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  • अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    मुंबई से गोवा का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में! मार्च 2026 तक पूरा होने जा रहा मुंबई–गोवा हाईवे देगा तेज़, स्मूद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव। कोकण के बीचों, फोर्ट्स और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन।

    मुंबई: लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार मुंबई–गोवा हाईवे (NH 66) अपने आखिरी चरण में पहुँच गया है। 466 किलोमीटर लंबे इस हाइवे का काम अब तेज़ी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसके पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
    अब तक जहाँ मुंबई से गोवा पहुँचने में 12–13 घंटे लगते थे, वहीं नया चार लेन वाला एक्सप्रेसवे इस सफर को आधा कर देगा — यानी अब सिर्फ 6 घंटे में आप मुंबई से गोवा पहुँच जाएंगे।

    🏗️ हाईवे का पूरा रूट और तकनीकी बदलाव

    यह हाइवे पनवेल से लेकर सिंधुदुर्ग तक फैला हुआ है और रायगढ़, रत्नागिरी जैसे जिलों से होकर गुजरता है। इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।
    इस सड़क पर सैटेलाइट ट्रैकिंग और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) आधारित स्मार्ट टोल सिस्टम लगाया जा रहा है। इसका फायदा ये होगा कि टोल बूथ पर गाड़ी रोकनी नहीं पड़ेगी — कैमरे नंबर प्लेट से ऑटोमैटिक पैसे काट लेंगे। इससे समय, ईंधन और जाम – तीनों से राहत मिलेगी।

    ⏳ देरी के कारण और अब तक की प्रगति

    इस प्रोजेक्ट को पहले दिसंबर 2023 में पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंज़ूरी के कारण देरी हुई। खासकर पनवेल से इंदापुर के बीच का हिस्सा सबसे मुश्किल था।
    अब ये सारे अड़चनें दूर कर ली गई हैं। कर्नाला सेंचुरी के इकोसिस्टम की रक्षा के लिए वहाँ फ्लाईओवर का प्लान भी रद्द कर दिया गया है।

    PWD (लोकनिर्माण विभाग) के मुताबिक, पूरे हाइवे के 10 पैकेजों में काम लगभग अंतिम चरण में है —

    • सिंधुदुर्ग: पैकेज P-9 और P-10 – 99% पूरा
    • रत्नागिरी: P-4 (92%) और P-8 (98%)
    • रायगढ़: P-2 (93%) और P-3 (82%)
      बाकी सेक्शन भी नए कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए तेजी से पूरे हो रहे हैं।

    🌴 पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया जीवन

    इस एक्सप्रेसवे के खुलने से कोकण बेल्ट का टूरिज्म और बिज़नेस दोनों को नई उड़ान मिलेगी।
    गोवा और महाराष्ट्र के बीच का ये रास्ता अब सिर्फ एक सफर नहीं रहेगा, बल्कि एक सीनिक राइड होगी — बीचों, झरनों और किलों के नज़ारों के बीच से गुजरने वाली रोमांचक यात्रा।
    स्थानीय होटल, होमस्टे, ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारों को भी बड़ा आर्थिक फायदा होगा।

    ⚙️ कनेक्टिविटी से उद्योगों को नई रफ्तार

    लॉजिस्टिक सेक्टर और औद्योगिक कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब माल ढुलाई में समय और लागत दोनों घटेंगे।
    यह सड़क मुंबई की वित्तीय राजधानी को कोकण और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बनेगी।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई–गोवा हाईवे कब तक पूरी तरह खुल जाएगा?
    👉 पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह हाईवे मार्च 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

    Q2. कुल लंबाई कितनी है?
    👉 हाईवे की कुल लंबाई 466 किलोमीटर है, जो पनवेल से सिंधुदुर्ग तक फैला है।

    Q3. क्या यह टोल रोड होगा?
    👉 हाँ, लेकिन इसमें स्मार्ट टोल सिस्टम (ANPR Technology) रहेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा।

    Q4. किसे सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा?
    👉 पर्यटकों, ट्रक ड्राइवरों, स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों को इस हाइवे से सीधा फायदा मिलेगा।

    Q5. इस हाईवे को और क्या नाम दिया गया है?
    👉 इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।

  • मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    महाराष्ट्र की सरकार ने टोल टैक्स पर बड़ा फैसला करते हुए हल्के वाहनों पर से टैक्स की वसूली को हटा दिया गया है। अब मंगलवार से नहीं लगेगा टोल टैक्स। (Mumbai becomes toll-free for light vehicles, now toll tax will not have to be paid)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने 15 अक्टूबर से मुंबई के पांचों प्रवेश प्वाइंटों पर लगने वाले टोल टैक्स को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल ने यह फैसला लेते हुए इसे दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया। इस फैसले के बाद हल्के वाहनों को मुंबई के मुख्य मार्गों यानी दहिसर, मुलुंड, ठाणे, ऐरोली और वाशी टोल प्लाजा पर टोल का भुगतान नही करना पडेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद भी भारी मोटर वाहनों पर टोल की वसूली पहले की तरह ही जारी रहेगी। इन वाहनों में बड़े टैम्पो, बसें, आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले मालवाहक ट्रक और अन्य बड़े वाहन शामिल हैं।

    राजनीति से प्रेरित

    महाराष्ट्र सरकार के इस कदम का आम लोगों ने स्वागत किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो, शिवसेना (UBT) प्रवक्ता किशोर तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल शारदा और अन्य ने इसे चुनाव में लाभ उठाने के लिए राजनीति से प्रेरित बताया है।

    टोल टेक्स के मुद्दे पर आंदोलन

    मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने टोल टेक्स के मुद्दे पर कई आंदोलन किए। जिनमें से कुछ हिंसक भी थे। जिसका नतीजा आज जाकर सामने आया है। मनसे कार्यकर्ता टोल से वसूले गए धन में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। मनसे के लोग यह जानना चाहते थे कि एकत्र किया गया पैसा वास्तव में कहां जा रहा है।

    इस मामले में राज ठाकरे ने कहा, “हमने मांग की है कि सभी सड़कें टोल-मुक्त होनी चाहिए। टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ करने के लिए हमारी आलोचना की गई। लेकिन, सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी था। कम से कम अब मुंबईकरों को टोल चुकाने से मुक्ति मिलेगी और हमें खुशी है कि हमारा आंदोलन सफल रहा।”