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  • Malad में तेंदुआ दिखा तो लगा पिंजरा — क्या जरूरत थी या ओवररिएक्शन?

    Malad में तेंदुआ दिखा तो लगा पिंजरा — क्या जरूरत थी या ओवररिएक्शन?

    Mumbai Leopard Sighting Malad: Raheja Heights में तेंदुए की मौजूदगी के बाद trap cage लगाने पर सवाल। SGNP monitoring, experts warn against panic response, residents concerned.

    मुंबई: Malad East स्थित Raheja Heights सोसाइटी में तेंदुए की लगातार sighting के बाद लगाया गया trap cage अब चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां residents डर में हैं, वहीं wildlife experts इस कदम को “knee-jerk reaction” बता रहे हैं।

    🐆 Recent Leopard Sighting: CCTV में कैद मूवमेंट

    सोसाइटी के निवासी विजयकुमार एन. बोरा के मुताबिक, मंगलवार तड़के सुबह करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच D Wing के parking area में तेंदुआ देखा गया।

    CCTV फुटेज की लाइव तस्वीर

    CCTV फुटेज में साफ दिखाई दिया कि तेंदुआ सोसाइटी के अंदर आराम से घूम रहा था।
    यह पहली बार नहीं है — पहले भी ऐसे sightings हो चुके हैं, जिससे residents, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और pet owners में डर का माहौल है।

    📢 Residents की अपील: Safety सबसे बड़ी चिंता

    विजयकुमार बोरा ने प्रशासन और मीडिया से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से उठाया जाए ताकि authorities समय पर action लें।

    Residents का कहना है कि:

    • देर रात या सुबह बाहर निकलना unsafe लग रहा है
    • pets को लेकर खास चिंता है
    • society के अंदर repeated leopard movement अब alarming बन गया है

    🏞️ Forest Department का Action Plan

    तेंदुए की जानकारी मिलते ही Sanjay Gandhi National Park (SGNP) की टीम मौके पर पहुंची।

    Authorities ने:

    • पूरे इलाके का survey किया
    • camera traps लगाए
    • rapid response team को patrol पर लगाया
    • residents को advisory दी

    Advisory में साफ कहा गया:

    • रात में अकेले बाहर न निकलें
    • proper lighting रखें
    • pets को unattended न छोड़ें

    ⚠️ Trap Cage लगाने पर उठा विवाद

    सूत्रों के मुताबिक, forest department ने सोसाइटी के पास trap cage भी लगा दिया है।

    लेकिन experts का कहना है कि protocol के अनुसार:

    • सिर्फ sighting के आधार पर trapping नहीं की जाती
    • trapping तभी होती है जब human-animal conflict confirm हो
    • या animal के पास escape का कोई रास्ता न हो

    इसके अलावा, इस तरह की कार्रवाई के लिए senior अधिकारियों जैसे Chief Wildlife Warden की मंजूरी जरूरी होती है।

    🧠 Expert Opinion: “यह सही तरीका नहीं”

    Wildlife conservationist Kedar Gore ने इस कदम पर सवाल उठाए।

    उन्होंने कहा:
    “एक तेंदुए को पकड़ना और उसे trauma देना गलत है, जबकि rabies फैलाने वाले stray dogs खुले घूम रहे हैं — जो ज्यादा खतरनाक हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि:

    • एक leopard हटाने से समस्या खत्म नहीं होगी
    • दूसरा leopard उसी इलाके में आ सकता है
    • असली समस्या stray dogs हैं, जो leopard को attract करते हैं

    🌆 Urban Growth और Wildlife Conflict

    Honorary Wildlife Warden Pawan Sharma ने बताया कि SGNP के आसपास तेजी से development हुआ है।

    • नई housing societies बढ़ी हैं
    • human population और animal movement दोनों बढ़े हैं
    • पहले भी leopard आते थे, लेकिन अब CCTV और awareness के कारण ज्यादा report हो रहे हैं

    उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई में दशकों से humans और leopards साथ रह रहे हैं और coexistence ही solution है।

    📊 Mumbai Leopard Sightings: Growing Concern या Awareness?

    Experts मानते हैं कि leopard sightings में बढ़ोतरी दो कारणों से दिख रही है:

    1. Urban expansion near forest areas
    2. CCTV surveillance और social media awareness

    असल में conflict cases कम हैं, लेकिन sightings ज्यादा highlight हो रहे हैं।

    🔗 Important Links (Official & Informational)


    ❓ FAQ Section

    Q1. Malad में तेंदुआ कहां देखा गया?
    Raheja Heights सोसाइटी के D Wing parking area में CCTV में तेंदुआ देखा गया।

    Q2. क्या तेंदुए को पकड़ लिया गया है?
    अभी तक तेंदुआ पकड़ा नहीं गया है, लेकिन trap cage लगाया गया है।

    Q3. क्या यह खतरनाक स्थिति है?
    Experts के मुताबिक, जब तक direct conflict नहीं होता, panic की जरूरत नहीं है।

    Q4. SGNP क्या कदम उठा रहा है?
    Monitoring, camera traps, patrolling और residents को safety advisory दी जा रही है।

    Q5. तेंदुए शहर में क्यों आते हैं?
    मुख्य कारण stray dogs और urban expansion है, जो उन्हें food और habitat के लिए शहर की ओर खींचता है।

  • Borivali में Monkey Menace: हाई-राइज बिल्डिंग में घुस रहे बंदर, रहवासी परेशान

    Borivali में Monkey Menace: हाई-राइज बिल्डिंग में घुस रहे बंदर, रहवासी परेशान

    Borivali East के Sanjay Gandhi National Park के पास Shree Krupa बिल्डिंग में बंदरों का आतंक बढ़ा। जानिए क्यों घरों में घुस रहे हैं monkeys और क्या है पूरा मामला।

    मुंबई: Borivali East इलाके में स्थित Shree Krupa नाम की 22 मंज़िला हाई-राइज सोसायटी इन दिनों “Monkey Menace” का शिकार बन गई है। ⁸ के पास होने की वजह से यहां पिछले 4-5 हफ्तों से बंदरों की घुसपैठ तेजी से बढ़ गई है। करीब 100 से ज्यादा परिवार, जो हाल ही में 3-4 महीनों में यहां शिफ्ट हुए हैं, अब डर के साए में रह रहे हैं।

    Residents की परेशानी: खिड़कियां बंद रखने को मजबूर

    रहवासियों का कहना है कि गर्मी के बावजूद उन्हें खिड़कियां बंद रखनी पड़ रही हैं।
    जागृति पारेख बताती हैं कि बंदर खासकर किचन की खुली खिड़कियों से अंदर आ जाते हैं और खाना उठा ले जाते हैं।

    “खाना चोरी करना एक बात है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है।”

    कैसे घुस रहे हैं बंदर?

    सोसायटी के सेक्रेटरी सिद्धार्थ संपत के मुताबिक बंदर सर्विस पाइप्स और डक्ट्स के जरिए बिल्डिंग में चढ़ जाते हैं।

    • बंदर 8वीं मंज़िल तक पहुंच रहे हैं
    • पाइप, केबल और स्कैफोल्डिंग उनके लिए आसान रास्ता बन गए हैं
    • किचन विंडो सबसे बड़ा एंट्री पॉइंट बन गया है

    उन्होंने कहा कि अगले 2-3 दिनों में समाधान लागू किया जाएगा।

    Building Details: पूरी बिल्डिंग बनी टारगेट

    • बिल्डिंग: 22 मंज़िला
    • परिवार: 100+
    • बंदरों की पहुंच: 8वीं मंज़िल तक
    • एंट्री रूट: पाइप, डक्ट, किचन विंडो
    • पीक समय: पिछले 4-5 हफ्ते

    SGNP बेल्ट में Monkey Hotspots

    यह समस्या सिर्फ Borivali तक सीमित नहीं है। Sanjay Gandhi National Park के आसपास कई इलाके Monkey Hotspot बन चुके हैं:

    • Aarey Colony
    • Goregaon East
    • Kandivali East
    • Thane outskirts
    • Mulund West
    • Bhandup West
    • Dahisar

    Experts की चेतावनी: Urban Wildlife Conflict बढ़ रहा

    वन्यजीव रेस्क्यूर्स का कहना है कि यह isolated incident नहीं है, बल्कि “Urban Wildlife Conflict” का हिस्सा है।

    मुख्य कारण:

    • Summer Heat: जंगल से बाहर आना
    • Food Scarcity: खाने की कमी
    • Urban Expansion: जंगल के पास बढ़ती सोसायटी
    • Easy Access: पाइप, वायर, स्ट्रक्चर
    • Human Feeding: इंसानों द्वारा खाना देना

    Residents का डर: गर्मी vs Safety

    एक परिवार ने बताया:

    “गर्मी में खिड़की खोलना जरूरी है, लेकिन बंदरों के डर से AC और फैन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।”

    क्या करें? (Safety Tips)

    • खिड़कियां और बालकनी ग्रिल बंद रखें
    • बाहर खाना खुला न रखें
    • बंदरों को खाना न खिलाएं
    • सोसायटी में नेट/mesh लगवाएं
    • तुरंत वन विभाग को सूचना दें

    Related Links


    FAQ Section

    Q1. Borivali में बंदर क्यों बढ़ रहे हैं?
    गर्मी, खाने की कमी और जंगल के पास बढ़ती सोसायटी इसके मुख्य कारण हैं।

    Q2. क्या बंदर ऊंची बिल्डिंग में भी पहुंच सकते हैं?
    हां, पाइप और केबल के जरिए 8वीं मंज़िल तक पहुंच रहे हैं।

    Q3. क्या यह समस्या सिर्फ Borivali तक सीमित है?
    नहीं, SGNP के आसपास कई इलाकों में यही समस्या देखी जा रही है।

    Q4. Residents को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
    खिड़कियां बंद रखें, खाना बाहर न रखें और बंदरों को feed न करें।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news-1

    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • Sanjay Gandhi National Park की ‘वनरानी’ बनी हिट, 1 महीने में 9,000 सैलानी

    Sanjay Gandhi National Park की ‘वनरानी’ बनी हिट, 1 महीने में 9,000 सैलानी

    मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में चलने वाली ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। सिर्फ एक महीने में 9,000 पर्यटकों ने सफर किया और 7.50 लाख रुपये की कमाई हुई। जानिए टाइमिंग, टिकट और खास बातें।

    मुंबई: शहर के लोगों की पसंदीदा हरियाली वाली जगह संजय गांधी नेशनल पार्क एक बार फिर सुर्खियों में है। पार्क के अंदर चलने वाली मशहूर ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को लोगों ने जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया है। पार्क प्रशासन के मुताबिक, दोबारा शुरू होने के बाद महज एक महीने में करीब 9,000 पर्यटकों ने वनरानी का सफर किया, जिससे लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ है।

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Vanrani-becomes-a-hit-attracts-9000-tourists-in-1-month-news

    🌿 क्या है ‘वनरानी’ और क्यों है खास?

    ‘वनरानी’ दरअसल एक मिनी टॉय ट्रेन है, जो नेशनल पार्क के घने जंगलों और हरियाली के बीच से होकर गुजरती है। यह ट्रेन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।

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    करीब 20 से 25 मिनट की इस सवारी में सैलानी जंगल के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। शहर की भीड़-भाड़ और ट्रैफिक से दूर, यह सफर मुंबई में ही “मिनी हिल स्टेशन” जैसा अनुभव देता है।

    📈 1 महीने में 9,000 विज़िटर, 7.50 लाख की कमाई

    पार्क प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वनरानी के दोबारा शुरू होने के बाद से लगातार भीड़ बढ़ रही है।

    • कुल सैलानी: लगभग 9,000
    • कुल आय: ₹7,50,000
    • औसतन रोज़ाना यात्रियों की संख्या: 250-300

    वीकेंड और पब्लिक हॉलिडे पर तो टिकट के लिए लंबी लाइनें देखी गईं। खासकर परिवार और स्कूल ग्रुप्स की संख्या ज्यादा रही।

    👨‍👩‍👧‍👦 फैमिली और बच्चों की पहली पसंद

    मुंबई में बच्चों के लिए आउटडोर एक्टिविटी की जगहें कम होती जा रही हैं। ऐसे में वनरानी एक बेहतरीन फैमिली डेस्टिनेशन बनकर उभरी है।

    • बच्चों के लिए सुरक्षित सवारी
    • बुजुर्गों के लिए आरामदायक सीटिंग
    • प्रकृति से जुड़ने का मौका
    • इंस्टाग्राम और रील्स के लिए परफेक्ट स्पॉट

    सोशल मीडिया पर भी “Vanrani Mumbai” और “SGNP Toy Train” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।

    🕒 टाइमिंग और टिकट की जानकारी

    वनरानी की सवारी आमतौर पर सुबह से शाम तक निर्धारित समय पर उपलब्ध रहती है।

    संभावित जानकारी (परिवर्तन संभव):

    • टिकट काउंटर: पार्क के मुख्य गेट के पास
    • टिकट रेट: बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग
    • वीकेंड पर एडवांस में पहुंचना बेहतर

    पार्क प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और मेंटेनेंस को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का संचालन नियमित जांच के बाद ही किया जाता है।

    🌳 क्यों बढ़ रही है नेशनल पार्क की लोकप्रियता?

    मुंबई में प्रदूषण और कंक्रीट के जंगल के बीच संजय गांधी नेशनल पार्क एक बड़ी राहत है। यहां कन्हेरी गुफाएं, सफारी, ट्रेकिंग ट्रेल और अब फिर से चलती वनरानी—इन सबने इसे “Best Weekend Getaway in Mumbai” बना दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह रिस्पॉन्स मिलता रहा तो आने वाले महीनों में विज़िटर संख्या और बढ़ सकती है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. वनरानी कहां चलती है?
    वनरानी मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क के अंदर चलती है।

    Q2. एक महीने में कितने लोगों ने सफर किया?
    करीब 9,000 पर्यटकों ने सवारी की।

    Q3. वनरानी से कितनी कमाई हुई?
    लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व मिला।

    Q4. क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है?
    हाँ, यह पूरी तरह से सुरक्षित और फैमिली फ्रेंडली सवारी मानी जाती है।

    Q5. टिकट कहां से मिलता है?
    पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार पर टिकट काउंटर से।