Category: Civic Issues

  • Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    BMC ने विद्याविहार फ्लाईओवर का काम 25 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने मौके पर निरीक्षण कर मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए।

    मुंबई: विद्याविहार में पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित विद्याविहार रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस परियोजना को 25 जून 2026 तक पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को साफ निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे किए जाएं।

    Vidyavihar Flyover क्यों है इतना अहम?

    विद्याविहार और घाटकोपर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए यह फ्लाईओवर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
    यह उड्डाणपुल—

    • पूर्व में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग
    • पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग (LBS रोड)

    को सीधे जोड़ता है।
    अभी रेलवे फाटक और वैकल्पिक रास्तों के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद पूर्व-पश्चिम यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।

    कब तक पूरा होगा काम? BMC का स्पष्ट टाइमलाइन

    BMC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार—

    • पूर्वी हिस्से का सारा काम: 28 फरवरी 2026 तक
    • मानसून से पहले जरूरी काम: 31 मई 2026 तक
    • पूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन: 25 जून 2026 तक

    अभिजीत बांगर ने कहा कि मानसून को देखते हुए स्ट्रक्चरल और जरूरी काम पहले पूरे किए जाएं और बाद में फिनिशिंग की जाए।

    फ्लाईओवर की पूरी डिटेल: लंबाई से लेकर लेन तक

    यह फ्लाईओवर कुल 650 मीटर लंबा है और इसमें—

    • रेलवे लाइनों पर बना 100 मीटर का मुख्य पुल
    • पूर्व दिशा में 220 मीटर का अप्रोच रोड
    • पश्चिम दिशा में 330 मीटर का अप्रोच रोड

    शामिल है।
    यह दो लेन का फ्लाईओवर होगा, जिससे ट्रैफिक स्मूद तरीके से चल सकेगा।

    रेलवे स्टेशन से सीधा कनेक्शन भी मिलेगा

    इस परियोजना की एक खास बात यह है कि—

    • फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पैदल पहुंच
    • दोनों ओर नए टिकट काउंटर,
    • स्टेशन मास्टर ऑफिस
    • और नई सीढ़ियों (सीढ़ी मार्ग) का निर्माण

    भी किया गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।

    पश्चिमी हिस्से में काम बना चुनौती

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के पश्चिमी हिस्से में—

    • अब तक 6 पिलर तैयार हो चुके हैं
    • अभी 4 पिलर, स्पैन और अप्रोच रोड का काम बाकी है

    यहां सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक डाइवर्जन और
    प्रभावित रिहायशी व व्यावसायिक निर्माणों को हटाना है।

    अभिजीत बांगर ने निर्देश दिए कि पहले सड़क चौड़ीकरण और रियलाइन्मेंट पूरा किया जाए, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

    मानसून से पहले क्यों है इतनी जल्दी?

    मुंबई में बारिश के दौरान—

    • कंस्ट्रक्शन स्लो हो जाता है
    • सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है
    • ट्रैफिक और ज्यादा बिगड़ता है

    इसी वजह से BMC चाहती है कि 31 मई 2026 तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि मानसून में परेशानी न हो।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने साफ कहा—

    “किसी भी हालत में 25 जून 2026 तक फ्लाईओवर पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोला जाए।”

    इस मौके पर मुख्य अभियंता (पुल) उत्तम श्रोते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    विद्याविहार फ्लाईओवर मुंबई के पूर्व-पश्चिम ट्रैफिक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो घाटकोपर-विद्याविहार इलाके में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


    FAQ – Vidyavihar Flyover

    Q1. विद्याविहार फ्लाईओवर कब तक पूरा होगा?
    ➡️ BMC के अनुसार 25 जून 2026 तक।

    Q2. फ्लाईओवर की कुल लंबाई कितनी है?
    ➡️ लगभग 650 मीटर।

    Q3. यह फ्लाईओवर किन सड़कों को जोड़ता है?
    ➡️ रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और LBS रोड।

    Q4. मानसून से पहले क्या काम पूरे होंगे?
    ➡️ सभी जरूरी स्ट्रक्चरल काम 31 मई 2026 तक।

  • कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदिवली (पूर्व) के वडार पाड़ा में 26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां रक्तदान, आंखों की जांच, डायबिटीज, ईसीजी सहित कई मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।

    मुंबई: कांदिवली (पूर्व) स्थित वडार पाड़ा में 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का आयोजन गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2 के परिसर में किया गया।

