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  • मुंबई में नौकरी अपडेट: सरकारी व निजी में रिक्त पदों पर आवेदन प्रक्रिया

    मुंबई में नौकरी अपडेट: सरकारी व निजी में रिक्त पदों पर आवेदन प्रक्रिया

    मुंबई में सितंबर 2025 में सरकारी व निजी क्षेत्र में ताज़ा नौकरियाँ: नगर निगम, BMC, पुलिस, कॉन्स्टेबल भर्ती व बड़ी कंपनियों में अवसर—जानें कैसे करें आवेदन। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    डिजिटल डेस्क मुंबई: भारत की आर्थिक राजधानी, नौकरी चाहने वालों के लिए फिर से रोजगार के नए अवसरों की राह खोल रही है। चाहे सरकारी क्षेत्र हो या निजी—यहां हर श्रेणी में अवसर बढ़ रहे हैं। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    सरकारी क्षेत्र में प्रमुख भर्तीें

    1. नगर निगम (MBMC) – 358 रिक्तियाँ

    महाराष्ट्र नगर निगम ने फायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, जूनियर इंजीनियर (JE), क्लर्क समेत कुल 358 नई भर्तियाँ निकाली हैं, जिनमें वेतन ₹1.12 लाख तक हो सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है।

    2. BMC (मुंबई महानगरपालिका) – स्वास्थ्य विभाग

    BMC ने 23 पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग में काम करने में रुचि रखने वालों के लिए अवसर हैं और वेतन ₹1.75 लाख प्रति माह तक हो सकता है।

    3. पुलिस कांस्टेबल भर्ती – 15,631 पद

    महाराष्ट्र कैबिनेट ने 12,399 पुलिस कांस्टेबल, 234 ड्राइवर, 2,393 आर्म्ड कांस्टेबल, 580 जेल कांस्टेबल समेत कुल 15,631 पदों को भरने की मंजूरी दी है। यह भर्ती OMR आधारित लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी और उम्र सीमा से अधिक समय सीमा वाले उम्मीदवारों को भी एक विशेष अवसर मिलेगा।

    4. नवी मुंबई महापालिका (NMMC)

    NMMC ने 668 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया घोषित की है और इसका परीक्षा समय-सारणी अब उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवारों की तैयारी हेतु यह एक महत्वपूर्ण अवसर है (Maharashtra Times)।

    5. नागरिक रक्षा (Civil Defence)

    स्थापित कमी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 300 रिक्त पदों को भरने, उन्नत आपातकाल उपकरणों और आपातकालीन तैयारी बढ़ाने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा है।

    6. MSRTC – 15,000 ड्राइवर व कंडक्टर

    एमएसआरटीसी (महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम) ने अगले पांच वर्षों में 15,000 ड्राइवर और कंडक्टर भर्ती करने की योजना बनाई है, जिससे सड़क परिवहन शक्ति बढ़ेगी। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट अवसर

    FreeJobAlert पर ताज़ा रिक्तियाँ

    एक नजर FreeJobAlert की सूची पर:

    • IBPS RRB – ऑफिस असिस्टेंट व ऑफिसर पदों पर 13,217 रिक्तियाँ, आवेदन की अंतिम तिथि 21-सितंबर-2025
    • Bombay High Court – Cook cum Peon पद (1 vacancy), आवेदन की अंतिम तिथि 21-सितंबर-2025
    • RCFL (Rail Coach Factory) – Apprentice पदों पर 325 रिक्तियाँ, अंतिम तिथि 12-सितंबर-2025
    • अन्य अवसर: Exim Bank, Director General of Shipping, NFDC, POWERGRID, SBI, MRVC, TIFR, आदि—अलग-अलग पदों पर आवेदन खुला है।

    MySarkariNaukri अपडेट

    • LIC Housing Finance – Assistant Manager / Associate पद के लिए जारी, अंतिम तिथि 15-सितंबर-2025
    • Naval Dockyard – Apprentice पद, अंतिम तिथि 12-सितंबर-2025
    • Indian Institute of Packaging – Clerk / Junior Assistant, अंतिम तिथि 24-सितंबर-2025

    Indeed पर कॉर्पोरेट और स्टार्टअप अवसर

    कुछ प्रमुख मौजूदा पद:

    • Google – Data Analytics, Project Management, Digital Business Marketing Apprenticeships (अंतिम तिथि 14-सितंबर-2025)
    • Kotak Mahindra – Management Trainee – Agri-Fin Projects
    • KPMG – Internal Audit Executive, Assistant Manager – Digital Government Advisory
    • The Carlyle Group – Executive Assistant (Mumbai)
    • Others – Customer Service Representative (Pretty Child), Business Analyst, Technical Sales Engineer, Talent Acquisition Partner, ERP Specialist

