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  • 27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    मुंबई में 27 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम के वार्षिक रखरखाव के चलते शहर और पूर्व उपनगरों के कई इलाके प्रभावित होंगे। पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहरवासियों को पहले से सतर्क करते हुए जानकारी दी है कि 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक मुंबई के कई हिस्सों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। यह कटौती पिसे स्थित ‘न्यूमॅटिक गेट सिस्टम’ के वार्षिक परिरक्षण (मेंटेनेंस) कार्य के चलते की जा रही है।
    इस दौरान शहर विभाग, पूर्व उपनगरों के साथ-साथ ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित होगी

    🔧 क्यों की जा रही है पानी कटौती?

    बीएमसी को पानी सप्लाई करने वाले पिसे इलाके में स्थित न्यूमॅटिक गेट सिस्टम मुंबई की जल आपूर्ति का अहम हिस्सा है।
    इस सिस्टम के सालाना मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए यह काम जरूरी बताया गया है।
    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह कार्य मंगलवार 27 जनवरी से शनिवार 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।

    💧 कितनी रहेगी पानी की कटौती?

    • कुल 10 प्रतिशत पानी कटौती
    • कटौती पूरे दिन लागू रहेगी
    • घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे

    बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पानी का उपयोग बेहद सोच-समझकर और जरूरत के मुताबिक ही करें

    🏙 मुंबई के शहरी विभाग में प्रभावित इलाके

    शहर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाके इस कटौती की जद में रहेंगे:

    • A Ward: नेवल डॉकयार्ड क्षेत्र
    • B Ward: पूरा विभाग
    • C Ward: भेंडी बाजार, बोहरी मोहल्ला, घोगरी मोहल्ला
    • E Ward: पूरा विभाग
    • F South Ward: पूरा विभाग
    • F North Ward: पूरा विभाग

    🌆 पूर्व उपनगरों में कहां पड़ेगा असर?

    पूर्वी उपनगरों के बड़े हिस्से में पानी सप्लाई कम रहेगी:

    • T Ward: मुलुंड (पूर्व और पश्चिम)
    • S Ward: भांडुप, नाहूर, कांजूरमार्ग, विक्रोळी (पूर्व)
    • N Ward: विक्रोळी, घाटकोपर (पूर्व)
    • L Ward: कुर्ला (पूर्व)
    • M East Ward: पूरा विभाग
    • M West Ward: पूरा विभाग

    🚰 ठाणे और भिवंडी में भी असर

    बीएमसी द्वारा जिन इलाकों में ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका को पानी सप्लाई किया जाता है, वहां भी 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी
    इससे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी पानी बचत पर ध्यान देना होगा।

    📢 बीएमसी की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका ने साफ तौर पर कहा है कि—

    • पानी का काटकसरी से इस्तेमाल करें
    • अनावश्यक पानी बहाने से बचें
    • स्टोरेज टैंक भरकर रखें
    • प्रशासन को सहयोग करें

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी कटौती कब से कब तक रहेगी?
    👉 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक।

    Q2. कितने प्रतिशत पानी कटौती होगी?
    👉 10 प्रतिशत।

    Q3. किन इलाकों में पानी कम मिलेगा?
    👉 शहर विभाग, पूर्व उपनगर, ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाके।

    Q4. पानी कटौती की वजह क्या है?
    👉 पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम का वार्षिक मेंटेनेंस।

    Q5. क्या पूरा पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, सिर्फ सप्लाई में 10 प्रतिशत की कमी रहेगी।

  • BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC की लापरवाही के कारण मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में नाले से निकाला गया गीला कचरा हफ्तों से सड़क किनारे पड़ा है। बारिश के कारण बदबू, मच्छर और बीमारी का खतरा बढ़ गया है, जबकि बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

    मुंबई: मानखुर्द स्थित चीताकैंप इलाके में सड़क किनारे पड़े गीले कचरे के ढेर ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा तीन हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नहीं हटाया गया, जिससे बदबू, मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बीएमसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    नाले की सफाई हुई, लेकिन कचरा वहीं पड़ा

    बीएमसी ने मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में 28 जून से 2 जुलाई के बीच नाले की सफाई करवाई थी। इस दौरान पुल के नीचे और आसपास से बड़ी मात्रा में गाद और कचरा निकाला गया।
    हालांकि, सफाई के बाद यह कचरा नाले के किनारे ही छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया था कि एक हफ्ते के भीतर कचरा हटा दिया जाएगा, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

    बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बदबू से सांस लेना मुश्किल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल की बारिश के चलते पानी कचरे में घुस गया है, जिससे इलाके में तेज गंध फैल गई है
    एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
    “यहां से गुजरते वक्त सांस रोकनी पड़ती है। बदबू इतनी तेज है कि बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।”

    मच्छरों और बीमारियों का बढ़ता खतरा

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता आसिफ सैयद, जो एनवायरनमेंट लाइफ फाउंडेशन के धर्मेश बारई के साथ सफाई अभियानों से जुड़े हैं, ने कहा,
    “यह कचरे का ढेर मच्छरों और बीमारियों की फैक्ट्री बन चुका है। हम लगातार बीएमसी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आखिर लोग ऐसे हालात में कैसे रहें?”

    कचरा बढ़ता ही जा रहा है

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा उसी जगह पर बार-बार डाला जा रहा है, जिससे कचरे का ढेर और बड़ा होता जा रहा है।
    जब पिछले हफ्ते तेज बारिश हुई, तो पुल के नीचे जमा कचरा बहने लगा। लोगों को डर है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो यह गंदगी सीधे समुद्र में जाकर प्रदूषण फैलाएगी

    जिम्मेदारी से बचते विभाग, आरोपों की राजनीति

    धर्मेश बारई का आरोप है कि जब उन्होंने बीएमसी से कचरा हटाने की मांग की, तो अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
    उन्होंने कहा,
    “कोई भी विभाग यह मानने को तैयार नहीं कि कचरा हटाना उसकी जिम्मेदारी है। बस फाइलें इधर-उधर घूम रही हैं।”

    BMC का पक्ष: नोटिस जारी, जल्द सफाई का दावा

    बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता योगेश मोगल ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
    उनके अनुसार,

    • कुछ कचरा नाले से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा फेंका गया है
    • नाले से निकली गाद को शहर के बाहर डंप करना पड़ता है
    • मंगलवार तक गाद हटाई जाएगी, और बाकी ठोस कचरा अगले दो दिनों में साफ किया जाएगा

    उन्होंने बारिश को भी देरी की एक बड़ी वजह बताया।

    अपर आयुक्त ने लिया संज्ञान

    स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स के प्रभारी अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा,
    “आमतौर पर एक महीने तक कचरा पड़े रहने की शिकायत नहीं आती। मैं खुद मामले की जांच करूंगा और लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: चीताह कैंप में कचरा कब से पड़ा है?
    👉 करीब तीन हफ्तों से ज्यादा समय से।

    Q2: कचरा कहां से आया है?
    👉 नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा और कुछ स्थानीय कचरा।

    Q3: लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी किस बात से है?
    👉 बदबू, मच्छर और बीमारी के खतरे से।

    Q4: बीएमसी ने क्या आश्वासन दिया है?
    👉 गाद मंगलवार तक और बाकी कचरा अगले दो दिनों में हटाने का दावा।

    Q5: क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी?
    👉 बीएमसी के अनुसार, लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • फरवरी के आखिर में पेश हो सकता है BMC बजट 2026

    फरवरी के आखिर में पेश हो सकता है BMC बजट 2026

    चार साल बाद BMC बजट 2026 चुने हुए नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश होने की संभावना है। बजट फरवरी के दूसरे हिस्से में आ सकता है, जिसमें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी फोकस रहने की उम्मीद है।

    मुंबई: करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अपना वार्षिक बजट 2026 चुने हुए नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश करने की तैयारी में है। यह बजट फरवरी के दूसरे पखवाड़े में पेश होने की संभावना है, जबकि अब तक हर साल 4 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा रही है। 2017 में चुनी गई बीएमसी हाउस का कार्यकाल मार्च 2022 में खत्म होने के बाद से अब तक तीन बजट प्रशासक के जरिए पेश किए गए थे।

    चार साल बाद चुने हुए प्रतिनिधियों के सामने बजट

    बीएमसी का पांच साल का कार्यकाल, जो 2017 में चुना गया था, 7 मार्च 2022 की आधी रात को समाप्त हो गया था। इसके बाद से मुंबई की सबसे अमीर नगर निगम बिना चुने हुए प्रतिनिधियों के ही कामकाज चला रही थी।
    इस दौरान 2023, 2024 और 2025 के बजट महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक और नगर आयुक्त भूषण गगराणी के माध्यम से पेश किए गए।

