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  • Mumbai Slum Free Mission: अब Satellite से रुकेगी नई झोपड़ियां, Shinde सरकार का बड़ा प्लान

    Mumbai Slum Free Mission: अब Satellite से रुकेगी नई झोपड़ियां, Shinde सरकार का बड़ा प्लान

    Mumbai Slum Redevelopment को तेज करने के लिए Eknath Shinde सरकार ने ‘Netram Technology’ लॉन्च किया। Satellite और GIS से अब नई झोपड़ियों पर लगेगी रोक, जानिए पूरी योजना।

    मुंबई: शहर को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने के लिए Eknath Shinde ने बड़ा ऐलान किया है। ‘हिंदूहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे नागरी लोककल्याण अभियान’ के तहत अब Slum Redevelopment को तेज किया जाएगा और साथ ही नई झोपड़ियों को बनने से रोकने के लिए हाईटेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस फैसले से मुंबई में लाखों लोगों को पक्का घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    🚀 क्या है Slum Free Mumbai Mission?

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:

    • मुंबई को Slum Free City बनाना
    • पुराने झोपड़पट्टियों का तेजी से पुनर्विकास (Redevelopment)
    • लोगों को सुरक्षित और बेहतर घर उपलब्ध कराना

    सरकार का कहना है कि इससे शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइफस्टाइल दोनों बेहतर होंगे।

    🛰️ Netram Technology से रुकेगी नई झोपड़ियां

    इस योजना का सबसे खास हिस्सा है “Netram Technology”

    • Satellite Images का इस्तेमाल होगा
    • GIS Mapping के जरिए जमीन की निगरानी होगी
    • Digital Tracking System से हर बदलाव पर नजर रखी जाएगी

    इस टेक्नोलॉजी से नई झोपड़ियों के निर्माण को तुरंत पकड़कर कार्रवाई की जाएगी।

    📡 BISAG-N Portal से मिलेगी सटीक जानकारी

    सरकार ने BISAG-N के वेब पोर्टल का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

    • यह पोर्टल Satellite Data के जरिए झोपड़पट्टियों की जानकारी देगा
    • संबंधित विभागों को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा
    • Illegal Construction पर जल्दी कार्रवाई हो सकेगी

    🏢 Slum Cluster Redevelopment Scheme क्या है?

    Slum Rehabilitation Authority (SRA) के तहत Slum Cluster Redevelopment Scheme लागू होगी

    • 50 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले प्रोजेक्ट शामिल होंगे
    • 51% से ज्यादा स्लम एरिया होना जरूरी
    • सरकारी, प्राइवेट और सेमी-गवर्नमेंट जमीन शामिल होगी

    इससे बड़े पैमाने पर झोपड़पट्टियों का विकास किया जाएगा।

    🧾 Biometric Survey और MoU Process

    इस योजना में:

    • झोपड़पट्टी का Biometric Survey होगा
    • जमीन की सही माप (Measurement) की जाएगी
    • Brihanmumbai Municipal Corporation, Mumbai Metropolitan Region Development Authority और म्हाडा के साथ MoU साइन किया जाएगा

    🏠 अब मिलेगा बड़ा घर – 300 Sq Ft Flats

    सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा:

    • पहले 180, 225, 269 sq ft के घर मिलते थे
    • अब सभी को 300 sq ft Flats दिए जाएंगे

    इससे झोपड़पट्टी में रहने वालों को बेहतर और बड़ा घर मिलेगा।

    🚫 हर 4 महीने में Satellite Surveillance

    नई झोपड़ियों को रोकने के लिए:

    • हर 4 महीने में Satellite Images ली जाएंगी
    • साल में 3 बार डेटा एनालिसिस होगा
    • नई झोपड़ी दिखते ही तुरंत कार्रवाई होगी

    सभी विभागों को अपनी जमीन पर नजर रखने और Illegal Slums हटाने के आदेश दिए गए हैं।

    💰 Maintenance Charges में बड़ा बदलाव

    अब Slum Redevelopment Projects में ऊंची इमारतें बनेंगी, इसलिए Maintenance Charges भी बढ़ाए जाएंगे:

    • 70 मीटर तक: ₹1 लाख
    • 70–120 मीटर: ₹2 लाख
    • 120 मीटर से ज्यादा: ₹3 लाख

    इस बदलाव के लिए Development Control Rules 2034 में संशोधन किया जा रहा है।

    🔗 Related Government / Official Website Links:


    FAQ Section

    Q1. Netram Technology क्या है?
    👉 यह Satellite और GIS आधारित सिस्टम है, जिससे नई झोपड़ियों पर नजर रखी जाएगी।

    Q2. Slum Redevelopment में क्या नया है?
    👉 अब 300 sq ft के बड़े फ्लैट दिए जाएंगे।

    Q3. कौन-कौन से एरिया इस योजना में आएंगे?
    👉 50 एकड़ से ज्यादा और 51% स्लम एरिया वाले क्लस्टर।

    Q4. Maintenance Charges कितना होगा?
    👉 ₹1 लाख से ₹3 लाख तक, बिल्डिंग की ऊंचाई के अनुसार।

    Q5. कितनी बार निगरानी होगी?
    👉 हर 4 महीने में Satellite Monitoring की जाएगी।

  • Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ जमीन SRA को सौंपी। 10 लाख लोगों के पुनर्वास, 1.5 लाख नए घर और अडानी ग्रुप की भूमिका पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: शहर के सबसे बड़े और चर्चित धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर इलाके में स्थित 118 एकड़ जमीन का कब्जा आधिकारिक तौर पर Slum Rehabilitation Authority (SRA) को सौंप दिया है। यह जमीन खास तौर पर उन धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी के भीतर “इन-सीटू” पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

    📍 मलाड की जमीन पर क्यों हुआ फैसला?

    सूत्रों के मुताबिक, मुक्तेश्वर (मलाड-मालवणी) में कुल 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें से 118 एकड़ जमीन SRA को ट्रांसफर कर दी गई है, जबकि 22 एकड़ जमीन अब भी कानूनी विवाद में है।

    इस जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। विकास अधिकार (Development Rights) के बदले प्रोजेक्ट की SPV ने ₹135 करोड़ प्रीमियम भी जमा कर दिया है।

    🏢 किसे मिलेगा यहां घर?

    सरकारी प्लान के मुताबिक:

    • जो लोग 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे हैं
    • जो ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं और इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं

    उन्हें मलाड साइट पर शिफ्ट किया जाएगा।

    महाराष्ट्र के स्लम रिहैबिलिटेशन एक्ट के अनुसार, हर पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का घर मिलेगा, जो पहले के 300 वर्गफुट से बड़ा अपग्रेड है।

    🤝 अडानी ग्रुप की क्या भूमिका है?

    यह मेगा प्रोजेक्ट Adani Group की कंपनी Navbharat Mega Developers Pvt Ltd (NMDPL) द्वारा किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार के साथ जॉइंट वेंचर है।

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    जमीन का मालिकाना हक SRA के पास रहेगा, लेकिन डेवलपमेंट राइट्स NMDPL के पास होंगे।

    जानकारी के मुताबिक, मलाड की जमीन के एक हिस्से पर ओपन मार्केट में बेचने के लिए सेल कंपोनेंट के फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

    🌆 540 एकड़ जमीन और 1.5 लाख नए घर

    धारावी प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में करीब 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इसमें शामिल हैं:

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    • कुर्ला की जमीन
    • कांजूर, भांडुप और मुलुंड के सॉल्ट पैन
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड के हिस्से

    अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.25 से 1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास होगा।

    ⏳ टाइमलाइन क्या है?

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    • NMDPL को रिहैब के घर बनाने के लिए 7 साल की डेडलाइन
    • पूरे धारावी रिडेवलपमेंट को पूरा करने के लिए 17 साल का मास्टर प्लान

    यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रीजुवेनेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है और इसे “मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम” कहा जा रहा है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मलाड की 118 एकड़ जमीन किसके लिए है?
    यह जमीन धारावी के उन निवासियों के पुनर्वास के लिए है जो इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं।

    Q2: हर पात्र परिवार को कितना बड़ा घर मिलेगा?
    प्रत्येक पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का फ्लैट मिलेगा।

    Q3: क्या इस जमीन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट भी होगा?
    हां, एक हिस्सा सेल कंपोनेंट के तहत ओपन मार्केट के लिए इस्तेमाल होगा।

    Q4: प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    रिहैब हाउसिंग 7 साल में और पूरा प्रोजेक्ट 17 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

