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    MSRTC की Shivneri का बड़ा धमाका: 200 नई e-Buses, 30 Sleeper Coach जल्द सड़कों पर

    MSRTC की Shivneri Bus Service अब पूरे महाराष्ट्र में विस्तार के लिए तैयार। 200 नई Volvo e-Buses, जिनमें 30 Sleeper Coach शामिल। Mumbai–Panjim, Mumbai–Bengaluru, Mumbai–Nagpur समेत कई रूट्स पर प्रीमियम सर्विस जल्द शुरू होगी। महिलाओं और Senior Citizens को मिलेगा 50% और Free Travel का फायदा।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए बड़ी खबर है। Maharashtra State Road Transport Corporation यानी MSRTC की प्रीमियम Shivneri Bus Service अब सिर्फ Mumbai–Pune Expressway तक सीमित नहीं रहेगी। अब ये हाई-टेक और लग्जरी सफर पूरे महाराष्ट्र में देखने को मिलेगा।

    कॉरपोरेशन ने 200 नई technologically advanced Volvo buses खरीदने की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें 30 Sleeper Coach भी शामिल होंगे।

    🚌 200 नई Volvo e-Buses का मेगा प्लान

    MSRTC का फोकस अब Statewide Expansion पर है। 200 नई Volvo बसें बेड़े में शामिल होने के बाद Shivneri को कई हाई-डिमांड इंटरसिटी रूट्स पर उतारा जाएगा।

    इसका मकसद साफ है — पूरे महाराष्ट्र में एक जैसा Premium Standard Road Travel देना और Private Operators को कड़ी टक्कर देना।

    🌙 Sleeper Shivneri: अब लंबी दूरी का सफर होगा बेड जैसा आरामदायक

    200 बसों में से 30 होंगी Sleeper Coach

    इन “Sleeper Shivneri” बसों को खासतौर पर लंबी दूरी के रूट्स पर चलाया जाएगा, जहां अभी Non-AC Sleeper बसें चलती हैं। अब यात्रियों को मिलेगा:

    • Bed-Coach Comfort
    • Upgraded Safety Features
    • Modern Onboard Technology
    • AC Sleeper Experience

    🛣️ इन बड़े रूट्स पर जल्द दौड़ेगी Shivneri

    सबसे पहले Sleeper Shivneri इन रूट्स पर आ सकती है:

    • Mumbai–Panjim
    • Mumbai–Bengaluru
    • Mumbai–Nagpur

    इसके अलावा अगले फेज में ये रूट्स शामिल किए जाएंगे:

    • Nashik–Pune
    • Nashik–Chhatrapati Sambhajinagar
    • Nashik–Jalgaon–Dhule
    • Pune–Kolhapur
    • Pune–Sangli
    • Pune–Solapur
    • Nagpur–Chandrapur
    • Nagpur–Amravati–Akola

    इससे राज्य के बड़े Commercial, Educational और Administrative Centres के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी।

    ⚡ e-Shivneri को मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स

    Transport Minister और MSRTC Chairman Pratap Sarnaik ने बताया कि इलेक्ट्रिक e-Shivneri बसों को शानदार Passenger Response मिल रहा है।

    फिलहाल ये सर्विस इन कॉरिडोर पर चल रही है:

    • Dadar–Swargate
    • Dadar–Shivajinagar
    • Borivali–Swargate
    • Borivali–Shivajinagar
    • Thane–Swargate
    • Thane–Shivajinagar

    Eco-Friendly Electric Fleet की वजह से Daily और Weekend Travellers के बीच Shivneri Brand की Popularity और बढ़ी है।

    🎟️ महिलाओं और Senior Citizens के लिए बड़ी राहत

    सरकार ने साफ किया है कि Shivneri में मिलने वाली Concession जारी रहेगी:

    • 65 से 75 साल के Senior Citizens को 50% Fare Concession
    • 75 साल से ऊपर के यात्रियों को Free Travel
    • महिलाओं को 50% किराया छूट

    ❓ FAQ Section

    1. Shivneri में कितनी नई बसें जुड़ने वाली हैं?

    कुल 200 नई Volvo बसें, जिनमें 30 Sleeper Coach शामिल हैं।

    2. Sleeper Shivneri किन रूट्स पर शुरू होगी?

    Mumbai–Panjim, Mumbai–Bengaluru और Mumbai–Nagpur जैसे लंबी दूरी वाले रूट्स पर।

    3. क्या महिलाओं और Senior Citizens को छूट मिलेगी?

    हाँ, 65–75 साल के Senior Citizens और महिलाओं को 50% छूट, 75 साल से ऊपर वालों को Free Travel मिलेगा।

    4. e-Shivneri अभी किन रूट्स पर चल रही है?

