BMC Election 2025-26 में उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से रोज़ाना चुनावी खर्च का हिसाब रखना होगा। खर्च नियंत्रण के लिए वार्ड स्तर पर टीम गठित, गजानन बेल्लाळे ने दी सख्त हिदायत।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नगर सेवकिय चुनाव 2025-26 को लेकर चुनावी खर्च पर सख्त निगरानी शुरू हो गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन से ही उम्मीदवारों को रोज़ाना अपने चुनावी खर्च का पूरा हिसाब रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) गजानन बेल्लाळे ने साफ किया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक खर्च की निगरानी के लिए हर वार्ड में अलग-अलग खर्च नियंत्रण टीमें तैनात की गई हैं।
नामांकन के साथ ही खर्च का हिसाब जरूरी
BMC चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से ही रोज़ाना खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार सामग्री, सभाएं, रैलियां, प्रचार वाहन और अन्य गतिविधियों की प्रचलित दरसूची पहले ही तय कर दी गई है।
गजानन बेल्लाळे ने कहा कि उम्मीदवारों के हर खर्च की जांच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या गैरकानूनी लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

BMC वार्ड स्तर पर खर्च नियंत्रण पथक गठित
चुनावी खर्च पर सख्ती से नजर रखने के लिए BMC ने हर प्रभाग (Ward) में Election Expenditure Monitoring Team बनाई है।
इन टीमों में:
- लेखाधिकारी
- लेखापाल
- खर्च निरीक्षक
- उड़नदस्ता (Flying Squad)
- वीडियो निगरानी टीम
शामिल हैं। इन सभी की बैठक BMC मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें खर्च निगरानी की पूरी कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस अहम बैठक में:
- प्रमुख लेखापाल (वित्त) वैशाली देसाई
- दादासाहेब फाळके चित्रनगरी, गोरेगांव की वित्तीय सलाहकार व प्रमुख लेखाधिकारी चारुलेखा खोत
- प्रशासनिक विभाग के वरिष्ठ लेखाधिकारी
मौजूद रहे। बैठक में सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव आयोग की गाइडलाइंस क्या कहती हैं?
राज्य चुनाव आयोग के 15 फरवरी 2024 के आदेश के अनुसार:
- उम्मीदवार को अलग बैंक अकाउंट से ही चुनावी खर्च करना होगा
- खर्च और आय का पूरा विवरण तय फॉर्मेट (नमूना) में देना अनिवार्य
- प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियों की स्थानीय दरों के अनुसार सूची तैयार
यह नियम सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों पर लागू है।
कौन-कौन से फॉर्म भरना जरूरी?
उम्मीदवारों को चुनाव के बाद 30 दिनों के भीतर ये दस्तावेज जमा करने होंगे:
- नमूना क्रमांक 1: प्राप्त निधि का विवरण
(स्वनिधि, पार्टी फंड, दान, कर्ज) - नमूना क्रमांक 2: चुनाव में किया गया खर्च
- नमूना क्रमांक 3: शपथपत्र (Affidavit)
- नमूना क्रमांक 4: खर्च जमा करने की रसीद
BMC अधिकारियों और उम्मीदवार – दोनों को ये दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई
चुनाव प्रचार के दौरान अगर किसी तरह का:
- संदिग्ध खर्च
- बेहिसाब पैसा
- गैरकानूनी प्रचार
पाया जाता है, तो खर्च नियंत्रण टीम तुरंत कार्रवाई करेगी। उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम लगातार नजर रखेगी।
FAQ Section
❓ नामांकन के बाद खर्च का हिसाब कब से रखना होगा?
➡️ नामांकन पत्र दाखिल करने के उसी दिन से रोज़ाना खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य है।
❓ क्या अलग बैंक अकाउंट जरूरी है?
➡️ हां, चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता अनिवार्य किया गया है।
❓ खर्च का विवरण कब जमा करना होगा?
➡️ चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर।
❓ खर्च की निगरानी कौन करेगा?
➡️ वार्ड स्तर पर गठित खर्च नियंत्रण पथक, उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम।