    अब लंबे इंतजार के बाद हुए नगर निगम चुनावों के बाद, पहली बार चार साल में बजट चुने हुए नगरसेवकों के सामने रखा जाएगा, जिससे स्थानीय मुद्दों और जनप्रतिनिधियों की राय को जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    4 फरवरी की परंपरा टूटने के आसार

    बीएमसी का बजट हर साल परंपरागत रूप से 4 फरवरी को पेश किया जाता रहा है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
    वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बजट फरवरी के दूसरे हिस्से यानी लेट फरवरी में पेश किया जा सकता है। इसकी वजह नई हाउस के गठन के बाद की प्रशासनिक प्रक्रियाएं और प्रतिनिधियों को तैयारियों का समय देना बताया जा रहा है।

    पिछले बजटों में बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहा जोर

    प्रशासक के दौर में पेश किए गए बजटों में खासतौर पर मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भारी खर्च देखने को मिला। इनमें शामिल हैं:

    • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): करीब ₹27,000 करोड़
    • मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट
    • वर्सोवा से दहिसर तक कोस्टल रोड का अंतिम चरण
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट
    • रोड कंक्रीटीकरण प्रोजेक्ट: करीब ₹17,000 करोड़
    • गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR)
    • शहर में विभिन्न फ्लाईओवर और पुलों का निर्माण

    स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक की कमी महसूस की गई

    एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी के मुताबिक,

    “हर साल बजट लंबी अवधि के नियोजित प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित रहा। ऐसा नहीं है कि अस्पतालों या स्कूलों जैसे स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने वाला फीडबैक नहीं मिल पाया, जो रोजमर्रा की स्थानीय जरूरतों को सामने लाता है।”

    अब नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश होने वाले बजट से स्थानीय सड़कों, नालों, स्कूलों, अस्पतालों और वार्ड स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

    कैपिटल एक्सपेंडिचर और बजट साइज में बड़ा इजाफा

    बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार,

    • 2022 में कैपिटल एक्सपेंडिचर: 36%
    • 2025 में कैपिटल एक्सपेंडिचर: 58%

    वहीं बजट का कुल आकार भी तेजी से बढ़ा है:

    • 2022: ₹38,515 करोड़
    • 2025: ₹74,366 करोड़

    इससे साफ है कि बीएमसी का फोकस बीते कुछ सालों में भारी भरकम पूंजीगत खर्च और दीर्घकालिक परियोजनाओं पर रहा है।

    BMC Budget 2026 से क्या उम्मीदें?

    • स्थानीय वार्ड स्तर के कामों को प्राथमिकता
    • सड़क, पानी, नाला सफाई जैसे रोजमर्रा के मुद्दों पर ज्यादा फंड
    • अस्पताल और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
    • बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ बैलेंस्ड विकास

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC बजट 2026 कब पेश हो सकता है?
    👉 फरवरी 2026 के दूसरे पखवाड़े में।

    Q2: क्या यह बजट चुने हुए नगरसेवकों के सामने पेश होगा?
    👉 हां, चार साल बाद पहली बार।

    Q3: पिछला बजट किसने पेश किया था?
    👉 प्रशासक और नगर आयुक्त के माध्यम से।

    Q4: पिछले बजटों में किस पर ज्यादा खर्च हुआ?
    👉 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर।

    Q5: इस बार बजट से क्या उम्मीद है?
    👉 स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर की जरूरतों पर ज्यादा ध्यान।

  • गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    मुंबई के बहुप्रतीक्षित गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट के तहत दादासाहेब फाळके चित्रनगरी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से जारी है। जून 2026 से टनल खोदने का काम शुरू होगा।

    मुंबई: शहर के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाले गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट का काम रफ्तार पकड़ चुका है। गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाळके चित्रनगरी (फिल्म सिटी) परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबे जुड़वां टनल के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से चल रही है। 10 मार्च 2026 तक टनल बोरिंग मशीन (TBM) शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि जून 2026 से वास्तविक टनल खुदाई की योजना है।

    गोरेगांव के फिल्म सिटी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट का काम तेज

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित GMLR प्रोजेक्ट के तीसरे चरण (3B) के तहत गोरेगांव के दादासाहेब फाळके चित्रनगरी इलाके में लॉन्चिंग शाफ्ट का उत्खनन किया जा रहा है।
    यह शाफ्ट करीब 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा होगा। फिलहाल लगभग 23 मीटर गहराई तक खुदाई पूरी कर ली गई है। बाकी 7 मीटर खुदाई पूरी होते ही टनल बोरिंग मशीन को उतारने के लिए जरूरी क्रैडल (सांचा) तैयार किया जाएगा।

