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  • मालाड में विकास कार्य बना सिरदर्द, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    मालाड में विकास कार्य बना सिरदर्द, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    मालाड में चल रहे बीएमसी के विकास प्रोजेक्ट से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुल, सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों से ट्रैफिक जाम और धूल-मिट्टी से नागरिकों का जीना मुश्किल हुआ। करोड़ों के प्रोजेक्ट के बावजूद सुविधाओं की जगह बढ़ी दिक्कतें।

    मुंबई: मालाड इलाके में चल रही कई विकास परियोजनाएं अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी हैं। सड़कों की खुदाई, अधूरे पुल और धूल-मिट्टी के बीच नागरिकों का रोजमर्रा का जीवन कठिन हो गया है। बीएमसी ने यातायात सुधारने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 2,200 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए हैं, लेकिन काम की धीमी रफ्तार और खराब प्लानिंग से जनता नाराज़ है।

    🏗️ एक साथ कई प्रोजेक्ट, जनता बेहाल

    मालाड पश्चिम में इस समय कई बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं — जिनमें नए पुलों का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, और पुराने ब्रिज का पुनर्निर्माण शामिल है।
    बीएमसी का दावा है कि ये काम मुंबई के पश्चिमी उपनगरों की ट्रैफिक समस्या को कम करेंगे, लेकिन फिलहाल इसका उल्टा असर दिख रहा है। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम, रास्तों की खुदाई और डाइवर्जन के चलते यात्रियों को रोज घंटों की देरी झेलनी पड़ रही है।

    🌉 लगून रोड पुल: बड़ा सपना, बड़ी मुसीबत

    मालाड-पश्चिम में इंफिनिटी मॉल से अंधेरी तक के मालवनी कच्चा रोड़ यानी लगून रोड को जोड़ने के लिए एक केबल-स्टेयड वाहन पुल बनाया जा रहा है।
    इसकी लागत लगभग ₹1,700 करोड़ और लंबाई 380 मीटर है।
    बीएमसी का कहना है कि इससे लिंक रोड और एस.वी. रोड का ट्रैफिक कम होगा, मगर स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के काम ने रोजमर्रा की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है।

    🏞️ रामचंद्र लेन नाले पर एलिवेटेड रोड का काम अटका

    रामचंद्र लेन नाले के ऊपर बन रही एलिवेटेड रोड जो रायन इंटरनेशनल स्कूल से एमडीपी रोड को जोड़ेगी, फिलहाल अधर में लटकी है।
    करीब ₹400 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट से एवरशाइन नगर और अथर्व कॉलेज के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद थी, मगर लोगों का कहना है कि “काम चल रहा है, लेकिन खत्म होने का कोई टाइम नहीं दिखता।”

    🛣️ तटीय सड़क और चौड़ीकरण कार्य से बढ़ी दिक्कतें

    तटीय सड़क (Coastal Road) से जोड़ने के लिए मार्वे रोड पर नया लिंक बनाया जा रहा है।
    साथ ही मालाड-मार्वे रोड को महाकाली जंक्शन से चारकोप नाका तक चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन महीनों से ये काम अधूरा पड़ा है।
    पुराने पुलों को गिराकर नए बनाने की योजना ने भी स्थानीय नागरिकों की नींद उड़ा दी है।

    🏚️ दुकानदारों का विरोध और नागरिकों की नाराज़गी

    नवंबर 2022 में एसवी रोड पर पुल बंद करने की मनपा की योजना के खिलाफ दुकानदारों ने विरोध किया था।
    उनका कहना था कि अचानक नोटिस देकर कुछ ही दिनों में दुकानें खाली करने को कहा गया, जिससे कई व्यापारियों का रोज़गार खतरे में पड़ गया।
    स्थानीय निवासी सुखदेव सिंह ने कहा —

    “हर बार मनपा विकास का नाम लेकर सड़कें खोद देती है, लेकिन काम कभी टाइम पर पूरा नहीं होता। अच्छी-भली सड़कों को तोड़कर लोगों को परेशान किया जा रहा है।”

    ⚙️ परियोजना 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य

    बीएमसी ने इन सभी प्रोजेक्ट्स को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन शहर के अनुभव बताते हैं कि शायद ही कोई प्रोजेक्ट समय पर पूरा हुआ हो।
    लोगों का कहना है कि ‘टेंडर तो पास हो जाते हैं, लेकिन काम जनता को राहत नहीं देते।’


