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  • 🚨 NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, भारत से लेकर विदेशों तक बना रिकॉर्ड – PwD Candidates को मिला Extra Time!

    🚨 NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, भारत से लेकर विदेशों तक बना रिकॉर्ड – PwD Candidates को मिला Extra Time!

    NEET UG 2026 Exam Today: 22.79 lakh candidates appeared across 551 cities in India and 14 abroad. NTA conducts exam from 2 PM to 5 PM, PwD candidates get extra time till 6 PM. Full update here.

    नई दिल्ली: भारत में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET UG 2026 आज देश और विदेश में बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनाता है।

    🌍 India से Abroad तक NEET UG 2026 का बड़ा आयोजन

    इस साल NEET UG 2026 का आयोजन देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में किया गया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक pen-and-paper मोड में आयोजित हुई।

    👉 आधिकारिक जानकारी के लिए देखें:
    https://neet.nta.nic.in
    👉 NTA वेबसाइट:
    https://nta.ac.in

    इतने बड़े स्तर पर परीक्षा कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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    👨‍🎓 22.79 लाख Candidates ने दी परीक्षा – Global Level पर रिकॉर्ड

    करीब 22.79 लाख registered candidates के साथ NEET UG 2026 दुनिया की सबसे बड़ी medical entrance exams में से एक बन गई है। हर साल बढ़ती संख्या इस परीक्षा की प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना रही है।

    PwD Candidates के लिए Special व्यवस्था

    NTA ने PwD (Persons with Disabilities) और PwBD उम्मीदवारों के लिए खास सुविधा दी:

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    • Extra time (compensatory time)
    • परीक्षा का समय शाम 6 बजे तक बढ़ाया गया

    यह कदम परीक्षा को सभी के लिए समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    👮 2 लाख से ज्यादा स्टाफ की तैनाती

    परीक्षा को smooth और fair बनाने के लिए देशभर में 2 लाख से ज्यादा personnel तैनात किए गए। इसमें:

    • पुलिस और सुरक्षा बल
    • invigilators
    • प्रशासनिक अधिकारी

    शामिल रहे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

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    🌡️ Kanyakumari में गर्मी के बीच भी भारी उपस्थिति

    Kanyakumari जिले में:

    • कुल 4,945 candidates
    • 10 परीक्षा केंद्र

    बनाए गए थे। तेज गर्मी के बावजूद छात्र समय से पहले परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंच गए थे।

    🏫 सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे छात्र

    कई केंद्रों जैसे:

    • Carmel Higher Secondary School
    • SLB School
    • SMRV School (Vadassery, Nagercoil)

    पर छात्र सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे, ताकि समय पर एंट्री मिल सके और किसी परेशानी से बचा जा सके।

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    🇮🇳 देशभर के शहरों में दिखा उत्साह

    NEET UG 2026 के लिए देश के कई शहरों में छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली, जैसे:

    • Anantnag
    • Jaipur
    • Coimbatore

    हर जगह छात्र अपने माता-पिता के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।

    📊 Maharashtra HSC Result 2026: Pass Percentage में गिरावट

    इसी बीच Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education ने हाल ही में Class 12 (HSC) Result 2026 घोषित किया।

    • इस साल pass percentage: 90.50%
    • पिछले साल: 91.88%
    • गिरावट: 1.38%

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    🎯 Copy-Free Campaign बना गिरावट का कारण

    Board Chairman Trigun Kulkarni के अनुसार:

    • Strict anti-copying drive
    • CCTV surveillance
    • सख्त अनुशासन

    की वजह से result में गिरावट देखी गई।

    📍 Mumbai Division का प्रदर्शन

    Mumbai डिवीजन का प्रदर्शन:

    • Pass percentage: 90.50%

    📝 Re-evaluation और Improvement Scheme

    स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड ने ये सुविधाएं शुरू की हैं:

    • Mark verification
    • Answer sheet photocopy
    • Re-evaluation

    👉 आवेदन तारीख: 3 मई से 17 मई तक (online)

    इसके अलावा:

    • Improvement Scheme
    • जून 2026 से जुलाई 2027 तक 3 attempts

    👉 अधिक जानकारी:
    https://mahahsscboard.in


    FAQ (लोगों के सवाल)

