनिंग में किन विषयों पर जोर रहेगा?
    मतदान प्रक्रिया, मॉक पोल, मतगणना, आचार संहिता और शिकायत निवारण पर।

  • BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। नवाब मलिक के नेतृत्व में घोषित लिस्ट, वार्ड-वाइज नाम, दूसरी सूची की तैयारी और पूरी राजनीतिक तस्वीर—जानिए मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के बहुप्रतीक्षित चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं। 28 दिसंबर को पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची की घोषणा वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की अगुवाई वाली चुनाव प्रबंधन समिति ने की। कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद आई इस लिस्ट से साफ है कि NCP मुंबई के सियासी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी।

    लंबे इंतज़ार के बाद आई पहली सूची

    पिछले कुछ दिनों से मुंबई की राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी BMC चुनाव को लेकर कब उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। गठबंधन, सीट शेयरिंग और अंदरूनी बैठकों के चलते सूची अटकी हुई थी।
    अब 37 नामों की पहली सूची सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है और बाकी उम्मीदवारों की घोषणा भी जल्द होने वाली है।

    इन वार्डों से मैदान में उतरे NCP के उम्मीदवार

    पहली सूची में मुंबई के अलग-अलग इलाकों को कवर करते हुए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

    • वॉर्ड 3: मनीष दुबे
    • वॉर्ड 48: सिरील पीटर डिसोझा
    • वॉर्ड 62: अहमद खान
    • वॉर्ड 76: बबन रामचंद्र मदने
    • वॉर्ड 86: सुभाष जनार्दन पाताडे
    • वॉर्ड 93: सचिन तांबे
    • वॉर्ड 96: आयेशा शाम्स खान
    • वॉर्ड 109: सज्जू मलिक
    • वॉर्ड 113: शोभा रत्नाकर जाधव
    • वॉर्ड 125: हरिश्चंद्र बाबालिंग जंगम
    • वॉर्ड 135: अक्षय मोहन पवार
    • वॉर्ड 140: ज्योती देविदास सदावर्ते
    • वॉर्ड 143: रचना रविंद्र गवस
    • वॉर्ड 146: भाग्यश्री राजेश केदारे
    • वॉर्ड 148: सोमू चंदू पवार
    • वॉर्ड 165: अब्दुल रशीद (कप्तान) मलिक
    • वॉर्ड 169: चंदन धोंडीराम पाटेकर
    • वॉर्ड 171: दिशा अमित मोरे
    • वॉर्ड 224: सबिया अस्लम मर्चेंट
    • वॉर्ड 40: विलास दगडू घुले
    • वॉर्ड 57: अजय विचारे
    • वॉर्ड 64: हदिया फैजल कुरेशी
    • वॉर्ड 77: ममता धर्मेंद्र ठाकूर
    • वॉर्ड 92: युसूफ अबुबकर मेमन
    • वॉर्ड 95: अमित अंकुश पाटील
    • वॉर्ड 111: धनंजय पिसाळ
    • वॉर्ड 126: प्रतिक्षा राजू घुगे
    • वॉर्ड 139: नागरत्न बनकर
    • वॉर्ड 142: चांदणी श्रीवास्तव
    • वॉर्ड 144: दिलीप हरिश्चंद्र पाटील
    • वॉर्ड 147: अंकिता संदीप द्रवे
    • वॉर्ड 152: लक्ष्मण गायकवाड
    • वॉर्ड 168: डॉ. सईदा खान
    • वॉर्ड 170: बुशरा परवीन मलिक
    • वॉर्ड 175: वासंती मुरगेश देवेंद्र
    • वॉर्ड 222: किरण रविंद्र शिंदे
    • वॉर्ड 197: फरीन खान

    नवाब मलिक के नेतृत्व में चुनावी रणनीति

    इस पहली सूची की घोषणा चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नवाब मलिक के नेतृत्व में की गई। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि नवाब मलिक इस बार मुंबई में संगठन को मजबूती देने और पुराने वोट बैंक को दोबारा जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
    उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका को ध्यान में रखा गया है।

    दूसरी सूची पर भी नज़र

    NCP नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिन वार्डों पर अभी चर्चा जारी है, वहां के उम्मीदवारों के नाम दूसरी सूची में सामने आएंगे। माना जा रहा है कि अगली लिस्ट में और भी बड़े चेहरे और नए युवा उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

    BMC चुनाव NCP के लिए क्यों अहम?

    मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे अमीर नगर संस्था मानी जाती है। यहां जीत सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और भविष्य की दिशा तय करती है।
    NCP के लिए यह चुनाव:

    • मुंबई में संगठन को दोबारा खड़ा करने
    • गठबंधन राजनीति में अपनी अहमियत साबित करने
    • और शहरी वोटर तक पहुंच बनाने

    का बड़ा मौका है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. NCP ने कितने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है?
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है।

    Q2. इस सूची की घोषणा किसने की?
    चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नवाब मलिक के नेतृत्व में सूची जारी की गई।

    Q3. क्या दूसरी सूची भी आएगी?
    हां, पार्टी नेताओं के अनुसार जल्द ही दूसरी सूची भी घोषित की जाएगी।

    Q4. यह चुनाव NCP के लिए क्यों अहम है?
    BMC चुनाव मुंबई में पार्टी के राजनीतिक भविष्य और संगठन की मजबूती तय करेगा।

  • BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    मुंबई BMC चुनाव से पहले कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के बीच गठबंधन फाइनल। 227 वार्डों में सीट शेयरिंग, MVA की अंदरूनी राजनीति, MNS फैक्टर और महायुति की चुनौती—पूरी डिटेल मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने आख़िरकार गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों दलों ने सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला तय किया, जिसके तहत कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। यह गठबंधन कांग्रेस और VBA—दोनों के लिए मुंबई में सियासी वजूद बचाने और मज़बूत करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।

    BMC चुनाव से पहले आख़िरी वक़्त का गठबंधन

    मुंबई की राजनीति में ऐन चुनाव से पहले गठबंधन होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार कांग्रेस-VBA की जुगलबंदी इसलिए अहम है क्योंकि दोनों ही दल दबाव में दिख रहे थे। कांग्रेस को मुंबई में लगातार कमजोर होती पकड़ की चिंता है, वहीं VBA अब तक महानगर में बड़ा राजनीतिक स्पेस नहीं बना पाई है।
    ऐसे में यह गठबंधन दोनों के लिए “करो या मरो” जैसी स्थिति लेकर आया है।

    सीट शेयरिंग का गणित क्या कहता है?

    BMC की कुल 227 सीटों में से:

    • कांग्रेस: 165 सीटें
    • VBA: 62 सीटें

    VBA के लिए यह सीटें सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाने का मौका भी हैं। दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने ज़्यादा सीटें लेकर यह साफ़ कर दिया है कि वह अभी भी खुद को इस गठबंधन की बड़ी ताक़त मानती है।

    MVA के अंदर बढ़ी खींचतान

    कांग्रेस पहले से ही महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, जिसमें:

    • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
    • शरद पवार की NCP

    लेकिन मामला तब उलझ गया जब शिवसेना-UBT ने राज ठाकरे की MNS के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि MNS के साथ जाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ़ है।
    इसी तनाव के बीच कांग्रेस का VBA से हाथ मिलाना यह दिखाता है कि मुंबई में पार्टी अब “सैद्धांतिक बहस” से ज़्यादा “चुनावी मजबूरी” पर चल रही है।

    वोट बैंक की राजनीति और असली मक़सद

    कांग्रेस-VBA गठबंधन का सीधा फोकस है:

    • दलित वोट
    • OBC वोट
    • अल्पसंख्यक वोट

    ये वो वर्ग हैं, जिन्हें अलग-अलग लड़कर दोनों पार्टियां पूरी तरह साध नहीं पा रही थीं। साथ आकर उम्मीद है कि वोटों का बंटवारा रुके और मुकाबले में मज़बूती आए।

    महायुति की मज़बूती बनी सबसे बड़ी चुनौती

    मुंबई के बाहर, ग्रामीण महाराष्ट्र में महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP) ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

    • BJP: 117 नगराध्यक्ष
    • शिंदे गुट: 53
    • अजित पवार गुट: 37
    • कांग्रेस: सिर्फ़ 28