    FAQ सेक्शन

    Q1. मालाड में कौन-कौन से बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं?
    👉 मालवनी लगून रोड पुल, रामचंद्र लेन नाले पर एलिवेटेड रोड, तटीय सड़क लिंक और मालाड-मार्वे रोड चौड़ीकरण जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
    Q2. बीएमसी ने इन प्रोजेक्ट्स पर कितना खर्च तय किया है?
    👉 लगभग ₹2,200 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है।
    Q3. क्या इन प्रोजेक्ट्स से ट्रैफिक समस्या कम होगी?
    👉 फिलहाल उल्टा असर दिख रहा है। निर्माण कार्यों से सड़कों पर भारी ट्रैफिक और नागरिकों को असुविधा हो रही है।
    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरे होंगे?
    👉 बीएमसी का लक्ष्य 2028 तक पूरा करने का है, लेकिन लोगों को देरी की चिंता है।

  • BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    मुंबई की सामता नगर पुलिस ने एक शातिर जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो BEST बसों में सफर करने वाले यात्रियों से कीमती सामान चुरा लेता था। आरोपी सुरेश पवार अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    मुंबई: कांदीवली पूर्व के सामता नगर पुलिस ने एक ऐसे आदतन जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो भीड़भाड़ वाली BEST बसों में यात्रियों से कीमती जेवर और नकदी चुराता था।
    गिरफ्तार आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जो मालाड के अप्पापाड़ा इलाके का रहने वाला है।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    🚌 BEST बस में चोरी की वारदात

    यह ताज़ा मामला 9 नवंबर 2025 का है, जब गुलफशा शेख (26) नाम की महिला BEST बस नंबर A-478 से गोरेगांव से विक्रोली डिपो की ओर जा रही थीं।
    दोपहर करीब 12:30 बजे भीड़भाड़ के दौरान किसी ने उनका हैंडबैग चोरी कर लिया।
    बैग में दो सोने के मंगलसूत्र, चांदी के गहने और करीब ₹1.05 लाख नकद रखे थे।

    पीड़िता ने तुरंत सामता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एक स्पेशल टीम बनाई गई।

    🎥 CCTV से पकड़ में आया आरोपी

    API योगेश राऊत और PSI राहुल वलुंजकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से आरोपी को ट्रेस किया।
    तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी सुरेश पवार अक्सर भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करता था और मौके का फायदा उठाकर यात्रियों का सामान चुरा लेता था।
    पुलिस ने आरोपी को मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।

    🕵️‍♂️ 10 से अधिक मामलों से जुड़ा हुआ निकला आरोपी

    पुलिस जांच में पता चला कि सुरेश पवार एक आदतन अपराधी (habitual offender) है।
    वह पिछले कई वर्षों से मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बसों में जेबकटी करता आ रहा था।
    पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से कम से कम 10 पुराने चोरी के मामले सुलझ गए हैं।

    🚨 पुलिस की अपील — बस में सफर करते वक्त सावधान रहें

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे BEST बसों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफर करते वक्त अपने बैग और मोबाइल पर नज़र रखें।
    किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत ड्राइवर, कंडक्टर या पुलिस को सूचना दें।


    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी कौन है और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
    आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जिसे पुलिस ने मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।
    Q2. आरोपी पर कितने केस दर्ज हैं?
    पुलिस के मुताबिक, सुरेश पवार पर अब तक 10 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं।
    Q3. ताज़ा वारदात कहाँ हुई थी?
    चोरी की यह वारदात BEST बस नंबर A-478 में हुई, जो गोरेगांव से विखरोली डिपो जा रही थी।
    Q4. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
    CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया।
    Q5. पुलिस ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
    पुलिस ने कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।

  • कांदिवली में गुम हुआ खास बच्चा, ‘We All Connect’ की मदद से डेढ़ घंटे में मिला घर का रास्ता

    कांदिवली में गुम हुआ खास बच्चा, ‘We All Connect’ की मदद से डेढ़ घंटे में मिला घर का रास्ता

    मुंबई के कांदिवली इलाके में एक 6 वर्षीय ऑटिस्टिक बच्चा गुम हो गया था। ‘We All Connect’ नाम के नागरिक नेटवर्क और स्थानीय लोगों की तत्परता से सिर्फ डेढ़ घंटे में उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचा दिया गया।

