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  • Govandi School Horror: 6 साल की बच्ची से स्कूल में दरिंदगी

    Govandi School Horror: 6 साल की बच्ची से स्कूल में दरिंदगी

    मुंबई के Govandi School के चपरासी ने 6 साल की बच्ची का एक साल तक यौन शोषण किया। आरोपी गिरफ्तार, पुलिस CCTV और स्कूल सुरक्षा की जांच में जुटी।

    मुंबई: गोवंडी इलाके से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल में पढ़ने वाली 6 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल के ही चपरासी ने कथित तौर पर पिछले एक साल से यौन शोषण किया। आरोपी बच्ची को डरा-धमकाकर स्कूल के खाली कमरे में ले जाता था और वहां उसके साथ घिनौनी हरकत करता था। घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्ची ने रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही गोवंडी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    स्कूल में भरोसे का फायदा उठाकर करता रहा दरिंदगी

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की उम्र करीब 45 साल है और वह स्कूल में चपरासी के तौर पर काम करता था। स्कूल में उसे एक भरोसेमंद कर्मचारी माना जाता था। इसी वजह से किसी को उस पर शक नहीं हुआ।

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    बच्ची को सुनसान कमरे में ले जाता था आरोपी

    जांच में सामने आया है कि आरोपी बच्ची को अक्सर कक्षा से दूर किसी खाली कमरे में ले जाता था। वह बच्ची को डराता और धमकाता था ताकि वह किसी को कुछ न बता सके।

    डर और मानसिक दबाव की वजह से मासूम बच्ची लंबे समय तक चुप रही। पुलिस के अनुसार यह सिलसिला करीब एक साल से चल रहा था।

    बच्ची ने हिम्मत दिखाई तो खुला मामला

    परिवार के मुताबिक बच्ची पिछले कुछ समय से डरी-सहमी रहने लगी थी। उसके व्यवहार में बदलाव भी देखने को मिल रहा था।

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    रोते हुए माता-पिता को बताई पूरी सच्चाई

    एक दिन बच्ची ने रोते हुए अपने माता-पिता को बताया कि स्कूल का चपरासी उसके साथ गलत हरकत करता है। यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए।

    इसके बाद माता-पिता तुरंत गोवंडी पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद तुरंत हरकत में आई पुलिस

    मामले की गंभीरता को देखते हुए गोवंडी पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की।

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    आरोपी चपरासी गिरफ्तार

    Govandi School

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने स्कूल के अन्य बच्चों को भी निशाना बनाया था या नहीं।

    स्कूल के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    घटना सामने आने के बाद पुलिस स्कूल परिसर के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।

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    Govandi School स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में

    पुलिस अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि स्कूल प्रशासन की तरफ से सुरक्षा में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।

    अगर जांच में स्कूल प्रबंधन की गलती सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

    बदलापुर घटना के बाद भी नहीं सुधरे हालात?

    महाराष्ट्र में बदलापुर स्कूल केस के बाद सरकार ने स्कूल सुरक्षा को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए थे। स्कूलों में CCTV निगरानी, स्टाफ वेरिफिकेशन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष गाइडलाइन लागू करने की बात कही गई थी।

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    लेकिन गोवंडी की इस घटना ने एक बार फिर स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Background Verification पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों का Police Verification और Background Check सख्ती से होना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि:

    स्कूल स्टाफ का नियमित सत्यापन जरूरी है
    बच्चों को Safe Touch और Unsafe Touch के बारे में जागरूक करना चाहिए
    स्कूलों में Child Safety Committee सक्रिय रहनी चाहिए
    CCTV निगरानी मजबूत होनी चाहिए

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    क्या दूसरे बच्चे भी आरोपी के निशाने पर थे?

    गोवंडी पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी हरकत की थी या नहीं।

    अन्य छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ

    पुलिस स्कूल के दूसरे छात्रों और उनके परिवारों से भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

    POCSO कानून के तहत होगी कार्रवाई

    बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में POCSO Act के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

    बच्चों की सुरक्षा के लिए बना विशेष कानून

    POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।

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    इलाके में गुस्सा, कड़ी सजा की मांग

    घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

    स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द सुनवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को जल्दी न्याय मिल सके।

    FAQ

    Govandi School मामला क्या है?

    यह मामला मुंबई के गोवंडी इलाके के एक स्कूल का है जहां चपरासी पर 6 साल की बच्ची के यौन शोषण का आरोप लगा है।

    आरोपी कौन है?

    आरोपी स्कूल का 45 वर्षीय चपरासी बताया जा रहा है।

    पुलिस क्या जांच कर रही है?

    पुलिस CCTV फुटेज, स्कूल सुरक्षा और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जांच कर रही है।

    POCSO Act क्या है?

    यह बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला विशेष कानून है।

    Conclusion

    गोवंडी स्कूल की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि पूरे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। जिस जगह बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं अगर वे डर और हिंसा का शिकार बनें तो यह बेहद चिंताजनक है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

  • Mumbai: 14 साल की लड़की बेचने के मामले में पति गिरफ्तार

    Mumbai: 14 साल की लड़की बेचने के मामले में पति गिरफ्तार

    Mumbai मालाड में 14 साल की लड़की को नौकरानी बनाकर बेचने के मामले में पति गिरफ्तार। POCSO और बाल विवाह कानून के तहत कार्रवाई।

    मुंबई: मालाड इलाके में सामने आए एक सनसनीखेज मानव तस्करी और बाल शोषण मामले में Mumbai Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 साल की नाबालिग लड़की के पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि नाबालिग लड़की को एक संपन्न परिवार के यहां घरेलू नौकरानी के तौर पर 50 हजार रुपये में बेचा गया था। मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता ने 17वीं मंजिल की इमारत की बालकनी से जान जोखिम में डालकर भागकर अपनी जान बचाई।

    इस घटना ने मुंबई में Child Trafficking, Child Labour और Minor Girl Abuse जैसे गंभीर मुद्दों पर फिर बहस छेड़ दी है। मालाड पुलिस ने आरोपी पति को दिल्ली से गिरफ्तार कर मुंबई लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब चर्चा में आया जब 14 वर्षीय पीड़िता ने कथित तौर पर अपने नियोक्ताओं के उत्पीड़न से बचने के लिए मालाड स्थित एक ऊंची इमारत की 17वीं मंजिल से भागने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की को घरेलू काम के लिए जबरन रखा गया था और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था।

    घटना के बाद मामला तेजी से मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

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    दिल्ली से गिरफ्तार हुआ आरोपी पति

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    Maad police Station file photo

    पुलिस के अनुसार, आरोपी पति कृष्णकुमार चमार (21) को दिल्ली के ओखला इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसे मुंबई लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसकी पत्नी को 50 हजार रुपये में बेचा गया है। उसने कहा कि मंजू साहनी नाम की महिला ने नौकरी दिलाने के नाम पर लड़की को मुंबई लाने की बात कही थी।

    नौकरी का झांसा देकर मुंबई लाई गई थी लड़की

    आरोपी के मुताबिक, मंजू साहनी ने कहा था कि लड़की को 5 हजार रुपये महीने की नौकरी मिलेगी। उसने यह भी कहा था कि यदि लड़की को काम पसंद नहीं आएगा तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।

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    हालांकि पुलिस को शक है कि यह पूरा मामला Human Trafficking नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। जांच एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं।

    पुलिस जांच में क्या-क्या खुलासे हुए?

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले का रहने वाला है और कई वर्षों से दिल्ली में कबाड़ का कारोबार करता था। वह लड़की की मौसी लालमणि उर्फ फुवा को पहले से जानता था।

    जांच में यह भी सामने आया कि लड़की की मौसी और आरोपी के बीच पुराने संबंध थे। पुलिस ने मौसी के घर पर भी छापा मारा, लेकिन वह वहां नहीं मिली।

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    बाल विवाह का भी मामला आया सामने

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उसने लड़की की कम उम्र के कारण शादी से इनकार किया था। लेकिन बाद में लड़की की मौसी के लगातार दबाव के बाद उसने शादी कर ली।

    इसी वजह से पुलिस ने आरोपी पर Child Marriage Act के तहत भी मामला दर्ज किया है।

    POCSO और रेप की धाराओं में केस दर्ज

    मालाड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ:

    • POCSO Act
    • Child Marriage Act
    • रेप
    • मानव तस्करी से संबंधित धाराएं

    लगाई हैं।

    आरोपी को दिंडोशी सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे पुलिस हिरासत में भेजा गया।

    POCSO कानून की जानकारी यहां उपलब्ध है:
    [National Commission for Protection of Child Rights]

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जानकारी:
    [Ministry of Women and Child Development]

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    Mumbai में बढ़ते Human Trafficking मामलों पर चिंता

    मुंबई जैसे महानगर में घरेलू कामगारों और नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गरीब परिवारों को नौकरी और बेहतर जीवन का झांसा देकर कई बार लड़कियों को दूसरे शहरों में भेजा जाता है।

    इसके बाद उन्हें घरेलू नौकरानी, जबरन मजदूरी या शोषण का शिकार बनाया जाता है।

    Child Labour और Domestic Worker Safety पर उठे सवाल

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह Domestic Worker Safety और Child Protection सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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    सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि:

    • नाबालिग घरेलू कामगारों की नियमित जांच हो
    • Human Trafficking नेटवर्क पर कार्रवाई हो
    • Child Protection Mechanism मजबूत किया जाए
    • घरेलू कामगारों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने कहा कि नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर कानून और सख्त होने चाहिए।

    मुंबई में Child Abuse और Women Safety से जुड़े मामलों को लेकर लोग लगातार चिंता जता रहे हैं।

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    FAQ Section

    यह मामला Mumbai के किस इलाके का है?

    यह मामला मुंबई के मालाड इलाके से जुड़ा है।

    लड़की की उम्र कितनी बताई गई है?

    पीड़िता की उम्र लगभग 14 वर्ष बताई गई है।

    आरोपी पति को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली के ओखला इलाके से गिरफ्तार किया।

    आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?

    आरोपी पर POCSO Act, Child Marriage Act और रेप सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

    Conclusion

    Mumbai के मालाड में सामने आया यह मामला केवल एक Crime Story नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक गंभीर सवाल है। नाबालिग लड़कियों को नौकरी और शादी के नाम पर शोषण के जाल में फंसाने वाले गिरोह अब भी सक्रिय हैं। ऐसे मामलों में तेज जांच, सख्त कानून और जागरूकता बेहद जरूरी है।

    इस घटना ने Child Safety, Human Trafficking और Domestic Worker Protection जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर बनी हुई है।

  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।

  • मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में 12 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

    मुंबई: मालवनी (मालाड पश्चिम) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मालवनी पुलिस ने 44 वर्षीय महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    क्लिनिक में इलाज के दौरान हुआ कथित उत्पीड़न

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची मालवनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है और स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह होंठ पर बने दर्दनाक छाले के इलाज के लिए पास ही स्थित एक क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक उसी महिला डॉक्टर द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

    आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची को बेड पर लेटने को कहा और फिर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। बच्ची के अनुसार, डॉक्टर ने उसकी मर्यादा भंग करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह डर गई।

    डरी-सहमी बच्ची ने घर जाकर बताया सच

    घटना के तुरंत बाद बच्ची क्लिनिक से बाहर निकली और सीधे घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सदमे में आ गया। बिना देर किए परिजन मालवनी पुलिस स्टेशन पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, डॉक्टर गिरफ्तार

    बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता
    • POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act)

    की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को दिंडोशी की विशेष POCSO अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी।

    इलाके में आक्रोश, पुलिस कर रही गहन जांच

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • क्या आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत थी
    • क्लिनिक में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं
    • कहीं और पीड़ित तो सामने नहीं आएंगे

    फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां की है?
    ➡️ मुंबई के मालवणी (मालाड पश्चिम) इलाके की।

    Q2. पीड़िता की उम्र क्या है?
    ➡️ 12 साल।

    Q3. आरोपी कौन है?
    ➡️ 44 वर्षीय महिला डॉक्टर।

    Q4. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
    ➡️ भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    ➡️ पुलिस हिरासत में, जांच जारी है।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पॉक्सो केस में आरोपी फरहान साकिब खान (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई। केस की जांच एमएचबी पुलिस टीम ने की थी।

    मुंबई: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज पॉक्सो अपराध के आरोपी फरहान साकिब खान (27 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। आरोपी को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल मिलाकर कई सजाएँ दी गईं, जिनमें धारा 363, 376(2)(n), 506(2) भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1)(m) व 6 शामिल हैं।

    ⚖️ अदालत का फैसला

    माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नंबर 13) ने आदेश में कहा कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है,
    इसलिए उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का आर्थिक दंड दिया जाता है।
    यदि दंड राशि अदा नहीं की गई, तो आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

    इसके अलावा, अन्य धाराओं के तहत —

    • धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माना,
    • धारा 376(2)(n) (बलात्कार) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास,
    • धारा 506(2) (धमकी देना) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

    सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)।

    👮‍♂️ पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव ने आरोपपत्र (Chargesheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
    मुकदमे के दौरान सरकारी अभियोक्ता देवतरसे साहब, चव्हाण मैडम और जाधव मैडम ने केस की पैरवी की।

    पूरी जांच और कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो. नि. अतुल आव्हाड (गुन्हे विभाग), और मा. पो. आ. घनवटे सर के मार्गदर्शन में की गई।
    न्यायालयीन कार्यवाही की निगरानी म. पो. ह. सातपुते ने की।

    🧾 मामले का पृष्ठभूमि (Case Background)

    यह मामला एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 288/2019 के तहत दर्ज किया गया था।
    आरोपी फरहान खान पर नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण का आरोप था।
    पुलिस ने जांच पूरी कर 2019 में ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
    लगातार सुनवाई के बाद आज न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

    🧠 जनहित के नज़रिए से

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से सुरक्षा देना है।
    यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सज़ा कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगी और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाएगी।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा मिली है?
    👉 आरोपी को कुल 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का जुर्माना लगाया गया है।
    प्रश्न 2: केस किस पुलिस थाने में दर्ज था?
    👉 यह केस एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज था।
    प्रश्न 3: जांच अधिकारी कौन थे?
    👉 तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव थे।
    प्रश्न 4: फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
    👉 यह फैसला माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नं. 13) ने सुनाया।
    प्रश्न 5: पुलिस टीम में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
    👉 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो.नि. अतुल आव्हाड, मा.पो.आ. घनवटे सर और म.पो.ह. सातपुते इस केस में शामिल थे।