    दो अत्याधुनिक TBM से होगी टनल की खुदाई

    इस प्रोजेक्ट में भूमिगत जुड़वां टनल बनाने के लिए दो आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा।
    ▪ एक TBM के सभी हिस्से साइट पर पहुंच चुके हैं
    ▪ दूसरी TBM के बाकी हिस्से 22 जनवरी 2026 की रात तक साइट पर पहुंचने वाले हैं

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, 10 मार्च 2026 तक मशीनों को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    रोजाना निकल रहा 1500 क्यूबिक मीटर मलबा

    खुदाई के दौरान रोजाना करीब 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर मिट्टी और पत्थर बाहर निकाला जा रहा है।
    ▪ लगभग 120 ट्रकों से रोज मलबा हटाया जा रहा है
    ▪ दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए रॉक एंकरिंग की गई है

    अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा में काम पूरा करने के लिए गति और बढ़ाई जाए।

    अभिजीत बांगर ने किया साइट का निरीक्षण

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने 21 जनवरी 2026 को साइट का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
    उन्होंने साफ कहा कि:

    • काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
    • तय समयसीमा में प्रोजेक्ट पूरा किया जाए
    • सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो

    निरीक्षण के दौरान बीएमसी के वरिष्ठ इंजीनियर और सलाहकार भी मौजूद थे।

    जून 2026 से शुरू होगी असली टनल खुदाई

    अभिजीत बांगर के मुताबिक:

    • मार्च 2026 तक TBM शाफ्ट में उतारी जाएंगी
    • अगले 3 महीनों में मशीन और 3 गैंट्री जोड़ी जाएंगी
    • जून 2026 से टनल की वास्तविक खुदाई शुरू होगी

    यह तिहरी लेन वाली पेटी टनल इंजीनियरिंग के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

    मुंबई की ट्रैफिक को मिलेगा बड़ा फायदा

    गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को सीधे जोड़ेगा।
    ▪ जोगेश्वरी–विक्रोली लिंक रोड (JVLR) की तुलना में
    करीब 8.8 किलोमीटर का सफर कम होगा
    ▪ समय, ईंधन और खर्च की बचत होगी
    ▪ ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
    ▪ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी

    यह प्रोजेक्ट खासकर उत्तर मुंबई की ट्रैफिक समस्या के लिए गेम चेंजर साबित माना जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग कब शुरू होगा?
    👉 जून 2026 से टनल खुदाई शुरू होने की योजना है।

    Q2. टनल की कुल लंबाई कितनी होगी?
    👉 जुड़वां टनल की लंबाई करीब 5.3 किलोमीटर होगी, पेटी टनल समेत कुल दूरी 6.62 किमी होगी।

    Q3. इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    👉 ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की बचत होगी।

  • BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई बोर्ड से जुड़े 10 स्कूलों के 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षा से पहले छात्रों के लिए विशेष अभ्यास और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग से संचालित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए यह साल ऐतिहासिक होने जा रहा है। बीएमसी की 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर महानगरपालिका की ओर से विशेष अभ्यास कक्षाएं, सराव प्रश्नपत्रिकाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

    BMC की 18 सीबीएसई स्कूलें, 10 स्कूल पहली बार परीक्षा में

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के अंतर्गत फिलहाल सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 18 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से 10 स्कूल ऐसे हैं, जिनके छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं। इन स्कूलों के 366 छात्रों के लिए परीक्षा से पहले विशेष तैयारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।

    परीक्षा से पहले विशेष अभ्यास और मार्गदर्शन

    बीएमसी शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों से नियमित रूप से सराव प्रश्नपत्रिकाएं हल करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    छात्रों की बेहतर तैयारी के लिए कुछ नामी निजी सीबीएसई स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों का भी सहयोग लिया गया है, जो ऑनलाइन माध्यम से उत्तर लिखने की तकनीक और समय प्रबंधन पर मार्गदर्शन दे रहे हैं।

    आयुक्तों के मार्गदर्शन में चल रही तैयारी

    यह पूरा शैक्षणिक उपक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी तथा अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि बीएमसी के छात्र भी निजी स्कूलों के छात्रों की तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

