Tag: POCSO केस

  • मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में 12 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

    मुंबई: मालवनी (मालाड पश्चिम) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मालवनी पुलिस ने 44 वर्षीय महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    क्लिनिक में इलाज के दौरान हुआ कथित उत्पीड़न

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची मालवनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है और स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह होंठ पर बने दर्दनाक छाले के इलाज के लिए पास ही स्थित एक क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक उसी महिला डॉक्टर द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

    आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची को बेड पर लेटने को कहा और फिर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। बच्ची के अनुसार, डॉक्टर ने उसकी मर्यादा भंग करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह डर गई।

    डरी-सहमी बच्ची ने घर जाकर बताया सच

    घटना के तुरंत बाद बच्ची क्लिनिक से बाहर निकली और सीधे घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सदमे में आ गया। बिना देर किए परिजन मालवनी पुलिस स्टेशन पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, डॉक्टर गिरफ्तार

    बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता
    • POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act)

    की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को दिंडोशी की विशेष POCSO अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी।

    इलाके में आक्रोश, पुलिस कर रही गहन जांच

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • क्या आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत थी
    • क्लिनिक में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं
    • कहीं और पीड़ित तो सामने नहीं आएंगे

    फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां की है?
    ➡️ मुंबई के मालवणी (मालाड पश्चिम) इलाके की।

    Q2. पीड़िता की उम्र क्या है?
    ➡️ 12 साल।

    Q3. आरोपी कौन है?
    ➡️ 44 वर्षीय महिला डॉक्टर।

    Q4. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
    ➡️ भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    ➡️ पुलिस हिरासत में, जांच जारी है।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।