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  • मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    • पाकिस्तान में मोदी बने बिन बुलाये मेहमान।
    • सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए।
    • क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?
    • जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?
    • अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।
    • भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?
    • सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान
    • सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी
    • देश की जनता को है सच जानने का अधिकार।
    • सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।
    • मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मुंबई: जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी अपने पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे तब भारत के जन्मजात शत्रु पाकिस्तान से दोस्ती करने की कोशिश करते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था।जबकि इसके पूर्व हमारे किसी भी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया था।मोदी ने सहृदयता दिखाते हुए आमंत्रित किया।प्रयास अच्छा जरूर रहा। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    बिन बुलाए मेहमान

    फिर भी मोदी ने विदेश यात्रा से लौटते समय बिन बुलाए मेहमान की तरह पाकिस्तान चले गए। लेकिन कहावत है कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती। उसी तर्ज पर पाकिस्तान पहले भी आतंकी हमले भारत में किए थे और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की बातें कहते रहे थे। फिर पाकिस्तान से दोस्ती का प्रयास ही बेमानी थी। हमारे प्रधानमंत्री कांग्रेस शासन की बात छोड़ भी देते और अपनी पार्टी के अटल बिहारी वाजपेयी के समय संसद पर आतंकी हमला याद रखते तो भूलकर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से दोस्ती की पेग नहीं बढ़ाते। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    अब मोदी के ही शासनकाल में पठानकोट, उरी, पुलवामा और अभी हालही के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों का स्याह चेहरा सामने आया, जिसकों देख उनकी आँखें खुल गईं होंगी, कि सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?

    पाकिस्तान के आतंकवादियों को अमेरिका पालता है। अमेरिका बनिया देश है। वह दूसरे देशों को लड़ाकर अपने हथियार बेचता है। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तोड़ने के कारण ही अब चीन ब्रह्मपुत्र के पानी को रोकने जा रहा है। वैसे भी सिंधु और उसकी सहायक नदियों में पानी तिब्बत से ही आता है जिसपर चीन का कब्जा है। वैसे भी भारत पाकिस्तान का पानी तभी रोक पाएगा जब बहुत बड़े बांध बनायेगा। लेकिन अड़चन यही होगी कि तब तक चीन पांच नदियों का पानी रोक चुका होगा। चीन की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है, कि वह जब चाहे भारत की नदियों को सुखा कर सकता है। सिंधु नदी संधि तोड़ना प्रतीकात्मक हो सकता है। मनोवैज्ञानिक दबाव संभव है। लेकिन जब तक चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है भारत उसका पानी रोक ही नहीं पाएगा। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?

    जब दो देश युद्ध लड़ते हैं तो नुकसान दोनों का होता है। ब्लूम वर्ग को इंटरव्यू में भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान ने कहा, पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारतीय जेट गिरने की बात महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि विमान गिरे ही क्यों? भारत ने अपनी गलतियों को पहचाना, उन्हें जल्दी सुधारा और फिर दो दिन के भीतर दुश्मन के ठिकानों को लंबी दूरी से निशाना बनाकर एक बार फिर प्रभावी तरीके से जवाब दिया। लेकिन एयर मार्शल ने सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा, जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?उन्होंने पूछा जब समय से एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ और पूरा ही नही कर सकते तो वादा ही क्यों करते हो? दरअसल समय पर युद्धक विमान नहीं मिलने की ओर इशारा कर रहे थे जिसमें सरकार फेल हुई। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।

    मोदीजी की एक विशेषता है, वे सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं लेकिन अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश करते रहते हैं।ऑपरेशन सिंदूर हमारी जांबाज़ सेना ने चलाया। पाकिस्तानी आतंकवादियों को और उनके ठिकाने नष्ट करने के साथ पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हवाईअड्डों को क्षति पहुंचाई ताकि उसके लड़ाकू विमान उड़ ही नहीं सकें। यहां तक कि पाकिस्तानी पायलट अपने विमानों को बचाने के लिए दौड़े परन्तु भारतीय सेना ने उनके हैंगर पर हमला करके विमानों को ही नष्ट कर दिया। सेना कहती है आज का युद्ध जमीन, आसमान, पानी और अंतरिक्ष में लड़ा जाता है। यहां तक कि साइबर द्वारा प्रोपोगंडा फैलाकर लड़ा जाता है जैसा चीन ने पाकिस्तानी पक्ष में किया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?