    आठ भाषाओं और चार बोर्ड में शिक्षा

    बीएमसी का शिक्षा विभाग मराठी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ – इन आठ भाषाओं में शिक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही एसएससी, सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी जैसे चार अलग-अलग बोर्ड के पाठ्यक्रम भी महानगरपालिका की शालाओं में उपलब्ध हैं।

    SSC में 93% तक पहुंचा रिजल्ट, अब सीबीएसई पर नजर

    बीते कई वर्षों से बीएमसी के एसएससी बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अभ्यास योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक असर परीक्षा परिणामों पर भी दिखा है। एसएससी बोर्ड का परिणाम 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब इसी तर्ज पर सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए भी विशेष तैयारी करवाई जा रही है।

    परीक्षा की तारीखें तय

    सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस दौरान छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने की रणनीति, उत्तर लेखन कौशल और परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी की कितनी सीबीएसई स्कूलों के छात्र परीक्षा दे रहे हैं?
    👉 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार दसवीं की परीक्षा देंगे।

    Q2. परीक्षा कब से कब तक होगी?
    👉 परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक चलेगी।

    Q3. छात्रों के लिए क्या विशेष तैयारी करवाई जा रही है?
    👉 सराव प्रश्नपत्र, विशेष कक्षाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

  • कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में बीएमसी के ‘एल’ वार्ड ने अवैध दुकानों, फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए 71 अतिक्रमण हटाए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कुर्ला पश्चिम के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘एल’ विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर समेत कई क्षेत्रों में पदपथों पर बनी अवैध दुकानों, फेरीवालों और दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों को हटाते हुए कुल 71 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के निर्देश पर भारी पुलिस बंदोबस्त में की गई।

    BMC आयुक्त के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

    यह निष्कासन कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशानुसार की गई।
    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में और सह आयुक्त (परिमंडल-5) देविदास क्षीरसागर की देखरेख में ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।

    किन-किन इलाकों में चला बुलडोजर

    बीएमसी की यह कार्रवाई कुर्ला (पश्चिम) के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में की गई, जिनमें शामिल हैं:

    • कुर्ला रेलवे स्टेशन परिसर
    • न्यू मिल रोड
    • बैल बाजार क्षेत्र
    • विनोबा भावे नगर

    इन इलाकों में लंबे समय से पदपथों पर अवैध दुकानों और फेरीवालों की शिकायतें मिल रही थीं।

    71 अवैध निर्माण हटाए गए

    कार्रवाई के दौरान कुल 71 अवैध निर्माणों को हटाया गया।

    • कुर्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 53 अतिक्रमण
    • विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 18 अतिक्रमण

    इनमें अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से शामिल थे।

    भारी मशीनरी और पुलिस बल तैनात

    अतिक्रमण हटाने के लिए बीएमसी ने

    • 4 विशेष वाहन
    • 2 जेसीबी मशीन
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    का उपयोग किया।
    कार्रवाई के दौरान महानगरपालिका के 46 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

    अवैध रिक्शा चालकों पर भी शिकंजा

    बीएमसी के ‘एल’ विभाग ने संबंधित पुलिस विभाग को यह भी सूचित किया है कि इलाके में नियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध रूप से खड़े रहने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
    महानगरपालिका प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि
    “शहर के पदपथ और सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के लिए हैं। अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    उत्तर: कुर्ला (पश्चिम) के विभिन्न इलाकों में।

    प्रश्न 2: कुल कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    उत्तर: कुल 71 अवैध निर्माण।

    प्रश्न 3: किन प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए?
    उत्तर: अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से।

    प्रश्न 4: क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    उत्तर: हां, बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अधिकारियों के साथ दौरा कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान उठी पानी की गंभीर समस्या पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव परिणाम आते ही तुरंत एक्शन लिया। प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण दौरा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    BMC चुनावी वादे से काम तक का सफर

    महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाग क्रमांक 54 के कई इलाकों से नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर शिकायतें की थीं। पांडुरंग वाड़ी, नाईकवाड़ी, सेंट थॉमस, संत रोहिदास नगर, गोगटे वाड़ी, रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर के रहवासियों ने बताया था कि उन्हें कम दबाव में पानी मिल रहा है और कई जगहों पर पानी दूषित भी आ रहा है।

    इन शिकायतों को अंकित सुनील प्रभू ने चुनावी मुद्दा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया।

    नतीजों के बाद तुरंत एक्शन

    चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित प्रभू एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

    इस दौरे में

    • बी. जी. परब (सहायक अभियंता)
    • नितीन ठाकूर (दुय्यम अभियंता)
    • अनिकेत पाटील (कनिष्ठ अभियंता)