    स्थापना दिवस पर समाजसेवा की मिसाल

    26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस आरोग्य शिविर का मुख्य उद्देश्य कांदिवली (पूर्व) और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग शिविर स्थल पर पहुंचे और मुफ्त जांच एवं इलाज का लाभ लिया।

    इन स्वास्थ्य सुविधाओं का मिला मुफ्त लाभ

    इस भव्य आरोग्य शिविर में मरीजों को कई तरह की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • रक्तदान शिविर
    • आंखों की मुफ्त जांच
    • जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा वितरण
    • सीवीसी खून की जांच (सफेद और लाल रक्त कणिकाएं)
    • डायबिटीज जांच
    • ब्लड प्रेशर (BP) चेकअप
    • ईसीजी टेस्ट
    • फ्री जनरल हेल्थ चेकअप

    एक ही जगह पर इतनी सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया।

    आयोजन में आयोजक और डॉक्टर्स की अहम भूमिका

    इस शिविर का सफल आयोजन श्री समीर शंकर उत्तेकर के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को जीवन ज्योति होम हेल्थ केयर सर्विसेस एंड डायग्नोस्टिक तथा डॉ. राहुल एस. विश्वकर्मा के सौजन्य से सफल बनाया गया। मेडिकल टीम ने पूरे दिन मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरी सलाह और मार्गदर्शन दिया।

    कांदीवली के स्थानीय नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी

    आरोग्य शिविर में वडार पाड़ा, हनुमान नगर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि निजी अस्पतालों में जांच कराना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

    आगे भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद

    सागर सेवा फाउंडेशन और जय बजरंगबली गोविंदा पथक द्वारा किए गए इस आयोजन की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कांदिवली और अन्य इलाकों में किया जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोग्य शिविर कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2, कांदिवली (पूर्व)।

    Q2. शिविर का आयोजन किस संस्था ने किया?
    👉 जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन।

    Q3. कौन-कौन सी जांच मुफ्त की गई?
    👉 आंखों की जांच, खून की जांच, डायबिटीज, बीपी, ईसीजी और जनरल हेल्थ चेकअप।

    Q4. शिविर कब आयोजित हुआ?
    👉 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसे शिविर फिर लगेंगे?
    👉 आयोजकों के अनुसार आगे भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

  • UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण समाज का विरोध तेज़। शिक्षण संस्थानों में भेदभाव, सरकार की नीयत और राजनीति पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    मुंबई: UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं। खासतौर पर सवर्ण समाज के छात्रों और शिक्षाविदों का कहना है कि यह नियम शिक्षा व्यवस्था में संतुलन के बजाय टकराव और भेदभाव को बढ़ावा देगा। देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।

    UGC नियमों पर क्यों भड़का विरोध

    नए यूजीसी नियमों को लेकर आरोप है कि इससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रशासनिक निर्णयों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ेगा। विरोध करने वालों का कहना है कि इससे शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित होगी और छात्रों के बीच अविश्वास का माहौल बनेगा।
    सवर्ण संगठनों का दावा है कि नियमों की भाषा और संरचना ऐसी है, जिससे एक विशेष वर्ग को निशाना बनाए जाने की आशंका बढ़ जाती है।

    हिंदू एकता बनाम राजनीतिक ध्रुवीकरण

    आलोचकों का कहना है कि “हिंदू एकता” जैसे नारों का इस्तेमाल सामाजिक एकजुटता के बजाय वोटों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि वास्तविक मुद्दों—जैसे शिक्षा, रोजगार, महंगाई और स्वास्थ्य—से ध्यान हटाकर समाज को आपस में बांटा जा रहा है।

    शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण का आरोप

    लेखक सुरेंद्र राजभर का कहना है कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और नीतियों के जरिए शिक्षा पर वैचारिक नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है। उनका सवाल है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन स्वतंत्र रूप से निर्णय ले पाएगा या फिर हर फैसले में सरकारी दखल बढ़ेगा।

    कानूनों के दुरुपयोग की आशंका

    विरोध करने वालों ने यह भी चिंता जताई कि यदि शिकायतों की जांच और झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की व्यवस्था कमजोर हुई, तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है और शिक्षा का माहौल डर का बन सकता है।

    सरकार से जवाबदेही की मांग

    यूजीसी नियमों के खिलाफ उठ रही आवाज़ें अब केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं हैं। कई शिक्षाविद, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार से पारदर्शिता और संवाद की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी बदलाव से पहले सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है।


