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  • BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) एक बार फिर नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव में भाजपा को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने वाली है। इसको लेकर भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। बीजेपी की इस बड़ी जीत में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आरएसएस का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस फिर एक बार राज्य में नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए अपनी कमर कस रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आरएसएस कर रही है चुनाव की तैयारी

    राज्य में विधानसभा चुनाव की तरह अब आरएसएस स्थानीय नगरपालिका और पंचायत चुनाव में भी बीजेपी को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रही है। क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के साथ ही आरएसएस की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    कहा जा रहा है कि भाजपा में अकेले नगरपालिका और पंचायत चुनाव जीतने के लिए पूरी क्षमता है। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा का चुनाव महायुति गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर जीता है और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी गठबंधन भी चुनाव की बड़ी तैयारी कर रहा है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    शिवसेना का रहा है हमेशा से कब्जा

    महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी शिवसेना का नगरपालिका और बाकी महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल दलों का पंचायती चुनाव हमेशा से कब्जा रहा है। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद इसके आकड़े बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट, शिवसेना (UBT) उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस पार्टी तीनों ही अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा हो रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आपको बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से अविभाजित शिवसेना का कब्जा रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद अब पहली बार मनपा के चुनाव होने जा रहे है। इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि किसका पलड़ा भारी होता है और किसकी नैय्या डूबती है। क्योंकि अब तक पार्टी इसलिए जीत पा रही थी क्योंकि वह विभाजित नहीं थी लेकिन अब विभाजन के बाद जनता के भी वोट बटने की ज्यादा उम्मीदें है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    भाजपा की चुनावी तैयारी

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस के नेतृत्व में अपने फ्रंट संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मुंबई से सटे भयंदर में एक बैठक भी आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की थी।
    बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भयंदर की बैठक से यह खबर आ रही है कि विधानसभा चुनाव में इसलिए बड़ी सफलता मिली, क्योंकि बीजेपी और आरएसएस साथ थी। पार्टी को आरएसएस के फ्रंट संगठनों की जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • इलेक्शन कमीशन की हो गई कमाई, महाराष्ट्र में छाप डाले नोट

    इलेक्शन कमीशन की हो गई कमाई, महाराष्ट्र में छाप डाले नोट

    Maharashtra Election: चुनाव कराने से इलेक्शन कमीशन भी पैसा कमा लेते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह साफ हो गया। महाराष्ट्र में इस बार 4 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। जिनमें से 3500 से भी ज्यादा उम्मीदवारों की बहुत बुरी तरह हार हुई है और इसका सीधा फायदा आयोग को हुआ…

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुम्बई-
    महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे सभी के सामने है। महाराष्ट्र में अब मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर भी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में अगला सीएम देवेंद्र फणडवीस होंगे या फिर से एक बार दोबारा एकनाथ शिंदे शपथ लेंगे ? ये आज शाम तक साफ हो जाने वाला है। लेकिन महाराष्ट्र में इस बार चुनाव लड़ने वाले 4,136 उम्मीदवारों में से 3,515 यानी 85 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई है। क्योंकि वह चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वोट अपने लिए हासिल करने में असफल रहे हैं। कुल मिलाकर चुनाव आयोग को जब्त जमानत राशि से 3.5 करोड़ रूपए की कमाई हो गई है, जो पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है।

    2014 के चुनाव की बात करें तो 4, 119 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और 3, 422 यानी 83.1 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी। जो 3.4 करोड़ रुपए थी‌। 2019 में 3, 237 उम्मीदवारों में से 80.5 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपनी जमानत राशि खोई थी, जिसके कारण आयोग को 2.6 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत यदि कोई उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। प्रत्येक विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार को 10,000 रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को ₹5,000 रुपए जमा करने होते हैं।

    महाराष्ट्र में किसको हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

    दो प्रमुख गठबंधनों में से, महाविकास अघाड़ी (MVA) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। जिसमें 22 सीटों पर जमानत राशि जब्त हो गई। कांग्रेस ने 9 सीटों पर जमानत राशि खो दी है। शिवसेना (UBT) ने 8 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट के 3 सीटों पर जमानत राशि को दी। किसान और मजदूर पार्टी, जो MVA का हिस्सा है उस की 2 सीटों पर जमानत राशि जप्त ‌हो गई।

    कहां हुआ सबसे ज्यादा फायदा

    महाराष्ट्र में चुनाव आयोग को सबसे ज्यादा फायदा कहां हुआ है यह भी आपको हम बता देना चाहते हैं। जमानत जप्त के मामले में नासिक जिले के बड़े खिलाड़ियों के बीच सबसे अधिक पैसों का फायदा हुआ है। यहां शिवसेना (UBT) की 2 सीटों पर, कांग्रेस की 3 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट की 1 सीट पर जमानत राशि जब्त हुई है। छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के मामले में मुंबई उपनगर में 261 और पुणे में 260 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त की गई है।

    भाजपा उम्मीदवारों की जमानत का क्या रहा?