    Dadar, Borivali और Thane से Pune के Swargate और Shivajinagar तक।

  • Bombay HC का बड़ा आदेश: MSRTC को देना होगा ₹50 लाख मुआवज़ा

    Bombay HC का बड़ा आदेश: MSRTC को देना होगा ₹50 लाख मुआवज़ा

    Bombay High Court ने MSRTC को आदेश दिया कि COVID-19 से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारी की पत्नी को ₹50 लाख compensation दे। कोर्ट ने कहा – महामारी के समय “narrow view” लेकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

    मुंबई: Bombay High Court ने एक अहम फैसले में Maharashtra State Road Transport Corporation (MSRTC) को निर्देश दिया है कि वह COVID-19 के दौरान ड्यूटी करते हुए संक्रमित होकर जान गंवाने वाले अपने कर्मचारी की पत्नी को ₹50 लाख का compensation अदा करे। कोर्ट ने साफ कहा कि महामारी के समय निगम ने अपनी जिम्मेदारी को लेकर “narrow view” अपनाया, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    🔹 Compensation Claim खारिज करने को दी थी चुनौती

    याचिकाकर्ता सुनीता बापू जगताप ने MSRTC के जनवरी 2022 और मार्च 2023 के उन फैसलों को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिनमें उनके मुआवज़े का दावा यह कहकर खारिज कर दिया गया था कि उनके पति “essential services” में तैनात नहीं थे और वे interstate transport के ड्राइवर भी नहीं थे।

    सुनीता जगताप के पति बापू जगताप की अप्रैल 2021 में COVID-19 से मौत हो गई थी। पत्नी का कहना था कि उनके पति ने महामारी के सबसे खतरनाक दौर में ड्यूटी की और उसी दौरान संक्रमण की चपेट में आए।

    🔹 HC का आदेश: 8 हफ्ते में भुगतान, नहीं तो 6% ब्याज

    24 फरवरी को जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस श्रीराम मोडक की बेंच ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि MSRTC कुल ₹50 लाख में से ₹45 लाख आठ हफ्तों के भीतर अदा करे और पहले से दिए गए ₹5 लाख को adjust किया जाए।

    अगर आठ हफ्तों में भुगतान नहीं किया गया, तो 6% per annum की दर से interest भी देना होगा। कोर्ट ने कहा कि यह widow compensation का मामला है और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    🔹 कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “Pandemic में Narrow View क्यों?”

    बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि MSRTC ने महामारी के दौरान अपनी जिम्मेदारी को लेकर बेहद संकीर्ण नजरिया अपनाया। कोर्ट ने कहा:

    “Pandemic के समय हालात ऐसे थे कि लोग घर से बाहर निकलने से डर रहे थे। ऐसे में जो कर्मचारी ड्यूटी कर रहे थे, वे अपनी जान जोखिम में डालकर public service निभा रहे थे।”

    कोर्ट ने यह भी माना कि भले ही मृतक सीधे interstate buses नहीं चला रहे थे, लेकिन वे ड्राइवरों और कंडक्टरों के संपर्क में आते थे, जिससे उन्हें भी समान खतरा था।

    🔹 Pandemic की भयावह स्थिति पर कोर्ट की टिप्पणी

    कोर्ट ने कहा कि वह judicial notice ले सकती है कि उस समय पूरा देश ठप था, public transport limited services के साथ चल रही थी और दवाइयों की भारी किल्लत थी।

    बेंच ने स्पष्ट किया कि सरकारों ने उस समय Disaster Management Act, 2005 और Epidemic Diseases Act, 1897 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था। ऐसे हालात में कोई भी सरकारी संस्था अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।

    🔹 Wadala Depot में ड्यूटी और संक्रमण की कहानी

    बापू जगताप को मार्च 24 से 28, 2021 के बीच BEST Bus Depot, वडाला में ट्रैफिक सुपरविजन की ड्यूटी दी गई थी। वहां वे बस ड्राइवरों और स्टाफ के लगातार संपर्क में रहे।

    29 से 31 मार्च तक तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने छुट्टी ली और नाशिक जिले के मनमाड लौट गए। 5 अप्रैल 2021 को उनकी COVID-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इलाज के दौरान 7 अप्रैल 2021 को येवला के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में COVID-related pneumonia से उनका निधन हो गया।

    🔹 Widow Compensation और Employee Rights पर बड़ा संदेश

    इस फैसले को employee rights, COVID compensation policy और government liability के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। High Court ने साफ किया कि महामारी जैसे संकट के समय ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को “essential service” की संकीर्ण परिभाषा में बांधकर उनके परिवार को मुआवज़े से वंचित नहीं किया जा सकता।

    यह निर्णय भविष्य में Pandemic Death Compensation मामलों में एक मजबूत मिसाल बन सकता है।


    ❓ FAQ Section

    1. Bombay High Court ने MSRTC को कितना मुआवज़ा देने का आदेश दिया?

    कोर्ट ने कुल ₹50 लाख compensation देने का आदेश दिया, जिसमें ₹45 लाख आठ हफ्तों में देने होंगे और ₹5 लाख पहले से दिए गए हैं।

    2. यह मामला किस वर्ष की घटना से जुड़ा है?

    यह मामला अप्रैल 2021 में COVID-19 से हुई कर्मचारी की मौत से जुड़ा है।

    3. कोर्ट ने MSRTC पर क्या टिप्पणी की?

    कोर्ट ने कहा कि निगम ने महामारी के दौरान “narrow view” अपनाया और अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की।

    4. अगर MSRTC तय समय में भुगतान नहीं करती तो क्या होगा?

    आठ हफ्तों में भुगतान न होने पर 6% per annum interest देना होगा।

    5. कर्मचारी की ड्यूटी कहाँ लगी थी?

    उन्हें मार्च 2021 में वडाला स्थित BEST Bus Depot में ट्रैफिक सुपरविजन के लिए तैनात किया गया था।