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  • गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए करता था बाइक चोरी, दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए करता था बाइक चोरी, दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    मुंबई के गोरेगांव और कुरार इलाके में गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए लगातार दोपहिया वाहन चोरी करने वाले 26 वर्षीय युवक को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 3 चोरी की बाइक बरामद, पहले भी 7 मामलों में जा चुका है जेल।

    मुंबई: गोरेगांव और कुरार इलाके में 26 साल के सादिक खुर्शीद शेख ने गर्लफ्रेंड को रोज नई बाइक पर घुमाने के लिए कई दोपहिया वाहन चोरी किए। पेट्रोल खत्म होते ही वह बाइक छोड़ देता था। दिंडोशी पुलिस ने CCTV फुटेज, मुखबिर और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसे 5 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 1.10 लाख रुपये की तीन चोरी की बाइक बरामद हुई हैं और तीन पुराने केस भी सुलझ गए हैं।

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    🔎 कैसे खुला बाइक चोरी का मामला?

    9 जनवरी को फिल्म सिटी रोड, गोरेगांव पूर्व से एक Honda Activa 5G चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई। इसके बाद दिंडोशी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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    DCP जोन XII महेश चिमटे और सीनियर इंस्पेक्टर महेंद्र शिंदे के मार्गदर्शन में PSI अजीत देसाई और उनकी टीम ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और टेक्निकल सर्विलांस से आरोपी तक पहुंच बनाई।

    🚔 आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

    पुलिस के मुताबिक, सादिक शेख के खिलाफ पहले से ही कुरार और दिंडोशी पुलिस स्टेशन में आधा दर्जन से ज्यादा बाइक चोरी के मामले दर्ज हैं।

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    • 7 मामलों में जेल की सजा काट चुका है
    • नशे की लत से परेशान परिवार
    • कई बार रिहैब सेंटर भेजा गया
    • बहनों ने परेशान होकर घर से निकाला

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसकी बहनों ने पहले जमानत में मदद की थी, लेकिन आदत नहीं सुधरने पर उन्होंने कानूनी मदद देना बंद कर दिया।

    🏍️ Modus Operandi: रोज नई बाइक पर गर्लफ्रेंड के साथ राइड

    आरोपी का तरीका बेहद अजीब था।

    • भीड़भाड़ वाले इलाके से बाइक चोरी
    • गर्लफ्रेंड को “स्टाइल” दिखाने के लिए घुमाना
    • पेट्रोल खत्म होते ही बाइक सड़क पर छोड़ देना
    • फिर अगली बाइक चोरी करना
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    पुलिस का कहना है कि वह फ्लैशी लाइफस्टाइल दिखाकर गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करना चाहता था।

    📍 बरामदगी और सुलझे केस

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने:

    • 3 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद
    • कुल कीमत ₹1.10 लाख
    • दिंडोशी के 2 और कुरार का 1 केस सुलझा

    फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और आगे की जांच जारी है।

    📊 Mumbai Crime Trend: बढ़ती बाइक चोरी की घटनाएं

    मुंबई में पिछले कुछ समय से Two Wheeler Theft Cases, Scooter Theft in Mumbai, और Bike Chori Mumbai News जैसे मामलों में इजाफा देखा गया है। पुलिस लगातार CCTV मॉनिटरिंग और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए अपराधियों पर नकेल कस रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    5 फरवरी को दिंडोशी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

    Q2. कितनी बाइक बरामद हुई?

    तीन चोरी की दोपहिया वाहन बरामद की गईं।

    Q3. आरोपी पर कौन सी धारा लगी है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज है।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?

    हाँ, वह 7 मामलों में सजा काट चुका है।

    Q5. बाइक चोरी का मुख्य कारण क्या था?

    गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने और फ्लैशी लाइफस्टाइल दिखाने के लिए वह बाइक चोरी करता था।

  • टीवी सीरियल एक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार

    टीवी सीरियल एक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गोडाउन से चोरी हुई इंट्रा V70 पिकअप गाड़ी को आरे पुलिस ने कुछ ही दिनों में बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार कर 4.20 लाख रुपये की गाड़ी जब्त की है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलनी इलाके में गोडाउन पार्किंग से चोरी हुई पिकअप गाड़ी के मामले में आरे पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए टीवी सीरियल मे काम करने वाले टीवी एक्टर ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही चोरी की गई इंट्रा V70 पिकअप (कीमत करीब 4.20 लाख रुपये) को भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी पहले पीड़ित के यहां काम कर चुका था और उसी ने मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।