    FAQ

    Q1. यूजीसी के नए नियमों का विरोध क्यों हो रहा है?
    नियमों से शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    Q2. विरोध कौन कर रहा है?
    मुख्य रूप से सवर्ण समाज के छात्र, शिक्षाविद और कुछ सामाजिक संगठन।

    Q3. सरकार पर क्या आरोप हैं?
    आरोप है कि शिक्षा नीतियों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ और सामाजिक ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

    Q4. आगे क्या मांग की जा रही है?
    नियमों पर पुनर्विचार, सभी वर्गों से संवाद और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग।

  • 27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    मुंबई में 27 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम के वार्षिक रखरखाव के चलते शहर और पूर्व उपनगरों के कई इलाके प्रभावित होंगे। पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहरवासियों को पहले से सतर्क करते हुए जानकारी दी है कि 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक मुंबई के कई हिस्सों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। यह कटौती पिसे स्थित ‘न्यूमॅटिक गेट सिस्टम’ के वार्षिक परिरक्षण (मेंटेनेंस) कार्य के चलते की जा रही है।
    इस दौरान शहर विभाग, पूर्व उपनगरों के साथ-साथ ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित होगी

    🔧 क्यों की जा रही है पानी कटौती?

    बीएमसी को पानी सप्लाई करने वाले पिसे इलाके में स्थित न्यूमॅटिक गेट सिस्टम मुंबई की जल आपूर्ति का अहम हिस्सा है।
    इस सिस्टम के सालाना मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए यह काम जरूरी बताया गया है।
    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह कार्य मंगलवार 27 जनवरी से शनिवार 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।

    💧 कितनी रहेगी पानी की कटौती?

    • कुल 10 प्रतिशत पानी कटौती
    • कटौती पूरे दिन लागू रहेगी
    • घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे

    बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पानी का उपयोग बेहद सोच-समझकर और जरूरत के मुताबिक ही करें

    🏙 मुंबई के शहरी विभाग में प्रभावित इलाके

    शहर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाके इस कटौती की जद में रहेंगे:

    • A Ward: नेवल डॉकयार्ड क्षेत्र
    • B Ward: पूरा विभाग
    • C Ward: भेंडी बाजार, बोहरी मोहल्ला, घोगरी मोहल्ला
    • E Ward: पूरा विभाग
    • F South Ward: पूरा विभाग
    • F North Ward: पूरा विभाग

    🌆 पूर्व उपनगरों में कहां पड़ेगा असर?

    पूर्वी उपनगरों के बड़े हिस्से में पानी सप्लाई कम रहेगी:

    • T Ward: मुलुंड (पूर्व और पश्चिम)
    • S Ward: भांडुप, नाहूर, कांजूरमार्ग, विक्रोळी (पूर्व)
    • N Ward: विक्रोळी, घाटकोपर (पूर्व)
    • L Ward: कुर्ला (पूर्व)
    • M East Ward: पूरा विभाग
    • M West Ward: पूरा विभाग

    🚰 ठाणे और भिवंडी में भी असर

    बीएमसी द्वारा जिन इलाकों में ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका को पानी सप्लाई किया जाता है, वहां भी 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी
    इससे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी पानी बचत पर ध्यान देना होगा।

    📢 बीएमसी की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका ने साफ तौर पर कहा है कि—

    • पानी का काटकसरी से इस्तेमाल करें
    • अनावश्यक पानी बहाने से बचें
    • स्टोरेज टैंक भरकर रखें
    • प्रशासन को सहयोग करें

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी कटौती कब से कब तक रहेगी?
    👉 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक।

    Q2. कितने प्रतिशत पानी कटौती होगी?
    👉 10 प्रतिशत।

    Q3. किन इलाकों में पानी कम मिलेगा?
    👉 शहर विभाग, पूर्व उपनगर, ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाके।

    Q4. पानी कटौती की वजह क्या है?
    👉 पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम का वार्षिक मेंटेनेंस।

    Q5. क्या पूरा पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, सिर्फ सप्लाई में 10 प्रतिशत की कमी रहेगी।

  • BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अधिकारियों के साथ दौरा कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान उठी पानी की गंभीर समस्या पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव परिणाम आते ही तुरंत एक्शन लिया। प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण दौरा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    BMC चुनावी वादे से काम तक का सफर

    महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाग क्रमांक 54 के कई इलाकों से नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर शिकायतें की थीं। पांडुरंग वाड़ी, नाईकवाड़ी, सेंट थॉमस, संत रोहिदास नगर, गोगटे वाड़ी, रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर के रहवासियों ने बताया था कि उन्हें कम दबाव में पानी मिल रहा है और कई जगहों पर पानी दूषित भी आ रहा है।

    इन शिकायतों को अंकित सुनील प्रभू ने चुनावी मुद्दा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया।

    नतीजों के बाद तुरंत एक्शन

    चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित प्रभू एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

    इस दौरे में

    • बी. जी. परब (सहायक अभियंता)
    • नितीन ठाकूर (दुय्यम अभियंता)
    • अनिकेत पाटील (कनिष्ठ अभियंता)

    मौजूद थे।

    पाइपलाइन में कैमरा लगाने का फैसला

    निरीक्षण के दौरान सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि पानी की पाइपलाइन में कैमरा डाला जाएगा।
    इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दूषित पानी कहां से और कैसे सप्लाई लाइन में मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

    कम दबाव वाले इलाकों में प्रेशर बढ़ाने के निर्देश

    रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर में कम दबाव से पानी मिलने की समस्या की मौके पर जांच की गई।
    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इन इलाकों में पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए तुरंत तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

    स्थानीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस निरीक्षण दौरे के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
    प्रमुख रूप से
    उपविभाग प्रमुख सुधाकर देसाई, शाखाप्रमुख अजित भोगले, विधानसभा संघटक, स्नेहा गोलतकर, प्रसाद कदम, धोपटकर ताई, डॉ. गावस्कर, किशोर देशपांडे, संजय शानबाग, राजेंद्र गाड, अमित आडेलकर, सुधीर देवरुखकर, रामदत्त पारकर, भूषण राजाध्यक्ष, नंदू गाड, दीपक पवार, सुर्वे, मसुरकर, खाडे, विलास खाड्ये सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नागरिकों को क्या संदेश?

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने स्पष्ट किया कि
    “चुनाव के दौरान उठाई गई हर समस्या का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: किस प्रभाग में पानी की समस्या सामने आई?
    उत्तर: मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में।

    प्रश्न 2: समस्या किस तरह की थी?
    उत्तर: कम दबाव से पानी आना और दूषित पानी की शिकायतें।

    प्रश्न 3: समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
    उत्तर: पाइपलाइन में कैमरा डालने का फैसला और पानी का प्रेशर बढ़ाने के निर्देश।

    प्रश्न 4: किस विभाग के अधिकारी मौजूद थे?
    उत्तर: बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारी।

  • Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद Mumbai Mayor पद को लेकर सियासी हलचल तेज है। संजय राउत का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट बहुमत से सिर्फ 6 सीट दूर है और मुंबई की राजनीति में अभी बहुत कुछ बाकी है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर राजनीति गरमा गई है। भले ही महायुति गठबंधन के पास फिलहाल बहुमत के आंकड़े पूरे होते दिख रहे हों, लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने दावा किया है कि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पार्टी नेता संजय राउत का कहना है कि उनके गठबंधन के पास 108 पार्षद हैं और बहुमत से वे सिर्फ 6 सीट दूर हैं। ऐसे में मुंबई की राजनीति में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

    बीएमसी चुनाव का पूरा गणित

    227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बहुमत का आंकड़ा 114 है।
    चुनाव नतीजों के अनुसार:

    • भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं
    • एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं

    इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत से ऊपर हैं।

    वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने 65 सीटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

    राउत का दावा: 108 पर हैं, सिर्फ 6 कम

    संजय राउत का कहना है कि उद्धव गुट अकेला नहीं है। सहयोगी दलों को मिलाकर उनके पास कुल 108 पार्षदों का समर्थन है।
    उनके मुताबिक:

    • शिवसेना (UBT): 65
    • मनसे (MNS): 6
    • कांग्रेस: 24
    • AIMIM: 8
    • समाजवादी पार्टी: 2
    • एनसीपी (अजित पवार गुट): 3
    • एनसीपी (शरद पवार गुट): 1

    राउत ने कहा, “हमें बहुमत के लिए 114 चाहिए और हम सिर्फ 6 सीट पीछे हैं। मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर सस्पेंस क्यों?

