कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

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EMI और किराया, दोनों का बोझ

फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

  • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
  • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

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कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

निवासियों के मुताबिक,

  • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
  • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
एंट्री गेट बेहद संकरा है
और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

पीड़ित खरीदार की आपबीती

स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
“मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

नागरिकों की मांग

प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

  • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
  • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
  • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. मामला किस इलाके का है?
👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।


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