    Randstad और Shine जैसे पोर्टल पर हजारों अवसर

    Shine.com पर मुंबई में वर्तमान में 7419+ नौकरी रिक्तियाँ उपलब्ध हैं—IT, मार्केटिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा जैसे सेक्टर शामिल
    Randstad पर 131+ विभिन्न प्रकार की सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियाँ मुंबई में उपलब्ध हैं।

    आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया

    सरकारी भर्ती (जैसे MBMC, BMC, Police, NMMC):

    1. संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ (MBMC/BMC/NMMC/POLICE)
    2. भर्ती अधिसूचना डाउनलोड करें (योग्यता, आयु, प्रारंभिक शुल्क, चयन प्रक्रिया विवरण)
    3. ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें—पात्रता दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें
    4. आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि निर्धारित हो)
    5. सबमिशन के बाद आवेदन संख्या और ई-मेल/एसएमएस पावती संभाल कर रखें
    6. Admit Card और परीक्षा संबंधी अपडेट वेबसाइट/ई-मेल पर समय-समय पर देखें
    7. लिखित/शारीरिक परीक्षा और अंतर्वार्ता में भाग लें

    निजी/कॉर्पोरेट अवसर (Indeed, FreeJobAlert आदि):

    1. पोर्टल (Indeed, FreeJobAlert, Shine) पर खाता बनाएँ और प्रोफ़ाइल अपलोड करें
    2. इच्छित कीवर्ड (e.g., “Apprentice Mumbai”), लोकैलिटी और श्रेणी के हिसाब से फिल्टर करें
    3. उपयुक्त जॉब पोस्ट चुनें और “Apply Now” करें
    4. कवर लेटर, रिज़्यूमे और अन्य दस्तावेज़ तैयार रखें
    5. उम्मीदवार को कॉल/ई-मेल से आगे की प्रक्रिया के लिए संपर्क किया जाएगा

    नौकरी अलर्ट और तैयारी सुझाव

    • नौकरी अलर्ट सेट करें (Shine, Indeed पर) ताकि नए अवसर सीधे आपकी ई-मेल/मोबाइल पर पहुँचे
    • दस्तावेज़ जैसे रिज्यूमे, मार्कशीट, प्रमाणपत्र, आईडी प्रूफ हमेशा तैयार रखें
    • परीक्षा पैटर्न और पिछले प्रश्नपत्र देखें—विशेषकर सरकारी भर्ती के लिए
    • इंटरव्यू और टाइटल्ड एप्लिकेशन ट्रिक्स पर ध्यान दें

    मुंबई में इस समय सरकारी भर्ती से लेकर निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर तक नौकरी की बहार है। चाहे वह नगर निगम और BMC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएँ हों, पुलिस भर्ती हो या 15,000 ड्राइवर-कंडक्टर की MSRTC योजना, कॉर्पोरेट प्रतिष्ठानों में apprenticeships व विशेषज्ञ पद—यह लेख हर उम्मीदवार की दिशा में मार्गदर्शक साबित हो सकता है। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

  • मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का ऐलान, “मर भी जाऊं तो भी नहीं हटूंगा”। पांच दिन से भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मुंबई: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर आज़ाद मैदान में बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन को और सख्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे उनकी जान भी क्यों न चली जाए, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पाटिल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    जरांगे का सख्त ऐलान

    मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो भी इस ज़मीन से नहीं उठूंगा। सोमवार को होने वाले जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।” Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    हाईकोर्ट और पुलिस की सख्ती

    मुंबई पुलिस ने आंदोलन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है।
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलनकारियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए और इसके चलते शहर ठप पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी हुई। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:

    • आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान से हटाया जाए।
    • मुंबई की सड़कों से ट्रैफ़िक जाम हटाया जाए।
    • नए प्रदर्शनकारियों को शहर में एंट्री न दी जाए।
    • जरांगे पाटिल और समर्थकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पाटिल का पलटवार

    मनोज जरांगे पाटिल ने कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जैसे ही अदालत का आदेश मिला, प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियाँ सड़कों से हटा दीं ताकि ट्रैफ़िक में कोई दिक्कत न हो। पाटिल का कहना है कि वे पिछले दो सालों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मराठा आरक्षण की मुख्य मांग

    पाटिल और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत 10% आरक्षण मिले।
    उनका कहना है कि जब तक “हैदराबाद राजपत्र” लागू नहीं होता और लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    सरकार पर बढ़ा दबाव