    संजय राउत का कहना है कि कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं देखना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अंदरखाने हलचल है और आने वाले दिनों में समीकरण बदल सकते हैं।
    उनका कहना है कि यह मुकाबला 118 बनाम 108 का है, जो दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना नहीं है।

    एकनाथ शिंदे पर राउत का तीखा हमला

    संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पार्षद डर के माहौल में हैं।
    उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
    “हमारे पार्षद घर पर हैं, सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। शिंदे अपने पार्षदों को होटलों में रख रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके लोग टूट सकते हैं।”

    राउत ने यह भी कहा,
    “आप लोगों को होटल में बंद कर सकते हैं, लेकिन उनके दिमाग को नहीं। कई लोग भाजपा का मेयर नहीं चाहते।”

    शिंदे गुट का जवाब

    इन आरोपों को शिंदे गुट ने खारिज किया है।
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए रखा गया है।
    सूत्रों का कहना है कि यह कोई ‘होटल पॉलिटिक्स’ नहीं बल्कि नए पार्षदों को प्रशासनिक कामकाज समझाने की प्रक्रिया है।

    मुंबई की राजनीति में आगे क्या?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी जैसी देश की सबसे अमीर नगरपालिका, जिसका सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, वहां मेयर पद की लड़ाई बेहद अहम है।
    आने वाले दिनों में गठजोड़, टूट-फूट और रणनीति का खेल और तेज हो सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा क्या है?
    👉 बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है।

    Q2. उद्धव ठाकरे गुट के पास अभी कितनी सीटें हैं?
    👉 सहयोगियों के साथ मिलाकर दावा है कि उनके पास 108 सीटें हैं।

    Q3. महायुति के पास कितनी सीटें हैं?
    👉 भाजपा और शिंदे गुट मिलाकर 118 सीटें हैं।

    Q4. क्या मेयर पद की तस्वीर बदल सकती है?
    👉 उद्धव गुट का दावा है कि मुंबई की राजनीति में कुछ भी संभव है।

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  • मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    BMC चुनाव में कांग्रेस के 24 नगरसेवकों की जीत के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि पार्टी मुंबईकरों के भरोसे को सार्थक करेगी और महापालिका में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 24 नगरसेवक विजयी होने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड के हाथों नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान किया गया। इस मौके पर वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबईकरों ने कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, पार्टी उस पर पूरी तरह खरी उतरेगी और बीएमसी में आम जनता के सवालों को मजबूती से उठाया जाएगा।

    BMC नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान समारोह

    मुंबई में आयोजित इस सम्मान समारोह में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित 24 नगरसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और विधायक असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली।

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    मुंबई कांग्रेस मुख्यालय मे बैठक की तस्वीर

    विपरीत हालात में मिली जीत

    मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि चुनाव के दौरान एक तरफ धनबल और सत्ता का दबाव था, तो दूसरी तरफ जनता की ताकत। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटे गए, विरोधियों को धमकाया गया और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए 24 नगरसेवकों को जिताया।

    BMC में उठेंगे मुंबईकरों के मुद्दे

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि भले ही कांग्रेस की संख्या कम हो, लेकिन पार्टी के नगरसेवक बीएमसी में मजबूती से मुंबईकरों की आवाज़ उठाएंगे।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस अच्छे रास्ते, साफ पीने का पानी, ट्रैफिक जाम से राहत, बेस्ट बस सेवा में सुधार और प्रदूषण मुक्त मुंबई पर रहेगा। इसके साथ ही मनपा की विभिन्न सेवाओं में हो रहे निजीकरण पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

    भ्रष्टाचार पर रहेगा कड़ा पहरा

    सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। नगरसेवकों के माध्यम से गलत कामों को उजागर किया जाएगा और जनता के हितों की रक्षा की जाएगी।

    कांग्रेस में लोकतंत्र, भाजपा पर तंज

    एक सवाल के जवाब में वर्षा गायकवाड ने कहा कि भाजपा में तानाशाही है, जबकि कांग्रेस में लोकतंत्र है। कांग्रेस में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। अगर कोई पार्टी के खिलाफ बयान देता है तो उस पर फैसला पार्टी नेतृत्व करता है।

    संगठन मजबूत करने पर जोर

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है और कार्यकर्ताओं का उन पर पूरा भरोसा है। आने वाले समय में मुंबई में कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा ताकि जनता के मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

    होटल राजनीति पर चुटकी

    इस दौरान वर्षा गायकवाड ने तंज कसते हुए कहा, “हमें अपने नगरसेवकों पर पूरा भरोसा है, इसलिए उन्हें किसी होटल में रखने की जरूरत नहीं पड़ती।” उनके इस बयान पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के कितने नगरसेवक जीते हैं?
    👉 कांग्रेस के 24 नगरसेवक चुने गए हैं।