    Q1. NEET UG 2026 परीक्षा कब हुई?
    A: 2 PM से 5 PM तक (PwD के लिए 6 PM तक)।

    Q2. कितने students ने exam दिया?
    A: करीब 22.79 लाख।

    Q3. परीक्षा कितने शहरों में हुई?
    A: 551 cities in India और 14 abroad।

    Q4. PwD candidates को क्या सुविधा मिली?
    A: Extra time (compensatory time)।

    Q5. Maharashtra HSC result कितना रहा?
    A: 89.79% pass percentage।


    📝 Conclusion

    NEET UG 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों का यह इम्तिहान अब अगले चरण यानी result और counselling की ओर बढ़ेगा। वहीं, Maharashtra HSC result में गिरावट शिक्षा प्रणाली में सख्ती का संकेत देती है।

  • Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।

    नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।

    मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”

    रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।

    🌍 Middle East Crisis का सीधा असर

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।

    👉 सप्लाई चेन डिस्टर्ब
    👉 fuel prices में उतार-चढ़ाव
    👉 LPG availability पर दबाव

    इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

    🛢️ क्या है सरकार का नया फैसला?

    सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।

    👉 इसका मकसद:

    • आम लोगों को तुरंत राहत
    • fuel shortage से बचाव
    • rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना

    📍 इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा

    सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:

    • दिल्ली (NCT)
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
    • पुडुचेरी
    • आंध्र प्रदेश
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    • राजस्थान
    • उत्तर प्रदेश
    • गोवा
    • गुजरात
    • उत्तराखंड
    • लक्षद्वीप
    • जम्मू-कश्मीर
    • लद्दाख
    • तेलंगाना
    • हिमाचल प्रदेश
    • नागालैंड
    • मध्य प्रदेश
    • सिक्किम

    👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।

    ⛽ Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene

    नई व्यवस्था के तहत अब:
    👉 सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs)
    👉 Petrol Pumps और retail outlets

    के जरिए भी kerosene बेच सकेंगी।

    📅 यह सुविधा अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    👉 इससे फायदा:

    • लंबी लाइन से छुटकारा
    • पास के पंप से ही kerosene मिलेगा
    • supply shortage कम होगी

    📦 डीलर कितना स्टॉक रख सकेंगे?

    सरकार ने dealers को भी राहत दी है:

    👉 हर retail unit पर
    2500 लीटर तक kerosene stock रखने की अनुमति

    👉 इससे:

    • supply chain मजबूत होगी
    • emergency में तुरंत availability मिलेगी

    ⚖️ कानून में क्या प्रावधान है?

    यह फैसला पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और 2002 के नियमों के तहत लिया गया है।

    👉 इन कानूनों में सरकार को special situations में
    rules relax करने का अधिकार होता है

    और अभी के global crisis को देखते हुए इसी power का इस्तेमाल किया गया है।

    👨‍👩‍👧‍👦 आम जनता को क्या फायदा?

    इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी:

    👉 गरीब परिवार
    👉 ग्रामीण इलाके
    👉 जहां LPG पहुंच कम है

    अब वे:

    • kerosene से खाना बना सकेंगे
    • lighting की जरूरत पूरी कर सकेंगे
    • LPG price hike से बच पाएंगे

    🔗 Related Links (जानकारी के लिए)

    • Ministry of Petroleum Official Updates
    • Energy Crisis Global News
    • LPG vs Kerosene Usage Guide

    (लेटेस्ट अपडेट के लिए PIB India, Indian Oil, BPCL जैसी आधिकारिक साइट्स देखें)


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या अब हर जगह kerosene मिलेगा?
    👉 नहीं, फिलहाल 21 राज्यों और UTs में ही यह सुविधा लागू होगी।

    Q2. क्या petrol pump पर kerosene मिलेगा?
    👉 हां, अब petrol pumps और retail outlets पर भी मिलेगा।

    Q3. यह सुविधा कितने समय के लिए है?
    👉 अभी के लिए 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    Q4. एक डीलर कितना kerosene स्टॉक कर सकता है?
    👉 अधिकतम 2500 लीटर।

  • कटनी में निकलेगा 7 लाख टन सोना, मुंबई की कंपनी को 50 साल की लीज – जिले को मिलेगा 100 करोड़ का फायदा

    कटनी में निकलेगा 7 लाख टन सोना, मुंबई की कंपनी को 50 साल की लीज – जिले को मिलेगा 100 करोड़ का फायदा

    मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सोना-चांदी और मिनरल्स की नई खदान शुरू होने जा रही है। मुंबई की कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स को 50 साल की लीज मिली है। इस प्रोजेक्ट से जिले को 100 करोड़ से ज्यादा का राजस्व और हजारों रोजगार मिलने की उम्मीद है।

    मध्य प्रदेश: एमपी के कई जिले अब मिनरल हब बनते जा रहे हैं। पन्ना हीरों के लिए पहले से मशहूर सिंगरौली में 18 हजार टन सोना मिलने की पुष्टि हो चुकी है। अब बारी है कटनी की, जहां इमलिया गांव की जमीन के नीचे सोना-चांदी और अन्य खनिज का खजाना मिला है। यहां करीब 7 लाख टन सोना-चांदी और मिनरल्स निकाले जाएंगे।

    🔶 मुंबई की कंपनी को मिला 50 साल का ठेका

    इस खदान की जिम्मेदारी मुंबई की प्राइवेट कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। कंपनी को 50 साल की लीज मिल चुकी है। अगले 6 महीनों में खनन का काम शुरू कर दिया जाएगा।

    🔶 जिले को मिलेगा 100 करोड़ का फायदा

    इस प्रोजेक्ट से कटनी जिले को बड़ा राजस्व मिलेगा। कंपनी आने वाले सालों में टैक्स के रूप में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा देगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन को लंबे समय तक लगातार फायदा होता रहेगा।

    🔶 रोजगार और ज्वेलरी हब बनने की संभावना

    खनन के साथ ही भविष्य में कटनी में ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
    मार्च 2026 तक यहां जमीन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं और मशीनरी इंस्टॉलेशन पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

    🔶 एयरपोर्ट निर्माण की उम्मीद भी बढ़ी

    खनन प्रोजेक्ट के बाद कटनी जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां एयरपोर्ट निर्माण की भी संभावना तेज हो गई है, जिससे पर्यटन और इंडस्ट्री दोनों को फायदा होगा।


    ❓ FAQ

    Q1. कटनी जिले में कितनी मात्रा में सोना-चांदी मिलने की उम्मीद है?
    👉 यहां करीब 7 लाख टन सोना-चांदी और अन्य मिनरल्स निकाले जाएंगे।

    Q2. किस कंपनी को खदान का ठेका मिला है?
    👉 मुंबई की प्राइवेट कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड को 50 साल की लीज मिली है।

    Q3. जिले को इससे कितना फायदा होगा?
    👉 टैक्स और रॉयल्टी के रूप में जिले को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिलेगा।

    Q4. इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
    👉 रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और भविष्य में ज्वेलरी यूनिट्स खुलने की संभावना है।

    Q5. खनन का काम कब शुरू होगा?
    👉 अगले 6 महीनों में खनन का काम शुरू हो जाएगा और मार्च 2026 तक पूरी तैयारी हो जाएगी।

  • मुंबई में रेड अलर्ट, यूपी के 80 गांव डूबे, राजस्थान से मॉनसून विदा

    मुंबई में रेड अलर्ट, यूपी के 80 गांव डूबे, राजस्थान से मॉनसून विदा

    मुंबई में रेड अलर्ट के साथ तेज बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी। यूपी के उन्नाव में 80 गांव बाढ़ से डूबे, राजस्थान से मॉनसून तय समय से पहले विदा।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 3 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई।

    https://indian-fasttrack.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-4_1757915237.webp

    महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अनुमान

    IMD ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। इससे जनजीवन पर असर पड़ने और ट्रैफिक, ट्रेनों व हवाई सेवाओं में देरी की आशंका है।

    यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न

    उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी उफान पर है। करीब 80 गांव पानी में डूब गए हैं और अब गांवों की सड़कों पर नावें चल रही हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2024/04/05/fake-documents-revealed-in-court-for-bail

    मणिपुर, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी बारिश का कहर

    • मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन कई जिलों में फैल गए।
    • तेलंगाना और उत्तराखंड में भी जमकर बारिश हुई।
    • हैदराबाद में तीन लोग लापता हो गए, जिनमें से दो के बह जाने की आशंका है।

    हिमाचल और पंजाब में भारी नुकसान

    • जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 404 लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन की वजह से हो चुकी है।
    • पंजाब में बाढ़ से करीब ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता पर्गट सिंह ने SDRF फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।

