प्रतिकारात्मक फाईल तस्वीर
कर्नाटक के संसद में गुंजा टीपू सुलतान का मुद्दा। यहां फिर एक बार भारतीय जनता पार्टी के विवादित बयान ने राजनैतिक दलों में चिंगारी फूंकने का काम किया है। यहां भाजपा और एआईएमआईएम के बीच संसद में प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
श्रेया मिश्रा
कर्नाटक– टीपू सुल्तान को लेकर बयानबाजी कर्नाटक संसद का मुद्दा बन गया है। यहां राजनैतिक पार्टीयां अपना वर्चस्व दिखाने के लिए हर हद को पार करते नजर आ रहे हैं। हालही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बयान ने यहां चिंगारी का रुप ले लिया।
टीपू सुल्तान का मुद्दा..
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील चुनाव के दौरान अपने भाषण में कहा, कि ‘टीपू सुल्तान का समर्थन करने वालों को जंगलों की ओर खदेड़ देना चाहिए।’ इसके बाद और एक भाषण में उन्होंने कहा, कि ‘टीपू सुल्तान के अनुयायियों को जिंदा नहीं रहना चाहिए!’ भाजपा के इस विवादित बयान से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AlMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, कि ‘मैं टीपू सुल्तान का नाम लेता हूं, तो क्या करोगे? तुम मुझे मारोगे? क्या तुम मुझे मिटा दोगे? बोलो कहां आना है कर्नाटक में।’

असल में, यहां कर्नाटक राज्य विधानसभा चुनाव होने वाले है। जिसकी वजह से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने जनता को संबोधित करते हुए टीपू सुलतान के वंशजो को भगाने की बात की थी। नलिन कुमार कतील के दिए गए इस बयान से संसद भवन में कई नेता नलिन कुमार कतील के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं और कई नेता उनके इस बयान का विरोध कर रहे है।
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