    पाकिस्तानी एंकर्स भारत की गोदी मीडिया के एंकरों से ज्यादे समझदार हैं जो भारत के जेट और राफेल गिराने के दावे कर रहे थे जिससे पाकिस्तानी सेना का हौसला बुलंद हो सके। भले भारतीय सेना की मार से पाकिस्तानी फ़ौजी भागते नजर आए। लेकिन गोदी मीडिया के अनुसार हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर लाहौर, इस्लामाबाद और कराची तक जीत लेने का झूठ बोलकर भारत को हमलावर बताने में लगे थे। मजबूर होकर सरकार को सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल भेजकर दुनिया को बताना पड़ा कि हमलावर हम नहीं पाकिस्तान द्वारा पाले गए आतंकी हैं जिन्होंने बार बार कायराना हरकते करके निरीह भारतीयों को मारा है। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान

    सरकार फौज के ऑपरेशन सिंदूर को बीजेपी का बताने के लिए सेना का अपमान बार-बार किया और सैनिक वर्दी में मोदी की फोटो लगाकर पोस्टर टंगवाए। खुद मोदी भी सेना के शौर्य को अपना बताने में चुनाव प्रचार करते रहते हैं। अपना शौर्य बताने वाले बीजेपी के प्रधानमंत्री हमारे जेट जिसमे राफेल भी थे, इसे छुपाते क्यों हैं? सेना ने साफ साफ कहा संघर्ष में नुकसान होता है। कितने विमान गिरे यह मुद्दा नहीं है। क्यों गिरे यह प्रमुख मुद्दा है। एयर मार्शल ने तो बीजेपी सरकार के बड़बोले पन की पोल खोलकर रखते हुए कहा जब समय पर मुहैय्या ही नहीं कर सकते तो वादे ही क्यों करते हो? How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी

    विपक्ष विशेषकर राहुल गांधी और राष्ट्रभक्त जनता जब सवाल पूछती है तो बीजेपी की ट्रोल कंपनी देशद्रोही कहने लगते हैं। अमित मालवीय में तनिक भी नैतिकता बची हो तो एयर मार्शल और C D S की ओर उंगली उठाकर दिखाएं। दिन में ही तारे नजर आने लगे हैं। जो सच हमारे सेना के बड़े अधिकारी कह रहे हैं पीएम मोदी उन्हें छुपा क्यों रहे? विपक्ष विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग कर रहा, तो भाग क्यों रहे? संसद का विशेष सत्र मत बुलाइए लेकिन विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए सभी विपक्षी दलों के नेताओं को एक बड़े कमरे में जहां कैमरे लगे हों, बुलाकर विपक्षी नेताओं को तो जवाब दे ही सकते हैं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। किरकिरी तो हमारे सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी है। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    देश की जनता को है सच जानने का अधिकार

    अगर बीजेपी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने की हिम्मत करे तो सारा सच देश के सामने आ जायेगा। सच क्या है? यह जानने का अधिकार विपक्षी दलों को ही नहीं 145 करोड़ जनता को भी है। बीजेपी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के खिलाफ संपूर्ण देशवासी और पूरा विपक्ष सरकार और सेना के साथ खड़ा होकर देशभक्ति दिखा चुका है। अब बीजेपी को अपनी देशभक्ति दिखाने की जरूरत है। सच क्या है? क्या सचमुच राफेल मार गिराया गया, जिसे बीजेपी सरकार ने यूरोपीय संगठन के राष्ट्र फ्रांस से खरीदा था। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।