    राजस्थान से तय समय से पहले मॉनसून विदा

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून रविवार को ही वापस हो गया, जो सामान्य समय से तीन दिन पहले है।

    • यह श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से पीछे हट चुका है।
    • अगले 2-3 दिनों में यह पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो जाएगा।
    • हालांकि, मध्य प्रदेश में मॉनसून करीब दो हफ्ते और रहेगा

    झारखंड में 16 जिलों में अलर्ट

    रांची और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर से ही बारिश हो रही है।

    • शाम 5:30 बजे तक रांची में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
    • 15 से 18 सितंबर के बीच राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश का अनुमान है।
    • 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

    उपग्रह से दिखे घने बादल

    मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी यूपी, कोंकण, ओडिशा, विदर्भ और उत्तर-पूर्वी राज्यों के ऊपर घने बादल छाए हुए हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के आसार हैं।

    कश्मीर में ईंधन संकट

    जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की वजह से तेल टैंकरों का रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते घाटी में ईंधन संकट गहरा गया है।

    एयर ट्रेवल पर असर

    तेज तूफान और बारिश की वजह से इंडिगो की इंदौर-पुणे फ्लाइट को पहले सूरत और फिर अहमदाबाद डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को पूरी रात फंसे रहना पड़ा और फ्लाइट सुबह 5 बजे जाकर लैंड कर पाई।

  • BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    • जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास
    • अनपढ़ जनता, अनपढ़ सरकार
    • जनता को शराबी बनाकर तिजोरी भरने का इंतजाम
    • 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का ऐतिहासिक फैसला

    डिजिटल डेस्क
    BJP Government:
    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है। (Development model of BJP government)

    सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी। (Development model of BJP government)

    कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें?
    बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा। (Development model of BJP government)

    https://www.cgstate.gov.in

    इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी। (Development model of BJP government)

    इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे। (Development model of BJP government)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत चुनाव EVM मशीन के बीना बैलेट पेपर से होने जा रहे हैं। इसका फैसला छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने लिया है। कांग्रेस ने इसका स्वागत किया। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

    न्यूज़ डेस्क
    रायपुर-
    छत्तीसगढ़ नगर निगम और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में भाजपा सरकार ने ईवीएम मशीन के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करने का फैसला किया है। 28 दिसंबर से शुरु होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए यहां आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में फिर से बदलाव कर दिया गया है। 3 जनवरी को इसके लिए सूचना का प्रचार प्रसार किया जाएगा। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी। इसकी जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने दी। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

    बता दें, कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस बार पंचायत और नगर निगम चुनाव को एक साथ कराने की तैयारी कर रही है। इस बार दोनों इलेक्शन बैलेट पेपर से होंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि “ईवीएम की तैयारी में समय लग रहा था। इसलिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला किया गया है। साथ ही नियमों में परिवर्तन हुआ है। आरक्षण की प्रक्रिया हो रही है। सरकार जल्द से जल्द चुनाव करने के लिए प्रतिबद्ध है।” दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का स्वागत किया है। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

    कितने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत हैं?

    बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में 14 नगर निगम, 52 नगर पालिका परिषद और 123 नगर पंचायत हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के अंतर्गत 27 जिला पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें एवं 11664 ग्राम पंचायतें हैं। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

    चुनाव कब है?

    छत्तीसगढ़ में नगर निगम, नगर पालिका और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एक साथ आयोजित किए जाने की तैयारी है। चुनाव बैलेट पेपर से होने वाले है इसको लेकर प्रत्याशियों की आरक्षण प्रक्रिया जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी। चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

    आरक्षण प्रकृया में बदलाव

    त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी, जबकि पहले यह 28 दिसंबर से शुरू होने वाली थी। इसके लिए 3 जनवरी को सूचना का प्रकाशन किया जाएगा। (BJP decided to conduct Municipal and Panchayat Elections through ballot paper)

  • देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।

    चुनाव आयोग के कार्य ..

    सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।

    इसे भी पढ़ें:- पत्रकार संरक्षण कानून पर अमल कब से शुरू किया जाएगा मेरी सरकार।

    चुनाव आयोग,
    चुनाव आयोग की प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा
    की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।

    Election Commission of India

    लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

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  • विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    देश के पांच राज्यों में 7 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक कुल चार चरणों में मतदान होंगे। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में, जबकि बाकी राज्यों में एक ही दिन वोट डाले जाएंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। साल के ये आखिरी चुनाव सेमीफाइनल तो नहीं, लेकिन 2024 के आम चुनाव के लिए रिहर्सल जैसे जरूर हैं।

    वी बी माणिक
    नई दिल्ली
    – देश की राजनीति में सेमीफाइनल मैच का बिगुल बज चुका है। इसके तहत देश के पाँच राज्यो में सभी दलों के रण बाकुरो की टोली ताल ठोकना शुरू कर दिया है। इस चुनावी खेल में कौन पहलवान जीतेगा? कौन हारेगा? ये समय बतायेगा। इस समय जाति गणना की माँग जोरो पर चल रही है। पर अधिकांश नेता अपनी जाति के बारे में कुछ नही बोल रहे है।

    देश में महिलाओ के साथ बलात्कार की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिस पर राज्य सरकारें चुप्पी साध कर बैठी है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्ति की ओर बढ़ती जा रही है। रणबाँकुरों की ओर से टिकट के लिये जोर आजमाइश की जा रही है। चाहे वह कितना बड़ा अपराधी हो, इसको पार्टियां नही देख रही है। जितने दोषी राजनीतिक पार्टियां है उससे ज्यादा दोषी चुनाव आयोग है।

    इसे भी पढ़ें:- Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ नाबालिग लड़क गिरफ्तार..

    देश के पांच राज्यों में चुनाव

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से देश की जनता कई माध्यमों सवाल करती आ रही है, कि क्योंकि चुनाव आयोग इस बात की जाँच क्यों नही करता कि जो भी नेता चुनाव लड़ रहा है उस के खिलाफ आपराधिक कितने केस दर्ज है? न्यायालय में कितने में दोषी पाया गया है और कितने केस विचाराधीन है? अगर है तो चुनाव लड़ने के योग्य नही है। चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष नही है क्योंकि चुनाव आयोग से रिटायर्ड होने के बाद ये भी किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़कर या पीछे के रास्ते से लोकसभा-राज्यसभा में पहुँच जाते है। और आजीवन मलाई खाते है।

    चुनाव,
    चुनावी समीकरण को दर्शाती हुई तस्वीर

    पांचो राज्यों में कुल चार चरणों में वोटिंग होगी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होंगे बाकी राज्यों में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। शुरुआत मिजोरम से 7 नवंबर को होगी, जबकि आखिरी चरण में तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे – सभी राज्यों में मतगणना 3 नवंबर को होगी।

    अब राजीनीतिक पार्टीयो के पहलवानो मे से ये पहलवान चुनाव जीतने के बाद पाँच वर्ष तक अपने एरिया में अपने चमचो के साथ केवल दहशत पैदा करना। पुलिस थानों को अपनी रखैल बनाकर रखना। दुकानदारों व्यापारियों और अन्य कारोबारियों से अवैध धन उगाही का काम करते है और ठेकेदारों से हर कार्य का कमीशन लेना, सरकारी दफ्तरों में वसूली करना, कर्मचारियों को धमकी देना, यही काम करते है। चुनाव आयोग इसकी जाँच क्यों नही करवाता है? बहुत गरीब वर्ग इन विधायकों द्वारा ठगी के शिकार हुए होते है इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। अब देखना है, कि 3 दिसंबर को इस सेमीफाइनल मुकाबले का क्या रिजल्ट आता है।

    चुनाव तारीखों की घोषणा तो अब हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां काफी पहले से ही चुनाव कैंपेन शुरू कर चुकी हैं। अब तक का हाल तो यही बता रहा है कि 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है, जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है।

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    इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण समझिये

  • नेताओ के आरोप प्रत्यारोप पर चल रहा है देश

    नेताओ के आरोप प्रत्यारोप पर चल रहा है देश

    मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है। (Indian politics)

    लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था। (Indian politics)

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/23/due-to-the-vigilance-of-the-mumbai-police-the-maharashtra-police-has-recovered-a-tanker-full-of-rdx-police-is-investigating
    Indian fasttrack news

    Indian Politics ..

    Indian politics,
    प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ? (Indian politics)

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    देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है।
    आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा। (Indian politics)