प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
- महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन
सुरेंद्र राय
मुंबई- महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।
एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”
अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..
न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

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बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।
मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।
न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’
पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।
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