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  • Borivali Reservoir Repair: Dahisar–Borivali Water Supply पर बड़ा अपडेट

    Borivali Reservoir Repair: Dahisar–Borivali Water Supply पर बड़ा अपडेट

    Mumbai में Dahisar और Borivali को पानी सप्लाई करने वाला Borivali Hill Reservoir 30 साल पुराना हो चुका है। BMC ने Structural Audit के बाद 37 करोड़ रुपये की लागत से तुरंत Repair Work शुरू करने का फैसला लिया है।

    मुंबई: Dahisar और Borivali इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने साफ किया है कि Borivali Tekdi पर बना पुराना जलाशय अब जर्जर हालत में हो चुका है और उसमें से Water Leakage हो रहा है। यही वजह है कि अब नगर निगम ने Immediate Structural Repair Work शुरू करने का फैसला लिया है।

    🏗️ 30 साल पुराने Reservoir का Structural Audit

    BMC के मुताबिक, मध्य क्षेत्र में स्थित Borivali Hill Reservoir No. 2 और No. 3 से Borivali और Dahisar के कई इलाकों में Drinking Water Supply की जाती है।

    • Reservoir No. 2 का निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था।
      👉 Storage Capacity: 36.2 Million Litres
    • Reservoir No. 3 का निर्माण वर्ष 1996 में हुआ था।
      👉 Storage Capacity: 36.4 Million Litres

    दोनों Reservoir अब 30 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। इसी वजह से BMC के Technical Advisors ने इनका Structural Audit किया।

    📉 Water Leakage और Low Pressure Supply की बड़ी वजह

    Structural Audit रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि दोनों जलाशयों को Immediate Comprehensive Structural Repair की जरूरत है।

    अधिकारियों के अनुसार:

    • Reservoir से Water Seepage हो रहा है
    • Expected Level तक Water Storage Capacity नहीं बढ़ाई जा सकती
    • Dahisar और Borivali में Low Water Pressure की समस्या सामने आ रही है

    इसी वजह से इन दोनों Reservoir की मरम्मत को अनिवार्य माना गया है।

    🔧 कैसे होगा Repair Work?

    Repair Work के दौरान ये बड़े काम किए जाएंगे:

    • Reservoir की छत पर लगी Waterproofing Layer हटाई जाएगी
    • Cement Concrete Structure को Iron Rods (Reinforcement) तक खोला जाएगा
    • जंग लगी लोहे की छड़ों की सफाई और Anti-Rust Treatment
    • आवश्यक जगहों पर Valve Installation
    • Structural Strengthening Measures

    इस पूरे Project पर लगभग ₹37 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    🏢 किस कंपनी को मिला ठेका?

    Reservoir Repair Project के लिए API Civilcon Private Limited को चुना गया है।

    BMC Water Engineering Department के अधिकारियों के अनुसार, यह काम प्राथमिकता पर शुरू किया जाएगा ताकि Dahisar–Borivali Water Supply System को स्थिर और सुरक्षित बनाया जा सके।


    ❓ FAQ Section

    1. Borivali Reservoir कितने साल पुराना है?

    Reservoir No. 2 (1992) और Reservoir No. 3 (1996) में बने थे, यानी 30 साल से ज्यादा पुराने हैं।

    2. Water Supply में दिक्कत क्यों आ रही थी?

    Water Leakage और कम Storage Capacity की वजह से Low Pressure Supply हो रही थी।

    3. Repair Work पर कितनी लागत आएगी?

    करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    4. किस कंपनी को ठेका मिला है?

    API Civilcon Private Limited को Repair Contract दिया गया है।

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ Section

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।

  • विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    बीएमसी ने विक्रोली पार्कसाइट के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में तीन अतिधोकादायक इमारतें खाली कराईं। कुल 28 इमारतों के पुनर्निर्माण का काम शुरू।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMc) ने विक्रोली पार्कसाइट क्षेत्र में चल रहे 28 इमारतों के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मंगलवार (18 नवंबर 2025) तीन अतिधोकादायक (C-1 श्रेणी) इमारतों को खाली करा दिया। यह पहली बार है जब बीएमसी खुद पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संभाल रही है। पहले चरण में 9 इमारतों को खाली किया जाना था, जिनमें से 5 पहले ही खाली हो चुकी थीं।

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    🔹 प्रोजेक्ट का आकार: 28 इमारतें, दो चरणों में काम

    विक्रोली पार्कसाइट इलाके में सभी 28 इमारतें C-1 श्रेणी में आती हैं, जिन्हें नही रहने लायक खतरनाक घोषित किया गया है।

    • कुल प्रभावित इमारतें: 28
    • पहले चरण की इमारतें: 9
    • पहले से खाली की गईं: 5
    • मंगलवार खाली हुईं: 3
    • शेष के लिए कार्रवाई जल्द

    बीएमसी अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई इमारतों का निष्कासन (Demolition) जल्द शुरू किया जाएगा।

    🔹 बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

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    कार्रवाई बीएमसी आयुक्त तथा प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    पूरी प्रक्रिया की निगरानी में शामिल अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर): डॉ. अमित सैनी
    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (एन-वार्ड): डॉ. गजानन बेल्लाळे

    बीएमसी टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया।

    🔹 67 परिवारों को मिला तात्कालिक आश्रय

    खाली कराई गई तीन इमारतों में कुल 67 भाड़ोत्री रह रहे थे।

    इन्हें भांडुप स्थित ओबेरॉय रियल्टी के PAP क्वार्टर्स में अस्थायी रूप से पुनर्वसित किया गया है।
    बीएमसी का कहना है कि किसी भी भाड़ोत्री को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा।

    🔹 पुराने 280 sq ft के बदले मिलेगा 405 sq ft का नया घर

    पुनर्विकास पूरा होने पर भाड़ोत्रीओं को—

    पुराने 280 वर्ग फुट की जगह
    405 वर्ग फुट का नया घर

    विक्रोली पार्कसाइट में ही मालकी हक के साथ दिया जाएगा।

    यह बीएमसी के सबसे बड़े स्वनिर्मित पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

    🔹 नए एस-3 विंग में 13 मंज़िलों तक निर्माण पूरा

    BMC-evacuates-three-dangerous-buildings-in-Vikhroli-Parksite

    पहले चरण में प्रस्तावित S-3 बिल्डिंग के:

    • कुल मंज़िलें: 23
    • पूरा हुआ निर्माण: 13 मंज़िलें

    बीएमसी का दावा है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में आगे बढ़ रहा है।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. विक्रोली पार्कसाइट में कितनी इमारतों का पुनर्विकास हो रहा है?

    बीएमसी कुल 28 इमारतों का पुनर्विकास कर रही है।

    Q2. मंगलवार को कितनी इमारतें खाली कराई गईं?

    मंगलवार को तीन अतिधोकादायक (C-1) इमारतों को खाली कराया गया।

    Q3. भाड़ोत्रीओं को अस्थायी घर कहाँ दिया गया है?

    उन्हें भांडुप के ओबेरॉय रियल्टी में पीएपी क्वार्टर्स में ठहराया गया है।

    Q4. पुनर्विकास के बाद उन्हें कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?

    पहले के 280 sq ft के बदले 405 sq ft का फ्लैट मिलेगा।

    Q5. निर्माण कार्य कितनी प्रगति पर है?

    S-3 इमारत में 23 में से 13 मंज़िलें बन चुकी हैं।