    Q2. कांग्रेस बीएमसी में किन मुद्दों पर जोर देगी?
    👉 सड़क, पानी, ट्रैफिक, बेस्ट बस सेवा, प्रदूषण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर।

    Q3. क्या कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा?
    👉 हां, मुंबई में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की योजना है।

  • हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    कल्याण के हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है। अब श्रद्धालुओं को 1500 सीढ़ियां और घंटों की चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। किराया, समय, उरुस और पूरी जानकारी पढ़ें।

    महाराष्ट्र: कल्याण स्थित हाजी मलंग पहाड़ पर रविवार, 18 जनवरी 2026 से फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। इस सेवा के शुरू होने से हाजी मलंग दरगाह जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें करीब 1500 सीढ़ियां चढ़ने और दो से तीन घंटे की कठिन पहाड़ी चढ़ाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह लंबे समय से लंबित परियोजना सांसद श्रीकांत शिंदे के प्रयासों से पूरी हुई है और राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे अमल में लाया गया है।

    🚡 क्या है फ्युनिक्युलर ट्रेन और कैसे देगी राहत?

    फ्युनिक्युलर ट्रेन एक खास तरह की पहाड़ी रेल सेवा होती है, जो खड़ी चढ़ाई पर सुरक्षित तरीके से लोगों को ऊपर तक पहुंचाती है।
    हाजी मलंग पहाड़ पर शुरू की गई यह ट्रेन लगभग 1 किलोमीटर लंबी और 320 मीटर की खड़ी चढ़ाई को आसान बनाती है।
    मलंगगढ़ पहाड़ समुद्र तल से करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो गया है।

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    🕰️ पहले कैसी थी हाजी मलंग की यात्रा?

    अब तक श्रद्धालुओं को दरगाह तक पहुंचने के लिए:

    • 1500 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं
    • 2 से 3 घंटे का समय लगता था
    • बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए सफर बेहद कठिन था
    • बारिश और गर्मी में जोखिम भी बढ़ जाता था

    फ्युनिक्युलर ट्रेन के शुरू होने से ये सारी परेशानियां अब बीते दिनों की बात हो गई हैं।

    💰 किराया और संचालन का समय

    फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा को आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती रखा गया है:

    • एकतरफा टिकट: ₹75
    • रिटर्न टिकट: ₹150

    यह ट्रेन सेवा रोजाना करीब 12 घंटे संचालित की जाएगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इसका लाभ ले सकें।

    🕌 उरुस के दौरान बढ़ेगी ट्रेन सेवा

    फरवरी 2026 में हाजी मलंग पहाड़ पर सालाना उरुस का आयोजन होना है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

    उरुस का कार्यक्रम:

    • 24, 25 और 26 फरवरी: सैयद अब्दुल रहमान शाह का उरुस
    • 27 और 28 फरवरी: मीर सकी सुल्तान का उरुस

    उरुस के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रेन सेवा में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलाए जाएंगे, जबकि सामान्य दिनों में एक-एक कोच संचालित होगा।

    🤝 हाजी मलंग दरगाह: भाईचारे की मिसाल

    हाजी मलंग दरगाह एक ऐतिहासिक सूफी स्थल है, जो हजरत बाबा अब्दुर रहमान मलंग को समर्पित है।
    यह स्थान सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी जाना जाता है।
    परंपरा के अनुसार यहां:

    • हिंदू वहिवटदार (करांडेकर परिवार)
    • मुस्लिम मुतवल्ली

    मिलकर सभी धार्मिक रस्में निभाते हैं, जो इस स्थल को खास बनाता है।

    🏔️ मलंगगढ़ पहाड़ के तीन प्रमुख हिस्से

    हाजी मलंग पहाड़ को तीन भागों में बांटा गया है:

    • पीर माची: जहां मुख्य दरगाह स्थित है
    • सोने माची: ऊपरी चट्टानी क्षेत्र
    • बालेकिल्ला: पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी

    फ्युनिक्युलर ट्रेन से पीर माची तक पहुंचना अब बेहद आसान हो गया है।

    🙏 श्रद्धालुओं ने जताया आभार

    ट्रेन सेवा शुरू होते ही श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखा गया।
    खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आने वाले परिवारों ने इस सुविधा को “वरदान” बताया।
    श्रद्धालुओं ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र एवं सांसद श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. फ्युनिक्युलर ट्रेन किस दिन से शुरू हुई है?
    👉 रविवार, 18 जनवरी 2026 से।