  • मुंबई SRA बढ़ा कॉर्पस फंड: अब डेवलपर्स को प्रति फ्लैट देना होगा ₹1 से ₹3 लाख तक

    मुंबई SRA बढ़ा कॉर्पस फंड: अब डेवलपर्स को प्रति फ्लैट देना होगा ₹1 से ₹3 लाख तक

    मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने कॉर्पस फंड में बड़ा बदलाव किया है। अब डेवलपर्स को ऊंचाई के हिसाब से प्रति टेनमेंट ₹1 लाख से ₹3 लाख तक जमा करना होगा। ये पैसा 10 साल तक रखरखाव, फायर सेफ्टी और मेंटेनेंस पर खर्च होगा।

    मुंबई: स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट्स (SRA) के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट्स के लिए डेवलपर्स से अब ज्यादा कॉर्पस फंड वसूला जाएगा।

    • अभी तक ये राशि सिर्फ ₹40,000 प्रति टेनमेंट थी।
    • नए प्रस्ताव के मुताबिक:
    • 70 मीटर (23 मंज़िल तक) की इमारत – ₹1 लाख प्रति टेनमेंट
    • 70 से 120 मीटर (40 मंज़िल तक) की इमारत – ₹2 लाख प्रति टेनमेंट
    • 120 मीटर से ऊपर (40 मंज़िल से ज्यादा) – ₹3 लाख प्रति टेनमेंट

    🔹 क्यों बढ़ाई गई राशि?

    SRA अफसरों के मुताबिक:

    • पहले ज्यादातर रिहैब बिल्डिंग्स सिर्फ 7 मंज़िला होती थीं, उस समय ₹40,000 काफी था।
    • अब नई इमारतें 20-40 मंज़िला और उससे ज्यादा की बन रही हैं।
    • ऐसी हाई-राइज इमारतों में लिफ्ट, अतिरिक्त सीढ़ियां, फायर फाइटिंग सिस्टम, बिजली-पानी का रखरखाव बहुत महंगा पड़ता है।
    • स्लम से शिफ्ट हुए लोग अक्सर मेंटेनेंस चार्जेस देने से कतराते हैं, जिससे बिल्डिंग जल्दी खराब होने लगती है।
    • नए कॉर्पस फंड से ये बिल्डिंग्स कम से कम 10 साल तक सुरक्षित और रहने लायक बनी रहेंगी।

    🔹 सुरक्षा और रखरखाव की गारंटी

    कॉर्पस फंड का इस्तेमाल इन कामों में होगा:

    • 10 साल तक बिना चार्ज मेंटेनेंस
    • फायर सेफ्टी सिस्टम और सुरक्षा इंतज़ाम
    • लिफ्ट व बिल्डिंग सर्विसिंग
    • बेसिक मरम्मत और सुविधा

    🔹 डेवलपर्स और रहवासियों पर असर

    • डेवलपर्स को अब प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाकर प्लानिंग करनी होगी।
    • स्लम रहवासियों के लिए पॉज़िटिव – उन्हें शिफ्ट होने के बाद 10 साल तक अलग से मेंटेनेंस का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
    • हालांकि, प्रॉपर्टी मार्केट के जानकारों का कहना है कि इससे डेवलपर्स की लागत बढ़ेगी और कई प्रोजेक्ट्स धीमे पड़ सकते हैं।

    ❓ FAQ (SRA Corpus Fund Special)

    Q1. SRA ने कॉर्पस फंड क्यों बढ़ाया?
    Ans: क्योंकि अब रिहैब इमारतें हाई-राइज बनने लगी हैं और उनका रखरखाव ज्यादा महंगा है।

    Q2. कॉर्पस फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
    Ans: 10 साल तक मेंटेनेंस, फायर सेफ्टी, लिफ्ट और बिल्डिंग रिपेयर पर।

    Q3. नई दरें क्या हैं?
    Ans: ₹1 लाख से ₹3 लाख तक प्रति टेनमेंट, बिल्डिंग की ऊंचाई के हिसाब से।

    Q4. अभी तक कॉर्पस फंड कितना था?
    Ans: सिर्फ ₹40,000 प्रति टेनमेंट।

    Q5. स्लम रहवासियों को क्या फायदा होगा?
    Ans: उन्हें 10 साल तक मेंटेनेंस के लिए जेब से पैसा नहीं देना होगा।