    🚓 आरे पुलिस की तेज कार्रवाई

    आरे पुलिस स्टेशन ने मोटर वाहन चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शातिर चोर को गिरफ्तार कर चोरी की गई गाड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई अपराध प्रकटीकरण पथक द्वारा की गई, जिससे इलाके में वाहन चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। इस चोर की खास बात यह है कि ब्रजेश हिंदी टीवी सीरियलों मे एक्टर का काम करता है। पुलिस भी हैरान है कि उसे चोरी क्यो करनी पड़ी।

    🏭 गोडाउन पार्किंग से चोरी हुई पिकअप

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रंजीत कुमार राजदेव मिश्रा (42 वर्ष) ने आरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी इंट्रा V70 पिकअप गाड़ी (MH 03 EG 7277) को आरे कॉलनी, गोरेगांव पूर्व स्थित अंबावाड़ी यूनिट नंबर 31 के गोडाउन पार्किंग में खड़ा किया था।

    29 फरवरी की रात 11:30 बजे से 18 जनवरी 2026 की सुबह 8:00 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाड़ी चोरी कर ली।

    🚛 करीब 4.20 लाख रुपये की गाड़ी चोरी

    चोरी की गई गाड़ी इंट्रा V70 पिकअप थी, जिसकी अनुमानित कीमत 4,20,000 रुपये बताई गई है। यह वाहन व्यवसायिक उपयोग में था, जिससे पीड़ित को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

    📝 मामला दर्ज होते ही जांच शुरू

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 21/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दल ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ पूर्व कर्मचारी पर गया शक

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शिकायतकर्ता के यहां पहले काम कर चुका एक युवक वारदात के बाद इलाके में संदिग्ध रूप से घूमता देखा गया था। आरोपी की पहचान ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर (28 वर्ष) के रूप में हुई।

    📍 गोरेगांव पूर्व से आरोपी गिरफ्तार

    गुप्त सूचना के आधार पर आरे पुलिस की टीम ने गोरेगांव पूर्व के संतोष नगर इलाके में जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में लिया। उसे आरे पुलिस स्टेशन लाकर जब पूछताछ की गई, तो उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन के शादी के लिए पैसों की जरूरत थी और काम नही मिलने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।

    🔑 चोरी की गाड़ी बरामद

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई इंट्रा V70 पिकअप (MH 03 EG 7277) को बरामद कर लिया। वाहन को पंचनामा कर जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    👤 आरोपी का विवरण

    नाम: ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर
    उम्र: 28 वर्ष

    पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई। अपराध प्रकटीकरण टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।


    FAQ सेक्शन

    Q1. गाड़ी कहां से चोरी हुई थी?
    आरे कॉलनी, गोरेगांव पूर्व स्थित गोडाउन पार्किंग से।

    Q2. चोरी हुई गाड़ी कौन-सी थी?
    इंट्रा V70 पिकअप (MH 03 EG 7277)।

    Q3. आरोपी कैसे पकड़ा गया?
    पूर्व कर्मचारी होने के संदेह और गुप्त सूचना के आधार पर।

    Q4. गाड़ी की कीमत कितनी है?
    करीब 4.20 लाख रुपये।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ठगने वाला शातिर ठग Andheri police के हत्थे चढ़ा, 40 से ज्यादा वारदातों का खुलासा, इगतपुरी स्टेशन से गिरफ्तारी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और आसपास ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और इगतपुरी में मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर सीरियल ठग को Andheri police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नाम और धार्मिक बहाने का इस्तेमाल कर वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा जीतता था और सोने के गहने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने 50 वर्षीय आरोपी अनवर अब्दुल हमीद शेख को इगतपुरी रेलवे स्टेशन से दबोचा है, जो अब तक 40 से ज्यादा ठगी की वारदातों में शामिल पाया गया है।

    👤 कौन है गिरफ्तार आरोपी

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनवर अब्दुल हमीद शेख (50) के रूप में हुई है। वह कुरला वेस्ट के कुरैशी नगर स्थित सोनाजी चाल का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अलग-अलग नामों से पहचान कराता था, जैसे — श्याम, राम, गणेश, महेश, रमेश और सुरेश, ताकि लोग उस पर शक न करें।