    मुंबई: कांदिवली में रविवार को एक मार्मिक घटना देखने को मिली, जब 6 साल का ऑटिस्टिक बच्चा राजस अपने आजोबा के साथ टहलते वक्त अचानक गुम हो गया।
    राजस बोल नहीं पाता, इसलिए खुद का नाम या पता बताना उसके लिए मुश्किल था। लेकिन इलाके के नागरिकों और We All Connect नाम के स्थानीय नेटवर्क ने मिलकर बच्चे को सिर्फ डेढ़ घंटे में ढूंढ निकाला।

    👥 समुदाय की एकजुटता से हुआ चमत्कार

    राजस अपने आजोबा के साथ लोखंडवाला रोड पर घूम रहा था जब वह अचानक नज़र से ओझल हो गया।
    घबराए परिवार ने ‘We All Connect’ नेटवर्क से मदद मांगी — यह कांदिवली और आसपास के इलाकों के करीब 7,000 नागरिकों का सोशल नेटवर्क ग्रुप है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत एक-दूसरे की सहायता करता है।

    जैसे ही जानकारी नेटवर्क पर पहुंची, सदस्य अर्चना सागर और शुभमय मैती ने पहल करते हुए आसपास के सुरक्षा गार्डों और निवासियों से जानकारी जुटानी शुरू की।
    कुछ ही देर में पता चला कि एक बच्चा सावंत गार्डन (क्रांतिनगर) के पास देखा गया है।
    इसके बाद स्थानीय युवकों ने पार्क और आस-पास की इमारतों में खोज शुरू की — और राजस को सुरक्षित पा लिया गया।

    👦 ऑटिस्टिक बच्चा होने से बढ़ी थी मुश्किलें

    राजस को ऑटिज़्म है, जिसके कारण उसे बोलने और संवाद करने में परेशानी होती है।
    वह अपना नाम, पता या किसी का फोन नंबर नहीं बता पा रहा था।
    इस वजह से यह खोज और चुनौतीपूर्ण हो गई थी, लेकिन नागरिकों ने हिम्मत नहीं हारी।

    ‘We All Connect’ के संस्थापक संतोष शेट्टी ने बताया —

    “अर्चना सागर, रिचा गौर और शुभमय मैती की सतर्कता की वजह से राजस को सिर्फ डेढ़ घंटे में उसके माता-पिता तक पहुंचाया जा सका।”

    🏡 इलाज के लिए उत्तराखंड से मुंबई आया परिवार

    राजस का परिवार हाल ही में उत्तराखंड से मुंबई आया है।
    राजस की मां अस्मिता ने बताया कि उनके गृहराज्य में ऑटिज़्म के लिए न तो पर्याप्त इलाज है और न जागरूकता, इसलिए उन्होंने मुंबई का रुख किया।

    उन्होंने कहा —

    “हम यहां नए थे, किसी भी व्हाट्सऐप ग्रुप या नेटवर्क से जुड़े नहीं थे। फिर भी आसपास के लोगों ने जिस तरह मदद की, वो हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं था।”

    ❤️ इंसानियत और एकता की मिसाल बनी कांदिवली

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि समुदाय की एकजुटता और मानवीय संवेदनशीलता आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
    ‘We All Connect’ जैसे समूह न केवल लोगों को जोड़ते हैं, बल्कि संकट के समय उम्मीद की एक नई रोशनी भी बनते हैं।

    यह नेटवर्क अब तक कई गुमशुदा बच्चों और बुजुर्गों की खोज में मदद कर चुका है — और कांदिवली इलाके में लोगों के लिए सुरक्षा का भरोसा बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. राजस कौन है?
    राजस 6 साल का ऑटिस्टिक बच्चा है, जो कांदिवली में अपने आजोबा के साथ टहलते वक्त गुम हो गया था।
    Q2. बच्चे को कैसे ढूंढा गया?
    ‘We All Connect’ नामक सोशल नेटवर्क ग्रुप और स्थानीय लोगों की मदद से राजस को डेढ़ घंटे में खोज लिया गया।
    Q3. ‘We All Connect’ क्या है?
    यह कांदिवली और आसपास के 7,000 से ज्यादा लोगों का सोशल नेटवर्क है, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए सक्रिय रहता है।
    Q4. राजस का परिवार मुंबई क्यों आया था?
    राजस का परिवार उत्तराखंड से ऑटिज़्म के बेहतर इलाज और सुविधाओं की तलाश में मुंबई आया है।
    Q5. इस घटना से क्या संदेश मिलता है?
    यह घटना दिखाती है कि इंसानियत, सहयोग और एकजुटता के बल पर किसी भी संकट को हल किया जा सकता है।

  • गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    शिवसेना नेता और पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण कार्य का बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधाओं और भविष्य में होने वाली ट्रैफिक समस्याओं पर तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर चल रहे विकास कार्यों का शिवसेना नेता और विधायक सुनील प्रभु ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिकों को हो रही समस्याओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को कई सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

    🏗️ स्थानीय नागरिकों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    विधायक सुनील प्रभु ने बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण से श्रमसाफल्य सोसायटी, श्रीकृष्ण नगर, जयभीम नगर और दिंडोशी महानगरपालिका वसाहत जैसे इलाकों के नागरिकों को असुविधा हो रही है।
    उन्होंने बीएमसी के रस्ता विभाग, पूल विभाग और परिरक्षण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • श्रीकृष्ण नगर के नागरिकों के लिए संतोष नगर बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए अंडरपास (भुयारी मार्ग) बनाया जाए।
    • पर्जन्य जल वाहिनी (ड्रेनेज लाइन) को सड़क के एक ओर स्थानांतरित कर नया निर्माण किया जाए।
    • गणेश मंदिर-इंदिरा विकास केंद्र मार्ग पर नागरिकों और वाहनों को सुगम आवागमन की सुविधा दी जाए।
    • बीएसटी बसों के लिए टर्मिनल पॉइंट तैयार किया जाए ताकि यातायात में बाधा न आए।

    🚧 आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधा के लिए भी निर्देश

    निरीक्षण के दौरान सुनील प्रभु ने यह भी बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के टनल निर्माण कार्य के चलते बालासाहेब फालके चित्रनगरी के हबाले आदिवासी पाड़ा में लोगों का मुख्य मार्ग बंद हो गया था, जिससे उन्हें आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही थीं।
    अब बीएमसी ने इस “मिसिंग लिंक रोड” का काम शुरू कर दिया है, जिसका शुभारंभ स्वयं सुनील प्रभु ने किया।

    🚦 भविष्य की ट्रैफिक समस्या पर भी होगी बैठक

    दादासाहेब फालके चित्रनगरी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास उड्डाणपुल का एग्जिट पॉइंट बनने वाला है।
    विधायक ने बताया कि इस क्षेत्र में भविष्य में वाहन जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
    इसलिए उन्होंने बीएमसी के पूल विभाग, रस्ते विभाग और परिरक्षण विभाग को नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि पहले से योजना बनाई जा सके।

    👥 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभु के साथ
    ** पूर्व उपमहापौर सुहास वाडकर**,
    *पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे*,
    ** उद्धव ठाकरे गुट के शाखाप्रमुख संपत मोरे**,
    तथा बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    💬 सुनील प्रभु ने क्या कहा

    “हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़क और पुल नहीं बनाना है, बल्कि आसपास के नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। बीएमसी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी हों और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे।”
    सुनील प्रभु, विधायक (शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट)


    FAQ सेक्शन:

    Q1. गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का निरीक्षण किसने किया?
    विधायक और शिवसेना नेता सुनील प्रभु ने बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
    Q2. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
    स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को समझना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और निर्माण कार्य में आवश्यक बदलाव के निर्देश देना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    श्रीकृष्ण नगर, दिंडोशी, जयभीम नगर और हबाले आदिवासी पाड़ा जैसे इलाके इस परियोजना से प्रभावित हैं।
    Q4. ट्रैफिक को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
    फालके चित्रनगरी के पास संभावित ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
    Q5. इस मौके पर और कौन मौजूद थे?
    उपमहापौर सुहास वाडकर, पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे और बीएमसी अधिकारी।

  • बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट में सोमवार शाम एक 29 वर्षीय महिला के साथ पुल के नीचे यौन उत्पीड़न की वारदात हुई। महिला ने खुद को बचाने के लिए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल दिए और भागकर पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई।
    एक 29 वर्षीय महिला पर सुधीर फडके ब्रिज के नीचे एक व्यक्ति ने हमला कर उसे यौन रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की।
    डरी-सहमी महिला ने किसी तरह साहस दिखाते हुए अपने सोने के गहने और मोबाइल फोन आरोपी को सौंप दिए और वहां से भागकर बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां उसने तुरंत शिकायत दर्ज कराई।

