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  • “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे समय रहते उन्होंने राज ठाकरे की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया और उनकी जान बचाई।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की हत्या की साजिश को नाकाम किया था।

    🎯 ‘कोंकण टूर’ के दौरान थी प्लानिंग

    शर्मा ने बताया कि रूटीन सर्विलांस के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि राज ठाकरे को उनके आगामी कोंकण दौरे के दौरान निशाना बनाया जा सकता है। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए उन्होंने तुरंत तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर को अलर्ट किया।

    🚨 समय पर कार्रवाई से बची जान

    सूचना मिलते ही पुलिस ने राज ठाकरे को ब्रीफ किया और उन्हें दौरा रद्द करने की सलाह दी।
    👉 नतीजा यह रहा कि पूरा टूर कैंसिल हो गया और हत्या की साजिश नाकाम हो गई।

    🔫 पहले भी मिल चुकी थी धमकी

    प्रदीप शर्मा ने यह भी याद किया कि साल 2003 में मुलुंड ट्रेन ब्लास्ट केस की जांच के दौरान पाकिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास पर हमला करने की प्लानिंग की थी।
    शर्मा खुद उस एनकाउंटर का हिस्सा थे जिसमें तीन आतंकी ढेर हुए।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों की चुनौतियाँ

    प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऐसे मामलों में

    • विजिलेंस (निगरानी)
    • टाइमली इंटेलिजेंस
    • और सीनियर अफसरों के साथ कॉर्डिनेशन
      सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. राज ठाकरे पर हमला कब प्लान किया गया था?
    👉 प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह प्लानिंग उनके कोंकण दौरे के दौरान की गई थी।

    Q2. किसने साजिश का खुलासा किया?
    👉 मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने सर्विलांस के दौरान यह जानकारी जुटाई।

    Q3. क्या पहले भी ठाकरे परिवार को धमकी मिली थी?
    👉 हाँ, 2003 में आतंकी संगठन ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास को टारगेट करने की साजिश रची थी।

    Q4. इस खुलासे का ज़िक्र कहाँ हुआ?
    👉 प्रदीप शर्मा ने यह खुलासा NDTV मराठी के इंटरव्यू में किया।

  • दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।

    मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।

    राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा,
    “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”

    राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला

    घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र

    शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

    लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!

    स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • पैसे नहीं भरने पर डॉक्टर ने कर दी मरीज की पिटाई एफआईआर दर्ज

    पैसे नहीं भरने पर डॉक्टर ने कर दी मरीज की पिटाई एफआईआर दर्ज

    कांदिवली के नोबेल अस्पताल में एक डॉक्टर ने मरीज को बिल के पैसे नहीं भरने के एवज में पिटाई कर दी। मनसे कार्यकर्ताओं के विरोध पर पुलिस ने किया मामला दर्ज।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदिवली पश्चिम के धानुकरवाडी स्थित नोबेल अस्पताल के डॉक्टर विजय गुप्ता ने एक मरीज को पैसे नहीं भरने के कारण पिटाई कर दी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मामले में दखल देकर पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई। मरीज द्वारा इलाज के पैसे नहीं भरते हुए अस्पताल से फरार होने का आरोप।

    कांदिली पश्चिम के धानुकरवाड़ी के कांदिवली विलेज स्थित चर्च के सामने नोबेल अस्पताल का मामला गरमाया हुआ है। यहां एक रिक्शा ड्राइवर जमाल शेख नामक मरीज का इलाज के दौरान 45 हजार रुपये का बिल तैयार हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 26 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मरीज अस्पताल में एडमिट रहा। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, कि उसने लैब और मेडिकल जांच के तौर पर 12 हजार रुपये भर दिए। बाकी पैसे भरने के लिए असमर्थ होने के कारण उसने अपने पहचान के डॉक्टर संदीप दुबे से नोबेल अस्पताल के डॉक्टरों से मदद के लिए बात करने को कहा और बकाया भरने के लिए मुद्दत मांगा उसने बताया कि मेरे घर में 20 हजार रुपये रखे हैं उसके अलावा मेरे पास बिल भरने के लिए पैसे नहीं है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/28/the-mhb-police-of-borivali-returned-gold-worth-rs-4-lakh-22-thousand-from-the-hands-of-the-deputy-commissioner-of-mumbai-police-to-the-victims
    Indian fasttrack news
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    शिकायत को लेकर कांदिवली पुलिस थाने में जमा मनसे कार्यकर्ताओं की तस्वीर

    डॉक्टर ने कर दी मरीज की पिटाई

    डॉ संदीप दुबे से हुई बातचीत के बाद 20 हजार रुपये भर कर डिस्चार्ज लेने को कहा गया। यहां पीड़ित के साथ और एक घटना पेश आ गई। उसने पुलिस को बताया, कि जब मेरी पत्नी और 13 साल का बेटा घर से पैसे लेकर रिक्शे से पहुंचे तो आनन-फानन में उनका पैसों से भरा बैग रिक्शे में छूट गया और अस्पताल पहुंचने के बाद पीड़ित को यह बात पता चली तो वह तुरंत अस्पताल से बाहर ऑटो रिक्शा की खोज में दौड़ पड़ा और रिक्शे का पता लगाने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान पीड़ित मरीज के पत्नी और बच्चा भी अस्पताल से बाहर निकलता हुआ देख अस्पताल के लोगों ने उन्हें रोक दिया और पीड़ित को वापस बुला कर अस्पताल के पैसे भरने के लिए बाध्य किया गया।

    पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर विजय गुप्ता ने उसका हाथ पकड़ते हुए धकेल कर उसे लात घूसो से पिटा और कहा, की पैसे भरे बगैर तुम यहां से नहीं जा सकते पैसे भरने के बाद ही तुम्हें डिस्चार्ज दीया जाएगा। पीड़ित का कहना है, कि उसने अपनी परेशानी को बयान किया और पैसे भरने के लिए मदद मांगा लेकिन डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। इसकी जानकारी पीड़ित के परिवार द्वारा जैसे ही चारकोप विधान सभा अध्यक्ष मनसे कार्यकर्ता दिनेश सालवी को पता चली तो उन्होंने तुरंत कांदिली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव से मुलाकात कर शिकायत दर्ज करने की मांग की।

    कांदिवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि गुनाह रजिस्टर क्रमांक 0516/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की तहकीकात पुलिस उप निरीक्षक नितिन साटम कर रहे हैं।

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