    मौजूद थे।

    पाइपलाइन में कैमरा लगाने का फैसला

    निरीक्षण के दौरान सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि पानी की पाइपलाइन में कैमरा डाला जाएगा।
    इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दूषित पानी कहां से और कैसे सप्लाई लाइन में मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

    कम दबाव वाले इलाकों में प्रेशर बढ़ाने के निर्देश

    रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर में कम दबाव से पानी मिलने की समस्या की मौके पर जांच की गई।
    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इन इलाकों में पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए तुरंत तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

    स्थानीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस निरीक्षण दौरे के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
    प्रमुख रूप से
    उपविभाग प्रमुख सुधाकर देसाई, शाखाप्रमुख अजित भोगले, विधानसभा संघटक, स्नेहा गोलतकर, प्रसाद कदम, धोपटकर ताई, डॉ. गावस्कर, किशोर देशपांडे, संजय शानबाग, राजेंद्र गाड, अमित आडेलकर, सुधीर देवरुखकर, रामदत्त पारकर, भूषण राजाध्यक्ष, नंदू गाड, दीपक पवार, सुर्वे, मसुरकर, खाडे, विलास खाड्ये सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नागरिकों को क्या संदेश?

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने स्पष्ट किया कि
    “चुनाव के दौरान उठाई गई हर समस्या का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: किस प्रभाग में पानी की समस्या सामने आई?
    उत्तर: मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में।

    प्रश्न 2: समस्या किस तरह की थी?
    उत्तर: कम दबाव से पानी आना और दूषित पानी की शिकायतें।

    प्रश्न 3: समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
    उत्तर: पाइपलाइन में कैमरा डालने का फैसला और पानी का प्रेशर बढ़ाने के निर्देश।

    प्रश्न 4: किस विभाग के अधिकारी मौजूद थे?
    उत्तर: बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारी।

  • Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद Mumbai Mayor पद को लेकर सियासी हलचल तेज है। संजय राउत का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट बहुमत से सिर्फ 6 सीट दूर है और मुंबई की राजनीति में अभी बहुत कुछ बाकी है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर राजनीति गरमा गई है। भले ही महायुति गठबंधन के पास फिलहाल बहुमत के आंकड़े पूरे होते दिख रहे हों, लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने दावा किया है कि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पार्टी नेता संजय राउत का कहना है कि उनके गठबंधन के पास 108 पार्षद हैं और बहुमत से वे सिर्फ 6 सीट दूर हैं। ऐसे में मुंबई की राजनीति में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

    बीएमसी चुनाव का पूरा गणित

    227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बहुमत का आंकड़ा 114 है।
    चुनाव नतीजों के अनुसार:

    • भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं
    • एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं

    इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत से ऊपर हैं।

    वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने 65 सीटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

    राउत का दावा: 108 पर हैं, सिर्फ 6 कम

    संजय राउत का कहना है कि उद्धव गुट अकेला नहीं है। सहयोगी दलों को मिलाकर उनके पास कुल 108 पार्षदों का समर्थन है।
    उनके मुताबिक:

    • शिवसेना (UBT): 65
    • मनसे (MNS): 6
    • कांग्रेस: 24
    • AIMIM: 8
    • समाजवादी पार्टी: 2
    • एनसीपी (अजित पवार गुट): 3
    • एनसीपी (शरद पवार गुट): 1

    राउत ने कहा, “हमें बहुमत के लिए 114 चाहिए और हम सिर्फ 6 सीट पीछे हैं। मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर सस्पेंस क्यों?

    संजय राउत का कहना है कि कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं देखना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अंदरखाने हलचल है और आने वाले दिनों में समीकरण बदल सकते हैं।
    उनका कहना है कि यह मुकाबला 118 बनाम 108 का है, जो दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना नहीं है।

    एकनाथ शिंदे पर राउत का तीखा हमला

    संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पार्षद डर के माहौल में हैं।
    उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
    “हमारे पार्षद घर पर हैं, सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। शिंदे अपने पार्षदों को होटलों में रख रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके लोग टूट सकते हैं।”

    राउत ने यह भी कहा,
    “आप लोगों को होटल में बंद कर सकते हैं, लेकिन उनके दिमाग को नहीं। कई लोग भाजपा का मेयर नहीं चाहते।”