    सरकार ने चूक किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा। जबकि मनमोहन सिंह की सरकार ने बेहद कम मूल्य पर राफेल खरीदी की बात की थी, वह भी सोर्स कोड सहित। ताकि टेक्नोलॉजी भारत को मिले और उस पर भारत निर्मित मिसाइलें तैनात की जा सकें। लेकिन नाटो संगठन अमेरिका के पिट्ठू राष्ट्रों का संगठन है। मोदी के मित्र ट्रंप ने अपना बदसूरत चेहरा पाकिस्तान का सपोर्ट कर दिखा दिया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर सवा सौ बार विदेश यात्रा से मोदी ने कौन सी उपलब्धि हासिल की? क्योंकि एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आया। यहां तक कि सदाबहार दोस्त रूस भी क्यों खुलकर भारत के साथ नहीं आया? जो पाकिस्तान में स्टील प्लांट सहित कई प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। बीजेपी सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध इतने कड़वे कर लिए हैं जिससे भारत के साथ कोई पड़ोसी देश तक नहीं आया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

  • WhatsApp का कमाल, इस ट्रिक से चुटकियों में पता चलेगा कि कौन कर रहा है आपको ट्रैक

    WhatsApp का कमाल, इस ट्रिक से चुटकियों में पता चलेगा कि कौन कर रहा है आपको ट्रैक

    WhatsApp दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन है। वॉट्सऐप अपने यूजर्स की सहूलियत के लिए समय-समय पर नए-नए फीचर्स लाता रहता है। वॉट्सऐप में एक ऐसा फीचर भी मिलता है जिससे आप यह पता कर सकते हैं कि आपको कौन ट्रैक कर रहा है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)

    टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क
    WhatsApp
    Social Media का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। दुनिया भर में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे बड़ा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन है। वॉट्सऐप अपने करोड़ों यूजर्स को चैटिंग के साथ-साथ वॉइस कॉलिंग, वीडियो कॉलिंग, ऑनलाइन पेमेंट, डॉक्यूमेंट शेयरिंग जैसी कई सारी सुविधाएं देता है। भले ही वॉट्सऐप को लॉन्च हुए कई साल बीत गए हों लेकिन, अब भी कंपनी इस पर नए-नए अपडेट्स ला रही है। कंपनी ने अपने यूजर्स की सहूलियत के पिछले कुछ महीनों में कई सारे धमाकेदार फीचर्स जोड़ दिए हैं। आज हम आपको वॉट्सऐप के एक ऐसे फीचर के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके बेहद काम आ सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)

    WhatsApp पूरी दुनिया में अपने सेफ्टी और प्राइवेसी फीचर्स के लिए जाना जाता है। कई देशों ने सिक्यूरिटी रिजन बताकर डाटा शेयर करने को कहा। लेकिन WhatsApp ने ऐसा नही करते हुए अपने यूज़र्स की प्रायवसी को हमेशा से प्राथमिकता दी। यही वजह है कि करीब 3.5 बिलियन से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म में आपको लाइव लोकेशन जैसे कई एडवांस फीचर भी मिलते हैं। इसकी मदद से आप आसानी से किसी को ट्रैक कर सकते हैं। वैसे तो यह फीचर काफी सहूलियत देने वाला है लेकिन, अगर हम एक गलती कर दें तो इससे बड़ा नुकसान भी हो सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)

    WhatsApp का धमाकेदार फीचर

    कई बार ऐसा होता है जब हमसे मिलने के लिए   कोई आ रहा हो और उसे हमारी लोकेशन नहीं मालूम हो, तो वह हमसे लाइव लोकेशन मांगता है। ऐसे मौके पर हम लाइव लोकेशन शेयर तो कर देते हैं लेकिन बाद में उसे बंद करना भूल जाते हैं। अगर आपने भी ऐसा किया है तो इससे आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। दरअसल आपकी लाइव लोकेशन से कोई भी आपको आसानी से बाद में भी ट्रैक कर सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)

    अगर आपने ने भी किसी को अपनी लाइव लोकेशन सेंड की है लेकिन उसे बाद में बंद करना भूल गए हैं तो इसके लिए वॉट्सऐप आपको एक सीक्रेट फीचर देता है। इस फीचर की मदद से आप यह आसानी से जान सकते हैं कि आपने किस-किस को अपनी लाइव लोकेशन सेंड की है। आइए आपको इसका पूरा प्रॉसेस बताते हैं। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)

    Live Location बंद कैसे करें?