    🎯 बुजुर्ग मंदिर-भक्त बनते थे आसान शिकार

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता था जो रोज़ मंदिर जाते थे। वह उन्हें फॉलो करता, बातचीत शुरू करता और खुद को धार्मिक और भरोसेमंद दिखाता था। उसकी पूरी योजना बुजुर्गों की आस्था और सरलता का फायदा उठाने पर आधारित थी।

    🪔 ठगी का तरीका: दान और पूजा का झांसा

    पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कटलरी का कारोबारी बताता और दावा करता कि अब उसका खुद का शोरूम है। इसके बाद वह पीड़ित को ₹5000 देते हुए कहता कि वह यह रकम भगवान को चढ़ाना चाहता है।
    फिर वह एक और चाल चलता — वह कहता कि पूजा के लिए उसके पास सोना नहीं है और पीड़ित से अपना सोना लाने को कहता।

    🧣 रुमाल में बदल देता था सोना और नकद

    आरोपी पीड़ित के सोने को नोटों के साथ एक रुमाल में लपेटता और कहता कि इसे सीधे मंदिर में ही खोलना चाहिए। लेकिन इसी दौरान वह बड़ी सफाई से सोने और पैसों को कागज़ से बदल देता और मौके से गायब हो जाता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी दूर निकल चुका होता था।

    📍 अंधेरी में सामने आई बड़ी वारदात

    15 जुलाई को अंधेरी में इसी तरह की एक ठगी सामने आई थी। एक बुजुर्ग मंदिर जा रहे थे, तभी आरोपी ने खुद को ‘राम’ बताकर उनसे दोस्ती की और वही कहानी दोहराई। इस बार आरोपी 28 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    📹 CCTV से मिली अहम कड़ी

    घटना की जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी PSI किशोर पारकले मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिखा क्योंकि उसने छाता पकड़ रखा था, लेकिन पुलिस ने अन्य सुरागों के आधार पर जांच जारी रखी।

    🚉 इगतपुरी स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

    अंधेरी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शशिकांत भोसले ने बताया कि आरोपी मुंबई से फरार हो गया था, लेकिन बार-बार लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे इगतपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

    📂 40 से ज्यादा मामलों में शामिल, पहले भी जा चुका है जेल

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों में 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह दिसंबर 2024 में इसी तरह के मामलों में जेल से रिहा हुआ था।
    उसके खिलाफ अंधेरी, वाकोला, सायन, कस्तूरबा मार्ग, वसई और दादर पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं।

    🚨 पुलिस की अपील: सतर्क रहें बुजुर्ग

    पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें, खासकर अगर वह धार्मिक या दान-पुण्य का बहाना बनाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ इगतपुरी रेलवे स्टेशन से।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    ➡️ दान-पूजा के बहाने सोना और नकद लेकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने मामलों में आरोपी शामिल है?
    ➡️ 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?
    ➡️ हां, दिसंबर 2024 में इसी तरह के अपराध में।

  • गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव पूर्व के दिंडोशी में चाकू की नोक पर लूट करने वाला ‘मासूम’ नाम से कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, रिपब्लिक डे पर की थी वारदात, इलाके में दहशत का माहौल खत्म।

    मुंबई: गोरगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में लंबे समय से दहशत फैलाने वाले ‘मासूम’ नाम के कुख्यात बदमाश का आतंक आखिरकार खत्म हो गया है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमले की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी साबिर इस्लाम शेख (26) को दिंडोशी पुलिस ने 31 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को लोकल डॉन बताकर लोगों को डराता था, जिससे इलाके के लोग पुलिस तक जाने से भी घबराते थे।

    😨 ‘मासूम’ नाम, लेकिन काम से दहशत

    दिंडोशी और आसपास के संकरे इलाकों में ‘मासूम’ नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। विडंबना यह थी कि मासूम नाम रखने वाला यह युवक चोरी और चाकू की नोक पर लूट की घटनाओं से पूरे इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके डर से कई वारदातें रिपोर्ट तक नहीं हो पाती थीं।

    🇮🇳 गणतंत्र दिवस पर हुई चाकू की नोक पर लूट

    पुलिस के अनुसार, रिपब्लिक डे के दिन 52 वर्षीय शिकायतकर्ता, जो आरे मिल्क कॉलोनी में एक होटल में वेटर का काम करता है, ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर लौट रहा था। संतोष नगर इलाके में बाइक पार्क करते ही आरोपी ने उसे जानबूझकर गिराया, गाली-गलौज की और चाकू दिखाकर ₹1500 नकद और आधार कार्ड लूट लिया।