    👮‍♂️ तेज़ कार्रवाई: आरोपी कुछ ही घंटों में पुलिस की गिरफ्त में

    शिकायत मिलते ही ज़ोन 11 के डीसीपी संदीप जाधव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की।
    मालाड पुलिस की डिटेक्शन यूनिट के सब-इंस्पेक्टर तुषार सुकदेव के नेतृत्व में टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया।
    कुछ ही घंटों में आरोपी संजय राजपूत को धर दबोचा गया।

    पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन (Realme C53), सोने की अंगूठी, ईयररिंग्स, और हेडफोन — कुल कीमत करीब ₹52,000 — बरामद कर लिए हैं।

    🔍 कैसे हुआ हमला: पुल के नीचे अकेली महिला को बनाया निशाना

    महिला बोरीवली वेस्ट से अपने कार्यस्थल की ओर जा रही थी।
    रास्ते में सुधीर फडके ब्रिज के नीचे आरोपी ने उसका रास्ता रोक लिया।
    वह जब तक कुछ समझ पाती, आरोपी ने उसे खींचकर सुनसान जगह पर ले जाकर जबरन अश्लील हरकतें करने की कोशिश की।
    महिला ने किसी तरह हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल सौंप दिए और मौके से भाग निकली।

    🧾 आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय राजपूत (निवासी: प्रेमा नगर, दहिसर) के रूप में हुई है।
    पुलिस के अनुसार, वह होटलों में बर्तन धोने और सड़कों की सफाई का काम करता है।
    फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।

    💬 पुलिस अधिकारियों का बयान

    डीसीपी संदीप जाधव ने कहा —

    “मामला गंभीर था, इसलिए तुरंत विशेष टीम बनाई गई। महिला ने सूझबूझ दिखाई, जिससे आरोपी को पकड़ना आसान हुआ। पुलिस महिला की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।”

    ⚖️ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना फिर एक बार मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने की है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. घटना कब और कहां हुई?
    यह वारदात सोमवार शाम बोरीवली वेस्ट के सुधीर फडके ब्रिज के नीचे हुई।
    Q2. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    शिकायत के कुछ घंटों में ही आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
    Q3. महिला ने खुद को कैसे बचाया?
    महिला ने आरोपी को अपने गहने और मोबाइल देकर मौके से भाग निकली और पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
    Q4. आरोपी कौन है?
    आरोपी संजय राजपूत दहिसर के प्रेम नगर का निवासी है और होटलों में बर्तन धोने का काम करता है।
    Q5. पुलिस ने क्या बरामद किया?
    महिला के सोने के गहने, मोबाइल और हेडफोन – कुल ₹52,000 की वस्तुएं।

  • मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में दो दोस्तों ने आइसक्रीम विक्रेता से झगड़े के बाद उसका ठेला चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 हजार रुपये का ठेला बरामद कर लिया है।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में एक अजीबो-गरीब चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को खुश करने के लिए आइसक्रीम का ठेला चुरा लिया।
    मामला वनराई पुलिस स्टेशन (Vanrai Police Station) क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठेला बरामद कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

    🤝 दोस्ती निभाने के लिए किया ‘ठेला चोरी’ का कारनामा

    पुलिस जांच में सामने आया कि अरविंद यादव की एक आइसक्रीम विक्रेता से किसी बात पर बहस हो गई थी। नाराज़ होकर उसने अपने दोस्त रामदुलारे मोरिया से कहा —

    “जो इस वेंडर को परेशान करेगा, वही मुझे सबसे ज़्यादा खुश करेगा।”

    दोस्त की यह बात सुनकर मोरिया ने उसी रात ठेला चुराने की योजना बना ली।
    वह गोरेगांव ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास से आइसक्रीम का ठेला उठाकर मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे छोड़कर फरार हो गया।

    🍦 ठेलेवाले ने दर्ज कराई शिकायत

    पीड़ित विक्रेता शंकरलाल दलीचंद गदरी (20), जो गोरेगांव ईस्ट के रामनगर, घसबाज़ार इलाके का निवासी है, रोज़ाना जयकोच जंक्शन पर आइसक्रीम बेचता है।
    वह हर रात अपने ठेले को चेन लगाकर वहीं छोड़ देता था। लेकिन 5 नवंबर को जब वह वापस पहुंचा, तो ठेला गायब मिला।