    महाराष्ट्र में किसी भी भाजपा उम्मीदवार की जमानत राशि जब्त नहीं हुई है। हालांकि, महायोधी के घटक दल एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक उम्मीदवार ने विदर्भ के दर्यापुर (अमरावती जिला) में अपनी जमानत राशि खो दी है और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने महाराष्ट्र में 5 सीटों पर जमानत राशि खो दी। उसी जिले के मोर्शी निर्वाचन क्षेत्र में एक अनोखी स्थिति देखी गई, जहां एनसीपी के दोनों गुटों ने अपनी जमानत राशि खो दी है। कड़े मुकाबले में, भाजपा के उमेश यावलकर ने 99,683 वोट हासिल किए, जबकि एनसीपी के देवेंद्र भुयार और एनसीपी शरद पवार गुट के गिरीश कराले क्रमशः सिर्फ 34,695 और 31,843 वोट ही हासिल कर सके, जो अनिवार्य सीमा से कम था।

    राज ठाकरे के सभी उम्मीदवार हुए फैल

    अन्य छोटे दलों के भी कई उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई। जिनमें VBA, BSP और MNS ने राज्यभर में लगभग सभी सीटों पर जमानत राशि खो दी है। एक अपवाद था कि MNS के अमित ठाकरे, जिन्होंने महिम निर्वाचन क्षेत्र में हारने के बावजूद न्यूनतम सीमा को पार कर लिया था। नागपुर दक्षिण पश्चिम में देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सचिन वाघाडे, जिन्होंने अपनी जमानत राशि खो दी पर उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम इसमें भाग लेते हैं, क्योंकि हम अभी भी लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करते हैं। जबकि मैं चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने की आवश्यकता को समझता हूं। लेकिन मेरा मानना है कि पूरी जमानत जब्त करने के बजाय, 25% राशि को बरकरार रखा जाना चाहिए।

  • गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दिया है। महायुति गठबंधन में और पार्टीयों से आए नेताओं के अलावा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ही निशाना बना दिया। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    न्यूज़ डेस्क
    ठाणे-
    मुंबई से सटे ठाणे जिले का उल्हासनगर विधानसभा सीट महायुति गठबंधन के लिए राजनैतिक खलबली का विषय बन गया है। यहां भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने ही महायुति गठबंधन में शामिल दलों और पार्टी में बाहर से आए नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ ही जहर उगल दिया। इसके बाद से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण मामला बिगड़ते देख रामचंदानी ने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    चुनावी सभा में हंगामा

    उल्हासनगर में एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दिए बयान के बाद से महाराष्ट्र की सियासत गर्म हो गई है। दरअसल, उल्हासनगर से भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने कहा, कि “जिन्हें गद्दार कहा जाता है वह मुख्यमंत्री बन जाते हैं और भाजपा में आकर सब खुद्दार हो जाते हैं। बदलते समय के साथ राजनीति की परिभाषा बदल गई है।” भाजपा जिला अध्यक्ष के इस बयान से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    माहौल बिगड़ता देख लिया यू टर्न

    हालांकि, जिला अध्यक्ष के विवादित बयान के बाद से भाजपा के बड़े नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, बयान के बाद माहौल गर्म होता देख भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। बता दें कि उल्हासनगर विधानसभा सीट पर कुमार आयलानी को महायुति की ओर से चुनावी उम्मीदवार की घोषणा की गई है।मौजूदा समय में यहां से कुमार आयलानी विधायक भी है। शनिवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के मद्देनजर भाजपा की ओर से एक सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने विवादित बयान दिया। इसके बाद से यहां माहौल गर्म हो गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कब होगा चुनाव ?

    महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए राज्य में एक ही बार 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 23 नवंबर को चुनाव आयोग परिणाम घोषित करेगा। चुनाव आयोग ने इस बार एक ही टप्पे में चुनाव कार्य निपटाने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का दावा है कि इस बार उनकी सरकार बन रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे (Shivsena) अजित पवार गुट (NCP)और भाजपा (BJP) की महायुति गठबंधन का दावा है कि दूसरी बार भी उनकी ही सरकार बनेगी। हालांकि पिछ्ली बार महाविकास अघाडी गठबंधन को ही जीत मिली थी। बाद में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़ कर भाजपा ने सरकार बना ली। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कौन है गद्दार ?

