Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

Advertisements

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

“Dead Body Held Hostage” का आरोप

वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

Breaking News: कराची में भारी हिंसा — अमेरिकी काउंसलेट पर हमला, 8 की मौत, सैकड़ों घायल

पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

“कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

“अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच की मांग

वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


FAQ (People Also Ask)

1. मामला किस अस्पताल का है?

यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

2. परिवार का आरोप क्या है?

परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

4. पुलिस ने क्या कहा?

Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं


Discover more from  

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements
Scroll to Top

Discover more from  

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading