Mumbai Shatabdi Hospital Rat Bite Case: RTI खुलासे में सामने आया कि BMC ने चूहों के काटने के मामलों में SHRC के आदेश के बावजूद पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया। एक मरीज की मौत भी हुई थी।
मुंबई: Mumbai Hospital Negligence का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां RTI Reveals BMC Failure के तहत खुलासा हुआ है कि कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में चूहों के काटने के शिकार मरीजों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। यह मामला एक बार फिर public hospital hygiene Mumbai और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।
🧾 क्या हुआ? (What Happened in Shatabdi Hospital Case)
RTI के जरिए सामने आया है कि 2017 में हुए चूहों के काटने के मामलों में BMC ने अब तक पीड़ितों को ₹2-2 लाख का मुआवजा नहीं दिया है।
यह मुआवजा Maharashtra State Human Rights Commission (MSHRC) ने अप्रैल 2018 में देने का आदेश दिया था।
तीन मरीजों को इलाज के दौरान चूहों ने काटा था, जिनमें से एक की बाद में मौत भी हो गई थी। बावजूद इसके, आज तक मुआवजे का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
📍 कहाँ हुआ? (Location of Incident)
यह पूरा मामला मुंबई के कांदिवली स्थित:
- 📌 Babasaheb Ambedkar Municipal General Hospital (शताब्दी अस्पताल)
यह अस्पताल BMC द्वारा संचालित है और यहां हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं।
😡 लोगों पर असर (Public Outrage & Impact)
इन घटनाओं ने उस समय पूरे मुंबई में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।
- 3 अक्टूबर 2017 को बोरीवली की प्रमिला नेरुलकर, जो स्ट्रोक से उबर रही थीं, उनके आंख पर चूहे ने काट लिया
- कुछ दिनों बाद शांताबेन जाधव को पैर में चूहे ने काटा
स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि एक स्थानीय नगरसेवक ने BMC की मीटिंग में जिंदा चूहा पकड़कर विरोध प्रदर्शन किया था।
यह घटनाएं सरकारी अस्पतालों की साफ-सफाई और सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गईं।
⚖️ सरकारी अपडेट (Human Rights Commission Order)
MSHRC ने मामले का स्वतः संज्ञान (suo motu) लिया और 27 अप्रैल 2018 को आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया:
- हर पीड़ित को ₹2 लाख मुआवजा दिया जाए
- अगर भुगतान नहीं हुआ तो 12.5% वार्षिक ब्याज लगेगा
इसके अलावा, आयोग ने BMC की “shocking response” पर कड़ी आलोचना भी की थी।
👉 अधिक जानकारी के लिए:
🧾 अलग मामला: Postmortem Room Horror (2024 Case)
जनवरी 2024 में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया:
एक व्यक्ति के शव को पोस्टमॉर्टम रूम में रखा गया था, जहां चूहों ने उसके चेहरे को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया।
इस मामले में भी SHRC ने:
- परिवार को ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
- 6 हफ्तों में भुगतान नहीं करने पर 8% ब्याज लगाने की चेतावनी दी
📊 RTI खुलासा (RTI Reveals Truth)
RTI के जवाब में यह साफ हुआ कि:
👉 किसी भी मामले में मुआवजा भुगतान का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है
इससे यह साफ हो गया कि आदेश के बावजूद BMC ने अब तक कार्रवाई नहीं की।
📞 अधिकारियों की प्रतिक्रिया (No Response from Officials)
इस मामले में जब डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (हेल्थ) शरद उघड़े से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो:
- कॉल का कोई जवाब नहीं मिला
- मैसेज का भी कोई रिस्पॉन्स नहीं आया
🔎 आगे क्या होगा? (What Happens Next)
अब इस RTI खुलासे के बाद:
- मामला फिर से चर्चा में आ सकता है
- पीड़ित परिवार कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं
- BMC पर कानूनी और राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है
साथ ही, अस्पतालों में infection control & hygiene audit Mumbai की मांग तेज हो सकती है।
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. यह मामला कब का है?
👉 2017 के चूहा काटने के केस
Q2. कितने मरीज प्रभावित हुए थे?
👉 3 मरीज, जिनमें 1 की मौत हुई
Q3. मुआवजा कितना तय हुआ था?
👉 ₹2 लाख प्रति पीड़ित
Q4. क्या मुआवजा दिया गया?
👉 RTI के अनुसार, नहीं
Q5. 2024 केस में क्या हुआ?
👉 पोस्टमॉर्टम रूम में शव को चूहों ने नुकसान पहुंचाया, ₹5 लाख मुआवजा आदेश
🧾 Conclusion
मुंबई जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
BMC negligence Mumbai का यह मामला दिखाता है कि सिर्फ आदेश देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करना भी जरूरी है।
अगर समय रहते सिस्टम में सुधार नहीं हुआ, तो मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहेगा।

