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  • Mumbai Job Scam: “सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी!” — Kandivali में Fake Appointment Letter गैंग का पर्दाफाश

    Mumbai Job Scam: “सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी!” — Kandivali में Fake Appointment Letter गैंग का पर्दाफाश

    Mumbai Kandivali Fake Job Scam — 13 आरोपी, ₹1.54 crore fraud, fake government job offer letters exposed. Police investigation underway, job seekers alert!

    मुंबई: मायानगरी में नौकरी के नाम पर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। Kandivali के चारकोप इलाके में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 10 लोगों से करीब ₹1 करोड़ 54 लाख 50 हजार की ठगी की गई। इस मामले में Mumbai Police ने 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    ⚠️ कैसे चला Fake Job Scam? (Mumbai Job Fraud Case)

    पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चलाए जा रहे संगठित रैकेट का है।

    मुख्य आरोपी सतीश वानखेडे ने खुद को बड़े सरकारी अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताया और दावा किया कि वह बिना परीक्षा दिए सीधे नौकरी दिलवा सकता है।

    उसने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उसकी पहुंच मंत्रालय और विभागों तक है, जिससे नौकरी “पक्की” हो जाएगी।

    💰 10 लोगों से वसूले ₹1.54 करोड़ (Huge Financial Fraud)

    धीरे-धीरे आरोपी ने न सिर्फ शिकायतकर्ता बल्कि उसके परिचितों को भी अपने जाल में फंसा लिया।

    • कुल पीड़ित: 10 लोग
    • कुल ठगी रकम: ₹1,54,50,000
    • तरीका: नौकरी का लालच + फर्जी वादे

    इस तरह यह पूरा नेटवर्क chain referral scam की तरह फैलता गया।

    🧾 Fake Appointment Letters से किया भरोसा (Bogus Documents Scam)

    आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Appointment Letters) भी दिए।

    इनमें सरकारी विभागों के नाम शामिल थे:

    • विधानभवन
    • महानगरपालिका (BMC)
    • Public Health Department
    • State Excise
    • Income Tax Department
    • Postal Department

    लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि ये सभी दस्तावेज पूरी तरह से नकली (forged) थे।

    सालों तक नहीं मिली नौकरी, तब खुला राज

    पीड़ितों ने 2019 से लेकर कई साल तक इंतजार किया, लेकिन:

    • नौकरी नहीं मिली
    • आरोपी टालमटोल करते रहे

    जब शक बढ़ा, तब पीड़ितों ने Charkop Police Station में शिकायत दर्ज करवाई।

    🚔 13 आरोपियों पर FIR दर्ज, जांच जारी

    पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
    सतीश वानखेडे, शरद राजगुरु, बाळासाहेब कांबळे, डॉ. मंगेश पाटील, धवल पाटील, प्रमोद सोलापुरे, विनोद माळी, रविंद्र कांबळे, जितेंद्र चौधरी, अभय पाटील, कमलेश गांधलिकर, दिनेश निकाळे और यतीन मोरे।

    इन सभी पर cheating, forgery और criminal conspiracy के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है और और भी खुलासे हो सकते हैं

    🔎 मुंबई में पहले भी सामने आ चुके हैं Job Scams

    मुंबई और आसपास के इलाकों में पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां:

    • BMC नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी हुई
    • Income Tax और Railway job के नाम पर fake letters दिए गए

    इससे साफ है कि Job Scam Mumbai एक बड़ा नेटवर्क बनता जा रहा है।

    🛑 कैसे बचें ऐसे Fake Job Scam से? (Safety Tips)

    अगर आप नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो ध्यान रखें:

    • ❌ कोई भी असली सरकारी नौकरी पैसे लेकर नहीं मिलती
    • ❌ Offer letter के लिए upfront payment = 100% scam
    • ✔️ Official website से ही apply करें
    • ✔️ Government jobs के लिए exams mandatory होते हैं

    🔗 Useful Official Links


    FAQ (लोग क्या सर्च कर रहे हैं?)

    1. Kandivali Job Scam क्या है?

    सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लोगों ने 10 लोगों से ₹1.54 करोड़ की ठगी की।

    2. क्या फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए थे?

    हाँ, आरोपियों ने fake government appointment letters दिए।

    3. कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ?

    कुल 13 आरोपियों पर FIR दर्ज हुई है।

    4. पुलिस कौन जांच कर रही है?

    Mumbai Police (Charkop Police Station) इस केस की जांच कर रही है।

    5. ऐसे scam से कैसे बचें?

    कभी भी नौकरी के लिए पैसे न दें और सिर्फ official websites पर भरोसा करें।

  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।

  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट की मंजूरी दी।

    मुंबई: दहिसर पुलिस ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी संजय जगताप को पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले मे गिरफ्तार आरोपी पर यह आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिना उचित दस्तावेजों की जांच किए पासपोर्ट आवेदन को स्वीकृत कर दिया। बाद में जब जांच हुई तो जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    📜 एफआईआर में गंभीर धाराएं

    जांच के बाद 26 मार्च 2025 को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
    यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471, 120(B) के तहत दर्ज हुआ है।
    इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 भी इसमें जोड़ी गई है।

    👮‍♂️ रिटायर्ड पुलिसकर्मी का नाम आया सामने

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप थे, जो उस समय दहिसर पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
    बाद में उनकी मालाड पुलिस स्टेशन में बदली हो गई।
    महत्वपूर्ण बात यह है कि जगताप 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए, और सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ जमानत याचिका खारिज, पुलिस हिरासत में भेजा गया

    आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
    इसके बाद 4 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
    कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    📍 पुलिस कर रही है आगे की जांच

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पासपोर्ट प्राधिकरण मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
    साथ ही, पासपोर्ट जारी करने में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला कब दर्ज किया गया था?
    👉 यह मामला 26 मार्च 2025 को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 सेवानिवृत्त पुलिस हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप, जो पहले दहिसर थाने में तैनात थे।
    Q3. किस आधार पर गिरफ्तारी हुई?
    👉 आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन मंजूर किया था।
    Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    👉 कोर्ट ने आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिली?
    👉 नहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

  • अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    मुंबई में कोर्ट ने अपहरण और रेप के 40 साल बाद फैसला सुनाया है। इस केस में रेप पीड़िता की मौत हो चुकी है। रेप पीड़िता से ही आरोपी ने शादी की थी। दोनों के 4 बच्चे हुए। लेकिन रेप का केस कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया है। जाने क्या है ये पूरा मामला ? (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – 40 साल पहले एक लड़की से रेप हुआ था। मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, जिसने लड़की से रेप किया, उसने उससे शादी भी कर ली। लेकिन ये केस कोर्ट में चलता रहा। दंपति को चार बच्चे भी हुए। इसके बाद पीड़िता की मौत भी हो गई। इस बीच आरोपी भी मुंबई से फरार हो गया। लेकिन 38 साल बाद पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अब कोर्ट ने अपहरण और रेप के मामले में फैसला सुनाया है। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    नवंबर 1984 में डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक मां ने अपनी बेटी के साथ रेप होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा कि उसकी बेटी का जन्म 1969 में हुआ था और वह उर्दू मीडियम के स्कूल में पढ़ रही थी। मां ने कहा कि आरोपी उसके परिवार को जानता था। पीड़िता घर से यह कहकर निकली थी कि वह शौचालय जा रही है। हालांकि, वह वापस नहीं लौटी। मां ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने लड़की को किडनैप कर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी पर आईपीसी के तहत अपहरण और रेप का आरोप लगाया गया था। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    रेप के बाद हुई शादी और 4 बच्चे ..

    खबरों के मुताबिक, बाद में पता चला कि आरोपी ने पीड़िता से शादी कर ली और उनके 4 बच्चे भी हुए। सत्र न्यायालय ने अब सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया। बताया गया कि आरोपी लगभग 40 साल तक लापता रहा, मगर यह पूरा मुकदमा केवल चार तारीखों में पूरा हो गया। पीड़िता से उसने बाद में शादी की थी, उसकी भी मुकदमे के दौरान मौत हो गई। उनके चार बच्चों में से दो की भी मौत हो गई। मामले में शिकायत करने वाली मां की भी मौत हो गई। वह शख्स 1986 से फरार था। उसे आखिरकार 2024 में यूपी में पकड़ लिया गया। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    कोर्ट ने क्या कहा ?

    जज ने कहा कि चूंकि मामला बहुत पुराना है, अभियोजन पक्ष के अधिकांश गवाह या तो लापता हैं या उनकी मौत हो चुकी है। इस अपराध से आरोपी को जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर एक भी सबूत नहीं है। आरोप साबित करने के लिए सबूत अभियोजन पक्ष के लिए मददगार नहीं हैं। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच की और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, सबूत जुटाए गए और आरोप पत्र पेश किया गया। जबकि, आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह ने कहा कि एसआई (सहायक निरीक्षक) ने उसकी मौजूदगी में बयान दर्ज नहीं किए थे।(Mumbai DB Marg Police Station Crime News)