    ये आंकड़े कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। अगर मुंबई जैसे किले में भी पार्टी कमजोर पड़ी, तो आगे की राजनीति और मुश्किल हो सकती है।

    एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका की जंग

    BMC सिर्फ़ एक चुनाव नहीं है। यह:

    • बजट
    • कॉन्ट्रैक्ट
    • शहरी विकास
    • राजनीतिक कंट्रोल

    सबका केंद्र है। इसी वजह से हर पार्टी यहां पूरी ताक़त झोंक रही है। कांग्रेस-VBA का गठबंधन इसी लड़ाई में खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश है।

    15 जनवरी की वोटिंग, 16 को फैसला

    अब सबकी नज़रें:

    • 15 जनवरी: मतदान
    • 16 जनवरी: नतीजे

    इन 24 घंटों में तय होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति का मॉडल बनेगा या फिर सिर्फ़ एक चुनावी प्रयोग बनकर रह जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कांग्रेस-VBA गठबंधन क्यों हुआ?
    मुंबई में कमजोर होती पकड़ और वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं।

    Q2. सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला क्या है?
    कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

    Q3. क्या यह गठबंधन MVA को प्रभावित करेगा?
    हां, खासकर MNS के साथ शिवसेना-UBT की नज़दीकी को लेकर कांग्रेस में नाराज़गी है।

    Q4. मतदान और नतीजे कब हैं?
    15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।

  • BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 में नामांकन प्रक्रिया तेज। चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्जों का वितरण, अब तक कुल 10,343 अर्ज वितरित और 44 नामांकन दाखल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की नामांकन प्रक्रिया लगातार रफ्तार पकड़ रही है। शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को शहर के 23 निर्वाचन निर्णय अधिकारी (RO) कार्यालयों से कुल 1,294 नामांकन अर्ज वितरित किए गए, जबकि 35 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखल किए। इसके साथ ही अब तक कुल 10,343 नामांकन अर्ज वितरित हो चुके हैं और 44 नामांकन पत्र जमा किए जा चुके हैं।

    नामांकन वितरण की प्रक्रिया जारी

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 से नामांकन अर्जों का वितरण शुरू हुआ है। नामांकन दाखल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस दौरान उम्मीदवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।

    अब तक कितने अर्ज वितरित हुए?

    चुनाव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार:

    • 23 दिसंबर 2025: 4,165 नामांकन अर्ज वितरित
    • 24 दिसंबर 2025: 2,844 नामांकन अर्ज वितरित
    • 26 दिसंबर 2025: 2,040 नामांकन अर्ज वितरित, 9 नामांकन दाखल
    • 27 दिसंबर 2025: 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 नामांकन दाखल

    👉 कुल: 10,343 अर्ज वितरित | 44 नामांकन पत्र दाखल

    BMC विभागवार स्थिति: कहां कितने अर्ज?

    शनिवार को विभिन्न प्रभागों में नामांकन अर्ज वितरण और प्राप्ति की स्थिति इस प्रकार रही:

    • ए+बी+ई विभाग (RO-23): 64 वितरित / 3 प्राप्त
    • सी+डी विभाग (RO-22): 72 / 9 प्राप्त
    • एफ दक्षिण (RO-21): 46 / 3 प्राप्त
    • जी दक्षिण (RO-20): 31 / 1 प्राप्त
    • जी उत्तर (RO-19): 44 / 2 प्राप्त
    • एफ उत्तर (RO-18): 47 वितरित
    • एल विभाग (RO-17): 50 वितरित
    • एल विभाग (RO-16): 53 / 2 प्राप्त
    • एम पूर्व (RO-15): 69 / 5 प्राप्त
    • एम पूर्व+एम पश्चिम (RO-14): 81 / 1 प्राप्त
    • एन विभाग (RO-13): 28 / 2 प्राप्त
    • एस विभाग (RO-12): 53 / 2 प्राप्त
    • टी विभाग (RO-11): 77 / 2 प्राप्त
    • एच पूर्व (RO-10): 61 वितरित
    • के पूर्व+एच पश्चिम (RO-9): 68 वितरित
    • के पश्चिम+के पूर्व (RO-8): 116 / 2 प्राप्त
    • के पश्चिम (RO-7): 69 वितरित
    • पी दक्षिण (RO-6): 49 / 1 प्राप्त
    • पी पूर्व (RO-5): 90 वितरित
    • पी उत्तर (RO-4): 14 वितरित
    • आर दक्षिण (RO-3): 44 वितरित
    • आर मध्य (RO-2): 33 वितरित
    • आर उत्तर (RO-1): 35 वितरित

