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  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)