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  • Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Versova Redevelopment Scam – EOW ने 55 करोड़ रुपये के हाउसिंग फ्रॉड मामले में कोल्हापुर के डेवलपर Amrut Mahendrakar को गिरफ्तार किया। Versova building redevelopment के नाम पर फ्लैट गिरवी रखकर और बेचकर की गई बड़ी ठगी का खुलासा।

    मुंबई: मुंबई में Versova redevelopment scam से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर की Economic Offences Wing (EOW) – Mumbai Police ने 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में कोल्हापुर के एक डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Versova, Andheri स्थित एक पुराने बिल्डिंग के पुनर्विकास (redevelopment project) के नाम पर समाज के सदस्यों के फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना mortgage और sale कर दिया गया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज, नकली एग्रीमेंट और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया।

    EOW ने कोल्हापुर के डेवलपर को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की EOW Housing Unit ने इस मामले में Amrut Uttam Mahendrakar (34) को गिरफ्तार किया है। महेंद्रकर कोल्हापुर जिले के Ichalkaranji का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे real estate fraud case में मुख्य आरोपी की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और फ्लैट्स की अवैध बिक्री व मॉर्गेज प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई

    पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी

    इस मामले में इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अगस्त 2025 में पुलिस ने Amarjit Shukla को गिरफ्तार किया था, जो Mid City Heights नाम की कंपनी का मालिक बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार Mahendrakar इस केस में गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी है और जांच में अभी और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    Versova की हाउसिंग सोसाइटी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Versova Police Station में दर्ज किया गया था। शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने दर्ज कराई थी, जो Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society से जुड़ी हैं।

    जानकारी के मुताबिक इस सोसाइटी ने 2015 में Midcity Heights Partnership Firm को अपनी पुरानी बिल्डिंग के redevelopment project के लिए नियुक्त किया था।

    13 परिवारों को नए घर देने का दिया गया था वादा

    डेवलपर कंपनी ने सोसाइटी के 13 निवासियों, जिनके पास कुल 14 फ्लैट थे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर नए फ्लैट देने का भरोसा दिया था।

    लेकिन जब प्रोजेक्ट आगे बढ़ा तो सोसाइटी के सदस्यों को शक हुआ कि Permanent Alternate Accommodation Agreement (PAAA) के तहत उन्हें मिलने वाले फ्लैट्स के साथ धोखाधड़ी हो रही है।

    बिना अनुमति फ्लैट्स को गिरवी रखकर बेच दिया गया

    जांच के दौरान सामने आया कि सोसाइटी के सदस्यों को मिलने वाले कई फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना ही बैंकों के पास गिरवी (mortgage) रखा गया

    इतना ही नहीं, इन्हीं फ्लैट्स को तीसरे पक्ष (third parties) को बेचने के भी आरोप लगे हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

    फर्जी दस्तावेज और नकली स्टैम्प का इस्तेमाल

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी Amarjit Shukla और उसके साथियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए

    इनमें कथित तौर पर:

    • Fake agreements for sale
    • Joint Deputy Registrar के जाली हस्ताक्षर
    • Counterfeit stamps और forged paperwork

    का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन उठाए गए, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹55 करोड़ तक पहुंच गया।

    जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे

    EOW अधिकारियों के मुताबिक यह मामला Mumbai real estate fraud के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस Versova redevelopment scam में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने बैंक या वित्तीय संस्थान इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाला क्या है?

    यह एक real estate fraud case है जिसमें redevelopment के नाम पर सोसाइटी के फ्लैट्स को बिना अनुमति गिरवी रखकर और बेचकर करीब ₹55 करोड़ की ठगी की गई।

    2. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?

    Amrut Uttam Mahendrakar, जो कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी का निवासी है।

    3. पहले किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया था?

    इस केस में पहले Amarjit Shukla, Mid City Heights का मालिक, गिरफ्तार किया गया था।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने Versova पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

    5. सोसाइटी का नाम क्या है?

    Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।

  • मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला उजागर, एक ही फ्लैट 8 लोगों को बेचकर 1.47 करोड़ की ठगी। तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    मुंबई : शहर में रियल एस्टेट से जुड़े घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला गोरेगांव इलाके से जुड़ा है, जहां एक ही MHADA फ्लैट को आठ अलग-अलग लोगों को दिखाकर करीब 1.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    आरोपियों के नाम तुषार साटम उर्फ राजू, किरण बोडके और अशोक इंगोले बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इन तीनों ने इसी तरह और भी कई लोगों को ठगा हो सकता है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    शिकायतकर्ता महिला के साथ 34 लाख की ठगी

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला मालाड इलाके की रहने वाली हैं। उन्हें गोरेगांव के पहाड़ी इलाके में स्थित MHADA इमारत का एक फ्लैट दिखाया गया। आरोपियों ने बताया कि यह फ्लैट अक्षय चव्हाण नाम के शख्स के नाम पर है और इसे 47 लाख रुपए में बेचना है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    महिला को झांसा देकर उनसे किस्तों में 34 लाख रुपए ले लिए गए। लेकिन तय समय पर न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही किसी तरह के कागज़ात सौंपे गए। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    एक फ्लैट बेचा आठ लोगों को

    जब महिला ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में महिला ने जानकारी निकाली तो पता चला कि यह फ्लैट सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि सात और लोगों को बेचा गया था। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    यानि कि एक ही फ्लैट का आठ अलग-अलग खरीदारों से सौदा कर लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    कुल ठगी 1.47 करोड़ रुपए तक पहुंची

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केवल महिला से ही नहीं बल्कि अन्य सात लोगों से भी पैसे लिए थे। कुल मिलाकर इन तीनों ने आठ लोगों से 1 करोड़ 47 लाख 75 हजार रुपए वसूले थे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    लेकिन किसी को भी फ्लैट का कब्जा नहीं मिला और न ही कोई कानूनी दस्तावेज़। इस तरह सभी पीड़ितों के साथ खुली ठगी की गई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    फिलहाल, गोरेगांव पुलिस ने इस मामले में तुषार साटम, किरण बोडके और अशोक इंगोले के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि इन तीनों ने इस तरह के और भी सौदे किए होंगे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    जांच अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को फ्लैट दिखाकर और फर्जी सौदे करके पैसे ठग रहा था। इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    रियल एस्टेट घोटालों पर सवाल

    मुंबई जैसे शहर में जहां घर लेना पहले ही आम आदमी के लिए मुश्किल है, वहां इस तरह की ठगी घटनाएं लोगों के लिए और भी परेशानी बढ़ा रही हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    MHADA फ्लैट आम तौर पर आम जनता के लिए किफायती दामों में उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन फर्जी दलाल और ठग गैंग इस पर भी कब्जा जमाकर लोगों से करोड़ों वसूल रहे हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस ने लोगों को किया आगाह

    इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी फ्लैट या प्रॉपर्टी का सौदा करने से पहले उसके कानूनी दस्तावेज़, ओनरशिप और MHADA की ऑथेंटिकेशन ज़रूर जांच लें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    साथ ही किसी भी तरह के कैश ट्रांजेक्शन से बचें और पेमेंट केवल आधिकारिक चैनल से ही करें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people