    🔪 बेटे ने किया बचाव, पिता पर चाकू से हमला

    जब शिकायतकर्ता का 18 वर्षीय बेटा बीच-बचाव के लिए आगे आया, तो आरोपी और ज्यादा हिंसक हो गया। आरोप है कि आरोपी ने खुद को लोकल डॉन बताते हुए धमकाया और शिकायतकर्ता के दाहिने हाथ पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

    🚔 पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपी

    घटना की शिकायत दिंडोशी पुलिस स्टेशन में दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और लोकल इन्फॉर्मेशन के आधार पर जांच शुरू की। 31 जनवरी की शाम को पुलिस ने आरोपी साबिर इस्लाम शेख को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 311, 309(6), 351 और 352 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(A)/135 भी लगाई गई है।

    🏘️ इलाके के लोगों ने ली राहत की सांस

    ‘मासूम’ की गिरफ्तारी के बाद दिंडोशी इलाके में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब वे बिना डर के बाहर निकल पा रहे हैं और पुलिस पर भरोसा बढ़ा है।

    🔍 पुलिस का कहना – आगे भी होगी सख्त कार्रवाई

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है या नहीं। पुलिस ने साफ किया है कि इलाके में अपराध और गुंडागर्दी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ‘मासूम’ कौन है?
    ➡️ ‘मासूम’ गोरगांव दिंडोशी इलाके में सक्रिय 26 वर्षीय बदमाश साबिर इस्लाम शेख का उपनाम है।

    Q2. आरोपी ने कौन-सी वारदात की थी?
    ➡️ रिपब्लिक डे के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमला।

    Q3. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ 31 जनवरी को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर से।

    Q4. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    ➡️ दिंडोशी पुलिस स्टेशन में।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।

  • कोस्टल रोड टनल में नाबालिग की मर्सिडीज से हादसा, पुणे पोर्श केस जैसी नाराज़गी फिर उभरी

    कोस्टल रोड टनल में नाबालिग की मर्सिडीज से हादसा, पुणे पोर्श केस जैसी नाराज़गी फिर उभरी

    मुंबई के कोस्टल रोड टनल में नाबालिग चालक की मर्सिडीज से हादसा, महिला गंभीर घायल। सोशल मीडिया पर 2024 के पुणे पोर्श केस से तुलना, CCTV फुटेज की जांच और सख्त कार्रवाई के संकेत।

    बॉबी शेख
    मुंबई: कोस्टल रोड टनल में रविवार देर रात हुई मर्सिडीज कार दुर्घटना ने एक बार फिर नाबालिग ड्राइविंग और लग्ज़री गाड़ियों की लापरवाही पर बहस छेड़ दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि कार 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। इस घटना की 2024 के चर्चित पुणे पोर्श केस से तुलना की जा रही है, जिससे सोशल मीडिया पर गुस्सा और सवाल दोनों तेज हो गए हैं।

    ⏰ कब हुआ कोस्टल रोड हादसा

    पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना रविवार देर रात करीब 1.45 बजे कोस्टल रोड की टनल के अंदर हुई।
    तेज रफ्तार मर्सिडीज ने आगे चल रही कार को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कुछ ही पलों में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 किसकी मर्सिडीज, कौन चला रहा था

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    जांच में पता चला कि मर्सिडीज अग्रीपाडा के एक वरिष्ठ कारोबारी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
    उनकी 18 वर्षीय पोती घर से कार की चाबी लेकर निकली थी और वाहन उसका 17 वर्षीय नाबालिग दोस्त चला रहा था।

    👨‍👩‍👧‍👦 टक्कर की चपेट में कौन आया

    हादसे में जिस कार को टक्कर लगी, वह मीरा रोड निवासी 36 वर्षीय प्रसन्न मोपकर चला रहे थे।
    कार में उनके साथ उनकी पत्नी और सास मौजूद थीं। तीनों बोरीवली से कोलाबा एक होटल में डिनर के लिए जा रहे थे।

    🚑 महिला गंभीर, दो को मामूली चोट

    हादसे में प्रसन्न मोपकर और उनकी सास को हल्की चोटें आईं जबकि उनकी पत्नी की नाक में गंभीर चोट लगी उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है।