    👉 कुल: 1,294 वितरित | 35 प्राप्त

    आने वाले दिनों में बढ़ेगी रफ्तार

    चुनाव अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे अंतिम तारीख नजदीक आएगी, नामांकन दाखल करने वालों की संख्या में तेजी आएगी। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन कब तक किए जा सकते हैं?
    ➡️ 30 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. नामांकन दाखल करने का समय क्या है?
    ➡️ सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

    Q3. अब तक कितने नामांकन पत्र जमा हुए हैं?
    ➡️ कुल 44 नामांकन पत्र दाखल हुए हैं।

    Q4. सबसे ज्यादा नामांकन अर्ज किस दिन वितरित हुए?
    ➡️ 23 दिसंबर 2025 को 4,165 अर्ज वितरित हुए।

    Q5. क्या अभी और नामांकन की उम्मीद है?
    ➡️ हां, अंतिम दिनों में संख्या बढ़ने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।

  • BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में BMC Election के लिए नामनिर्देशन पत्रों का वितरण पूरा हो गया है। ए से आर वार्ड तक कुल 26 विभागों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए हैं। जानिए किस वार्ड में कितने पत्र वितरित हुए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अलग-अलग प्रशासकीय विभागों में नामनिर्देशन पत्रों के वितरण का विस्तृत आंकड़ा सामने आया है। ए विभाग से लेकर आर उत्तर विभाग तक, कुल 26 वार्डों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वितरण एम पश्चिम, एल और के पूर्व विभाग में देखने को मिला है। यह आंकड़े प्रशासनिक तैयारियों और आगामी प्रक्रियाओं की अहम तस्वीर पेश करते हैं।

    BMC के किस विभाग में कितने नामनिर्देशन पत्र

    नगर प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ड-वार वितरण इस प्रकार रहा—

    • ए विभाग – 18
    • बी विभाग – 25
    • सी विभाग – 46
    • डी विभाग – 52
    • ई विभाग – 225

    एफ और जी वार्ड में स्थिति

    • एफ उत्तर विभाग – 200
    • एफ दक्षिण विभाग – 107
    • जी उत्तर विभाग – 185
    • जी दक्षिण विभाग – 118

    इन वार्डों में मध्यम स्तर पर नामनिर्देशन पत्रों का वितरण दर्ज किया गया है।

    एल और एम वार्ड में सबसे ज्यादा वितरण

    • एल विभाग – 347
    • एम पूर्व विभाग – 228
    • एम पश्चिम विभाग – 419

    एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए, जो पूरे शहर में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

    एन, एस और टी वार्ड का हाल

    • एन विभाग – 156
    • एस विभाग – 240
    • टी विभाग – 116

    इन इलाकों में भी नामनिर्देशन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज रही।

    एच और के वार्ड के आंकड़े

    • एच पूर्व (अधिक पूर्व) – 102
    • एच पश्चिम (अधिक एच पश्चिम) – 263
    • के पूर्व (अधिक के उत्तर) – 240
    • के पूर्व – 300

    के पूर्व और एच पश्चिम विभागों में बड़ी संख्या में नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं।

    पी और आर वार्ड का वितरण

    • पी दक्षिण विभाग – 183
    • पी उत्तर विभाग – 92
    • पी पूर्व विभाग – 183
    • आर दक्षिण विभाग – 164
    • आर मध्य विभाग – 80
    • आर उत्तर विभाग – 76

    कुल आंकड़ा

    👉 कुल नामनिर्देशन पत्र: 4,165

    प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और आगे की कार्रवाई तय समय पर की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कुल कितने नामनिर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं?
    👉 कुल 4,165 नामनिर्देशन पत्र।

    Q2. किस वार्ड में सबसे ज्यादा नामनिर्देशन हुए?
    👉 एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419।