    दो दिनों तक खुद तलाश करने के बाद उसने वनराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर चोरी किए गए ठेले को ट्रेस किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


    🚓 पुलिस ने की तेज़ कार्रवाई, ठेला बरामद

    पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने ठेला चुराने के बाद उसे फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दिया था।
    पुलिस ने वहां से ठेला बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
    पुलिस के अनुसार,

    “दोनों ने कबूल किया कि उनका मकसद चोरी नहीं बल्कि विक्रेता को परेशान करना था।”


    ⚖️ कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    दोनों आरोपियों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
    वनराई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं दोनों आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं थे।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 यह घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके के वनराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है।
    Q2. आरोपियों के नाम क्या हैं?
    👉 आरोपियों के नाम अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) हैं।
    Q3. उन्होंने आइसक्रीम का ठेला क्यों चुराया?
    👉 अपने दोस्त को खुश करने के लिए, क्योंकि उसका आइसक्रीम वाले से झगड़ा हुआ था।
    Q4. क्या पुलिस ने ठेला बरामद कर लिया है?
    👉 हां, पुलिस ने ठेला मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया है।
    Q5. दोनों पर क्या कार्रवाई की गई है?
    👉 दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    92 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी तकलीफों के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और वे जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे।

    📍 मुंबई | एंटरटेनमेंट डेस्क

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    92 साल की उम्र में भी बेहद सक्रिय रहने वाले प्रेम चोपड़ा फिलहाल स्थिर हैं और डॉक्टरों का कहना है कि वह अगले 3 से 4 दिनों में पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो जाएंगे।

    🏥 डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य अपडेट

    प्रेम चोपड़ा का इलाज लीलावती अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन गोकले और डॉ. जलील पारकर की निगरानी में चल रहा है।
    डॉ. पारकर ने बताया —

    “प्रेम चोपड़ा cardiac ailment (हृदय रोग) के पुराने मरीज हैं। हाल ही में उन्हें वायरल इंफेक्शन हुआ था, जिसकी वजह से फेफड़ों पर असर पड़ा। वे ICU में नहीं हैं, बल्कि वार्ड में भर्ती हैं और धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं।”

    डॉ. पारकर ने आगे कहा,

    “उनकी उम्र 92 वर्ष है, इसलिए रिकवरी में थोड़ा समय लगता है। लेकिन वे खतरे से बाहर हैं और अगले तीन-चार दिनों में घर लौट जाएंगे।”

    👪 परिवार ने दी जानकारी

    प्रेम चोपड़ा के दामाद और अभिनेता शरमन जोशी, जो उनकी बेटी प्रेरणा चोपड़ा के पति हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा —

    “सब कुछ ठीक है, कुछ रूटीन टेस्ट्स चल रहे हैं। वो कल तक घर आ जाएंगे।”

    परिवार के अनुसार, अभिनेता की तबीयत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

    🎬 60 साल से ज्यादा का करियर, 380 से अधिक फिल्में

    प्रेम चोपड़ा हिंदी सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य चेहरों में से एक हैं।
    उन्होंने 1960 और 70 के दशक में विलन के रोल्स से अपनी अलग पहचान बनाई।
    उनकी यादगार फिल्मों में शामिल हैं:

    • “वो कौन थी?” (1964)
    • “उपकार” (1967)
    • “दो रास्ते” (1969)
    • “कटी पतंग” (1970)
    • “बॉबी” (1973)
    • “दो अंजाने” (1976)
    • “त्रिशूल” (1978)
    • “दोस्ताना” (1980)
    • “क्रांति” (1981)

    6 दशकों से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने करीब 380 फिल्मों में अभिनय किया है और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में गिने जाते हैं।

    🕊️ फैन्स कर रहे हैं जल्द स्वस्थ होने की दुआ

    सोशल मीडिया पर प्रेम चोपड़ा के प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
    कई फिल्म स्टार्स और फैन पेजों ने ट्वीट कर कहा —

    “आप हमारे दिलों के विलन हैं लेकिन असल ज़िंदगी में बहुत प्यारे इंसान हैं। जल्दी ठीक हो जाइए, सर!”