    • 1 यह जानने के लिए आपकी लोकेशन किस-किस के पास गई है इसके लिए आपको सबसे पहले वॉट्सऐप ऐप्लिकेशन पर जाना होगा।
    • 2 अब आपको डिस्प्ले के टॉप पर दिखाई दे रहे 3 डॉट मैन्यू के आइकन पर क्लिक करना होगा।
    • 3 अब आपको सेटिंग ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
    • 4 अब आपको प्राइवेसी वाले ऑप्शन पर जाना होगा।
    • 5 अब आपको स्क्रॉल करके थोड़ा नीचे आना होगा और लोकेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
    • 6 आप जैसे ही लोकेशन पर क्लिक करेंगे आपको यह पता चल जाएगा कि आपने किन किन लोगों को लाइव लोकेशन सेंड की है। अब आप यहां से लाइव लोकेशन को बंद कर सकते हैं।
  • 1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी के बाद से Meta सिस्टम में सिक्यूरिटी फ्यूचर में सुरक्षा को लेकर 20 से भी ज्यादा Android स्मार्टफोन में WhatsApp, Facebook और Instagram की सुविधा बंद होने वाला है। कौनसे मोबाइल फोन पर इसका असर देखा जाएगा? इसपर हम आज चर्चा करने जा रहे हैं। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क
    1 जनवरी 2025
    से कुछ एन्ड्रोएड स्मार्ट्फ़ोन्स में Meta सिस्टम काम करना बंद हो जाएगा। अब आप अपने पूराने Android Smartphones से न तो WhatsApp मैसेज भेज पाएंगे और न ही वाट्सऐप मैसेज रिसीव कर पाएंगे। कंपनी ने इन स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    WhatsApp के पूरी दुनिया में 295 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta का इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। कंपनी इसके लिए लगातार नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट्स जारी करती रही है। जल्द ही, वाट्सऐप कई पुराने स्मार्टफोन में काम नहीं करेगी। अगर, आप भी इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने फोन को अपग्रेड करने की जरूरत है। Meta का यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 31 दिसंबर 2024 के बाद से करीब 20 से ज्यादा स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। आइए, जानते हैं इन स्मार्टफोन के बारे में… (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    1 जनवरी मैसेज होगा बंद

    1 जनवरी से यूजर्स इन स्मार्टफोन में न तो वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेज सकेंगे और न हीं रिसीव कर पाएंगे। वाट्सऐप ज्यादातर पुराने Android स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। ये स्मार्टफोन आज से 10 साल पहले लॉन्च हुए थे। वाट्सऐप ने 2013 में लॉन्च हुए Android Kitkat और उसके पहले के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (Android Operating System) के लिए अपना सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन में 31 दिसंबर तक ही वाट्सऐप काम करेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    इसे भी पढ़े- कांदिवली में रहस्यमयी शक्तियों के जरिए पैसों की बरसात

    Facebook और Instagram पर भी होगा असर

    वाट्सऐप के अलावा Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Facebook और Instagram भी इन स्मार्टफोन में काम करना बंद कर देगा। मेटा ने यह फैसला डिवाइस की सिक्योरिटी को लेकर किया है। नई टेक्नोलॉजी आने के बाद पुरानी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरत होती है। पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में जरूरी सिक्योरिटी कैपेबिलिटीज नहीं रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हैक करना आसान हो जाता है। ऐसे में यूजर्स को नए स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की जरूरत होगी। हालांकि, Android KitKat पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्यां बेहद कम है। ऐसे में इसका असर ज्यादातर वाट्सऐप यूजर्स पर नहीं पड़ेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    कौनसे स्मार्ट फोन में सपोर्ट नहीं करेंगे ?

    Meta सिस्टम अप्ग्रेडेशन के कारण कुछ पूराने मोडल के स्मार्ट फोन पर जो सुविधा बंद होने वाली है। उनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    • Samsung: Galaxy S3, Galaxy Note 2, Galaxy Ace 3, Galaxy S4 Mini
    • Motorola: Moto G (1st Gen), Razr HD, Moto E 2014
    • HTC: One X, One X+, Desire 500, Desire 601
    • LG: Optimus G, Nexus 4, G2 Mini, L90
    • Sony: Xperia Z, Xperia SP, Xperia T, Xperia V