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  • Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Goregaon के Hanuman Tekri इलाके में एक homeless scrap collector की हत्या के मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पत्थर से हमला कर हत्या की गई।

    मुंबई: Goregaon इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेघर कचरा बीनने वाले की हत्या कर दी गई। इस मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    Hanuman Tekri के पास मिला घायल व्यक्ति

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि Goregaon के Hanuman Tekri इलाके के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है

    पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत Jogeshwari East के Trauma Care Hospital ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

    पहले ADR केस दर्ज, बाद में हत्या का शक

    शुरुआत में Vanrai Police ने मामले को Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया था।

    लेकिन शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर पर गंभीर चोटें दिखाई दीं। यह चोटें संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी

    मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए कुछ समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

    इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग investigation teams बनाईं और मृतक की तस्वीरें Goregaon-Dahisar belt में काम करने वाले scrap collectors के बीच दिखाई गईं।

    पुलिस ने करीब 50 से 70 कचरा बीनने वालों को फोटो दिखाए। आखिरकार उनमें से कुछ लोगों ने मृतक की पहचान Azhar के रूप में की।

    Azhar के साथ काम करते थे दो साथी

    जांच में सामने आया कि Azhar scrap collection का काम करता था और उसके साथ दो लोग अक्सर काम करते थे —

    • Suresh उर्फ “Kaliya”
    • Salim उर्फ “Nepali”

    पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि घटना वाले दिन से ही दोनों साथी लापता थे, जिससे उन पर शक और मजबूत हो गया।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

    अस्पताल से आई post-mortem report में पुष्टि हुई कि Azhar की मौत सिर पर हमले से लगी चोटों के कारण हुई

    इसके बाद पुलिस ने unknown persons के खिलाफ murder case दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    Haryana और Malad से दोनों आरोपी गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने Suresh उर्फ “Kaliya” को Haryana से ट्रेस कर हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी Salim उर्फ “Nepali” के साथ मिलकर Azhar की हत्या की थी।

    इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी Salim को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    पत्थर से सिर पर वार कर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था।

    बहस के दौरान आरोपियों ने पत्थर से Azhar के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    अब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान Azhar के रूप में हुई है, जो scrap collector का काम करता था।

    Q2. हत्या किस वजह से हुई?
    पुलिस के अनुसार scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस केस में दो आरोपी — Suresh उर्फ Kaliya और Salim उर्फ Nepali को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    एक आरोपी को Haryana से और दूसरे को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    इस केस की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।

  • मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में दो दोस्तों ने आइसक्रीम विक्रेता से झगड़े के बाद उसका ठेला चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 हजार रुपये का ठेला बरामद कर लिया है।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में एक अजीबो-गरीब चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को खुश करने के लिए आइसक्रीम का ठेला चुरा लिया।
    मामला वनराई पुलिस स्टेशन (Vanrai Police Station) क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठेला बरामद कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

    🤝 दोस्ती निभाने के लिए किया ‘ठेला चोरी’ का कारनामा

    पुलिस जांच में सामने आया कि अरविंद यादव की एक आइसक्रीम विक्रेता से किसी बात पर बहस हो गई थी। नाराज़ होकर उसने अपने दोस्त रामदुलारे मोरिया से कहा —

    “जो इस वेंडर को परेशान करेगा, वही मुझे सबसे ज़्यादा खुश करेगा।”

    दोस्त की यह बात सुनकर मोरिया ने उसी रात ठेला चुराने की योजना बना ली।
    वह गोरेगांव ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास से आइसक्रीम का ठेला उठाकर मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे छोड़कर फरार हो गया।

    🍦 ठेलेवाले ने दर्ज कराई शिकायत

    पीड़ित विक्रेता शंकरलाल दलीचंद गदरी (20), जो गोरेगांव ईस्ट के रामनगर, घसबाज़ार इलाके का निवासी है, रोज़ाना जयकोच जंक्शन पर आइसक्रीम बेचता है।
    वह हर रात अपने ठेले को चेन लगाकर वहीं छोड़ देता था। लेकिन 5 नवंबर को जब वह वापस पहुंचा, तो ठेला गायब मिला।

    दो दिनों तक खुद तलाश करने के बाद उसने वनराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर चोरी किए गए ठेले को ट्रेस किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


    🚓 पुलिस ने की तेज़ कार्रवाई, ठेला बरामद

    पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने ठेला चुराने के बाद उसे फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दिया था।
    पुलिस ने वहां से ठेला बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
    पुलिस के अनुसार,

    “दोनों ने कबूल किया कि उनका मकसद चोरी नहीं बल्कि विक्रेता को परेशान करना था।”


    ⚖️ कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    दोनों आरोपियों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
    वनराई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं दोनों आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं थे।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 यह घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके के वनराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है।
    Q2. आरोपियों के नाम क्या हैं?
    👉 आरोपियों के नाम अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) हैं।
    Q3. उन्होंने आइसक्रीम का ठेला क्यों चुराया?
    👉 अपने दोस्त को खुश करने के लिए, क्योंकि उसका आइसक्रीम वाले से झगड़ा हुआ था।
    Q4. क्या पुलिस ने ठेला बरामद कर लिया है?
    👉 हां, पुलिस ने ठेला मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया है।
    Q5. दोनों पर क्या कार्रवाई की गई है?
    👉 दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पॉक्सो केस में आरोपी फरहान साकिब खान (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई। केस की जांच एमएचबी पुलिस टीम ने की थी।

    मुंबई: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज पॉक्सो अपराध के आरोपी फरहान साकिब खान (27 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। आरोपी को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल मिलाकर कई सजाएँ दी गईं, जिनमें धारा 363, 376(2)(n), 506(2) भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1)(m) व 6 शामिल हैं।

    ⚖️ अदालत का फैसला

    माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नंबर 13) ने आदेश में कहा कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है,
    इसलिए उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का आर्थिक दंड दिया जाता है।
    यदि दंड राशि अदा नहीं की गई, तो आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

    इसके अलावा, अन्य धाराओं के तहत —

    • धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माना,
    • धारा 376(2)(n) (बलात्कार) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास,
    • धारा 506(2) (धमकी देना) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

    सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)।

    👮‍♂️ पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव ने आरोपपत्र (Chargesheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
    मुकदमे के दौरान सरकारी अभियोक्ता देवतरसे साहब, चव्हाण मैडम और जाधव मैडम ने केस की पैरवी की।

    पूरी जांच और कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो. नि. अतुल आव्हाड (गुन्हे विभाग), और मा. पो. आ. घनवटे सर के मार्गदर्शन में की गई।
    न्यायालयीन कार्यवाही की निगरानी म. पो. ह. सातपुते ने की।

    🧾 मामले का पृष्ठभूमि (Case Background)

    यह मामला एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 288/2019 के तहत दर्ज किया गया था।
    आरोपी फरहान खान पर नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण का आरोप था।
    पुलिस ने जांच पूरी कर 2019 में ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
    लगातार सुनवाई के बाद आज न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

    🧠 जनहित के नज़रिए से

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से सुरक्षा देना है।
    यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सज़ा कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगी और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाएगी।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा मिली है?
    👉 आरोपी को कुल 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का जुर्माना लगाया गया है।
    प्रश्न 2: केस किस पुलिस थाने में दर्ज था?
    👉 यह केस एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज था।
    प्रश्न 3: जांच अधिकारी कौन थे?
    👉 तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव थे।
    प्रश्न 4: फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
    👉 यह फैसला माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नं. 13) ने सुनाया।
    प्रश्न 5: पुलिस टीम में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
    👉 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो.नि. अतुल आव्हाड, मा.पो.आ. घनवटे सर और म.पो.ह. सातपुते इस केस में शामिल थे।

  • Mumbai News: गोवंडी में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर तलवार-डंडों से हमला, 6 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: गोवंडी में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर तलवार-डंडों से हमला, 6 आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के गोवंडी इलाके में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया। मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया है।

    मुंबई: नवरात्रि के मौके पर जहां पूरे शहर में माता दुर्गा की जयकार गूंज रही है, वहीं गोवंडी इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में रविवार देर रात माता दुर्गा की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ लोगों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।

    भक्तों को पीटा, मूर्ति खंडित

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, भक्त जयकारा लगाते हुए मूर्ति ले जा रहे थे। तभी कुछ उपद्रवियों ने पहले उन्हें गाना बजाने से रोका, फिर जयकारा लगाने से मना किया। जब भक्तों ने “जय माता दी” के नारे लगाए, तो आरोपियों ने अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया और कई लोग घायल हो गए।

    पुलिस की फौरन कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए FIR दर्ज की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इलाके में अतिरिक्त पुलिसबल तैनात कर दिया गया है ताकि हालात काबू में रहें।

    श्रद्धालुओं की आपबीती

    एक भक्त ने बताया, “हम शांतिपूर्वक मूर्ति ले जा रहे थे। हमने बस जयकारा लगाया था, लेकिन अचानक वो लोग तलवार-डंडे लेकर आ गए और हमें पीटना शुरू कर दिया।”
    इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया, लेकिन पुलिस का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है।

    पुलिस का बयान

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, “दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई थी। देवी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।”

    ❓ FAQ Section

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 घटना मुंबई के गोवंडी इलाके के अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में हुई।

    Q2. भक्तों पर क्यों हमला किया गया?
    👉 श्रद्धालुओं का कहना है कि जब उन्होंने “जय माता दी” का जयकारा लगाया तो उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।

    Q3. मूर्ति को क्या नुकसान हुआ?
    👉 हां, मूर्ति को खंडित कर दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।

    Q5. क्या स्थिति अब नियंत्रण में है?
    👉 हां, पुलिस के मुताबिक इलाके में फिलहाल शांति है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।