    FAQ सेक्शन

    Q1. प्रेम चोपड़ा को अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया?
    👉 उन्हें वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी जटिलताओं के चलते लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    Q2. क्या उनकी हालत गंभीर है?
    👉 नहीं, डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है और वे कुछ दिनों में घर लौट जाएंगे।
    Q3. प्रेम चोपड़ा की उम्र कितनी है?
    👉 वे 92 वर्ष के हैं।
    Q4. कौन से डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं?
    👉 कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोकले और फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. जलील पारकर।
    Q5. प्रेम चोपड़ा ने कितनी फिल्मों में काम किया है?
    👉 उन्होंने 380 से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है।

  • Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड कर दिए गए हैं, जबकि पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू की गई है। मामला अब जांच के घेरे में है।

    मुंबई: जोगेश्वरी पश्चिम के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के कथित “अशोभनीय व्यवहार” के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद की गई है।

    ⚖️ ओशिवारा थाने में तनाव: क्या हुआ था उस दिन

    4 नवंबर की शाम को बजरंग दल के जिला अधिकारी शंकर उर्फ़ वृशभ जाधव करीब 10–15 कार्यकर्ताओं के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
    उन्होंने आरोप लगाया कि जोगेश्वरी (पश्चिम) के गुप्ता किराना स्टोर के पास एक परिवार पर दूसरे परिवार ने हमला किया है।
    उसी वक्त एक नाबालिग लड़की और उसकी मां भी छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचीं।

    पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन माहौल अचानक गरम हो गया।
    इसी दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर “गलत व्यवहार” और “कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने” के आरोप लगे।

    🚨 दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, पांच पर जांच आदेश

    घटना के बाद डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम ने इसकी पुष्टि की।
    उन्होंने बताया कि दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि उनके नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
    साथ ही, पांच अन्य पुलिसकर्मियों —
    एपीआई रमेश केंगर, एपीआई गणेश गायके, पीएसआई बाबू तोत्रे, पीएसआई दीपक बारवे और कॉन्स्टेबल अज़ीम ज़री — पर जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

    🕵️ सात दिन में स्पष्टीकरण रिपोर्ट देनी होगी

    सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण रिपोर्ट (Self-Explanatory Report) जमा करें।
    अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
    आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई।

    📢 प्रशासन सख्त, जांच जारी

    घटना के बाद से ही ओशिवारा पुलिस स्टेशन में माहौल तनावपूर्ण है।
    वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    सूत्रों के मुताबिक, यह जांच केवल व्यवहारिक नहीं बल्कि प्रक्रियात्मक लापरवाही पर भी केंद्रित है — यानी क्या पुलिस ने शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई करने में देरी की थी या नहीं।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. ओशिवारा पुलिस स्टेशन में क्या हुआ था?
    👉 4 नवंबर की शाम बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस पर अशोभनीय व्यवहार का आरोप लगा।
    Q2. कितने पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं?
    👉 दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू है।
    Q3. जांच की निगरानी कौन कर रहा है?
    👉 डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    Q4. क्या पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं?
    👉 हां, पांच पुलिसकर्मियों के नाम जांच आदेश में दर्ज हैं — रमेश केंगर, गणेश गायके, बाबू तोत्रे, दीपक बारवे और अज़ीम ज़री।

  • Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    कांदिवली (पश्चिम) की नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में स्थित मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ महीनों से बंद है। ट्रस्टी लगातार कानूनी प्रयासों में जुटे हैं और 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में अगली सुनवाई होगी।

    मुंबई: कांदिवली (पश्चिम) में चारकोप सेक्टर-1, नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी स्थित मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ में पिछले कई महीनों से नमाज़ अदा नहीं की जा रही है।
    मस्जिद के ट्रस्टी लगातार प्रशासन और पुलिस से संपर्क कर रहे हैं, ताकि नमाज़ दोबारा शुरू की जा सके।
    अब यह मामला 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए तय हुआ है, जिस पर पूरे इलाके की निगाहें हैं।

    🕌 सोसायटी में बंद मस्जिद को लेकर विवाद जारी

    मस्जिद के ट्रस्टी हाजी उस्मान ने बताया कि वे लगातार कानूनी और प्रशासनिक रास्तों से मस्जिद को खोलने की कोशिश कर रहे हैं।
    उन्होंने कहा —

