मध्य रेल सुरक्षा बल मुंबई मंडल के सिम्बा नामक श्वान ने श्वान प्रतियोगिता 2024 में बाज़ी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। मादक पदार्थ की रोकथाम के लिए किया गया है ट्रेन्ड .. (Mumbai’s dog Simba won the competition)
वी बी माणिक मुंबई– रेल सुरक्षा बल द्वारा आयोजित अंतर मंडलिय स्तर के श्वान प्रतियोगिता 2024 में मुंबई मंडल के सिम्बा नामक श्वान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि मादक पदार्थ की रोकथाम के लिए इसे खास तौर पर ट्रेन्ड किया गया है। (Mumbai’s dog Simba won the competition)
सोलापुर में आयोजित श्वान प्रतियोगिता 2024 में मुंबई मंडल के श्वान सिम्बा ने प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए मुंबई मंडल को गौरावविन्त किया। जिसमें सिम्बा ने मादक पदार्थ की प्रतियोगिता में 393 /425 में अंक प्राप्त किया। इसके लिए श्वान विभाग के निरीक्षक राजकुमार धनविज का लोगों ने सराहना की। (Mumbai’s dog Simba won the competition)
3 दिनों तक चले इस प्रतियोगिता में हैपी नामक श्वान को द्वितीय पुरस्कार मिला और जिम्मी नामक श्वान को विस्फोटक सामग्री की जांच पर सम्मानित किया गया। ये सभी मध्य रेल के अन्य मंडलो से आये थे। इन सभी श्वानों में सिम्बा कम उम्र का बताया जा रहा है। इस पर प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने धन्यवाद दिया है। (Mumbai’s dog Simba won the competition)
कल्याण रेलवे स्टेशन इन दिनों गुंडागर्दी का अखाड़ा बन गया है। यहां RPF के कर्मचारी भी सुरक्षा के मद्देनजर निष्क्रिय साबित हो रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई– मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन बन गया अखाड़ा। यहां जनरल यात्री पैंट्रीकार में घुसने के लिए कर्मचारियों से गाली-गलौज और मार पीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं और आरपीएफ जब नज़र आई तो वो भी पैंट्रीकार के कर्मचारियों पर ही अपना बल का प्रयोग करते हुए दिखाई दिए। ऐसे में पैंट्रीकार में यात्रा के लिए महंगे दाम देकर प्रतिक्षा के साथ सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है मामला?
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से लखनऊ जाने वाली 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गाड़ी जब कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 4 पर आई, तो लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ थी और यहां सुरक्षा के नाम पर केवल आरपीएफ दिखाई पड़ी। लेकिन पैंट्रीकार पर एक भी जवान नही दिखाई पड़ा। जिसमे जनरल टिकट के यात्री भारी संख्या में पैंट्रीकार में घुसने लगे। तभी पैंट्रीकार के कर्मचारी ने अंदर आने के लिए मना किया। इस पर यात्रीयो ने विरोध किया और पैंट्रीकार वालो को गाली गलौज देते हुए मारपीट पर उतारू हो गए तभी पैंट्रीकार वालो ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
कल्याण रेलवे स्टेशन पर मार पीट की तस्वीरकल्याण रेलवे स्टेशन पर मार पीट की तस्वीर
RPF की गुंडागर्दी..
इसके बाद भी यात्री गाली दे रहे थे। इस वजह से पैंट्रीकार के स्टाफ ने दरवाजा खोला और वो भी गली देने लगे तभी यात्रियों ने मारपीट शुरू कर दिया। इसके बाद तो प्लेटफार्म पूरी तरह अखाड़ा बन गया तब भी कोई आरपीएफ नही आया। कुछ देर के बाद आरपीएफ और एमएसएफ के जवान आ गए और पैंट्रीकार के स्टाफ को मारने लगे। इसको देखकर यात्री और उग्र हो गए। उन लोगों ने भी आरपीएफ के साथ मिलकर मारपीट में सहयोग दिया।
इतना अत्यचार आरपीएफ का बढ़ गया है, कि जब यात्री मारपीट कर रहे थे तो उन यात्रियों पर कार्रवाई क्यो नही किया गया? उन पर केस क्यो नही बनाया? सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि कल्याण में तैनात चेकिंग स्टाफ, टीसी क्या रहे थे? ये केवल रेलवे का रेवेन्यू बढाने में लगे रहते है और जनरल टिकट वालो से पेनाल्टी रसीद बनाकर आरक्षण बोगी में यात्रा करने की छूट दे देते है। कुछ तो वसूली में व्यस्त रहते है। पेनाल्टी रसीद के आधार पर किस नियम के तहत आरक्षण बोगी में यात्रा करने का अधिकार है? यात्रियों की सुरक्षा करने की ताकत इनके पास नही रह गयी है।
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छठ पूजा के कारण हर वर्ष दीवाली के समय उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों में भीड़ होती है। इस पर न तो रेल प्रशासन ठीक से ध्यान देता है और न ही रेल विभाग की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई पड़ती है। केवल आरपीएफ नारे लगाती है, कि हम ये व्यवस्था कर रहे है हम वो व्यवस्था कर रहे है। आरपीएफ में संख्या बल की भी भारी कमी है। इसके कारण निरीक्षक भी लाचार होते है। पर कल्याण स्टेशन की स्थिति काफी दयनीय है। मध्यरेल के आईजी को इस पर गहन ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा भी बिना सीजन के भी आरपीएफ की व्यवस्था ठीक नही है। आजकल रेल प्रशासन खोखले दावे के अलावा और कुछ नही कर रहा है।
रेल अधिकारी की पत्नी ने जो रौब दिखाया। शर्मसार करने के लिए काफी है। बाकी अधिकारियों को सिखाने लगी शिष्टाचार। पत्नी की हरकत पर हुई कार्रवाई की मांग।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के नाशिक ट्रेनिग सेंटर में आयोजित रेल सुरक्षा बल के खेल प्रतियोगिता में फाइनल के दौरान भुसावल मंडल की डीआरएम इति पांडेय को मंच पर पहली लाइन में बैठने के लिए स्थान न मिलने पर मिसेज पांडेय काफी नाराज हो गयीं और डीएससी एच श्रींनिवास राव को अपना रौब दिखाते हुए वहीं पर कड़ी फटकार लगाने लगी। कहा कि तुम को थोड़ा भी अक्कल नही है, कि डीआरएम को कहा बैठाया जाता है और व्यवस्था कैसे की जाती है। इसके साथ ही और भी खरी-खोटी सुनाई जिससे राव नाराज होकर अपना त्यागपत्र दे दिया।
रेल अधिकारी की पत्नी की धौंस..
वैसे भी जून 24 में राव का रिटायरमेंट का समह है। इस कार्यक्रम में मध्यरेल के जीएम नरेश लालवानी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम पांडेय का रिकार्ड पहले से भी ठीक नही है। आजकल भुसावल मंडल के आरपीएफ अधिकारियों की लापरवाही काफी बढ़ गई है। अब उनकी पत्नी का उनके सरकारी कामों में दखलअंदाजी को क्या कहा जाएगा यह सोचने का विषय है।
फिलहाल राव छुट्टी पर चले गए है राव ने मांग किया है, कि जब तक डीआरएम को नही हटाया जाएगा तब तक वो ड्यूटी पर नई आएंगे। अगर ऐसे ही रेल सुरक्षा बल और रेल प्रशासन में पहलवानी चलती रही तो आने वाले दिनों के भविष्य खराब दिखाई दे रहे है। कहा जाता है एक तो पहले से ही आरपीएफ, जीआरपी और रेल अधिकारियों में तालमेल नही है। ये ऐसा लगता है, कि मानो जैसे मजबूरी में नौकरी कर रहे है।
कितनी भी खबर लग जाये ये सुधरने वाले नही है अब देखना है कि राव क्या करते हैं। बीच बचाव करने के लिए आईजी सादानी और जीएम ने समझौता करवाया तब जाकर डीएससी राव ड्यूटी करने के लिए तैयार हो गए है। पर कोई भी आरपीएफ अधिकारी अपना मुँह खोलने को तैयार नही है, घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुंबई मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रात होते यात्रियों की सुरक्षा और रक्षा राम भरोसे, यात्रियों को रेलवे प्रशासन से मदद मांगने पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की अपील …
वी बी माणिक मुंबई- कुर्ला स्थित, मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर रात्रि 8 के बाद कोई भी रेल सुरक्षा बल का अधिकारी और सिपाही ड्यूटी पर दिखाई नही पड़ता है और प्लेटफार्म 2/3 पर स्टाल धारक यात्रियों से जमकर लूटपाट करते है और सामान लेने के बाद बिल मांगने पर देते भी नही है। इसके गुंडागर्दी मारपीट के लिए उतारू हो जाते है आरपीएफ से फोन पर शिकायत करने पर निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह सीधे कहते है। ट्वीट करिये। कार्रवाई करने से सीधा मना कर देते है।
इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर, सीसीआई आरपीएफ सभी मिले हुए हैं। एक मोटी रकम की वसूली की जाती है। इस पर जीएम और डीआरएम किसी का भी ध्यान नही है। यात्रियों की कोई सुरक्षा नही है सारे डकैत स्टाल खोलकर खुलेआम यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहे है। लेकिन जीएम नरेश लालवानी ईमानदारी का नारा लगा रहे है। जिसको ट्वीट करना नही आता, उसकी शिकायत नही ली जाती है।
मुंबई का कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस की फाइल तस्वीर
क्या रेलवे प्रशासन सुधरेगा या केवल लूटने का ही काम करेगा? मुंबई के कंट्रोल रूम में फोन किया गया, तो पहले कांबले ने फोन उठाया और टीसी को शिकायत करने के लिए कहा गया। फिर कंट्रोल में ड्यूटी पर तैनात दिनेश ने कहा, कि आप टीसी से शिकायत पुस्तिका में शिकायत करिये। गाड़ी छूटने पर टीसी क्या करेगा ? शिकायत के मुताबिक, गाड़ी संख्या 18029 शालीमार एक्सप्रेस के एसी बोगी में अवैध पानी।
मुंबई से सटे ठाणा स्टेशन का अवैध वेंडर राजा अपने पालतू गुर्गो से 20 रुपये में पानी की बोतल बिकवाता है। इस गोरखधंधे में रेलवे सुरक्षा बल पर तैनात सुरक्षारक्षक इनका साथ देते हैं। इसी तरह रेल सुरक्षा बल रेलवे की सुरक्षा करती रही तो रेलवे बिकने में ज्यादा समय नही लगेगा। आरपीएफ जवानों को इतनी पगार मिलती है जिससे उनका परिवार अच्छी तरह से भरण पोषण किया जा सकता है। फिर भी रेल कर्मी और अधिकारियों का बिना वसूली के काम नही चलता है।
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मुंबई के मध्यरेल के कंट्रोल रूम में रात में लगता है फर्जी लोग बिठाए गए है। ट्रेन में कोई भी अप्रिय घटना घट जाए, इनसे कोई मतलब नही होता। सूत्रों से पता चला है, कि कंट्रोल में लगातार शिकायतों के चलते अब वहां भी इन अवैध वेंडरों ने रिश्वत का नजराना पेश करना शुरू कर दिया है। अब कंट्रोल रूम में तैनात सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी अवैध वेंडरों से हफ्ता उगाही की जाती है इसीलिए शिकायत नही लिया जाता है।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के टिटवाला स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया कई वर्षों से पांडेय जी ट्रेनिंग सेंटर नाशिक और इसके पूर्व विजिलेंस विभाग में अपना सिक्का जमा रखा था। अपने अच्छे कार्यो के कारण विजिलेंस विभाग में बड़े बड़े दलालो को दबोचा है। इसके अलावा आरपीएफ के कई थानों पर कार्य किया है। (Indian Railway)
व्यक्तित्व के धनी व्यवहार कुशल और कफ़न में दबंग है। इसके पूर्व टिटवाला थाने पर नियुक्त निरीक्षक श्रीमती ए बाबर ने बड़े बड़े अपराधियो और तस्करों के नाक में नकेल डाल दिया था। बाबर के डर से तस्करों के पसीने छूट जाते थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने श्रीमती बाबर को पनवेल का चार्ज सौप दिया है। बाबर के चार्ज लेते ही पनवेल के पूरे आरपीएफ स्टाफ में खलबली मच गई है। पनवेल में हॉकरों दलालो और तस्करों मे पनवेल से भागने की तैयारी धुर हो गयी है। (Indian Railway)
इस्माईल शेख मुंबई- जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस ने कहा, जांच से पता चला है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपराध के बाद अपनी पत्नी से फोन पर बात किया। उसने अपनी पत्नी से फोन पर कहा था कि अब उसे अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद करना होगा। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
खबर के मुताबिक, शनिवार को चेतन की पत्नी रेनू और उसकी मां मथुरा से मुंबई आईं और बोरीवली जीआरपी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रेनू ने चेतन के पिछले चिकित्सा उपचारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, इसमें मथुरा के एक न्यूरोलॉजिकल अस्पताल की रिपोर्ट भी शामिल थी। पुलिस दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी और रिपोर्ट के बिंदुओं पर सरकारी डॉक्टरों से चेतन की जांच भी करा सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
Indian fasttrack newsहत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर
Jaipur Mumbai Train Firing news
31 जुलाई की शुरुआत में चेतन ने अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम मीणा को अस्वस्थ महसूस करने और वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की। लेकिन ट्रेन को वहां रोका नहीं जा सकता था। इसलिए टीकाराम मीणा ने सुझाव दिया था कि वह ट्रेन में आराम करें। चेतन ने रेनू को फोन करके बताया था कि अस्वस्थ महसूस करने के बावजूद उसे ट्रेन से उतरने नहीं दिया जा रहा है। फोन पर उनकी अगली बातचीत के दौरान उसने बेहतर महसूस करने की बात भी कही थी। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
घटना के बाद भी किया था कॉल..
