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  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    🩺 शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    👮‍♀️ पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    🧒 बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    💔 गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मुंबई के मालाड में दिवाली की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर छोड़ दिया गया। राहगीर ने उसकी रोने की आवाज़ सुनकर पुलिस को खबर दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल सुरक्षित है।

    मुंबई: दिवाली की रात जब पूरा मुंबई शहर रौशनी से जगमगा रहा था, तब मालाड में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में बस के पास छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि एक राहगीर ने उसकी हल्की सी रोने की आवाज़ सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित बताया।

    👶 फुटपाथ पर छोड़ी गई नवजात बच्ची

    मालाड वेस्ट के बैक रोड, बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास ये घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के मुताबिक बच्ची महज एक या दो दिन की लग रही थी और कपड़े में लिपटी हुई थी। उसके शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कुछ घंटों पहले ही वहां छोड़ा गया था।

    🚓 राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने दी त्वरित मदद

    पुलिस के अनुसार, पास से गुजर रहे एक शख्स ने जब मासूम की रोने की आवाज़ सुनी, तो तुरंत बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे साफ कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंचाया।

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया, “अगर उस राहगीर ने कुछ मिनट देर कर दी होती, तो शायद बच्ची की जान बचाना मुश्किल हो जाता। यह एक चमत्कार जैसा था कि उसकी आवाज़ किसी इंसान तक पहुंच गई।”

    🏥 शताब्दी अस्पताल में इलाज, बच्ची फिलहाल सुरक्षित

    बच्ची को तत्काल शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची में किसी गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, और उसका स्वास्थ्य सामान्य हो रहा है।

    📹 CCTV से होगी आरोपी की पहचान

    पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि बच्ची को वहां कौन लेकर आया था।”

    💓 लोगों ने दिखाई अपनापन, कई ने अपनाने की जताई इच्छा

    घटना के बाद कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भी राहगीर और पुलिस की इस इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा, “दिवाली की रात अगर किसी ने सच्ची रौशनी फैलाई है, तो वो इस मासूम को बचाने वाले हैं।”

    🙏 मानवता की मिसाल बनी मुंबई

    मुंबई अक्सर अपनी तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इस शहर में इंसानियत अब भी जिंदा है। इस राहगीर और पुलिस टीम की सूझबूझ ने एक मासूम को नया जीवन दिया।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. मालाड में नवजात बच्ची कहां मिली?
    ➡ बच्ची मालाड वेस्ट के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में मिली।

    Q2. क्या बच्ची सुरक्षित है?
    ➡ हां, बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।

    Q3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
    ➡ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    Q4. क्या बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है?
    ➡ कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह अस्पताल की निगरानी में है।