    शिंदे गुट का जवाब

    इन आरोपों को शिंदे गुट ने खारिज किया है।
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए रखा गया है।
    सूत्रों का कहना है कि यह कोई ‘होटल पॉलिटिक्स’ नहीं बल्कि नए पार्षदों को प्रशासनिक कामकाज समझाने की प्रक्रिया है।

    मुंबई की राजनीति में आगे क्या?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी जैसी देश की सबसे अमीर नगरपालिका, जिसका सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, वहां मेयर पद की लड़ाई बेहद अहम है।
    आने वाले दिनों में गठजोड़, टूट-फूट और रणनीति का खेल और तेज हो सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा क्या है?
    👉 बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है।

    Q2. उद्धव ठाकरे गुट के पास अभी कितनी सीटें हैं?
    👉 सहयोगियों के साथ मिलाकर दावा है कि उनके पास 108 सीटें हैं।

    Q3. महायुति के पास कितनी सीटें हैं?
    👉 भाजपा और शिंदे गुट मिलाकर 118 सीटें हैं।

    Q4. क्या मेयर पद की तस्वीर बदल सकती है?
    👉 उद्धव गुट का दावा है कि मुंबई की राजनीति में कुछ भी संभव है।

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  • मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    BMC चुनाव में कांग्रेस के 24 नगरसेवकों की जीत के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि पार्टी मुंबईकरों के भरोसे को सार्थक करेगी और महापालिका में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 24 नगरसेवक विजयी होने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड के हाथों नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान किया गया। इस मौके पर वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबईकरों ने कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, पार्टी उस पर पूरी तरह खरी उतरेगी और बीएमसी में आम जनता के सवालों को मजबूती से उठाया जाएगा।

    BMC नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान समारोह

    मुंबई में आयोजित इस सम्मान समारोह में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित 24 नगरसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और विधायक असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली।

    We-will-live-up-to-the-trust-of-Mumbaikars-and-raise-the-voice-of-the-people-in-BMC-election-Varsha-Gaikwad
    मुंबई कांग्रेस मुख्यालय मे बैठक की तस्वीर

    विपरीत हालात में मिली जीत

    मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि चुनाव के दौरान एक तरफ धनबल और सत्ता का दबाव था, तो दूसरी तरफ जनता की ताकत। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटे गए, विरोधियों को धमकाया गया और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए 24 नगरसेवकों को जिताया।

    BMC में उठेंगे मुंबईकरों के मुद्दे

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि भले ही कांग्रेस की संख्या कम हो, लेकिन पार्टी के नगरसेवक बीएमसी में मजबूती से मुंबईकरों की आवाज़ उठाएंगे।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस अच्छे रास्ते, साफ पीने का पानी, ट्रैफिक जाम से राहत, बेस्ट बस सेवा में सुधार और प्रदूषण मुक्त मुंबई पर रहेगा। इसके साथ ही मनपा की विभिन्न सेवाओं में हो रहे निजीकरण पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

    भ्रष्टाचार पर रहेगा कड़ा पहरा

    सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। नगरसेवकों के माध्यम से गलत कामों को उजागर किया जाएगा और जनता के हितों की रक्षा की जाएगी।

    कांग्रेस में लोकतंत्र, भाजपा पर तंज

    एक सवाल के जवाब में वर्षा गायकवाड ने कहा कि भाजपा में तानाशाही है, जबकि कांग्रेस में लोकतंत्र है। कांग्रेस में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। अगर कोई पार्टी के खिलाफ बयान देता है तो उस पर फैसला पार्टी नेतृत्व करता है।

    संगठन मजबूत करने पर जोर

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है और कार्यकर्ताओं का उन पर पूरा भरोसा है। आने वाले समय में मुंबई में कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा ताकि जनता के मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

    होटल राजनीति पर चुटकी

    इस दौरान वर्षा गायकवाड ने तंज कसते हुए कहा, “हमें अपने नगरसेवकों पर पूरा भरोसा है, इसलिए उन्हें किसी होटल में रखने की जरूरत नहीं पड़ती।” उनके इस बयान पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के कितने नगरसेवक जीते हैं?
    👉 कांग्रेस के 24 नगरसेवक चुने गए हैं।

    Q2. कांग्रेस बीएमसी में किन मुद्दों पर जोर देगी?
    👉 सड़क, पानी, ट्रैफिक, बेस्ट बस सेवा, प्रदूषण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर।

    Q3. क्या कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा?
    👉 हां, मुंबई में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की योजना है।

  • Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन शहर को मेयर मिलने में वक्त लगेगा। जानिए मेयर पद का आरक्षण लॉटरी से कैसे तय होता है, कानून क्या कहता है और इसमें एक हफ्ता क्यों लग सकता है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव खत्म हो चुके हैं और नई जनरल बॉडी भी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को तुरंत नया मेयर नहीं मिलेगा। इसकी वजह सिर्फ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि मेयर के चुनाव से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया भी है। कानून के मुताबिक, मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय होता है और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मेयर का चुनाव संभव नहीं है। इसी कारण मुंबई को नया मेयर मिलने में कम से कम एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    🏛️ Mumbai का मेयर तुरंत क्यों नहीं चुना जा सकता?

    बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद आमतौर पर लोगों को लगता है कि मेयर का नाम भी तुरंत सामने आ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और उससे पहले कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है।
    सबसे अहम प्रक्रिया है मेयर पद का आरक्षण तय होना, जो सीधे चुनाव से नहीं बल्कि लॉटरी यानी ड्रॉ ऑफ लॉट्स से तय किया जाता है।

    🎟️ क्या है मेयर पद का आरक्षण सिस्टम?

    देशभर की शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
    इस व्यवस्था के तहत मेयर का पद अलग-अलग वर्गों के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षित किया जाता है, जैसे:

    • अनुसूचित जाति (SC)
    • अनुसूचित जनजाति (ST)
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • महिलाएं
    • सामान्य (ओपन) वर्ग

    यह आरक्षण पहले से तय नहीं होता, बल्कि हर कार्यकाल में लॉटरी के ज़रिए तय किया जाता है।

    📜 आरक्षण रोटेशन क्यों जरूरी है?

    मेयर पद पर आरक्षण की व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इस संशोधन के तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और यह तय किया गया कि SC, ST और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
    महाराष्ट्र में यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम (Municipal Corporations Act) के तहत लागू होती है, जिसमें OBC आरक्षण भी शामिल है।
    रोटेशन सिस्टम का मकसद यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर मेयर बनने का मौका मिले और कोई एक वर्ग लगातार फायदे में न रहे।

    🎲 मेयर पद का फैसला लॉटरी से ही क्यों?

    लॉटरी सिस्टम इसलिए अपनाया गया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
    अगर सरकार या राजनीतिक दल तय करें कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा, तो उस पर पक्षपात और राजनीतिक दखल के आरोप लग सकते हैं।
    ड्रॉ ऑफ लॉट्स से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तय हो।

    🗂️ लॉटरी की प्रक्रिया कैसे होती है?

    1. शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) लॉटरी कराने का नोटिफिकेशन जारी करता है
    2. पिछले कार्यकालों के आधार पर आरक्षण रोटेशन की सूची तैयार की जाती है
    3. सार्वजनिक रूप से लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाती है
    4. जिस वर्ग का नाम निकलता है, वही मेयर पद के लिए आरक्षित माना जाता है
    5. इसके बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है

    जब तक यह पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती, कोई भी पार्टी अपने मेयर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर सकती।

    🗳️ मेयर का चुनाव कैसे होता है?

    आरक्षण तय होने के बाद बीएमसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है।
    मेयर का चुनाव पार्षदों के बीच से ही किया जाता है।
    मुंबई की 227 सदस्यीय जनरल बॉडी में मेयर बनने के लिए कम से कम 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है।
    पिछले दो कार्यकालों में लॉटरी के ज़रिए मेयर पद ओपन जनरल कैटेगरी में गया था।

    👑 मुंबई मेयर के पास कितनी ताकत होती है?

    कानून के मुताबिक, मुंबई का मेयर बीएमसी का औपचारिक (Ceremonial) प्रमुख होता है।
    मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है और उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

    • जनरल बॉडी की बैठकों की अध्यक्षता
    • सदन में व्यवस्था बनाए रखना
    • बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देना
    • शहर के “First Citizen” के तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करना

    हालांकि, बीएमसी का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होता है, जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त IAS अधिकारी होते हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या चुनाव नतीजों के तुरंत बाद मेयर चुना जा सकता है?
    👉 नहीं, पहले मेयर पद का आरक्षण तय होना जरूरी है।

    Q2. मेयर पद का आरक्षण कौन तय करता है?
    👉 शहरी विकास विभाग लॉटरी के ज़रिए आरक्षण तय करता है।

    Q3. मुंबई को नया मेयर मिलने में कितना वक्त लग सकता है?
    👉 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक हफ्ता लग सकता है।