    हालांकि की शिवसैनकों को तोड़कर सरकार गिराने वाले एकनाथ शिंदे को गद्दार कहा जा रहा था। लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़कर आए अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल एक बार फिर महाविकास अघाडी गठबंधन में शामिल काग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी और अन्य सहयोगी दल महाराष्ट्र में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 23 नवंबर के बाद ही इसके परिणाम सामने आएंगे। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

  • महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    Election Survey: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 पर इलेक्टोरल एज का प्री पोल सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। सर्वे में महाविकास अघाडी गठबंधन को बढ़त मिलता दिख रहा है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 के लिए महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति की गठबंधन पार्टियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से प्रचार अभियान की शुरुआत हो चुका है। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनैतिक पार्टियों ने अपने दिग्गज नेताओं का बड़े-बड़े कार्यभार सौंप दिए हैं। इस बीच एक ऐसा सर्वे सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र में महाविकास अघाडी गठबंधन (MVA) को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। इलेक्टोरल एज प्री पोल सर्वे के अनुसार राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से महाविकास अघाडी गठबंधन को 157 सीटें मिल सकती है। खासकर इसमें कांग्रेस पार्टी एक बड़ी राजनैतिक दल के रूप में उभर कर सामने आ रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    सर्वे की मानें तो महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है, जिसे 68 सीट मिलने का अनुमान है। इसके अलावा शरद पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 44, उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना (UBT) को 41, समाजवादी पार्टी को 1, सीपीआईएम को 1 और PWP को 2 सीटें मिल सकती है। इसके अलावा शिवसेना (UBT) के नेता महाविकास अघाडी गठबंधन की ओर से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बताते हैं। सर्वे में कांग्रेस अगर सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो फिर सीएम पद को लेकर खींचतान देखने को मिल सकता है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    2019 के चुनाव में क्या हुआ?

    2019 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय कांग्रेस को 44 सीटें मिली थी। सर्वे की मानें तो इस बार कांग्रेस की सीटों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। 2019 में शिवसेना एक ही थी। लेकिन अब दो हिस्सों में बंट गई है। तब एक ही पार्टी हुआ करती थी, जिसके कर्ताधर्ता उद्धव ठाकरे थे और पिछले विधानसभा चुनाव में शिवसेना को 56 सीटें मिले थे। यहीं हाल एनसीपी का भी है। 2019 में जब शरद पवार और अजित पवार साथ थे तो एनसीपी को 54 सीटें मिली थी, लेकिन अब दोनों पार्टियां दो टुकड़ों मे बंट चुकी हैं। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    बनेगी महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार

    सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र में महायुति को मात्र 117 सीटें मिल सकती है, जिसमें से सबसे अधिक बीजेपी 79 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट को 23 सीटें मिलने का अनुमान है। अजित पवार गुट के एनसीपी को 14 सीटें मिलेंगी, RYSP को एक सीट और अन्य को 14 सीटें मिल सकती है। ऐसे मे साफ है कि महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार फिर से महाराष्ट्र मे सत्ता स्थापित करने जा रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

  • राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राज को देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई उपाध्यक्ष का पद देकर सम्मानित किया। मुंबई के सायन कोलीवाडा से टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज़ चल रहे थे। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राजा अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार की मौजूदगी में पार्टी प्रवेश किया। रवि राज पिछले 44 वर्षों से कांग्रेसी नेता के रूप में काम कर रहे थे। इस बार चुनावी टिकट को लेकर मन मुटाव के बीच रवि राज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    कांग्रेस पार्टी से नाराज

    इसके पहले रवि राज राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मिलकर भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। कांग्रेस से इस्तीफे के बाद तुरंत भारतीय जनता पार्टी ने अपना मंच साझा करते हुए रवि राजा को मुंबई भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। राजा सायन कोलीवाड़ा विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज थे। वह इस बात से भी परेशान थे कि कांग्रेस ने मुंबई के विकास में उनके काम और योगदान को मान्यता नहीं दी और न ही उसकी सराहना की। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    महायुति की BMC पर नजर

