बोरिवली रघुलीला मॉल भाजपा विधायक सुनील राणे के कार्यक्रम की तस्वीर 24/10/20
पूरे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की प्रशंसा तो होती रही! पर उनकी कही बातों पर बगावत करते नज़र आए भाजपा के सांसद गोपाल शेट्टी सहित और विधायक तथा नगरसेवकों का पूरा समुह!
इस्माइल शेख
मुंबई- कार्यक्रम बोरिवली के विधायक सुनिल राणे के कार्यकाल के तहत एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह का था! मौके पर विधायक द्वारा किए कार्यों का ब्योरा पेश करते हुए विमोचन का कार्यक्रम देखने को मिला! इसे सालभर का “अह्वाल प्रकाशन” नाम दिया गया था!
बोरिवली पश्चिम के विधायक सुनिल राणे के वार्षिक अह्वाल कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गई! शनिवार की शाम भाजपा के इस कार्यक्रम में हमें देखने पर मजबूर कर दिया कि कहां है वह दो गज का फासला जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों को नियम और कानून के तहत निभाए जाने का देश की जनता से वचन लिया था!
नियम और कानून की धज्जियां
यहां भाजपा के प्रोग्राम में खुशियों को मनाने के लिए एक दूसरे से लोग ऐसे मिलते नजर आए कि लोगों ने सारे नियम और कानून की धज्जियां उड़ा दी ! बोरीवली के रघुलीला मॉल में यहां के विधायक सुनील राणे के 1 साल पूरे होने के उपलक्ष में अपने कार्य का आह्वान पेश करते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ! जिसमें 200 लोगों को बुलाए जाने की पुलिस को जानकारी दी गई थी! मगर विधायक के खुशियों को और चार चांद लगाने के लिए कार्यकर्ताओं के बीच कोकण के विधायक नितेश नारायण राणे ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई !
ऐसे में 200 की जगह सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंच गए जहां उनके बैठने की व्यवस्था से लेकर खड़े होने की व्यवस्था के बीच भी सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया जाता, नजर आया! कार्यक्रम के दौरान आप तस्वीरों में देख सकते है कि 40 प्रतिशत से ज्यादा सीनियर सीटिजन्स मौजूद थे! जिन्हें खास कर एहतियात बरतने और बे-वजह बाहर नहीं निकलने की राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र की मोदी सरकार भी फरमान जारी किए हुए है!

भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सारे खून माफ
इसका मतलब तो यहीं निकला! भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सारे खून माफ और हम मारे तो पानी भी शराब! बहरहाल उत्तर मुंबई से मुंबई महानगर पालिका का चुनावी बिगूल बज चुका है! कार्यक्रम के दौरान मंच पर सभी नेताओं ने आने वाले चुनाव पर ज़ोर देते हुए शिवसेना के हाथ से मनपा मुख्यालय की कुर्सी छिनने और औसत से अधिक भाजपा को जीत दिलाने की तैयारी पर चर्चा की! कार्यक्रम के अंत में हर महफिल की तरह फोटो शेशन का दौर चला! नज़ारा रोग-प्रतिकारक नियमों को जान की बाज़ी लगाकर तोड़ा जा रहा था! शायद इस महफिल में कोरोना को आने की इजाजत नहीं मिली थी! फिलहाल कोरोना तो वो रोना है, जिसे सात समंदर भी नहीं रोक सका! प्रार्थना है, कि कार्यक्रम के बाद कम से कम 15 दिनों तक सभी स्वस्थ ही मिलें, क्यों की अदृश्य से लड़ना कोई नहीं चाहता!
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