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  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-aslam-shaikh

    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
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    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) एक बार फिर नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव में भाजपा को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने वाली है। इसको लेकर भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। बीजेपी की इस बड़ी जीत में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आरएसएस का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस फिर एक बार राज्य में नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए अपनी कमर कस रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आरएसएस कर रही है चुनाव की तैयारी

    राज्य में विधानसभा चुनाव की तरह अब आरएसएस स्थानीय नगरपालिका और पंचायत चुनाव में भी बीजेपी को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रही है। क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के साथ ही आरएसएस की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    कहा जा रहा है कि भाजपा में अकेले नगरपालिका और पंचायत चुनाव जीतने के लिए पूरी क्षमता है। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा का चुनाव महायुति गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर जीता है और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी गठबंधन भी चुनाव की बड़ी तैयारी कर रहा है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    शिवसेना का रहा है हमेशा से कब्जा

    महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी शिवसेना का नगरपालिका और बाकी महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल दलों का पंचायती चुनाव हमेशा से कब्जा रहा है। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद इसके आकड़े बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट, शिवसेना (UBT) उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस पार्टी तीनों ही अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा हो रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आपको बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से अविभाजित शिवसेना का कब्जा रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद अब पहली बार मनपा के चुनाव होने जा रहे है। इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि किसका पलड़ा भारी होता है और किसकी नैय्या डूबती है। क्योंकि अब तक पार्टी इसलिए जीत पा रही थी क्योंकि वह विभाजित नहीं थी लेकिन अब विभाजन के बाद जनता के भी वोट बटने की ज्यादा उम्मीदें है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    भाजपा की चुनावी तैयारी

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस के नेतृत्व में अपने फ्रंट संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मुंबई से सटे भयंदर में एक बैठक भी आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की थी।
    बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भयंदर की बैठक से यह खबर आ रही है कि विधानसभा चुनाव में इसलिए बड़ी सफलता मिली, क्योंकि बीजेपी और आरएसएस साथ थी। पार्टी को आरएसएस के फ्रंट संगठनों की जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • BJP की मजबूरी…शिंदे पर इतनी शांत क्यों है भाजपा?

    BJP की मजबूरी…शिंदे पर इतनी शांत क्यों है भाजपा?

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का केंद्र की एनडीए सरकार में दबदबा होने से महाराष्ट्र की सियासत में भी इनकी खामोशी असर दिखा रही है। जबकि एकनाथ शिंदे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं और दूसरी तरफ राज्यपाल के नेतृत्व मे शपथग्रहण समारोह की तैयारी चल रही है। कौन होगा महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री इसपर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। BJP’s compulsion… Why is BJP so silent on Eknath Shinde?

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
     देश के दूसरे नंबर पर सबसे बड़े महाराष्ट्र राज्य में पिछले पांच सालों में वो सब हुआ है जो सोच भी नहीं सकते। भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का ब्रेकअप, 2019 के चुनावों के बाद पहली बार जल्दबाजी मे सवेरे तडके शपथग्रहण समारोह। इसके बाद भी उद्धव ठाकरे की ताजपोशी, फिर पहले शिवसेना और बाद में एनसीपी के दो तुकडे। इस तरह पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र में दो सीएम बने। सबकुछ अप्रत्याशित रहा। इसके बाद भी 2024 के विधानसभा चुनावों अप्रत्याशित नतीजे सामने आए, इसमें भाजपा ने खुद अपना ही रिकॉर्ड तोड़ डाला और महाविकास अघाडी गठबंधन सिमटकर रह गई।

    राज्य के विधानसभा में विपक्ष विहीन जैसी स्थिति का निर्माण हो गया, लेकिन चुनाव नतीजों के बाद अब जो हो रहा है इसकी भी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले सात दिनों से अस्वस्थ में हैं, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं राज्यपाल के पास बिना दावे और बिना सीएम चयन के मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। जबकि अभी तक मुख्यमंत्री के चहरे को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

    सीएम की उम्मीद ..

    महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अभी तक जो बातें सामने आई हैं उनमें कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे को उम्मीद थी कि महायुति की सत्ता में वापसी पर वही सीएम बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने खामोशी के बाद नए मुख्यमंत्री का फैसला केंद्रीय नेतृत्व यानी पीएम मोदी और अमित शाह पर छोड़ दिया है। दिल्ली में उनकी केंद्रीय नेताओं से हुई बैठक के बाद भी कोई अच्छी खबर नही आई उलटे वह खुद बीमार पड़ गए। अब महाराष्ट्र में कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी का चेहरा तय हो जाएगा और फिर आजाद मैदान में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण होगा। तब तक एकनाथ शिंदे की सियासी भविष्य को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। कहा जाता है कि वे सरकार का हिस्सा होंगे, या फिर नहीं? उनकी पार्टी से कौन डिप्टी सीएम बनेगा? कितने मंत्री होंगे? इस बारे में चर्चाऐं आम हैं। वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के नेता लगातार सीएम शिंदे की अहमियत को गिना रहे हैं।

    कौन है जिम्मेदार?

    फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में सवाल खड़ा हो रहा है कि महायुति सरकार की मंत्री पदों के लिए तस्वीर साफ नहीं होने के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या शिंदे द्वारा बीजेपी के सामने रखी गई मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो रहा है या फिर शिंदे जो दिया जा रहा है उससे संतुष्ट नहीं है? क्या शिंदे भाजपा द्वारा दिए जा रहे पदों से ज्यादा चाहते हैं? जो भी हो 23 नवंबर को विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद बुधवर को 10 दिन पूरे हो गए हैं। लेकिन जितने के बाद भी महायुति गठबंधन के लिए राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में सवाल है कि राज्य में 132 सीटे जीतने वाली भाजपा शिंदे पर खामोश क्यों है और शांत क्यों बनी हुई है?

    एकनाथ शिंदे की अहमियत क्या है?

    महाराष्ट्र विधानसभा के संख्याबल में भले ही बीजेपी बहुमत के करीब है। उसके पास अजित पवार गुट का बिना शर्त के समर्थन भी है। ऐसे में बीजेपी चाहे तो शिंदे को अनदेखा कर सरकार बना सकती है लेकिन ऐसा संभव नहीं है क्याेंकि महाराष्ट्र की बीजेपी भले ही राज्य में मजबूत हो गई है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार में शिंदे तीसरी बड़े घटक के तौर पर मौजूद हैं। केंद्र की सरकार में जहां बीजेपी के पास 240 सांसद मौजूद हैं वहीं एनडीए से सपोर्टर टीडीपी के पास 16 और फिर जेडीयू के पास 12 सांसद हैं। वहीं शिंदे गुट शिवसेना के सात सांसदों का सहयोग मोदी सरकार को है। कहा जा रहा है कि यही वजह है, जो एकनाथ शिंदे सेंटर की पॉलिटिक्स खेल रहे हैं। वह कह रहे हैं कि पीएम मोदी और अमित शाह जो फैसला लेंगे। वह उन्हें स्वीकार्य होगा। एनडीए के पास कुल 293 सांसदों का समर्थन है। अगर किसी भी स्थिति में नायडू और नीतीश के साथ अगर एकनाथ शिंदे रूठ जाते हैं, तो केंद्र की सरकार पर संकट आ जाएगा।

  • बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन पकड़ने के चक्कर में भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ के चलते 9 लोग घायल हो गए है। बांद्रा स्थित भाभा अस्पताल के डाक्टरों द्वारा दो लोगों की क्रिटिकल हालत बताई जा रही है। इस घटना को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भाजपा को जिम्मेदार ठहरा है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान होने वाले रेल हादसों को याद करते हुए रेल मंत्री को घटना का जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के दौरान बने रेल मंत्री पर सवाल करते हुए, उन्हें भी इस तरह के हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    बुलेट ट्रेन की बात

    संजय राउत कहते, “जब से मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और रेल मंत्री को फिर से जिम्मेदारी सौंपी है, तब से देश में 25 से अधिक बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान गई है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि “आप बुलेट ट्रेन, मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों की बात करते हैं और नितिन गडकरी हवा में बसें चलाने की बात करते हैं। लेकिन, जमीन पर हकीकत क्या है? जिस तरह से यात्री घायल हुए, क्या इसके लिए रेल मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं?” (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस की घतना

    बता दें कि रविवार की सुबह मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा, कि यह घटना बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी संख्या 22921 बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ थी। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत भाभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image
    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image

    घायलों की पहचान ..