    रवि राजा ने अपना इस्तीफा सीधे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा। कांग्रेस पार्टी ने सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से गणेश यादव को चुनावी मैदान में उतारा है।राजा का यह फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा नुकसान और भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह ऐसे समय में हुआ, जब महायुति मुंबई में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने और महा विकास अघाड़ी को हराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुंबई में 36 विधानसभा सीटों पर महायुति और महाविकास अघाडी गठबंधन वाले दलों के बीच घमासान युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच अपक्ष उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। महायुति बीएमसी पर नजर रखते हुए अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए काफी उत्सुक है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    भाजपा को होगा लाभ

    उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में पांच बार पार्षद (नगरसेवक) रहे राजा का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि मुंबई की राजनीति में उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी को इससे बहुत लाभ होगा। राजा एक अनुभवी पार्षद (Councilor) हैं। वह 23 वर्षों से अधिक समय से बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन निगम (BEST) के सदस्य रहे हैं। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    और भी दलों के नेता भाजपा में शामिल होंगे

    उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न दलों के और भी नेता भाजपा में शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं रवि राजा ने कहा, “मैंने 44 साल बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मैं भारतीय जनता पार्टी मे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। यह पहले से तय है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और राज्य में महायुति सरकार के काम को देखते हुए महायुति सरकार फिर से सत्ता में आएगी।” राजा ने कहा कि सायन कोलीवाड़ा से भाजपा उम्मीदवार तमिल सेल्वन की जीत निश्चित है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

  • त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    महाराष्ट्र में चुनाव के बीच पर प्रांतीय वोटरों की कमी देखने को मिल सकती है। मुंबई से भर-भर कर जा रहे हैं लोग। ट्रेनों में देखी जा रही है खचाखच भीड़। (Due to festivals in Mumbai, votes of provincials will be less)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मुंबई एवं महाराष्ट्र में पर प्रांतीयो के वोट पर चिंता जताई जा रही है। देशभर में दिवाली और छठ के त्यौहार के बीच चुनाव की घोषणा उत्तर भारतीय उम्मीदवारों के लिए परेशानी का सबब साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस बार मतों की संख्या 35 से 40 प्रतिशत के बीच ही सिमट कर रह जाएगी। मतगणना के दिन ऐसा नजारा देखने को मिल सकता है।

    कब होगा चुनाव

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की मतगणना 23 नवंबर को होगी। इसी समय देश में त्यौहारी सीजन चल रहा है। दिवाली के साथ-साथ छठ पूजा के लिए राज्य के परप्रांती उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल की ओर कूच कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर चुनावी उम्मीदवार इन्ही के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे हैं। लेकिन इन लोगों को अपने गांव जाने से नहीं रोक पा रहे हैं।

    मुंबई की जनसंख्या

    दोहरी राजधानी कही जाने वाली मुंबई यानी महाराष्ट्र की राजधानी के अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ 25 लाख के आसपास है। जबकि यहां 36 विधानसभा सीटों पर लगभग सैकड़ो की संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। लेकिन मुंबई का ज्यादातर परप्रांती समूह त्यौहार के कारण यहां से प्रस्थान कर रहा है। यूपी बिहार के लिए ट्रेनों मे जगह नही होने के बावजूद चालू डिब्बे में खचाखच भीड़ देखी जा रही है। इसी को लेकर पिछले दिनों बांद्रा टर्मिनस पर लोग हादसे का शिकार हो गए। भीड़ की धक्कामुक्की में 10 लोग घायल हो गए थे जिनमें से 2 लोगों की हालत अभी भी क्रिटिकल बनी हुई है।

    महायुति और महाविकास अघाडी में टक्कर

    महाराष्ट्र में पक्ष विपक्ष के दो गठबंधन वाले समुह के बीच खास कर चुनाव देखा जा रहा है। महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस 102 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, तो वहीं उद्धव ठाकरे गुट (UBT) की शिवसेना 96 सीटों के लिए अपना प्रत्याशी उतार चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट 86 सीटों पर अपना दाव खेल रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी (SP) 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। साथ ही, शेतकरी कामगार पक्ष 2 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही है। इसके साथ ही महायुति गठबंधन में भाजपा (BJP) 148 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट 80 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट के 53 उम्मीदवारों लिस्ट जारी की गई है। महायुति मे राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) वर्ली के 1 सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं भाजपा के चुनाव चिन्ह पर महायुति गठबंधन के मित्र पक्ष 6 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

  • Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui Murder case: बाबा सिद्दीकी मर्डर के सिलसिले में जांच कर रही मुंबई पुलिस को आज शुक्रवार एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पनवेल में छापेमारी करते हुए 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कहते हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का बिश्नोई गैंग से था संपर्क.. (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    NCP के नेता बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में मुंबई पुलिस लगातार जांच कर गिरफ्तारी कर रही है। पुलिस ने आज इस मामले में छापेमारी करते हुए 5 और लोगों को गिरफ्तार किए है। इसके साथ ही सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मर्डर केस में सभी के संपर्कों को खंगाला कर जांच की जा रही है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

    मुंबई पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आज शुक्रवार को रायगढ़ जिले के पनवेल इलाके में छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ पनवेल और कर्जत यूनिटों ने भाग लिया। जिन 5 आरोपियों को दबोचा गया है, उनके नाम 32 वर्षीय नितिन गौतम सप्रे डोंबिवली का रहने वाला, 44 वर्षीय संभाजी किशन पारबी अंबरनाथ का रहने वाला, 43 वर्षीय राम फूलचंद कन्नौजिया पनवेल का रहने वाला, 37 वर्षीय प्रदीप तोंबर अंबरनाथ का रहने वाला और 33 वर्षीय चेतन दिलीप पारधी अंबरनाथ का रहने वाला बताया जा रहा है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    हथियार पहुंचाने का आरोप

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नितिन और राम कनौजिया बाबा सिद्दीकी ह्त्या कांड के गिरफ्तार सभी आरोपियों के मुखिया थे। इसी ग्रुप ने गोली चलाने वाले आरोपियों को हथियार पहुंचाए थे। पुलिस की तरफ से ऐसा बताया गया है कि ये दोनों, शूटर धर्मराज कश्यप और शिवकुमार के साथ भी टच में थे। कर्जत में आरोपियों के साथ 2 महीने तक रहे भी थे। इन्होंने आरोपियों को पैसे और लोकल मदद दिलवाने में मदद कराई थी। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    संपर्क और अपराध का खुलासा

    सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए पांचों आरोपी जीशान अख्तर और शुभम लोनकर के टच में भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी नितिन के खिलाफ इस केस के अलावा और भी 3 अपराधिक मामले दर्ज है। इसके खिलाफ मर्डर, हाफ मर्डर, और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। वहीं राम कुमार पर भी कुछ आरोप दर्ज हैं। इन लोगों ने सितंबर के आसपास आरोपियों को हथियार सप्लाई किए थे। जिसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेन शूटर्स ने कई दिन की रेकी करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दे दिया। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

  • मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    महाराष्ट्र की सरकार ने टोल टैक्स पर बड़ा फैसला करते हुए हल्के वाहनों पर से टैक्स की वसूली को हटा दिया गया है। अब मंगलवार से नहीं लगेगा टोल टैक्स। (Mumbai becomes toll-free for light vehicles, now toll tax will not have to be paid)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने 15 अक्टूबर से मुंबई के पांचों प्रवेश प्वाइंटों पर लगने वाले टोल टैक्स को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल ने यह फैसला लेते हुए इसे दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया। इस फैसले के बाद हल्के वाहनों को मुंबई के मुख्य मार्गों यानी दहिसर, मुलुंड, ठाणे, ऐरोली और वाशी टोल प्लाजा पर टोल का भुगतान नही करना पडेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद भी भारी मोटर वाहनों पर टोल की वसूली पहले की तरह ही जारी रहेगी। इन वाहनों में बड़े टैम्पो, बसें, आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले मालवाहक ट्रक और अन्य बड़े वाहन शामिल हैं।

    राजनीति से प्रेरित

    महाराष्ट्र सरकार के इस कदम का आम लोगों ने स्वागत किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो, शिवसेना (UBT) प्रवक्ता किशोर तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल शारदा और अन्य ने इसे चुनाव में लाभ उठाने के लिए राजनीति से प्रेरित बताया है।

    टोल टेक्स के मुद्दे पर आंदोलन

    मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने टोल टेक्स के मुद्दे पर कई आंदोलन किए। जिनमें से कुछ हिंसक भी थे। जिसका नतीजा आज जाकर सामने आया है। मनसे कार्यकर्ता टोल से वसूले गए धन में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। मनसे के लोग यह जानना चाहते थे कि एकत्र किया गया पैसा वास्तव में कहां जा रहा है।

    इस मामले में राज ठाकरे ने कहा, “हमने मांग की है कि सभी सड़कें टोल-मुक्त होनी चाहिए। टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ करने के लिए हमारी आलोचना की गई। लेकिन, सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी था। कम से कम अब मुंबईकरों को टोल चुकाने से मुक्ति मिलेगी और हमें खुशी है कि हमारा आंदोलन सफल रहा।”