    Q3. सबसे कम वितरण किस विभाग में रहा?
    👉 ए विभाग में केवल 18 नामनिर्देशन पत्र।

    Q4. यह वितरण किससे जुड़ा है?
    👉 यह प्रशासकीय और नगर निगम से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
    👉 नामनिर्देशन के बाद जांच और अगली प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

  • बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर। बोरीवली–कांदिवली के बीच छठी रेलवे लाइन के काम के चलते 21 दिसंबर से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक लगाया गया है। इस दौरान रोज़ 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी, कई ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली वेस्टर्न रेलवे लोकल से रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों को अगले एक महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में प्रस्तावित छठी रेलवे लाइन के काम के चलते वेस्टर्न रेलवे ने 30 दिनों का मेगा नाइट ब्लॉक लगाया है। इस दौरान रोज़ाना 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।

    कब से कब तक रहेगा ब्लॉक

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह ब्लॉक 20–21 दिसंबर की रात से शुरू होकर 18 जनवरी 2026 तक चलेगा।
    ब्लॉक मुख्य रूप से रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा, ताकि दिन के पीक आवर्स में कम से कम असर पड़े।

    कितनी लोकल ट्रेनें होंगी प्रभावित

    • 21 से 25 दिसंबर के बीच रोज़ 94 लोकल सेवाएं (अप और डाउन मिलाकर) प्रभावित होंगी
    • 26 दिसंबर को 87 लोकल ट्रेनें प्रभावित रहेंगी
    • शुरुआती रात 20/21 दिसंबर को सिर्फ 7 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं
    • कुल मिलाकर रोज़ाना 35–40 अप और 35–40 डाउन लोकल ट्रेनें रद्द होने की संभावना

    इसके अलावा, करीब 100 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें भी अलग-अलग तरह से प्रभावित होंगी।

    छठी रेलवे लाइन का काम क्यों जरूरी

    वेस्टर्न रेलवे के अनुसार, बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में:

    • ट्रैक का री-अलाइनमेंट
    • कई क्रॉसओवर लगाने और हटाने
    • सिग्नलिंग सिस्टम, इंजीनियरिंग वर्क
    • ओवरहेड इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पांचवीं लाइन (STA लाइन) को नई छठी लाइन से जोड़ने के लिए अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है।

    किन लाइनों पर क्या बदलाव

    • बोरीवली–कांदिवली के बीच पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनें बंद
    • मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें फास्ट लाइन से चलाई जाएंगी
    • अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू
    • कुछ लोकल ट्रेनें बोरीवली पर नहीं रुकेंगी, बल्कि अंधेरी या वसई रोड पर स्टॉप देंगी

    यात्रियों के लिए रेलवे की अपील

    वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि यात्रियों की असुविधा कम करने की कोशिश की जा रही है, खासकर 31 दिसंबर और नए साल के दौरान, जब यात्रियों की संख्या बढ़ती है।
    यात्रियों को सलाह दी गई है कि:

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल देखें
    • स्टेशन अनाउंसमेंट पर ध्यान दें
    • रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अपडेट चेक करें

    भविष्य में क्या फायदा होगा

    रेलवे अधिकारियों और यात्री संगठनों का मानना है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बड़ा फायदा देगी।
    नेशनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य सुभाष गुप्ता ने कहा,
    “कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। भविष्य में ज्यादा लोकल ट्रेनें चलेंगी, इसलिए यह काम जरूरी है।”

    क्यों अहम है छठी रेलवे लाइन

    • लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों का अलग-अलग संचालन
    • फास्ट कॉरिडोर पर भीड़ में कमी
    • लोकल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी बेहतर
    • भविष्य में 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ने की संभावना

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बोरीवली–कांदिवली ब्लॉक कब तक रहेगा?
    👉 20/21 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. रोज़ कितनी लोकल ट्रेनें रद्द होंगी?
    👉 लगभग 70–80 लोकल ट्रेनें रोज़ाना।

    Q3. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q4. क्या दिन में भी असर पड़ेगा?
    👉 मुख्य असर रात में है, लेकिन दिन में भीड़ और देरी संभव है।

    Q5. यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 छठी रेलवे लाइन को पूरा करने और भविष्य में भीड़ कम करने के लिए।