    इस आंदोलन के चलते महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल की अगुवाई में 10 मंत्रियों की समिति बनाई है। समिति आंदोलनकारियों से बातचीत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    आज़ाद मैदान में भीड़ और माहौल

    मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुटे हुए हैं। आंदोलन के शुरुआती दिनों में शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।

    हालांकि, मनोज जरांगे पाटिल की सेहत लगातार गिर रही है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

    निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

    मराठा आरक्षण का यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ सरकार और अदालत कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज जरांगे पाटिल साफ कह रहे हैं कि वे “न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जान भी क्यों न चली जाए।”

    यह आंदोलन अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की स्थिरता पर भी पड़ सकता है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके की जमीन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि स्लम रीडेवलपमेंट में जमीन मालिक का पहला अधिकार है। कोर्ट ने 2018 के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और महाराष्ट्र सरकार का भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके में स्लम रीडेवलपमेंट से जुड़ा अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जमीन मालिक का पहला अधिकार होता है, न कि सिर्फ झोपड़पट्टीवासियों या स्लम अथॉरिटी (SRA) का।
    22 अगस्त को दिए गए इस फैसले में कोर्ट ने 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के अधिग्रहण आदेश को रद्द किया गया था। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    पृष्ठभूमि – 1979 से शुरू हुआ विवाद

    विवादित जमीन पर साल 1979 में झोपड़पट्टीवासियों ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद लगभग 3,045 वर्ग मीटर जमीन को स्लम एरिया घोषित किया गया। समय के साथ बस्ती बढ़ती गई और 2002 में वहां के निवासियों ने तराबाई नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (Tarabai Society) का गठन किया।
    2006 से 2008 के बीच सोसाइटी ने बार-बार स्लम सर्वे और अधिग्रहण की मांग की। अंततः 2011 में पूरी जमीन को SRA एरिया घोषित कर दिया गया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    जमीन मालिक का हक बनाम झोपड़पट्टीवासियों का अधिकार

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन मालिक को महाराष्ट्र स्लम एरिया (इम्प्रूवमेंट, क्लियरेंस और रीडेवलपमेंट) एक्ट, 1971 के तहत अधिकार तो हैं ही, लेकिन उससे भी बढ़कर संवैधानिक और संपत्ति से जुड़े मौलिक अधिकार हैं।
    जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की बेंच ने कहा –
    “Ordinarily, a landowner is entitled to all the incidental benefits derived from the ownership of such immovable property. Ownership rights are also constitutionally protected and can only be interfered with as a result of the operation of law.”

    “Unholy Nexus” की चेतावनी

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर SRA और प्राइवेट डेवलपर्स को मनमानी छूट मिल गई तो यह “Unholy Nexus” (गठजोड़) को जन्म देगा, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान स्लमवासियों को होगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि –

    • जमीन मालिक को पहले मौका देना जरूरी है।
    • अगर जमीन मालिक रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव समय पर नहीं लाता, तो स्लमवासी डेवलपर के साथ खुद प्रस्ताव ला सकते हैं।
    • बिना जमीन मालिक को सूचना दिए उसे अधिग्रहण का जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।

    सरकार का नोटिफिकेशन रद्द

    2016 में महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी।
    कोर्ट ने दो टूक कहा कि –
    “सिर्फ एरिया को SR एरिया घोषित करने से यह नहीं माना जा सकता कि मालिक को स्वचालित रूप से रीडेवलपमेंट स्कीम लाना ही होगा।” Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    नतीजा

    यह फैसला न सिर्फ जमीन मालिकों के लिए बल्कि मुंबई के स्लम रीडेवलपमेंट मॉडल के लिए भी ऐतिहासिक है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिकों को प्राथमिक अधिकार देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि स्लमवासियों का पुनर्विकास न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

  • ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    महाराष्ट्र में पुणे जिला परिषद ने एक अनोखी पहल की है। इसमें साइकिल बैंक के उपयोग से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    पुणे: ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। पुणे जिला परिषद ने इसके लिए ‘साइकिल बैंक’ नाम का अनोखा उपक्रम शुरू किया है। इस पहल को समाज से भी जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक प्रशासन को 1,430 साइकिलें दान में मिल चुकी हैं। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    कैसे काम करेगी ‘साइकिल बैंक’?

    यह योजना फिलहाल पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई गांवों में साइकिलें बच्चियों को दी गईं।
    नियम यह है कि आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को साइकिल वापस ‘साइकिल बैंक’ में जमा करनी होगी, ताकि वही साइकिल दूसरी ज़रूरतमंद बच्ची को मिल सके। इस तरह एक साइकिल से कई छात्राओं को फायदा मिलेगा। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    उद्देश्य क्या है?