    Q2. ट्रेन का किराया कितना है?
    👉 एकतरफा ₹75 और रिटर्न ₹150।

    Q3. क्या उरुस के दौरान ट्रेन सेवा बढ़ाई जाएगी?
    👉 हां, उरुस के दिनों में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलेंगे।

    Q4. क्या बुजुर्ग और बच्चे सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं?
    👉 हां, यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक है।

  • Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन शहर को मेयर मिलने में वक्त लगेगा। जानिए मेयर पद का आरक्षण लॉटरी से कैसे तय होता है, कानून क्या कहता है और इसमें एक हफ्ता क्यों लग सकता है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव खत्म हो चुके हैं और नई जनरल बॉडी भी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को तुरंत नया मेयर नहीं मिलेगा। इसकी वजह सिर्फ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि मेयर के चुनाव से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया भी है। कानून के मुताबिक, मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय होता है और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मेयर का चुनाव संभव नहीं है। इसी कारण मुंबई को नया मेयर मिलने में कम से कम एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    🏛️ Mumbai का मेयर तुरंत क्यों नहीं चुना जा सकता?

    बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद आमतौर पर लोगों को लगता है कि मेयर का नाम भी तुरंत सामने आ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और उससे पहले कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है।
    सबसे अहम प्रक्रिया है मेयर पद का आरक्षण तय होना, जो सीधे चुनाव से नहीं बल्कि लॉटरी यानी ड्रॉ ऑफ लॉट्स से तय किया जाता है।

    🎟️ क्या है मेयर पद का आरक्षण सिस्टम?

    देशभर की शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
    इस व्यवस्था के तहत मेयर का पद अलग-अलग वर्गों के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षित किया जाता है, जैसे:

    • अनुसूचित जाति (SC)
    • अनुसूचित जनजाति (ST)
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • महिलाएं
    • सामान्य (ओपन) वर्ग

    यह आरक्षण पहले से तय नहीं होता, बल्कि हर कार्यकाल में लॉटरी के ज़रिए तय किया जाता है।

    📜 आरक्षण रोटेशन क्यों जरूरी है?

    मेयर पद पर आरक्षण की व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इस संशोधन के तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और यह तय किया गया कि SC, ST और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
    महाराष्ट्र में यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम (Municipal Corporations Act) के तहत लागू होती है, जिसमें OBC आरक्षण भी शामिल है।
    रोटेशन सिस्टम का मकसद यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर मेयर बनने का मौका मिले और कोई एक वर्ग लगातार फायदे में न रहे।

    🎲 मेयर पद का फैसला लॉटरी से ही क्यों?

    लॉटरी सिस्टम इसलिए अपनाया गया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
    अगर सरकार या राजनीतिक दल तय करें कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा, तो उस पर पक्षपात और राजनीतिक दखल के आरोप लग सकते हैं।
    ड्रॉ ऑफ लॉट्स से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तय हो।

    🗂️ लॉटरी की प्रक्रिया कैसे होती है?

    1. शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) लॉटरी कराने का नोटिफिकेशन जारी करता है
    2. पिछले कार्यकालों के आधार पर आरक्षण रोटेशन की सूची तैयार की जाती है
    3. सार्वजनिक रूप से लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाती है
    4. जिस वर्ग का नाम निकलता है, वही मेयर पद के लिए आरक्षित माना जाता है
    5. इसके बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है

    जब तक यह पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती, कोई भी पार्टी अपने मेयर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर सकती।

    🗳️ मेयर का चुनाव कैसे होता है?

    आरक्षण तय होने के बाद बीएमसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है।
    मेयर का चुनाव पार्षदों के बीच से ही किया जाता है।
    मुंबई की 227 सदस्यीय जनरल बॉडी में मेयर बनने के लिए कम से कम 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है।
    पिछले दो कार्यकालों में लॉटरी के ज़रिए मेयर पद ओपन जनरल कैटेगरी में गया था।

    👑 मुंबई मेयर के पास कितनी ताकत होती है?

