अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

कैसे देता था वारदात को अंजाम?

24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
“इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

आरोपी की पहचान

गिरफ्तार आरोपी का नाम:
वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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पता:
रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

  • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
  • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
  • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
  • कर्जत पुलिस स्टेशन
  • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
  • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
  • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
  • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
  • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
  • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
  • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

मुंबई में 30 केस का खुलासा

अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

  • अंधेरी पुलिस स्टेशन
  • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
  • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
  • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
  • दहिसर पुलिस स्टेशन
  • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
  • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
  • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
  • वनराई पुलिस स्टेशन
  • कुरार पुलिस स्टेशन
  • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

जनता के लिए जरूरी चेतावनी

  • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
  • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
  • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
  • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

Q4. आरोपी अभी कहां है?
फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।


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