    ग्रामीण छात्राओं को अक्सर स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार पैदल दूरी ज्यादा होने की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ भी देती हैं। इस समस्या को हल करने और नियमित हाज़िरी बढ़ाने के मकसद से जिला परिषद ने यह पहल शुरू की है।
    मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया – “इस उपक्रम से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी।” Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    अब तक कितनी साइकिलें मिलीं?

    अब तक पुणे जिले के अलग-अलग तालुकों से 1,430 साइकिलें जमा हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा साइकिलें शिरूर (331) और खेड (250) से आई हैं। इसके अलावा मुळशी (125), जुन्नर (112), मावळ (112), बारामती (110), पुरंदर (108), इंदापूर (101), आंबेगाव (60), दौंड (51), हवेली (30), भोर (15) और राजगड/वेल्हे (25) तालुकों से भी योगदान मिला है। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    खास बातें

    • यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू हुई है।
    • जिले में पांचवीं से आठवीं तक करीब 32 से 35 हजार छात्राएं हैं।
    • साइकिलें ज्यादातर CSR फंड से खरीदी जाएंगी, जरूरत पड़ने पर जिला निधि से भी खरीदी होगी।
    • इन साइकिलों का लाभ सिर्फ जरूरतमंद और ग़रीब परिवार की बच्चियों को मिलेगा।
  • धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    महाराष्ट्र के धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर ठगी के आरोप में बोरीवली के रहनेवाले एक बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर रही है। पीड़ित कांदीवली पश्चिम के चारकोप के रहने वाले एक टीचर है। जिनके साथ कथित 42 लाख की ठगी हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक टीचर के साथ 42 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पैसे स्कूल की नई इमारत निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन आरोपी बिल्डर और उसकी पत्नी ने रकम हड़प ली। इस मामले में बोरीवली पुलिस ने बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    5 करोड़ रुपये का खर्च

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ईश्वर खैरनार चारकोप स्थित प्रियदर्शनी विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। वह मूल रूप से धुलिया जिले के निवासी हैं। नासिका जिले के करीब वह अपने मूल गांव धुलिया में स्कूल बनवाना चाहते थे। इस संबंध में उनकी मुलाकात बोरिवली के रहने वाले एक बिल्डर से हुई। बिल्डर ने टीचर के प्रोजेक्ट में अपना इंट्रेस्ट दिखाया, जिसके बाद उसने साइट का विजिट किया और करीब 5 करोड़ रुपये का खर्च बताया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    ट्रस्टियों में भी ले ली जगह

    शिकायत के मुताबिक, बिल्डर ने प्रस्ताव दिया कि इमारत को पूरा करने के लिए वह अपने पहचान वालों से उन्हें आर्थिक मदद करवा देगा। लेकिन, इसके बदले में उसे और उसके पहचान वालों को स्कूल ट्रस्ट की नई कमिटी में जगह देनी होगी। एफआईआर के अनुसार, इस शर्त पर सहमति बनने के बाद खैरनार ने बिल्डर को अध्यक्ष और उसकी पत्नी को सेक्रेटरी बना दिया। इसके साथ ही बिल्डर के पहचान वाले 2 लोगों को सदस्य बनाकर सभी कागजात चैरिटी कमिशन कार्यालय में जमा करवा दिया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    न प्रोजेक्ट शुरू किया और न दिया पैसे

    आरोप है कि इमारत के निर्माण कार्य शुरू करने के नाम पर बिल्डर ने खैरनार से 50 लाख रुपये मांगे। खैरनार और उनकी बेटी करिश्मा ने बिल्डर को 42 लाख रुपये दिए। लेकिन, पैसा मिलने के बाद बिल्डर ने न तो इमारत का निर्माण कार्य शुरू किया और न ही खैरनार को उसके पैसे वापस किए। इसके बाद खैरनार ने बोरीवली पुलिस का रुख किया, जहां केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन? 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

  • शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए। BJP governments saffronising and destroying education

    मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।

    देश में शिक्षा का भगवाकरण

    विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा और परीक्षा का सौदा

    सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।

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    शिक्षा पर 18% की जीएसटी

    उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।

    विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा

    इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।

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    दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा क्षेत्र मे भेदभाव

    शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

    धर्म की राजनीति

    हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

    मानसिक गुलामी

    सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education

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    मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं

    जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।

    मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार

    तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।

    कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?

    एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

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    स्कूलें बंद मधुशालाओं का उद्घाटन

    राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।

    सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान

    दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।

    मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला

    दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।