    कानून के मुताबिक, मुंबई का मेयर बीएमसी का औपचारिक (Ceremonial) प्रमुख होता है।
    मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है और उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

    • जनरल बॉडी की बैठकों की अध्यक्षता
    • सदन में व्यवस्था बनाए रखना
    • बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देना
    • शहर के “First Citizen” के तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करना

    हालांकि, बीएमसी का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होता है, जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त IAS अधिकारी होते हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या चुनाव नतीजों के तुरंत बाद मेयर चुना जा सकता है?
    👉 नहीं, पहले मेयर पद का आरक्षण तय होना जरूरी है।

    Q2. मेयर पद का आरक्षण कौन तय करता है?
    👉 शहरी विकास विभाग लॉटरी के ज़रिए आरक्षण तय करता है।

    Q3. मुंबई को नया मेयर मिलने में कितना वक्त लग सकता है?
    👉 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक हफ्ता लग सकता है।

  • मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में मेट्रो लाइन 7A के काम के चलते 20 से 22 जनवरी तक 44 घंटे पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में कम दबाव या पूरी तरह पानी बंद रहेगा।

    मुंबई: मेट्रो लाइन 7A परियोजना के लिए जलवाहिनी की जोड़णी का काम किए जाने के कारण शहर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक पानी की परेशानी रहने वाली है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार मंगलवार 20 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे से गुरुवार 22 जनवरी 2026 तड़के 5 बजे तक कुल 44 घंटे तक कुछ इलाकों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी, जबकि कुछ जगहों पर पानी पूरी तरह बंद रहेगा।

    मुंबई में क्यों बाधित होगी पानी की सप्लाई?

    MMRDA की मेट्रो लाइन 7A परियोजना के तहत अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी (2400 मिमी व्यास) का कुछ हिस्सा मोड़ा गया है। इसी बदले हुए हिस्से की क्रॉस कनेक्शन प्रक्रिया बीएमसी द्वारा के पूर्व विभाग में की जा रही है। इसी तकनीकी कार्य के चलते पानी की सप्लाई प्रभावित होगी।

    किन-किन विभागों में असर पड़ेगा?

    बीएमसी के मुताबिक,
    जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर पानी की सप्लाई कम दबाव से होगी। कुछ क्षेत्रों में नियमित समय बदल जाएगा, जबकि कुछ इलाकों में सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।

    जी उत्तर विभाग (धारावी क्षेत्र)

    धारावी के जस्मिन मिल रोड, 60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर, महात्मा गांधी रोड समेत कई इलाकों में

    • सुबह और शाम दोनों समय कम दबाव से पानी मिलेगा।
    • 20 और 21 जनवरी को सुबह 9 से शाम 5 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक असर रहेगा।

    के पूर्व विभाग (अंधेरी पूर्व)

    मुलगांव डोंगरी, एमआईडीसी, कोंडिविटा, महेश्वरी नगर, मरोळ, चकाला, जेबी नगर, एयरपोर्ट एरिया समेत कई इलाकों में

    • पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
    • अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और SEEPZ क्षेत्र में भी 24 घंटे पानी नहीं मिलेगा।

    एस विभाग (भांडुप–विक्रोली)

    भांडुप और विक्रोली पश्चिम के कई हिस्सों में

    • कहीं कम दबाव,
    • तो कहीं पूरी तरह पानी बंद रहेगा।
      BEST नगर, फिल्टरपाड़ा, आरे रोड, पठाणवाड़ी, जयभीम नगर जैसे इलाकों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

    एच पूर्व विभाग (बीकेसी)

    पूरा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और आसपास के इलाके

    • रात के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    एन विभाग (घाटकोपर–विक्रोली)

    आर सिटी मॉल क्षेत्र, कैलाश कॉम्प्लेक्स, सागर नगर, डिपो पाड़ा, नित्यानंद नगर सहित कई इलाकों में

    • दोपहर और शाम के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि

    • पहले से जरूरी पानी का स्टॉक कर लें,
    • मरम्मत के दौरान पानी का मितव्ययी उपयोग करें,
    • अगले कुछ दिनों तक पानी उबालकर और छानकर पीएं,
    • और महानगरपालिका को सहयोग करें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पानी की सप्लाई कितने समय तक प्रभावित रहेगी?
    👉 20 जनवरी सुबह 9 बजे से 22 जनवरी तड़के 5 बजे तक, कुल 44 घंटे।

    Q2. किन इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 के पूर्व विभाग के कई हिस्सों, एयरपोर्ट और SEEPZ क्षेत्र में।

    Q3. क्या सभी इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 नहीं, कुछ इलाकों में सिर्फ कम दबाव से पानी मिलेगा।

    Q4. पानी कब से सामान्य होगा?
    👉 22 जनवरी 2026 की सुबह के बाद सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।