    🚔 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    डी बी मार्ग पुलिस ने कार मालिक उसकी पोती और नाबालिग चालक तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह भी जांच की जा रही है कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति कैसे मिली।

    📹 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    कोस्टल रोड टनल के उद्घाटन के बाद से यह इलाका लगातार निगरानी में है।
    फिलहाल पुलिस

    • टनल के अंदर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि हादसे के समय मर्सिडीज की सटीक रफ्तार और ड्राइविंग पैटर्न का पता लगाया जा सके।

    🔥 पुणे पोर्श केस से तुलना, सोशल मीडिया पर आक्रोश

    इस घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग इसे 2024 के पुणे पोर्श केस से जोड़कर देख रहे हैं।
    लोगों का कहना है कि

    • लग्ज़री गाड़ियों में नाबालिग ड्राइविंग
    • अमीर परिवारों की लापरवाही
    • और कानून का डर न होना

    एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है।
    कई यूज़र्स ने “Underage Luxury Speeding” पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    🚦 ट्रैफिक पुलिस की अगली तैयारी

    ट्रैफिक पुलिस के सूत्रों का कहना है कि

    • नाइट-टाइम पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी
    • कोस्टल रोड और टनल में स्पीड कैमरा एनफोर्समेंट सख्त किया जाएगा
    • स्टंट ड्राइविंग और रेसिंग पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा

    ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    ⚠️ नाबालिग ड्राइविंग पर फिर बड़ा सवाल

    यह हादसा साफ दिखाता है कि

    • सिर्फ चालान नहीं
    • बल्कि कार मालिक और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करना

    अब जरूरी हो गया है।
    वरना हर बार हादसे के बाद सिर्फ जांच और बयान ही होते रहेंगे।


    ❓ FAQ

    Q1. हादसा कब हुआ?
    रविवार देर रात करीब 1.45 बजे कोस्टल रोड टनल में।

    Q2. क्या कार नाबालिग चला रहा था?
    हाँ, 17 वर्षीय नाबालिग चालक था।

    Q3. पुणे पोर्श केस से तुलना क्यों हो रही है?
    दोनों मामलों में नाबालिगों द्वारा लग्ज़री कार तेज रफ्तार में चलाने की बात सामने आई है।

    Q4. पुलिस आगे क्या कदम उठा रही है?
    CCTV जांच, स्पीड एनालिसिस और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने की तैयारी।

  • अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    मुंबई के मालाड इलाके में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में हुए इस अपराध को कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानने से इनकार किया।

    मुंबई: मालाड इलाके में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या करने वाले 42 वर्षीय शख्स को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिंडोशी सत्र न्यायालय ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। घटना के वक्त दंपति की नाबालिग बेटी और एक पड़ोसी मौके पर मौजूद थे।

    क्या है मालाड पूरा मामला

    अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी श्रवणकुमार राउत को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
    यह घटना मालाड स्थित उनकी दुकान में हुई, जहां आरोपी ने सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    बेटी और पड़ोसी के सामने हुई वारदात

    कोर्ट में पेश गवाहों के मुताबिक, घटना के समय दंपति की किशोर बेटी और पास में रहने वाला एक पड़ोसी वहां मौजूद था। दोनों ने झगड़े और हमले को अपनी आंखों से देखा।
    अभियोजन ने इन बयानों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

    मृत्युदंड की मांग, लेकिन कोर्ट ने किया इनकार

    सरकारी वकील रविंद्र सावल ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
    हालांकि, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदकिशोर मोरे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता।
    इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

    कोर्ट का अहम संदेश

    अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शक और घरेलू विवाद किसी की जान लेने का अधिकार नहीं देते।
    यह फैसला समाज के लिए एक सख्त संदेश है कि घरेलू हिंसा और चरित्र पर शक के नाम पर की गई हत्या को कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी को कौन-सी सजा सुनाई गई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    Q2. क्या कोर्ट ने मृत्युदंड दिया?
    👉 नहीं, कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला नहीं मानते हुए मृत्युदंड से इनकार किया।

    Q3. घटना कहां हुई थी?
    👉 यह वारदात मुंबई के मालाड इलाके में आरोपी की दुकान में हुई थी।

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏙️ कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    🚖 कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    🏢 एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    💰 तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    🤝 दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    🚨 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    ➡️ करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    ➡️ मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    ➡️ कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    ➡️ कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।