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान 40 वर्षीय शबीर अब्दुल रहमान, 28;वर्षीय परमेश्वर सुखदर गुप्ता, 30 वर्षीय रवींद्र हरिहर चूमा, 29 वर्षीय रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति, 27 वर्षीय संजय तिलकराम कांगे, 18 वर्षीय दिव्यांशु योगेंद्र यादव, 25 वर्षीय मोहम्मद शरीफ शेख, 19 वर्षीय इंद्रजीत सहानी और 18 वर्षीय नूर मोहम्मद शेख के रूप में की गयी है। इसमें नूर मोहम्मद और इंद्रजीत सहानी की हालत गंभीर बताई जा रही है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

  • Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी पारा गरमाया गया है। एक ओर जहां सीट शेयरिंग को लेकर सत्ता पक्ष की महायुती के दोनों खेमों में बातचीत चल रही है। वहीं अब वोट जिहाद वाले देवेंद्र फडणवीस के बयान के मद्देनजर महायुती में खटपट की आहट सुनाई दे रही है। (Maharashtra Election: Great battle in Mahayuti? heated vote jihad)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। साल के आखिर में होने वाले चुनाव से पहले ही सत्ता पक्ष की महायुती सरकार में खटपट की आहट सुनाई दे रही है। वोट जिहाद के बयान पर महायुती में आपसी मतभेद की लकीरें खिंचती दिख रही हैं। देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान से सियासी पारा ऐसा चढ़ा कि विरोधी तो हमला कर ही रहे हैं। अब अपने भी पवार बंधू तेवर दिखा रहे हैं। महायुती में जहां भाजपा वोट जिहाद की बात कर रही है, वहीं अजित पवार वाली राष्ट्रपति कांग्रेस पार्टी (NCP) मुस्लिमों को टिकट देने की बात कह रही है। इसे लेकर अब महायुती पर विरोधी भी हमलावर हो रहे हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार वाली एनसीपी शामिल है।

    वोट जिहाद का बवाल…

    महाराष्ट्र में वोट जिहाद का विवाद कहां से उत्पन्न हुआ? वोट जिहाद वाले बयान से ही महायुती में विवाद की खबरों को बल मिल रहा है। भाजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणसीव ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए वोट जिहाद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 14 सीटों पर ‘वोट जिहाद’ देखा गया।’ कोल्हापुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने हिंदुत्व उम्मीदवारों को हराने के लिए सामूहिक रूप से मतदान किया। 14 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट जिहाद का पैटर्न देखा गया। हालांकि, उन्होंने किसी शख्स या समुदाय का नाम नहीं लिया। लेकिन इस बयान के बाद से महाराष्ट्र के राजनीतिक गरमा गई है।

    अजित पवार की राजनीति

    देवेंद्र फडणवीस के इसी बयान पर महाराष्ट्र की सियासत में बवाल मचा है। वोट जिहाद वाले बयान के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक ऐसा ऐलान किया, जिसके बाद से महायुती में खटपट की खबरों को बल मिल रहा है। बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान के बाद उनकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने खाते की सीटों में से 10 प्रतिशत सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों को देगी। अजित पवार ने कहा, कि ‘हमें नया समाज बनाना है। आने वाले विधानसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की तरफ से माइनॉरिटी को 10 फीसदी सीट देंगे।’ ऐसा उन्होंने ऐलान किया।

    विपक्ष को मिला मौका

    देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बयान को अब मतभेद के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी पार्टियों ने इसे सियासी कैच के तौर पर लपक लिया है और अब महायुति में महासंग्राम का दावा कर रहे हैं। उद्धव गुट के शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, कि ‘इस समय महयुती में नूरा कुश्ती चल रही है। देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े नेता बोलते हैं कि वोट जिहाद हुआ है। मुसलमानों पर टिप्पणी करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके साथी अजीत पवार बोलते हैं कि वो चुनाव में मुस्लिमों को 10 प्रतिशत टिकट देंगे। ये लोग देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को बाट रहे हैं। इनको पता चल गया है कि इनकी सरकार जा रही है। इसलिए यह सब बयानबाजी हो रही है। यह सब प्लानिंग कर रहे हैं। लेकिन विधान सभा चुनाव में इनकी प्लानिंग कुछ काम नहीं आने वाली है।

    गुजरातियों का वोट जिहाद ..

    उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी देवेंद्र फडणवीस के बयान को लेकर हमला बोला है। उन्होंने पूछा है, कि ‘क्या होता है वोट जिहाद? हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी सभी इस देश के नागरिक हैं। अगर आपको वोट करता है तो चलता है। अगर वो जिहाद है तो आप लोग मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून क्यों लाए? आपको और बाकी समाज के लोग वोट देते हैं, तो उन्हें क्या कहेंगे, महाराष्ट्र में गुजरात के लोग बीजेपी को वोट देते हैं तो क्या उसे गुजरातियों का वोट जिहाद कहेंगे? भाजपा के लोग इस देश को फिर एक बार तोड़ना चाहते है, लेकिन ये गांधी का देश है।’

  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • Uddhav Thackeray: टिकट की जिद मत करो, पर तैयारी रखो… मातोश्री में उद्धव ठाकरे ने ‘शिवसैनिकों’ को बताया प्‍लान

    Uddhav Thackeray: टिकट की जिद मत करो, पर तैयारी रखो… मातोश्री में उद्धव ठाकरे ने ‘शिवसैनिकों’ को बताया प्‍लान

    उद्धव ठाकरे ने मातोश्री पर पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी निर्देश दिए। उद्धव ने कहा क‍ि हम लोकसभा चुनाव का सामना महा विकास अघाड़ी के रूप में करना चाहते हैं। ऐसा करते समय पार्टी को कुछ सीटों पर समझौता करना होगा, इसके लिए तैयार रहें। uddhav thakrey

    • लोकसभा चुनाव के लिए सभी 48 सीटों के संभावित उम्मीदवारों को तैयार रहने का आदेश।
    • उद्धव ठाकरे की ताकीद, यह चुनाव महा विकास आघाडी के रूप में ही लड़ना है।
    • लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई- 
    राज्य में होने वाले चुनाव को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे का सबसे बड़ा बयान। लोकसभा चुनाव के लिए सभी 48 लोकसभा क्षेत्र के संभावित उम्मीदवारों को तैयार रहने का आदेश उद्धव ठाकरे ने दिया है। उन्होंने यह ताकीद भी दी है, कि हमें यह चुनाव महा विकास आघाडी के रूप में ही लड़ना है, इसलिए टिकट की जिद मत करो, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी रखो। उद्धव ठाकरे इन दिनों लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर अलग-अलग लोकसभा सीटों को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं।

    उद्धव ठाकरे की समीक्षा बैठक..

    गुरुवार को उद्धव ठाकरे ने नासिक, अहमदनगर और दिंडोरी लोकसभा सीटों के लिए समीक्षा बैठक की। यह बैठक मुंबई उनके घर मातोश्री पर हुई। इस बैठक में चुनावी तैयारियों के अलावा पार्टी संगठन की ताकत बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस बैठक में बूथ प्रमुखों समेत अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी विचार विमर्श हुआ। इसी तरह उन्होंने बुधवार को भी नंदुरबार, धुले, जलगांव और रावेर लोकसभा सीटों की समीक्षा की थी।

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    उद्धव ठाकरे,
    मुंबई स्थित शिवसेना पार्टी के मातोश्री की तस्वीर

    पार्टी में बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने नासिक और अहमदनगर की सीट पर हर हालत में जीत के लिए तैयारी करने को कहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा, कि अहमदनगर की सीट इस बार किसी भी हालत में बीजेपी को नहीं जीतने देना है। इस सीट पर फिलहाल राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील सांसद हैं।

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    इंडिया की बैठक पर हुई चर्चा..

    गुरुवार को दिन भर अपनी पार्टी के संगठन और चुनावों की तैयारी के लिए बैठकों के बाद उद्धव ठाकरे के घर पर विपक्ष के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में आगामी 31 अगस्त को मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के लिए कांग्रेस, एनसीपी के नेता मातोश्री पर जमा हुए। बैठक में कांग्रेस की तरफ से प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा, प्रदेश कांग्रेस के कार्याध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीम खान, अतुल लोंढे एनसीपी की तरफ से नरेंद्र वर्मा, आदिती नलावडे और शिवसेना की तरफ से खुद उद्ध‌व ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत शामिल थे।

  • बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    • शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी ..
    • स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
    • ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।

    इस्माइल शेख
    मुंबई-
    नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    अपहरण, सुपारी, शिवसेना,
    विधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर

    अपहरण की सुपारी ..

    किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

    शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं? (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)