मीरा रोड पर ट्रेन से उतरने के बाद उसने उसे आखिरी बार कॉल किया था। इस बार उसने रेनू से कहा कि अब उनके बच्चों की परवरिश करना अब अकेले उसी की जिम्मेदारी है। पुलिस ने बताया कि चेतन से शुक्रवार को सात घंटे तक पूछताछ की गई। रेनू से भी काफी देर तक पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि चेतन कुछ साल पहले एक सीढ़ी से गिर गया था, जिसके बाद उसे न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं हो गईं और इलाज के लिए उसे मथुरा में विभिन्न डॉक्टरों के पास ले जाया गया। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
पुलिस ने गोलीबारी के प्रमुख गवाहों सहित, 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कुछ गवाह दूसरे राज्यों में रहते हैं और उन्होंने ईमेल पर बयान दर्ज कराए हैं। चेतन अब तक कई बार अपने ही बयानों से पलट चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक, चेतन को सोमवार सवेरे बोरीवली में एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इस दौरान जीआरपी पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में एक सहायक उप निरीक्षक और 3 यात्रियों सहित 4 लोगों को RPF के जवान ने गोली मारकर हत्या कर दी।
वी बी माणिक मुंबई– पश्चिम रेल (Western Railway) के वसई और मीरा रोड के बीच आरपीएफ (RPF) जवान चेतन बच्चू सिंह जो परेल वर्कशॉप में तैनात है ने जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में सुबह लगभग 5 बजे के आसपास एक सहायक उप निरीक्षक टीकाराम जो दादर में तैनात है रेल सुरक्षा बल और तीन यात्रियों कादर और अंसार को अपने सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना के समय सभी यात्री सो रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये जवान अपने सर्विस के दौरान अधिकारियों के उत्पीड़न से त्रस्त था। जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन मैं हुई घटना को लेकर केस बोरीवली जीआरपी में दर्ज किया गया है। इसकी जाँच जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे है। अभी भी जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नही है।
Indian fasttrack newsहत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर
RPF में कब सुधार आएगा?
आज ही सोमवार 31 जुलाई, आरपीएफ के महानिदेदशक संजय चंदर अपने कार्य से सेवा मुक्त हो रहे है। कुछ लोगों का कहना है, कि उनको चेतन ने सलामी दी है। मनोज यादव नए महानिदेशक का चार्ज लेंगे क्या आरपीएफ जवानों की भारी कमी को प्राथमिकता देंगे या राज्य के प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की सुरक्षा से ही काम चलाएंगे। यहां आपको बता दें, कि पिछले काफी दिनों से सुरक्षा कर्मियों की माँग चल रही है।
लेकिन केंद्र सरकार नही जाग रही है। इसी कारण ऐसी घटनाओ की पुनरावृति हो रही है। ऐसी दर्दनाक घटना से सभी लोग अचंभित है। घटना पर बता दें, कि अभी तक मृतकों की शिनाख्त नही हो सकी है। आगे आरपीएफ और जीआरपी सुरक्षा की दृष्टि से कौन सा नया कदम उठाते है, यह देखने का विषय है।
पुराने महानिदेशक ने आरपीएफ निरीक्षकों का काफी समय बर्बाद कर दिया और दूसरी तरफ अब नए महानिदेशक के तौर पर मनोज यादव को नियुक्त कर दिया गया है। फिलहाल RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है।
वी बी माणिक मुंबई- रेल सुरक्षा बल (RPF) के नए महानिदेशक के पद पर मनोज कुमार यादव की नियुक्ति कर दी गयी है। भारत सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। ये आदेश 18 जुलाई 23 को जारी किया गया है। अब देखना होगा कि यादव टीएमएम पर क्या निर्णय लेते है। इसके पहले डीजी संजय चंदर पद भार संभाल रहे थे।
RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष..
