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  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत फेम अभिनेता गजेंद्र चौहान साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। फेसबुक विज्ञापन के जरिए ₹98 हजार की ठगी हुई, लेकिन मुंबई पुलिस की तत्परता से पूरी रकम वापस मिली।

    मुंबई: टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए। फेसबुक पर दिखे एक फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर उनके बैंक खाते से ₹98,000 कट गए। हालांकि, ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी रकम कुछ ही समय में अभिनेता के खाते में वापस करा दी।

    📍 कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?

    69 वर्षीय गजेंद्र चौहान अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला-ओशिवारा इलाके में रहते हैं।
    10 दिसंबर को उन्होंने फेसबुक पर
    👉 डी-मार्ट के नाम से ड्राई फ्रूट्स पर भारी छूट का एक विज्ञापन देखा

    • लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर किया
    • मोबाइल पर OTP आया
    • कुछ ही देर बाद मैसेज मिला कि
      👉 HDFC बैंक अकाउंट से ₹98,000 डेबिट हो गए

    तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत की पुलिस से शिकायत

    धोखाधड़ी का एहसास होते ही
    👉 गजेंद्र चौहान ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की
    👉 साथ ही ओशिवारा पुलिस से संपर्क किया

    पुलिस ने बिना देरी किए केस की जांच शुरू कर दी।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की फुर्ती लाई रंग

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और पुलिस निरीक्षक आनंद पगारे के मार्गदर्शन में
    ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।

    इस टीम में शामिल थे:

    • साइबर सब-इंस्पेक्टर शरद देवरे
    • एपीआई अशोक कोंडे
    • कॉन्स्टेबल विक्रम सरनोबत

    जांच में सामने आया कि
    👉 ठगी की रकम Razorpay के जरिए Croma से जुड़े एक अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी।

    💰 ऐसे वापस मिले पूरे ₹98,000

    पुलिस ने तुरंत
    👉 HDFC बैंक
    👉 Razorpay
    👉 Croma

    के नोडल अधिकारियों से ई-मेल के जरिए संपर्क किया।
    समय रहते ट्रांजैक्शन होल्ड कराया गया और
    👉 पूरी रकम अभिनेता के अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर दी गई।

    🙏 अभिनेता ने पुलिस को कहा धन्यवाद

    गजेंद्र चौहान ने
    👉 मुंबई पुलिस
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम

    की तारीफ करते हुए कहा कि
    “अगर समय पर कार्रवाई न होती तो पैसा वापस मिलना मुश्किल था।”

    🎭 गजेंद्र सिंह चौहान के बारे में

    • जन्म: 10 अक्टूबर 1956, दिल्ली
    • शिक्षा:
    • रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली
    • AIIMS से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा
    • अभिनय प्रशिक्षण: रोशन तनेजा एक्टिंग स्कूल, मुंबई

    करियर:

    • टीवी डेब्यू: Paying Guest (1983)
    • चर्चित सीरियल: राजनी, एयर होस्टेस, अदालत
    • फिल्म डेब्यू: मैं चुप नहीं रहूंगी (1986)
    • सबसे बड़ी पहचान: बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में युधिष्ठिर

    ⚠️ साइबर सेफ्टी पर पुलिस की सलाह

    • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
    • अनजान लिंक पर क्लिक न करें
    • OTP किसी से साझा न करें
    • ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. गजेंद्र चौहान के साथ कितनी रकम की ठगी हुई?
    👉 ₹98,000

    Q2. ठगी किस माध्यम से हुई?
    👉 फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए

    Q3. पैसा वापस कैसे मिला?
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से

    Q4. शिकायत कहां की गई थी?
    👉 1930 साइबर हेल्पलाइन और ओशिवारा पुलिस स्टेशन