    “हमने पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और चारकोप पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक को पत्र लिखकर नमाज़ की अनुमति मांगी है।
    जैसे अन्य समुदायों के त्यौहारों की अनुमति दी जाती है, वैसे ही हमें भी अपना धर्म पालन करने का अधिकार है।”

    ट्रस्टी ने कहा कि सोसायटी के नियमों का हमेशा पालन किया गया है, फिर भी नमाज़ जबरन बंद कराई गई। उन्होंने दुख जताते हुए कहा,

    “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार जीने का अधिकार है।
    मगर हमें यह अधिकार नहीं दिया जा रहा।”

    🏢 MAHADA नियमों के तहत बनी थी मस्जिद

    ट्रस्टियों का कहना है कि मस्जिद पूरी तरह कानूनी रूप से रजिस्टर्ड और MHADA नियमों के अनुरूप बनाई गई थी।
    कई वर्षों तक वहाँ पाँचों वक्त की नमाज़ और ईद की जमातें शांतिपूर्वक होती रहीं।
    लेकिन कुछ स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद “उपद्रवी तत्वों” के दबाव में मस्जिद बंद कर दी गई

    एक निवासी ने बताया,

    “पहले कुछ शर्तों के साथ नमाज़ पढ़ने की अनुमति थी, जिसे हमने सौहार्द के लिए मान लिया था।
    अब वो भी रोक दी गई है।”

    ⚖️ 11 नवंबर को होगी अहम सुनवाई

    वक्फ़ ट्रिब्यूनल में पहले भी कई सुनवाई हो चुकी हैं।
    अब 11 नवंबर को अगली सुनवाई में ट्रस्टी मस्जिद से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज़,
    पुलिस के साथ हुई चिट्ठियाँ और पहले मिली अनुमति के सबूत पेश करने वाले हैं।

    हाजी उस्मान ने कहा —

    “हम किसी से लड़ाई नहीं कर रहे। बस अपनी इबादत का हक़ मांग रहे हैं।
    हमें उम्मीद है कि वक्फ़ ट्रिब्यूनल में न्याय मिलेगा।”

    🚪 ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल उठे

    मुस्लिम निवासियों का कहना है कि सोसायटी में अन्य समुदायों को अपने त्योहार मनाने की पूरी आज़ादी है,
    मगर मुसलमानों को नमाज़ की इजाज़त नहीं दी जा रही।
    एक स्थानीय निवासी ने कहा —

    “क्या यही बराबरी है? हम सिर्फ़ समान अधिकार चाहते हैं, कोई विशेष सुविधा नहीं।”

    🙏 खामोश मस्जिद अब न्याय की राह देख रही

    जो मस्जिद कभी अज़ान और नमाज़ की आवाज़ों से गूंजती थी,
    आज वो खामोश है।
    रहवासी कहते हैं कि मस्जिद उनके लिए सिर्फ़ इबादत की जगह नहीं, बल्कि एकता और भाईचारे का प्रतीक थी।
    अब सभी की निगाहें 11 नवंबर की सुनवाई पर हैं।

    💬 मुख्य बिंदु एक नज़र में

    • मस्जिद: मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़, नशेमन सोसायटी, चारकोप, कांदिवली (पश्चिम)
    • मुद्दा: नमाज़ बंद, ट्रस्टी ने अनुमति के लिए वक्फ़ ट्रिब्यूनल का रुख किया
    • अगली सुनवाई: 11 नवंबर
    • प्रमुख व्यक्ति: हाजी उस्मान (ट्रस्टी)
    • शिकायत: सोसायटी में “दोहरे मापदंड” और धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक

    FAQ सेक्शन

    Q1. मस्जिद में नमाज़ क्यों रोकी गई?
    → सोसायटी के कुछ सदस्यों के विरोध के कारण नमाज़ बंद कराई गई थी।
    Q2. मस्जिद की स्थिति क्या है?
    → मस्जिद कानूनी रूप से पंजीकृत है और MHADA के नियमों के अनुसार बनी है।
    Q3. मामला अब कहाँ चल रहा है?
    → वक्फ़ ट्रिब्यूनल में 11 नवंबर को अगली सुनवाई तय की गई है।
    Q4. ट्रस्टी क्या चाहते हैं?
    → वे सिर्फ़ नमाज़ दोबारा शुरू करने और समान धार्मिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।