दूसरी ओर सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मध्य और पश्चिम रेलवे के आईजी ने एक पत्र जारी किया है। कि मंडल में नियुक्त सभी निरीक्षक दो पोस्ट का नाम भेजे जिनको मंडल के बाहर नही भेजा जाएगा। इससे निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है। जो कोई भी निरीक्षक अपनी जुबान खोल नही सकता। डीजी संजय चंदर एक शगूफा छोड़ दिया है जो किसी भी आईजी को इसकी जानकारी नही।
पिछले फरवरी से टीएमएम (TMM) की तैयारी कर रहे थे, जो आज तक नही कर पाए है। ये कौन सा रिकार्ड इकट्ठा कर रहे है और कौन सी ईमानदारी का फार्मूला तैयार बना रहे है ये किसी के समझ मे नही आ रहा है। RPF निरीक्षक ट्रांसफर का बड़ी बेचैनी से प्रतीक्षा कर रहे है। इनके बच्चों का भविष्य भी खराब कर रहे है। पर अधिकारियों को इसकी तनिक भी चिंता नही है। अब देखना होगा कि मनोज यादव क्या गुल खिलाएंगे कौन सा नया फार्मूला लेकर आते है। RPF निरीक्षको का ट्रांसफर रोकते है या टीएमएम को जारी रखते है।
RPF में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है?
वी बी माणिक मुंबई- भारतीय रेल का नया इतिहास खड़ा करने के चक्कर मे रेल सुरक्षा बल (RPF) के महानिदेशक (Director General) संजय चंदर ने एक नए फार्मूले का इजाफा किया है। जिसका नाम है ट्रांसफर मोडिफिकेशन मॉडल (टी एम एम ) इसका मतलब अभी तक किसी को समझ मे नही आया है। अभी तक कोई आईजी भी समझ नही पाए है। इस वर्ष मार्च 2023 में होने वाले निरीक्षको, उप निरीक्षको और अन्य आरपीएफ के जवानों का ट्रांसफर नही हो पाया है।
सभी रेलवे जोन में इस पर ज़ोरों शोरों से काम चल रहा है। फिर भी पूरा नही हो रहा है अधिकांश बुद्धिमान अधिकारी रात दिन मिलकर काम कर रहे है। लेकिन ट्रांसफर की लिस्ट अभी तक तैयार नही हुई है। जिनका ट्रांसफर का समय हो गया है। ऐसे सारे निरीक्षक और उनके सहकर्मी बड़ी बेचैनी से अपने आईजी ऑफिस की तरफ निगाहे लगाए बैठे है। फिर भी कोई समाचार नही मिल रहा है इन कर्मचारियों के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
आपको बता दें कि ट्रांसफर होने के बाद कर्मचारी एवं अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने तबादले के साथ-साथ बच्चों का उनकी स्कूलों में एडमिशन कराना है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है। नही तो ये निरीक्षक अपने परिवार को छोड़कर पोस्टिंग की जगह पर ड्यूटी करने के लिए भाग्य हो सकते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारियों की समस्या से डीजी को कोई फर्क नही पड़ता।
मार्च से जुलाई महीना समाप्त होने के करीब है। इसके साथ ही 31 जुलाई को डीजी संजय चंदर का रिटायरमेंट है। इनको क्या फर्क पड़ने वाला है। कोई भी निरीक्षक विरोध करने की ताकत नही रखता। अगर किसी ने मुँह खोला तो सीधे निरीक्षक का ट्रांसफर जंगल मे कर दिया जायेगा। सीधे उसको चार्जशीट पकड़ा दिया जायेगा। इस समय आरपीएफ में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है।